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रायबरेली के बछरावां क्षेत्र स्थित कुंदनगंज के नायरा पेट्रोल पंप पर एक युवक ने घटतौली का गंभीर आरोप लगाया है। युवक का दावा है कि उसकी पल्सर बाइक की टंकी में क्षमता से अधिक 17.68 लीटर पेट्रोल भर दिया गया था, जिस पर उसे संदेह हुआ। इसके बाद युवक ने टंकी से पेट्रोल निकलवाकर उसकी माप करवाई, जिसमें आरोप है कि लगभग 16 लीटर पेट्रोल ही निकला। इस घटना के सामने आने के बाद पेट्रोल पंप कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है।
सुपर फास्ट खबरे लखनऊ
रायबरेली के बछरावां क्षेत्र स्थित कुंदनगंज के नायरा पेट्रोल पंप पर एक युवक ने घटतौली का गंभीर आरोप लगाया है। युवक का दावा है कि उसकी पल्सर बाइक की टंकी में क्षमता से अधिक 17.68 लीटर पेट्रोल भर दिया गया था, जिस पर उसे संदेह हुआ। इसके बाद युवक ने टंकी से पेट्रोल निकलवाकर उसकी माप करवाई, जिसमें आरोप है कि लगभग 16 लीटर पेट्रोल ही निकला। इस घटना के सामने आने के बाद पेट्रोल पंप कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है।
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- रायबरेली जिले के रसूलपुर में चांदी सिंह का पुरवा से पत्रकार केशव ने यह विचार व्यक्त किया है कि फिल्में केवल पाठ्यक्रम (सिलेबस) नहीं पढ़ातीं, बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभव और सबक सिखाती हैं। उन्होंने इस टिप्पणी के साथ 'ड्रॉपआउट' देखने का भी उल्लेख किया है। इस पोस्ट में कई प्रमुख हस्तियों और राजनीतिक दलों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें योगी आदित्यनाथ, केशवानंद शुक्ला, मनोज पांडे, ठाकुर पीयूष प्रताप सिंह, समाजवादी पार्टी, दिनेश प्रताप सिंह, अखिलेश यादव और राहुल गांधी शामिल हैं।1
- रायबरेली के ऊंचाहार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शनिवार को भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने स्थानीय पत्रकारों को सम्मानित किया। उन्होंने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, समाज का प्रहरी और दिशा-निर्देशक बताते हुए एक सशक्त, जागरूक और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में उनकी अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। अभिलाष कौशल ने अपने कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को अग्रवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता आम जनमानस की आवाज़ को बुलंद करती है और जमीनी सच्चाइयों को सामने लाकर राष्ट्र निर्माण में अग्रिम कर्णधार की भूमिका निभाती है। कौशल ने आगे कहा कि पत्रकार जटिल मुद्दों और सरकारी नीतियों का विश्लेषण कर जनता तक सही जानकारी पहुंचाते हैं। यह वर्ग वंचित और हाशिए पर रहने वाले लोगों की समस्याओं को उजागर कर प्रशासन और सत्ता तक पहुंचाता है। साथ ही, वे रूढ़ियों को तोड़कर और नए विचारों को समाज में रखकर बदलते भारत की सोच को आकार देते हैं। सत्ता से सवाल पूछना और लोकतंत्र में जवाबदेही तय करना उनका सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज की डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में पत्रकारों की ज़िम्मेदारी और भी बढ़ गई है। इस अवसर पर मनीष कौशल, सुभाष कौशल, गुड्डन यादव, राजेंद्र यादव, मनोज पाल, विजय पाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन सिंह समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय पत्रकार मौजूद रहे।1
- डॉक्टर बनकर लोगों की जान बचाना सबसे नेक कार्य बताया गया है, जो विश्वास के एक नाज़ुक धागे से बंधा है। इस मूल भावना के विपरीत, जब इस विश्वास को व्यापार का रूप दे दिया जाता है, तो व्यवस्था में धांधली और अनियमितताएँ शुरू हो जाती हैं। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन समस्याओं को आंशिक सुधारों से ठीक नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए पूरी व्यवस्था को जड़ से ठीक करने की आवश्यकता है।1
- रायबरेली जिलाधिकारी के निर्देश पर, जिला पंचायत अधिकारी सौम्य शील सिंह ने जनपद की गौशालाओं में गोवंशों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं शुरू की हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत, गौशालाओं में स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से गोवंशों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। अब तक जिले की कुल 58 गौशालाओं में यह स्प्रिंकलर व्यवस्था लागू की जा चुकी है। जिला पंचायत अधिकारी ने यह भी बताया कि शेष बची हुई गौशालाओं में भी यह प्रणाली एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित कर दी जाएगी। प्रशासन गोवंशों के संरक्षण और उनकी बेहतर देखभाल के लिए निरंतर प्रयासरत है।2
- रायबरेली जिले के डीह ब्लॉक में नहरों में पानी न आने से किसान गंभीर रूप से परेशान हैं। धान की नर्सरी (बेहन) डालने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन सरकारी नहरें सूखी पड़ी हैं और उनमें धूल उड़ रही है। पानी के अभाव में किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए निजी पंपसेट और नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निजी साधनों से सिंचाई करने के कारण उन्हें डीजल और बिजली पर भारी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के किसानों ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि धान की बुवाई के संकट को देखते हुए तत्काल नहरों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि वे समय पर अपनी फसल तैयार कर सकें और इस आर्थिक नुकसान से बच सकें। किसानों ने यह भी बताया कि जिन किसानों ने अपने निजी साधनों से धान की नर्सरी डाल दी है, उन्हें भी इस तपती धूप में लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे उनका निजी खर्च बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि नहरों में पानी आ जाए, तो जिन किसानों ने अभी तक नर्सरी नहीं डाली है, वे भी बुवाई कर सकेंगे और जिन्हें सिंचाई करनी है, वे आसानी से कर पाएंगे।1
- रायबरेली में कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने नवनियुक्त सहायक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र और स्मार्टफोन वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की जिम्मेदारी निभाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर संबंधी फैसले का स्वागत किया।1
- रायबरेली के बछरावां क्षेत्र स्थित कुंदनगंज के नायरा पेट्रोल पंप पर एक युवक ने घटतौली का गंभीर आरोप लगाया है। युवक का दावा है कि उसकी पल्सर बाइक की टंकी में क्षमता से अधिक 17.68 लीटर पेट्रोल भर दिया गया था, जिस पर उसे संदेह हुआ। इसके बाद युवक ने टंकी से पेट्रोल निकलवाकर उसकी माप करवाई, जिसमें आरोप है कि लगभग 16 लीटर पेट्रोल ही निकला। इस घटना के सामने आने के बाद पेट्रोल पंप कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है।1
- उत्तर प्रदेश में एक नवविवाहित दरोगा अपनी पत्नी के साथ गाड़ी से घूमने निकले थे, तभी रास्ते में एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में दरोगा की गाड़ी की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद आसपास के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दरोगा को चारों तरफ से घेर लिया। घटनास्थल पर दरोगा के साथ मौजूद उनकी पत्नी रोती-बिलखती नजर आईं। खबर में यह भी कहा गया है कि किसी भी हादसे के बाद भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेना बिल्कुल सही नहीं माना जा सकता। ऐसी संवेदनशील स्थिति में उग्र होने के बजाय पुलिस और प्रशासन को तुरंत सूचना देकर निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुट गई है।1