Shuru
Apke Nagar Ki App…
छत्रपति शिवाजी सर्कल, नहर चौराहा के पास रोडवेज बस स्टैंड पर नगर निगम का बड़ा नाला खुला होने के कारण एक गर्भवती गौ माता छत्रपति शिवाजी सर्कल, नहर चौराहा के पास रोडवेज बस स्टैंड पर नगर निगम का बड़ा नाला खुला होने के कारण एक गर्भवती गौ माता नाले में गिर गई। रात्रि करीब 12:00 बजे सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर नगर निगम की जेसीबी एवं गौभक्तों की सहायता से गर्भवती गौ माता को सुरक्षित नाले से बाहर निकाला गया। इस सेवा कार्य में सहयोग करने वाले सभी गौभक्तों एवं हृदय से आभार एवं धन्यवाद। रात्रि के समय गौभक्तों द्वारा तत्परता दिखाकर गौ माता को बचाया गया। सेवा ही संकल्प है हमारा। जय गौ माता जय गोपाल
शरद भाटी
छत्रपति शिवाजी सर्कल, नहर चौराहा के पास रोडवेज बस स्टैंड पर नगर निगम का बड़ा नाला खुला होने के कारण एक गर्भवती गौ माता छत्रपति शिवाजी सर्कल, नहर चौराहा के पास रोडवेज बस स्टैंड पर नगर निगम का बड़ा नाला खुला होने के कारण एक गर्भवती गौ माता नाले में गिर गई। रात्रि करीब 12:00 बजे सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर नगर निगम की जेसीबी एवं गौभक्तों की सहायता से गर्भवती गौ माता को सुरक्षित नाले से बाहर निकाला गया। इस सेवा कार्य में सहयोग करने वाले सभी गौभक्तों एवं हृदय से आभार एवं धन्यवाद। रात्रि के समय गौभक्तों द्वारा तत्परता दिखाकर गौ माता को बचाया गया। सेवा ही संकल्प है हमारा। जय गौ माता जय गोपाल
More news from राजस्थान and nearby areas
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली जिला सेशन न्यायालय परिसर के बाहर जोधाणा स्वीट दुकान में लगी आग। पाली। जिला सैशन न्यायालय परिसर से बाहर जौधाणा स्वीट दुकान में लगी आग से दुकान का सारा सामान,माल आग की चपेट में बैठ चढ़ गया। लेकीन कोई भी जनहानि नहीं हुई है। पुलिस थाना कोतवाली पुलिस थाना अधिकारी मौके पर और पुलिस की मुस्तैदी से तैनात, अंहिसा सर्किल पर लगा जाम,आगजनी की वजह जनता एकत्रित। वाहनों की आवाज जाहीर से लगे जाम को पुलिस ने मुस्तैदी हटाया।कुछ समय बाद भीड़ को हटाया और रास्ता किया साफ।यह आग जनी क्यों,कैसे हुई थी।उसकी जानकारी अभी तक पुख्ता नहीं मिली है। (छगनलाल भारद्वाज प्रधान संपादक)1
- नगर निगम निराश्रित पशु नियंत्रण दल जोन 1/2 पर हुई सख्त कार्यवाही जोधपुर नगर निगम निराश्रित पशु नियंत्रण दल जोन 1/2 पर कायलाना प्रताप नगर आदि क्षेत्रों में कार्यवाही के दौरान पशु मालिकों द्वारा विरोध कर पकड़े गये पशुओं को टोले से छुड़ाकर भगा दिया और कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की एवं दुरवयवाहर किया गया जिसकी सुचना तुरन्त आयुक्त महोदय, उपायुक्त महोदय, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक के आदेशानुसार पशु मालिक मोहम्मद / जूम्मे खां कबीर नगर विश्नोईयो का बास में अपने सहयोगी के साथ कार्रवाई में बाधा डालते हुए कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई की गई । श्रीमान के आदेश अनुसार तुरंत कार्यवाही के आदेश प्रदान करने पर बाड़े पर कार्यवाही करते हुए लगभग 16 पशु को पकड़ने की कार्यवाही की गये है उक्त कार्रवाई में सहयोग हेतु अतिक्रमण शाखा व निराश्रित पशु नियंत्रण दल की समस्त टीम संबंधित वार्ड प्रभारी मौके पर उपस्थित है। हालांकि ऐसी कार्यवाही लगातार देखने को मिल रही हे लेकिन सख्त नियम नहीं होने के कारण ये स्थिति बार बार उत्पन्न हो जाती हे जिससे जनता को लगातार समस्या का सामना करना पड़ता हे ओर आए दिन हादसे होते हे1
- 21 साल की नौकरी, 25 ट्रांसफर… अब बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन तक पहुंचा तुकाराम मुंढे का ‘एक्शन’ मुंबई: महाराष्ट्र के चर्चित IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे एक बार फिर अपनी सख्त और बेबाक कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में हैं। करीब 21 साल की प्रशासनिक सेवा में उनके 25 बार ट्रांसफर हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी कार्यशैली में कोई नरमी नजर नहीं आई। फिलहाल महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे मुंढे ने खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्यभर में व्यापक कार्रवाई शुरू की है। इसी अभियान के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट परिसर की कैंटीन भी FDA की जांच के दायरे में आ गई। दरअसल, हाईकोर्ट ने सवाल उठाया था कि अगर निजी होटल और रेस्टोरेंट्स की जांच हो रही है, तो सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों की कैंटीनों की जांच क्यों नहीं की जा रही। इसके बाद FDA की टीम ने हाईकोर्ट परिसर की कैंटीनों का निरीक्षण किया। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई नियमों को लेकर खामियां सामने आईं और कुछ कैंटीनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। तुकाराम मुंढे की पहचान ऐसे अधिकारी के रूप में बनी है, जिनकी कार्रवाई में ‘कौन है सामने’ से ज्यादा ‘नियम क्या कहते हैं’ पर जोर दिखाई देता है। यही वजह है कि उनके हर नए अभियान के साथ उनकी कार्यशैली फिर चर्चा में आ जाती है। 21 साल में 25 ट्रांसफर और अब हाईकोर्ट की कैंटीन तक कार्रवाई—तुकाराम मुंढे की कहानी एक बार फिर प्रशासनिक सख्ती की चर्चा के केंद्र में है।1
