उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई हैं। मुजफ्फरनगर जनपद के पुरकाजी क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव नूननगर में शुक्रवार देर रात एक गर्भवती महिला को समय पर 102 एंबुलेंस सेवा मिलने से गाड़ी के भीतर ही सुरक्षित और सामान्य प्रसव संपन्न कराया गया। नवजात शिशु की किलकारी गूंजते ही तनाव का माहौल अचानक अत्यंत हर्ष और उल्लास में बदल गया, जिससे सुरक्षित प्रसव के बाद पीड़ित परिवार सहित पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। नूननगर निवासी अर्जुन सिंह की 30 वर्षीय पत्नी प्रियंका को शुक्रवार शाम अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जो समय बीतने के साथ असहनीय हो गई। इस आपातकालीन और नाजुक स्थिति को देखते हुए, घबराए परिजनों ने बिना किसी देरी के सरकारी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा के 102 नंबर पर कॉल कर मदद की गुहार लगाई। सूचना प्राप्त होते ही एंबुलेंस नियंत्रण कक्ष ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र में तैनात एंबुलेंस को तुरंत रवाना किया। कुछ ही समय में ईएमटी जरीफ अहमद और पायलट (चालक) राकेश कुमार एंबुलेंस लेकर पीड़ित महिला के घर पहुँच गए। एंबुलेंस कर्मी बिना किसी विलंब के गर्भवती महिला प्रियंका को लेकर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर रवाना हुए। परंतु, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही महिला की प्रसव पीड़ा बेहद गंभीर और तीव्र हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख और आपातकाल की गंभीरता को भांपते हुए, पायलट राकेश कुमार ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क के किनारे एक सुरक्षित व समतल स्थान पर रोक दिया। इसके पश्चात, ईएमटी जरीफ अहमद ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पाते हुए एंबुलेंस के भीतर उपलब्ध 'आपातकालीन डिलीवरी किट' का उपयोग किया और अपनी पूरी दक्षता, सूझबूझ और चिकित्सकीय ज्ञान का परिचय देते हुए कुछ ही मिनटों के भीतर एंबुलेंस में ही प्रसव की पूरी प्रक्रिया को बेहद सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया। ईएमटी जरीफ अहमद और पायलट राकेश कुमार की इस त्वरित और साहसी कार्रवाई के परिणामस्वरूप महिला ने एक स्वस्थ और सुंदर नवजात शिशु को जन्म दिया। प्रसव के तुरंत बाद जच्चा (माता) और बच्चा (शिशु) दोनों की प्राथमिक जांच की गई, जिसमें दोनों की स्थिति पूरी तरह से सामान्य और स्थिर पाई गई। इसके पश्चात, दोनों को आगे की आवश्यक चिकित्सकीय देखरेख, टीकाकरण और उपचार के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में सुरक्षित भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने भी दोनों को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया है। इस अत्यंत नाजुक परिस्थिति में सूझबूझ से माता और बच्चे की जान बचाने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने एंबुलेंस सेवा तथा उसके समर्पित कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और सेवा भाव की खुलकर सराहना की। परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि यदि सही समय पर यह सरकारी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं होती, तो कोई भी बड़ी अनहोनी घट सकती थी, और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब तथा मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 102 एंबुलेंस सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। लगातार सामने आ रहे ऐसे सफल मामलों से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर आम जनता का भरोसा और अधिक सुदृढ़ व मजबूत हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई हैं। मुजफ्फरनगर जनपद के पुरकाजी क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांव नूननगर में शुक्रवार देर रात एक गर्भवती महिला को समय पर 102 एंबुलेंस सेवा मिलने से गाड़ी के भीतर ही सुरक्षित और सामान्य प्रसव संपन्न कराया गया। नवजात शिशु की किलकारी गूंजते ही तनाव का माहौल अचानक अत्यंत हर्ष और उल्लास में बदल गया, जिससे सुरक्षित प्रसव के बाद पीड़ित परिवार सहित पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। नूननगर निवासी अर्जुन सिंह की 30 वर्षीय पत्नी प्रियंका को शुक्रवार शाम अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जो समय बीतने के साथ असहनीय हो गई। इस आपातकालीन और नाजुक स्थिति को देखते हुए, घबराए परिजनों ने बिना किसी देरी के सरकारी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा के 102 नंबर पर कॉल कर मदद की गुहार लगाई। सूचना प्राप्त होते ही एंबुलेंस नियंत्रण कक्ष ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र में तैनात एंबुलेंस को तुरंत रवाना किया। कुछ ही समय में ईएमटी जरीफ अहमद और पायलट (चालक) राकेश कुमार एंबुलेंस लेकर पीड़ित महिला के घर पहुँच गए। एंबुलेंस कर्मी बिना किसी विलंब के गर्भवती महिला प्रियंका को लेकर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर रवाना हुए। परंतु, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही महिला की प्रसव पीड़ा बेहद गंभीर और तीव्र हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख और आपातकाल की गंभीरता को भांपते हुए, पायलट राकेश कुमार ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क के किनारे एक सुरक्षित व समतल स्थान पर रोक दिया। इसके पश्चात, ईएमटी जरीफ अहमद ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पाते हुए एंबुलेंस के भीतर उपलब्ध 'आपातकालीन डिलीवरी किट' का उपयोग किया और अपनी पूरी दक्षता, सूझबूझ और चिकित्सकीय ज्ञान का परिचय देते हुए कुछ ही मिनटों के भीतर एंबुलेंस में ही प्रसव की पूरी प्रक्रिया को बेहद सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया। ईएमटी जरीफ अहमद और पायलट राकेश कुमार की इस त्वरित और साहसी कार्रवाई के परिणामस्वरूप महिला ने एक स्वस्थ और सुंदर नवजात शिशु को जन्म दिया। प्रसव के तुरंत बाद जच्चा (माता) और बच्चा (शिशु) दोनों की प्राथमिक जांच की गई, जिसमें दोनों की स्थिति पूरी तरह से सामान्य और स्थिर पाई गई। इसके पश्चात, दोनों को आगे की आवश्यक चिकित्सकीय देखरेख, टीकाकरण और उपचार के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में सुरक्षित भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने भी दोनों को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया है। इस अत्यंत नाजुक परिस्थिति में सूझबूझ से माता और बच्चे की जान बचाने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने एंबुलेंस सेवा तथा उसके समर्पित कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता और सेवा भाव की खुलकर सराहना की। परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि यदि सही समय पर यह सरकारी एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं होती, तो कोई भी बड़ी अनहोनी घट सकती थी, और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब तथा मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 102 एंबुलेंस सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। लगातार सामने आ रहे ऐसे सफल मामलों से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर आम जनता का भरोसा और अधिक सुदृढ़ व मजबूत हुआ है।
- 12वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुजफ्फरनगर के रिजर्व पुलिस लाइन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित जनपद के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान माननीय प्रधानमंत्री जी के योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया, जिसके पश्चात् उपस्थित सभी ने उनके स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। योगाचार्य श्री योगेश ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया, साथ ही योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी। उल्लेखनीय है कि योगाचार्य श्री योगेश 14 जून 2026 से पुलिस लाइन में आयोजित योग सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योगाभ्यास करा रहे थे। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यह सप्ताहव्यापी योग कार्यक्रम आज समाप्त हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित एवं ऊर्जावान बनाता है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पुलिसकर्मियों के लिए योग तनाव प्रबंधन, मानसिक एकाग्रता और शारीरिक क्षमता को बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है, और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के उपरांत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने योगाचार्य श्री योगेश को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके बाद, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित समस्त अधिकारियों ने रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नियमित योगाभ्यास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।3
- मुजफ्फरनगर में 21 जून को होने वाली NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर स्थानीय पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा के निर्देशों के तहत, जिले भर में बनाए गए 13 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।1
