गरियाबंद में पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने 'ऑपरेशन तलाश' के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिले के सभी विवेचकों को गुमशुदा व्यक्तियों की त्वरित खोजबीन के लिए कड़े निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, पुलिसिंग को डिजिटल और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से ई-साक्ष्य पोर्टल, समाधान ऐप, मेडलैपर (Medlepr) और ई-प्रॉसिक्यूशन (e-Prosecution) प्रणाली के संबंध में पीपीटी (PPT) के माध्यम से विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। 'ऑपरेशन तलाश' की समीक्षा के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने जिले में दर्ज सभी गुमइंसान (मिसिंग पर्सन) मामलों की फाइलें खोलकर उनकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विवेचकों को लंबे समय से लंबित गुमशुदगी के मामलों में विशेष टीम बनाकर जल्द से जल्द गुमशुदा लोगों की दस्तयाबी (बरामदगी) करने के सख्त निर्देश दिए और मानवीय दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि गुमशुदा लोगों की तलाश में संवेदनशीलता और तेजी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आधुनिक पुलिसिंग के लिए दिए गए डिजिटल टूल्स के प्रशिक्षण में, विवेचकों को ई-साक्ष्य पोर्टल के माध्यम से डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से एकत्र करने, उनका रिकॉर्ड रखने और न्यायालय में प्रस्तुत करने की नई तकनीकी प्रक्रिया सिखाई गई। समाधान ऐप के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया, जिससे जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, मेडलैपर के जरिए मेडिकल-लीगल मामलों (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री व ट्रैकिंग को सुगम बनाने की विस्तृत ट्रेनिंग दी गई, और ई-प्रॉसिक्यूशन प्रणाली के माध्यम से पुलिस व अभियोजन विभाग के बीच बेहतर तालमेल के लिए केस डायरी और चालान पेश करने की प्रक्रिया समझाई गई।
गरियाबंद में पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने 'ऑपरेशन तलाश' के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिले के सभी विवेचकों को गुमशुदा व्यक्तियों की त्वरित खोजबीन के लिए कड़े निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, पुलिसिंग को डिजिटल और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से ई-साक्ष्य पोर्टल, समाधान ऐप, मेडलैपर (Medlepr) और ई-प्रॉसिक्यूशन (e-Prosecution) प्रणाली के संबंध में पीपीटी (PPT) के माध्यम से विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। 'ऑपरेशन तलाश' की समीक्षा के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने जिले में दर्ज सभी गुमइंसान (मिसिंग पर्सन) मामलों की फाइलें खोलकर उनकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विवेचकों को लंबे समय से लंबित गुमशुदगी के मामलों में विशेष टीम बनाकर जल्द से जल्द गुमशुदा लोगों की दस्तयाबी (बरामदगी) करने के सख्त निर्देश दिए और मानवीय दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि गुमशुदा लोगों की तलाश में संवेदनशीलता और तेजी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आधुनिक पुलिसिंग के लिए दिए गए डिजिटल टूल्स के प्रशिक्षण में, विवेचकों को ई-साक्ष्य पोर्टल के माध्यम से डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से एकत्र करने, उनका रिकॉर्ड रखने और न्यायालय में प्रस्तुत करने की नई तकनीकी प्रक्रिया सिखाई गई। समाधान ऐप के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया, जिससे जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण और पारदर्शी पुलिसिंग सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त, मेडलैपर के जरिए मेडिकल-लीगल मामलों (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री व ट्रैकिंग को सुगम बनाने की विस्तृत ट्रेनिंग दी गई, और ई-प्रॉसिक्यूशन प्रणाली के माध्यम से पुलिस व अभियोजन विभाग के बीच बेहतर तालमेल के लिए केस डायरी और चालान पेश करने की प्रक्रिया समझाई गई।
- राज टॉकीज, रायपुर ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार हेतु कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। दर्शक ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए बुक माई शो (Book My Show) का उपयोग कर सकते हैं, जिसकी सुविधा सिनेमाघर के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा, सिनेमाघर ने अपने दर्शकों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए भी आमंत्रित किया है, जिसका लिंक भी साझा किया गया है। लोगों से यह लिंक दूसरों को भी भेजने का आग्रह किया गया है, ताकि वे भी इस ग्रुप से जुड़ सकें। सिनेमाघर से संपर्क करने के लिए 0771-2229223 पर कॉल किया जा सकता है।1
- श्रुत पंचमी के पावन अवसर पर नेवरा में आस्था का विशाल सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान जैन समाज द्वारा एक भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरा नेवरा भक्तिभाव से गूंज उठा। यह शोभायात्रा अहिंसा और सद्भाव का महत्वपूर्ण संदेश लेकर आगे बढ़ी।1
- बोड़ला के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति (वार्ड नंबर 10) कार्यालय के ठीक सामने व्याप्त अव्यवस्था ने किसानों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खेती के चरम मौसम में, किसानों को भारी-भरकम खाद की बोरियां अपने कंधों पर लादकर ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, जिसे 'मौत का कुआँ' कहा जा रहा है। देश का विकास किसानों के कंधों पर टिका होने के बावजूद, उन्हें खाद-यूरिया के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने के साथ-साथ जानलेवा जोखिम भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासनिक अमला और ठेकेदार मिलकर उनकी पीठ पर दोहरी मार मार रहे हैं। यह विकट स्थिति सहकारी कार्यालय के सामने चल रहे नाली निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह निर्माण कार्य किसानों की सुविधा को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए सीधे तौर पर ठेकेदार की मनमानी और सहूलियत के हिसाब से किया जा रहा है, मानो एक रसूखदार ठेकेदार के आगे पूरा प्रशासनिक तंत्र नतमस्तक हो चुका हो। प्रशासन ने यह भी नहीं सोचा कि खेती के मौसम में सहकारी कार्यालय पर सबसे अधिक भीड़ होती है और इस हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पहले पूरा किया जाना चाहिए था। मौजूदा हालात में, किसानों को गोदाम से यूरिया और खाद की 50 किलो वजनी बोरियां अपने सिर और कंधों पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ रहा है, और बीच में खुदी हुई अधूरी नाली किसी भी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। इस गहरी नाली को भारी वजन के साथ पार करना किसी खतरे से कम नहीं है, और पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अन्नदाताओं की इस जानलेवा जद्दोजहद के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए थे, जब तक कि एक पत्रकार ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रणव प्रधान से इस बेहद गंभीर समस्या को लेकर सवाल नहीं किए और धरातल की हकीकत से उन्हें अवगत नहीं कराया। पत्रकार के सवालों के घेरे में आने के बाद, CMO ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल ठेकेदार को फटकार लगाते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए। CMO प्रणव प्रधान ने आश्वस्त किया, "मामले की जानकारी मिलते ही ठेकेदार को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों को खाद और यूरिया ले जाने में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।" हालांकि, नेताओं के भाषणों में किसानों को 'अन्नदाता' कहकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन बोड़ला के वार्ड नंबर 10 की जमीनी हकीकत इन खोखले दावों की पोल खोलती है, जहाँ ठेकेदार के मुनाफे के आगे किसान की पीड़ा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। मंचों पर 'अन्नदाता' का सम्मान किया जाता है, लेकिन ज़मीन पर प्रशासन घुटनों के बल है। अब देखना यह होगा कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशों के बाद ठेकेदार कितनी जल्दी धरातल पर वैकल्पिक रास्ता तैयार करता है, या फिर कागजी निर्देशों की आड़ में किसान इसी तरह जान जोखिम में डालने को मजबूर रहेंगे।1
- दुर्ग जिले के कैलाश नगर क्षेत्र में लोहे के सेंट्रिंग प्लेट की चोरी और विरोध करने पर मारपीट के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने त्वरित विवेचना और मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा, जिनके कब्जे से चोरी की गई लगभग 50,000 रुपये मूल्य की सेंट्रिंग प्लेट बरामद की गई। प्रार्थी प्रमोद तिवारी ने थाना जामुल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19.06.2026 को लगभग दोपहर 12:00 बजे कैलाश नगर स्थित उनके प्लॉट से रूपेश निषाद उर्फ रूपा और उसके साथी ने लगभग 50,000 रुपये मूल्य की लोहे की सेंट्रिंग प्लेट चुरा ली थी। जब प्रार्थी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। जामुल पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 425/2026, धारा 331(4), 305, 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों रूपेश निषाद उर्फ रूपा (उम्र 22 वर्ष, निवासी अटल आवास, जवाहर नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग) और अशोक यादव (उम्र 45 वर्ष, निवासी अटल आवास, जवाहर नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया और उनकी निशानदेही पर चोरी की गई सेंट्रिंग प्लेट बरामद की गई। आरोपियों को 20.06.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। घटना लोहे की सेंट्रिंग प्लेट चुराकर अवैध लाभ कमाने की नीयत से अंजाम दी गई थी। इस पूरी कार्यवाही में थाना जामुल पुलिस टीम और विवेचना में संलग्न अधिकारी-कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही, जिन्होंने त्वरित सूचना संकलन और प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को धर दबोचा। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की चोरी, मारपीट या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें, ताकि अपराधियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जा सके।3
- थाना आमाबेड़ा पुलिस ने हाल ही में एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 7.94 लीटर शराब के साथ-साथ नकदी भी जब्त की है।1
- संत रामपाल जी महाराज 'सनातनी पूजा के पतन की कहानी' के छठे भाग के रूप में एक विशेष वीडियो प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह प्रस्तुति 'गोवर्धन परिक्रमा के अनसुने रहस्य' पर केंद्रित होगी, जिसमें सनातनी पूजा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को संत रामपाल जी महाराज की जुबानी उजागर किया जाएगा। यह विशेष वीडियो 20 जून 2026, शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से 'Factful Debates' YouTube Channel पर अवश्य देखा जा सकता है।1
- गरियाबंद पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पिछले तीन दिनों में धमतरी और पोखरा रोड की ओर से अवैध रेत का परिवहन कर रहे कुल 08 हाईवा ट्रकों को रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में की गई है। पकड़े गए सभी 08 हाईवा ट्रकों को थाना राजिम परिसर में जब्त कर सुरक्षित खड़ा कराया गया है। पुलिस विभाग ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अग्रिम वैधानिक और दंडात्मक कार्यवाही के लिए खनिज विभाग तथा राजस्व विभाग को विस्तृत प्रतिवेदन प्रेषित किया है। गरियाबंद पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध परिवहनकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध उत्खनन, परिवहन या भंडारण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और आने वाले दिनों में भी यह आकस्मिक चेकिंग और सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने अपनी सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसके तहत अब दर्शक 'बुक माय शो' के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए सिनेमा हॉल द्वारा एक सीधा ऑनलाइन बुकिंग लिंक भी प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज टॉकीज ने दर्शकों को अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का भी आमंत्रण दिया है, जिससे वे सभी आवश्यक अपडेट प्राप्त कर सकें; इस ग्रुप का लिंक भी उपलब्ध कराया गया है और अन्य लोगों को भी जोड़ने के लिए इसे साझा करने का अनुरोध किया गया है। किसी भी जानकारी के लिए दर्शक 0771-2229223 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ ठगों ने खुद को स्कूल प्राचार्य बताकर 90 हजार रुपये ऐंठ लिए। इस संबंध में पीड़ित महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।1