दरवाजे बंद कर 80 किलोमीटर दौड़ रही ट्रेन, पेंचवेली एक्सप्रेस के उद्घाटन को लेकर सवाल अकेले ही सफर कर रही ट्रेन मंडला जिले के नगर मंडला और महाराजपुर क्षेत्र में पिछले लगभग 8 महीनों से ट्रेनों का आवागमन शुरू हो चुका है, जो क्षेत्र के लिए एक अच्छी पहल मानी जा रही है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार ट्रेन खाली चलती नजर आती है, जो चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि चाहे ट्रेन पेट्रोल, डीजल, बिजली या किसी अन्य ऊर्जा से चल रही हो, उसके संचालन में खर्च तो हो ही रहा है, जिसका भार आखिरकार रेलवे को ही उठाना पड़ता है। मंडला फोर्ट एक ऐतिहासिक और सैकड़ों वर्षों पुराना रेलवे स्टेशन है, लेकिन यहां अभी भी पर्याप्त सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न तो आम जनता और न ही जनप्रतिनिधि इस दिशा में पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं। मंडला फोर्ट से वर्तमान में 2–3 ट्रेनें संचालित हो रही हैं, लेकिन उनके समय का सही निर्धारण नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय अनुकूल न होने के कारण कई बार ट्रेनें खाली चलती हैं, जिससे रेलवे की आय पर भी असर पड़ता है। हाल ही में मंडला से जबलपुर के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू हुई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है। इसी कारण यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम है। इसके अलावा यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार ट्रेनों को आउटर पर खड़ा कर दिया जाता है, जिससे यात्रियों को 5 से 6 घंटे तक का लंबा समय लग जाता है। स्थानीय समाजसेवी अखिलेश सोनी ने कहा कि मंडला फोर्ट से पेंचवेली एक्सप्रेस को जल्द शुरू किया जाना चाहिए और इसमें एसी व जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि यात्रियों को कई बार वेटिंग का सामना करना पड़ता है। वहीं नितिन सोलंकी ने कहा कि मंडला फोर्ट से चलने वाली ट्रेनों का समय निर्धारण और समय परिवर्तन इस तरह किया जाना चाहिए जिससे आम जनता को सुविधा मिल सके। रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनूप मिश्रा का कहना है कि मंडला फोर्ट स्टेशन पर सुविधाएं धीरे-धीरे बढ़ रही हैं, लेकिन अभी भी यात्रियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टेशन पर सुविधाओं और ट्रेनों के समय में सुधार की आवश्यकता है। इसी क्रम में रंजीत कछवाहा ने कहा कि मंडला फोर्ट से नए रेलमार्गों के निर्माण की रूपरेखा जल्द तैयार की जानी चाहिए। पूर्व में बिलासपुर–जबलपुर तथा पेंड्रा–नरसिंहपुर रेलमार्ग का सर्वे हो चुका है, लेकिन अभी तक उस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि रेलवे बोर्ड जल्द इस दिशा में निर्णय लेकर क्षेत्र के विकास को गति दे।
दरवाजे बंद कर 80 किलोमीटर दौड़ रही ट्रेन, पेंचवेली एक्सप्रेस के उद्घाटन को लेकर सवाल अकेले ही सफर कर रही ट्रेन मंडला जिले के नगर मंडला और महाराजपुर क्षेत्र में पिछले लगभग 8 महीनों से ट्रेनों का आवागमन शुरू हो चुका है, जो क्षेत्र के लिए एक अच्छी पहल मानी जा रही है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार ट्रेन खाली चलती नजर आती है, जो चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि चाहे ट्रेन पेट्रोल, डीजल, बिजली या किसी अन्य ऊर्जा से चल रही हो, उसके संचालन में खर्च तो हो ही रहा है, जिसका भार आखिरकार रेलवे को ही उठाना पड़ता है। मंडला फोर्ट एक ऐतिहासिक और सैकड़ों वर्षों पुराना रेलवे स्टेशन है, लेकिन यहां अभी भी पर्याप्त सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न तो आम जनता और न ही जनप्रतिनिधि इस दिशा में पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं। मंडला फोर्ट से वर्तमान में 2–3 ट्रेनें संचालित हो रही हैं, लेकिन उनके समय का सही निर्धारण नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय अनुकूल न होने