- विश्व योग दिवस और विश्व संगीत दिवस के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी गई हैं। इस शुभ अवसर पर एक विशेष वीडियो जारी किया गया है, जिसमें एक कंपनी द्वारा बवासीर (पाइल्स) से पीड़ित लोगों को बवासीर मुक्त दिखाया गया है। देशवासियों से आग्रह किया गया है कि वे इस वीडियो को लाइक, फॉलो, कमेंट और शेयर करें। यह संदेश ABC न्यूज़ मीडिया के निर्माता, लेखक, निर्देशक और जनसेवा केंद्र (संपर्क नंबर 7045 73 5846) द्वारा जारी किया गया है। शुभकामनाओं के साथ 'गुड मॉर्निंग इंडिया, जय हिंद जय भारत' का उद्घोष किया गया है।4
- मुजफ्फरनगर जनपद में आगामी मोहर्रम और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में, सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा के नेतृत्व में आरएएफ और शहर के चारों थानों की पुलिस फोर्स ने नगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर नागरिकों को सुरक्षा का एहसास कराया। यह फ्लैग मार्च शिव चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरा, जिसमें भगत सिंह रोड, सराफा बाजार, नॉवेल्टी चौक और मेरठ रोड सहित कई स्थानों पर पैदल गश्त की गई। इस दौरान पुलिस बल ने लोगों से संवाद भी स्थापित किया। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना और यह संदेश देना था कि मुजफ्फरनगर पुलिस हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आगामी धार्मिक आयोजनों को सकुशल संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने, अफवाह फैलाने अथवा माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आमजन से सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।1
- मुजफ्फरनगर में गांधी नगर और हरिपुरम के निवासियों ने तहसील समाधान दिवस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के जेसीबी का उपयोग करके एक लगभग 20 वर्ष पुराने पैदल मार्ग को पूरी तरह से हटा दिया है। यह मार्ग दोनों मोहल्लों को आपस में जोड़ता था। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि यह महत्वपूर्ण मार्ग स्थानीय लोगों के सहयोग से बनाया गया था और यह स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का एक प्रमुख साधन था। निवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों ने पहले तो इस मार्ग को बनाए रखने के लिए धनराशि की मांग की थी, लेकिन बाद में 12 जून, 2026 को बिना कोई सुनवाई किए इसे ध्वस्त कर दिया गया। इस मामले में, स्थानीय निवासियों ने संबंधित पैदल मार्ग को तत्काल बहाल करने और आवागमन की एक स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। तहसील समाधान दिवस कार्यालय ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर मामले की जांच करें और एक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।1
- जनपद मुजफ्फरनगर पुलिस ने NEET UG Re-Exam 2026 परीक्षा को सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की है। यह कदम परीक्षा को बिना किसी बाधा के आयोजित करने के लिए उठाया गया है।1
- मुजफ्फरनगर की थाना खालापार पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त एक अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 10 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 3 अवैध पिस्टल, 7 तमंचे, 10 जिंदा कारतूस, 10 मोबाइल फोन और एक सीबीजेड मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर तहसील के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा स्थान पर छापेमारी करके की गई। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि वे मुजफ्फरनगर के अलावा शामली, सहारनपुर और गाजियाबाद समेत कई अन्य जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। इस मामले में उमर और तस्लीम नामक दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। इस सराहनीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने थाना खालापार पुलिस टीम को ₹20,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।1
- रुड़की रोड स्थित इंडियन हॉस्पिटल पर गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने अस्पताल में छापेमारी कर गहन जांच की। यह कार्रवाई तहसील दिवस के दौरान मिली गुप्त सूचना पर आधारित थी। डॉ. महक सिंह और डॉ. अजय की संयुक्त टीम द्वारा की गई शुरुआती जांच में अस्पताल के संचालन, डॉक्टरों की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। जांच को निष्पक्ष और गहराई से पूरा करने के लिए, टीम ने अस्पताल का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर उन्हें सील कर दिया है। सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इंडियन हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ सख्त और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1