- आमदार श्री. राजन नाईक यांच्या मागणीला यश! 🚇 वसई-विरार मेट्रोच्या 13 व्या मार्गिकेच्या मागणीला सकारात्मक प्रतिसाद! वसई-विरारच्या नागरिकांच्या सोयीसाठी आणि शहराच्या वेगवान विकासासाठी मेट्रो कनेक्टिव्हिटी अत्यंत महत्त्वाची आहे. या मागणीच्या पाठपुराव्याला मिळालेला सकारात्मक प्रतिसाद म्हणजे वसई-विरारच्या विकासाच्या दिशेने आणखी एक महत्त्वाचे पाऊल! #वसईविरार #Metro13 #मेट्रो #अखेरमागणीला_यश #विकास #जनतेचाआवाज आमदार श्री. राजन नाईक यांच्या मागणीला यश! 🚇 वसई-विरार मेट्रोच्या 13 व्या मार्गिकेच्या मागणीला सकारात्मक प्रतिसाद! वसई-विरारच्या नागरिकांच्या सोयीसाठी आणि शहराच्या वेगवान विकासासाठी मेट्रो कनेक्टिव्हिटी अत्यंत महत्त्वाची आहे. या मागणीच्या पाठपुराव्याला मिळालेला सकारात्मक प्रतिसाद म्हणजे वसई-विरारच्या विकासाच्या दिशेने आणखी एक महत्त्वाचे पाऊल! #वसईविरार #Metro13 #मेट्रो #अखेरमागणीला_यश #विकास #जनतेचाआवाज1
- जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में दी जानकारी ब्यावर में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर कमल राम मीना ने गुरुवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचन प्रक्रिया, आदर्श आचार संहिता तथा निर्वाचन संबंधी विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगर निकाय चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिले में निषेधाज्ञा लागू की गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों एवं उनके प्रतिनिधियों से आदर्श आचार संहिता की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के 24 घंटे के भीतर सभी सरकारी संपत्तियों से राजनीतिक दलों के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग, दीवार लेखन आदि हटाना आवश्यक है। इसी प्रकार सार्वजनिक संपत्ति एवं परिसरों से 48 घंटे तथा निजी संपत्ति एवं परिसरों से 72 घंटे के भीतर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग एवं अन्य प्रचार सामग्री हटाना आवश्यक होगा। निर्धारित समयावधि में प्रचार सामग्री नहीं हटाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर आदि के साथ ही अस्पताल जैसे स्थानों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। जाति, धर्म, भाषा अथवा समुदाय के आधार पर तनाव पैदा करने वाले कृत्य भी निषिद्ध हैं। मतदाताओं को डराना, धमकाना अथवा रिश्वत देकर वोट प्राप्त करने का प्रयास कानूनी अपराध है। उन्होंने कहा कि किसी भी मकान अथवा निजी संपत्ति की दीवार पर संबंधित स्वामी की अनुमति के बिना लेखन करना या पोस्टर लगाना भी निषिद्ध है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी बनाने में सहयोग करने तथा आदर्श आचार संहिता की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने की अपील की।1
- पाली जिला कलेक्टर डॉ रविंद्र गोस्वामी की प्रेरणा से से विधालय के लिए तैयार की गई 100 बेच रोटरी क्लब ने इंद्रा नगर विद्यालय को भेंट की 25 स्टडी डेस्क-बेंच जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की प्रेरणा से विद्यालयों के लिए तैयार की गईं 100 बेंच पाली 20 अगस्त। जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की प्रेरणा से रोटरी क्लब, पाली द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार करवाई गई 100 स्टडी डेस्क-बेंच में से 25 बेंच गुरुवार, 20 अगस्त को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, इंद्रा नगर में भेंट की गईं। रोटरी क्लब की इस पहल से विद्यालय के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में रोटरी क्लब, पाली के अध्यक्ष प्रवीण कोठारी एवं सचिव रामपाल शर्मा ने बताया कि क्लब द्वारा समय-समय पर जनसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न सेवा कार्य किए जाते हैं। इसी क्रम में जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र जी गोस्वामी की प्रेरणा से पाली जिले के विद्यालयों में विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए 100 स्टडी डेस्क-बेंच तैयार करवाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इन बेंचों के माध्यम से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा। रोटरी