के कारण कई बार ट्रेनें खाली चलती हैं, जिससे रेलवे की आय पर भी असर पड़ता है। हाल ही में मंडला से जबलपुर के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू हुई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है। इसी कारण यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम है। इसके अलावा यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार ट्रेनों को आउटर पर खड़ा कर दिया जाता है, जिससे यात्रियों को 5 से 6 घंटे तक का लंबा समय लग जाता है। स्थानीय समाजसेवी अखिलेश सोनी ने कहा कि मंडला फोर्ट से पेंचवेली एक्सप्रेस को जल्द शुरू किया जाना चाहिए और इसमें एसी व जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि यात्रियों को कई बार वेटिंग का सामना करना पड़ता है। वहीं नितिन सोलंकी ने कहा कि मंडला फोर्ट से चलने वाली ट्रेनों का समय निर्धारण और समय परिवर्तन इस तरह किया जाना चाहिए जिससे आम जनता को सुविधा मिल सके। रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनूप मिश्रा का कहना है कि मंडला फोर्ट स्टेशन पर सुविधाएं धीरे-धीरे बढ़ रही हैं, लेकिन अभी भी यात्रियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टेशन पर सुविधाओं और ट्रेनों के समय में सुधार की आवश्यकता है। इसी क्रम में रंजीत कछवाहा ने कहा कि मंडला फोर्ट से नए रेलमार्गों के निर्माण की रूपरेखा जल्द तैयार की जानी चाहिए। पूर्व में बिलासपुर–जबलपुर तथा पेंड्रा–नरसिंहपुर रेलमार्ग का सर्वे हो चुका है, लेकिन अभी तक उस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि रेलवे बोर्ड जल्द इस दिशा में निर्णय लेकर क्षेत्र के विकास को गति दे।
- User9562Mandla, Madhya Pradesh🙏on 12 March
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- जब मुख्यमंत्री ने पन्ना की टॉपर बेटी का इंटरव्यू लिया1
- ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है। बताया जाता है कि पहले गांव में हैजा फैला था, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद एक संत ने गांव के बाहर भोजन बनाने की सलाह दी थी। ग्रामीणों ने इस परंपरा का पालन किया और मान्यता है कि इसके बाद गांव में बीमारी का प्रकोप खत्म हो गया। तब से आज तक यह परंपरा जारी है। इस दिन पूरे गांव में घरों के चूल्हे बंद रहते हैं और सभी लोग बाहर मिलकर गक्कड़, भरता और अन्य पारंपरिक भोजन बनाते हैं। ग्रामीण इसे ‘बुढ़वा मंगल’ के रूप में मनाते हैं।1
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- हाईवे 22 देव नर्सिंग मंदिर ट्रस्ट मानस धाम परिसर के सामने मध्य रात्रि के लगभग एक डम्फर और छोटा हाथी वाहन की जोरदार टक्कर हुई है। जिसमें दोनों वहां अत्यंत रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। डंपर पिपरिया तरफ से आ रहा था और जो छोटा हाथी वाहन फल फ्रूट से भरा हुआ था। दोनों वाहनों की जोरदार टक्कर से ड्राइवर को चोट हुई है जिनको अस्पताल में भर्ती किया गया है। उक्त सड़क की दोनों तरफ की पट्टियां डाउन है। और भारी वाहनों के सड़क किनारे खड़े रहने के कारण क्रासिंग न हो सकी जिस कारण से यह हादसा होने प्रतीत होता है। आए दिन ऐसे हादसे हो रहे है ।1
- Post by Neelesh THAKUR1
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- कबीरधाम जिले के नेशनल हाइवे 30 चिल्फी घाट क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक युवक की ट्रक के पहिये के नीचे दबकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और ट्रक के पिछले पहिये के नीचे फंस गया। हादसा इतना भयावह था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की पहचान और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि चिल्फी घाट में अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। युवक के बारे में बताया जा रहा है कि वह बैजलपुर क्षेत्र का रहने वाला है और दूसरा युवक जो उसके साथ था वह मंगली मध्यप्रदेश एरिया का बताया जा है.1