बोड़ला के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति (वार्ड नंबर 10) कार्यालय के ठीक सामने व्याप्त अव्यवस्था ने किसानों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खेती के चरम मौसम में, किसानों को भारी-भरकम खाद की बोरियां अपने कंधों पर लादकर ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, जिसे 'मौत का कुआँ' कहा जा रहा है। देश का विकास किसानों के कंधों पर टिका होने के बावजूद, उन्हें खाद-यूरिया के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने के साथ-साथ जानलेवा जोखिम भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासनिक अमला और ठेकेदार मिलकर उनकी पीठ पर दोहरी मार मार रहे हैं। यह विकट स्थिति सहकारी कार्यालय के सामने चल रहे नाली निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह निर्माण कार्य किसानों की सुविधा को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए सीधे तौर पर ठेकेदार की मनमानी और सहूलियत के हिसाब से किया जा रहा है, मानो एक रसूखदार ठेकेदार के आगे पूरा प्रशासनिक तंत्र नतमस्तक हो चुका हो। प्रशासन ने यह भी नहीं सोचा कि खेती के मौसम में सहकारी कार्यालय पर सबसे अधिक भीड़ होती है और इस हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पहले पूरा किया जाना चाहिए था। मौजूदा हालात में, किसानों को गोदाम से यूरिया और खाद की 50 किलो वजनी बोरियां अपने सिर और कंधों पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ रहा है, और बीच में खुदी हुई अधूरी नाली किसी भी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। इस गहरी नाली को भारी वजन के साथ पार करना किसी खतरे से कम नहीं है, और पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अन्नदाताओं की इस जानलेवा जद्दोजहद के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए थे, जब तक कि एक पत्रकार ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रणव प्रधान से इस बेहद गंभीर समस्या को लेकर सवाल नहीं किए और धरातल की हकीकत से उन्हें अवगत नहीं कराया। पत्रकार के सवालों के घेरे में आने के बाद, CMO ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल ठेकेदार को फटकार लगाते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए। CMO प्रणव प्रधान ने आश्वस्त किया, "मामले की जानकारी मिलते ही ठेकेदार को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों को खाद और यूरिया ले जाने में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।" हालांकि, नेताओं के भाषणों में किसानों को 'अन्नदाता' कहकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन बोड़ला के वार्ड नंबर 10 की जमीनी हकीकत इन खोखले दावों की पोल खोलती है, जहाँ ठेकेदार के मुनाफे के आगे किसान की पीड़ा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। मंचों पर 'अन्नदाता' का सम्मान किया जाता है, लेकिन ज़मीन पर प्रशासन घुटनों के बल है। अब देखना यह होगा कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशों के बाद ठेकेदार कितनी जल्दी धरातल पर वैकल्पिक रास्ता तैयार करता है, या फिर कागजी निर्देशों की आड़ में किसान इसी तरह जान जोखिम में डालने को मजबूर रहेंगे।
बोड़ला के आदिमजाति सेवा सहकारी समिति (वार्ड नंबर 10) कार्यालय के ठीक सामने व्याप्त अव्यवस्था ने किसानों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। खेती के चरम मौसम में, किसानों को भारी-भरकम खाद की बोरियां अपने कंधों पर लादकर ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ रहा है, जिसे 'मौत का कुआँ' कहा जा रहा है। देश का विकास किसानों के कंधों पर टिका होने के बावजूद, उन्हें खाद-यूरिया के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने के साथ-साथ जानलेवा जोखिम भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासनिक अमला और ठेकेदार मिलकर उनकी पीठ पर दोहरी मार मार रहे हैं। यह विकट स्थिति सहकारी कार्यालय के सामने चल रहे नाली निर्माण कार्य के कारण उत्पन्न हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह निर्माण कार्य किसानों की सुविधा को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए सीधे तौर पर ठेकेदार की मनमानी और सहूलियत के हिसाब से किया जा रहा है, मानो एक रसूखदार ठेकेदार के आगे पूरा प्रशासनिक तंत्र नतमस्तक हो चुका हो। प्रशासन ने यह भी नहीं सोचा कि खेती के मौसम में सहकारी कार्यालय पर सबसे अधिक भीड़ होती है और