क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि क्लब भविष्य में भी शिक्षा एवं अन्य जनहित से जुड़े सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा। इस अवसर पर रोटरी क्लब के धर्मेन्द्र मोहनोत, प्रवीण गादिया, नीलकमल दायमा एवं अक्षय भंडारी सहित विद्यालय के हेमाराम, दूदाराम, अंजू, कृष्णा, गुड्डी बाई, दिनेश पाल सिंह, ममता, सीमा, सूरज कंवर निरमा तथा एसएमसी अध्यक्ष भगवान सिंह मानक ओड़, सचिन सहित विद्यालय स्टाफ एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश त्रिवेदी ने स्टडी डेस्क-बेंच की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह पहल अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय है। उन्होंने रोटरी क्लब पाली के पदाधिकारियों एवं उपस्थित सभी अतिथियों का विद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया।1
- पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचे बच्चे, हाथ में थमा दी झाड़ू! वीडियो वायरल होते ही शिक्षक पर गिरी गाज गांव के सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, बच्चों से सफाई करवाने का मामला सामने आने के बाद कार्रवाई गांव के एक सरकारी स्कूल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ग्रामीण स्कूल पहुंचा और वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। जिन छोटे-छोटे बच्चों को सुबह पढ़ाई करने के लिए स्कूल भेजा गया था, वे स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते हुए नजर आए। ग्रामीण ने जब यह पूरा मामला देखा तो उसने तुरंत अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि वीडियो बनता देख शिक्षक को इसकी भनक लग गई। शिक्षक तुरंत कक्षा से बाहर आया और बच्चों के हाथों से झाड़ू लेकर उसे अंदर रख दिया। इसके बाद सभी बच्चों को कक्षा में बैठाकर पढ़ाई शुरू कर दी गई। ग्रामीण ने भी बिना किसी विवाद के धीरे-धीरे वहां से निकलकर वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लोगों ने स्कूल में बच्चों से सफाई करवाए जाने को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में स्थानीय शिक्षा विभाग की आधिकारिक जांच और बयान के आधार पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है—बच्चे स्कूल में शिक्षा हासिल करने जाते हैं या सफाई करने? सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का समय पढ़ाई, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में लगना चाहिए। यदि उनसे पढ़ाई के बजाय नियमित रूप से ऐसे काम करवाए जाते हैं, तो इसका सीधा असर उनकी शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। अब लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिले तथा उनके साथ ऐसा कोई काम न कराया जाए जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो।1
- आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में दी जानकारी ब्यावर, 20 अगस्त। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर कमल राम मीना ने गुरुवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचन प्रक्रिया, आदर्श आचार संहिता तथा निर्वाचन संबंधी विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नगर निकाय चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिले में निषेधाज्ञा लागू की गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों एवं उनके प्रतिनिधियों से आदर्श आचार संहिता की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के 24 घंटे के भीतर सभी सरकारी संपत्तियों से राजनीतिक दलों के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग, दीवार लेखन आदि हटाना आवश्यक है। इसी प्रकार सार्वजनिक संपत्ति एवं परिसरों से 48 घंटे तथा निजी संपत्ति एवं परिसरों से 72 घंटे के भीतर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग एवं अन्य प्रचार सामग्री हटाना आवश्यक होगा। निर्धारित समयावधि में प्रचार सामग्री नहीं हटाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों जैसे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर आदि के साथ ही अस्पताल जैसे स्थानों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। जाति, धर्म, भाषा अथवा समुदाय के आधार पर तनाव पैदा करने वाले कृत्य भी निषिद्ध हैं। मतदाताओं को डराना, धमकाना अथवा रिश्वत देकर वोट प्राप्त करने का प्रयास कानूनी अपराध है। उन्होंने कहा कि किसी भी मकान अथवा निजी संपत्ति की दीवार पर संबंधित स्वामी की अनुमति के बिना लेखन करना या पोस्टर लगाना भी निषिद्ध है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी बनाने में सहयोग करने तथा आदर्श आचार संहिता की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने की अपील की।1