इस हिस्से का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पहले पूरा किया जाना चाहिए था। मौजूदा हालात में, किसानों को गोदाम से यूरिया और खाद की 50 किलो वजनी बोरियां अपने सिर और कंधों पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ रहा है, और बीच में खुदी हुई अधूरी नाली किसी भी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। इस गहरी नाली को भारी वजन के साथ पार करना किसी खतरे से कम नहीं है, और पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। अन्नदाताओं की इस जानलेवा जद्दोजहद के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए थे, जब तक कि एक पत्रकार ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रणव प्रधान से इस बेहद गंभीर समस्या को लेकर सवाल नहीं किए और धरातल की हकीकत से उन्हें अवगत नहीं कराया। पत्रकार के सवालों के घेरे में आने के बाद, CMO ने मामले की गंभीरता को समझा और तत्काल ठेकेदार को फटकार लगाते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए। CMO प्रणव प्रधान ने आश्वस्त किया, "मामले की जानकारी मिलते ही ठेकेदार को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसानों को खाद और यूरिया ले जाने में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।" हालांकि, नेताओं के भाषणों में किसानों को 'अन्नदाता' कहकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन बोड़ला के वार्ड नंबर 10 की जमीनी हकीकत इन खोखले दावों की पोल खोलती है, जहाँ ठेकेदार के मुनाफे के आगे किसान की पीड़ा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। मंचों पर 'अन्नदाता' का सम्मान किया जाता है, लेकिन ज़मीन पर प्रशासन घुटनों के बल है। अब देखना यह होगा कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशों के बाद ठेकेदार कितनी जल्दी धरातल पर वैकल्पिक रास्ता तैयार करता है, या फिर कागजी निर्देशों की आड़ में किसान इसी तरह जान जोखिम में डालने को मजबूर रहेंगे।
- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा इलाके से एक बेहद रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सासाहोली गांव के सरस्वती स्कूल के बाहर मामूली सी बात पर दो नाबालिग छात्रों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। महज 'मोटा' कहने के विवाद में हुए इस हमले में 16 वर्षीय एक छात्र की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि दूसरा छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र अमन यदु (16 वर्ष) और 15 वर्षीय आरोपी छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते थे। कुछ दिनों पहले एक छात्र ने दूसरे को 'मोटा' कहकर चिढ़ाया था, जो बात दूसरे छात्र के दिल में गहरी चुभ गई और उसने मन में बदले की भावना पाल ली थी। किसे पता था कि बच्चों का यह आपसी मनमुटाव एक दिन खूनी अंजाम तक पहुंच जाएगा। स्कूल की छुट्टी होते ही दोनों छात्र गेट के बाहर आमने-सामने आ गए। उनके बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते वे गाली-गलौज पर उतर आए। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए एक छात्र ने घर से छिपाकर लाया सब्जी काटने वाला चाकू निकाला और दूसरे छात्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। खुद पर हमला होते देख दूसरे छात्र ने भी हिम्मत दिखाई और किसी तरह चाकू छीन लिया। इसके बाद उसने भी पलटवार करते हुए पहले छात्र पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया। दोनों तरफ से हुए इस जानलेवा हमले में 16 वर्षीय अमन यदु, जो राजकुमार यदु का पुत्र था, की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने खून से लथपथ अमन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल 15 वर्षीय आरोपी छात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस वारदात के बाद से सासाहोली गांव और स्कूल के आसपास के इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है, और स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे इस खूनी मंजर को देखकर बुरी तरह डरे व सहमे हुए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने स्कूली बच्चों के भीतर पनप रहे गुस्से और हिंसक मानसिकता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग और एक व्हाट्सएप समूह से जुड़ने की जानकारी साझा की है। इच्छुक दर्शक बुक माय शो के माध्यम से अपने टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, राज टॉकीज के व्हाट्सएप समूह से जुड़ने के लिए भी एक लिंक दिया गया है, और उपयोगकर्ताओं से निवेदन किया गया है कि वे दूसरों को जोड़ने के लिए भी यह लिंक भेजें। किसी भी जानकारी के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- दुर्ग में एक बेहद चौंकाने वाली और क्रूर घटना सामने आई है, जहां एक डॉक्टर ने, जिस पर लोग विश्वास करते हैं, उसी ने अपने ही घर में काम करने वाली नौकरानी की बेरहमी से हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, डॉक्टर ने अपनी घरेलू कामगार का गला रेत दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। यह घटना डॉक्टर जैसे भरोसेमंद पेशे से जुड़े व्यक्ति द्वारा किए गए निर्मम कृत्य पर गहरे सवाल खड़े करती है।1
- दुर्ग जिले के कैलाश नगर क्षेत्र में लोहे के सेंट्रिंग प्लेट की चोरी और विरोध करने पर मारपीट के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने त्वरित विवेचना और मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा, जिनके कब्जे से चोरी की गई लगभग 50,000 रुपये मूल्य की सेंट्रिंग प्लेट बरामद की गई। प्रार्थी प्रमोद तिवारी ने थाना जामुल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19.06.2026 को लगभग दोपहर 12:00 बजे कैलाश नगर स्थित उनके प्लॉट से रूपेश निषाद उर्फ रूपा और उसके साथी ने लगभग 50,000 रुपये मूल्य की लोहे की सेंट्रिंग प्लेट चुरा ली थी। जब प्रार्थी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। जामुल पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 425/2026, धारा 331(4), 305, 115(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों रूपेश निषाद उर्फ रूपा (उम्र 22 वर्ष, निवासी अटल आवास, जवाहर नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग) और अशोक यादव (उम्र 45 वर्ष, निवासी अटल आवास, जवाहर नगर, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया और उनकी निशानदेही पर चोरी की गई सेंट्रिंग प्लेट बरामद की गई। आरोपियों को 20.06.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। घटना लोहे की सेंट्रिंग प्लेट चुराकर अवैध लाभ कमाने की नीयत से अंजाम दी गई थी। इस पूरी कार्यवाही में थाना जामुल पुलिस टीम और विवेचना में संलग्न अधिकारी-कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही, जिन्होंने त्वरित सूचना संकलन और प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को धर दबोचा। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की चोरी, मारपीट या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें, ताकि अपराधियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जा सके।3
- मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।1
- देश की शिक्षा व्यवस्था पर लगातार बड़े सवाल उठाने वाले राहुल गांधी और कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार का 'खटाखट मॉडल' बुरी तरह विफल हो गया है, जहाँ सरकारी कॉलेजों की छतें ढह रही हैं। यह स्थिति जमीनी हकीकत से उनके "जीरो कनेक्ट" का जीता-जागता सबूत है, जिसके चलते बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके विपरीत, भाजपा शासित बिहार की महिलाओं ने स्वयं राहुल गांधी के सामने बताया कि वहाँ के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर, किताबें और पढ़ाई पहले से कहीं बेहतर हुई है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव आए हैं। इसलिए, राहुल गांधी को अब अधूरे तथ्यों पर आधारित "डर की राजनीति" बंद करनी चाहिए और वास्तविक जमीनी हकीकत को स्वीकार करना चाहिए।1
- राज टॉकीज, रायपुर ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार हेतु कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। दर्शक ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए बुक माई शो (Book My Show) का उपयोग कर सकते हैं, जिसकी सुविधा सिनेमाघर के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा, सिनेमाघर ने अपने दर्शकों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए भी आमंत्रित किया है, जिसका लिंक भी साझा किया गया है। लोगों से यह लिंक दूसरों को भी भेजने का आग्रह किया गया है, ताकि वे भी इस ग्रुप से जुड़ सकें। सिनेमाघर से संपर्क करने के लिए 0771-2229223 पर कॉल किया जा सकता है।1
- दो छात्रों के बीच हुए विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया, जिसके चलते खून बहा और अंततः एक छात्र की मौत हो गई। इस दुखद घटना के कारण सनसनी फैल गई है।1