मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।
- मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।1
- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा इलाके से एक बेहद रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सासाहोली गांव के सरस्वती स्कूल के बाहर मामूली सी बात पर दो नाबालिग छात्रों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। महज 'मोटा' कहने के विवाद में हुए इस हमले में 16 वर्षीय एक छात्र की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि दूसरा छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र अमन यदु (16 वर्ष) और 15 वर्षीय आरोपी छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते थे। कुछ दिनों पहले एक छात्र ने दूसरे को 'मोटा' कहकर चिढ़ाया था, जो बात दूसरे छात्र के दिल में गहरी चुभ गई और उसने मन में बदले की भावना पाल ली थी। किसे पता था कि बच्चों का यह आपसी मनमुटाव एक दिन खूनी अंजाम तक पहुंच जाएगा। स्कूल की छुट्टी होते ही दोनों छात्र गेट के बाहर आमने-सामने आ गए। उनके बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते वे गाली-गलौज पर उतर आए। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए एक छात्र ने घर से छिपाकर लाया सब्जी काटने वाला चाकू निकाला और दूसरे छात्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। खुद पर हमला होते देख दूसरे छात्र ने भी हिम्मत दिखाई और किसी तरह चाकू छीन लिया। इसके बाद उसने भी पलटवार करते हुए पहले छात्र पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया। दोनों तरफ से हुए इस जानलेवा हमले में 16 वर्षीय अमन यदु, जो राजकुमार यदु का पुत्र था, की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने खून से लथपथ अमन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल 15 वर्षीय आरोपी छात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस वारदात के बाद से सासाहोली गांव और स्कूल के आसपास के इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है, और स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे इस खूनी मंजर को देखकर बुरी तरह डरे व सहमे हुए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने स्कूली बच्चों के भीतर पनप रहे गुस्से और हिंसक मानसिकता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।1
- रायपुर स्थित राज टॉकीज ने दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग और एक व्हाट्सएप समूह से जुड़ने की जानकारी साझा की है। इच्छुक दर्शक बुक माय शो के माध्यम से अपने टिकट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, राज टॉकीज के व्हाट्सएप समूह से जुड़ने के लिए भी एक लिंक दिया गया है, और उपयोगकर्ताओं से निवेदन किया गया है कि वे दूसरों को जोड़ने के लिए भी यह लिंक भेजें। किसी भी जानकारी के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांटीपाली में कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से व्यथित एक किसान ने ज़हर का सेवन कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे किसान कमल ओगरे ने यह कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कसडोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। पीड़ित किसान कमल ओगरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कसडोल की नायब तहसीलदार ने गुरुवार को तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की थी। किसान के अनुसार, इनमें से दो ट्रैक्टर कथित पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि एक ट्रैक्टर मालिक द्वारा पैसे नहीं देने पर उसका वाहन जब्त कर लिया गया। ओगरे ने दावा किया कि उनके ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए भी रुपयों की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे यह रकम नहीं दे पाए, जिसके चलते उनका ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर भद्रा में ही छोड़ दिया गया, जबकि ईंट से भरे एक अन्य ट्रैक्टर को थाना ले जाकर देर शाम कथित रूप से पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिया गया। कमल ओगरे के पास पकड़े गए ईंट से भरे ट्रैक्टर की तस्वीरें भी मौजूद होने का दावा है, और उन्होंने क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसमें रिश्वत देने वालों को छोड़ दिया जाता है और पैसे न देने वालों पर कार्रवाई की जाती है। किसान ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई। इस घटना की सूचना मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू देर रात अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मिलकर उनका हालचाल जाना। विधायक साहू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रैक्टर संचालकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसान और वाहन संचालक बेहद परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य भी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। विधायक ने इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराने तथा इस विषय को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष उठाकर जाँच एवं कार्रवाई की माँग करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दूरभाष पर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा केवल नियमों के तहत ईंट से भरे ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी और उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई राशि नहीं मांगी है, उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने किसान के जहर सेवन की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति सामान्य है। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, और सभी की निगाहें प्रशासनिक जाँच के परिणामों पर टिकी हैं।3
- बलौदाबाजार सिटी कोतवाली पुलिस ने जिला बदर किए गए एक शातिर अपराधी विलास चेलक उर्फ कानू को जिले की सीमा में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक वर्ष के लिए बलौदाबाजार और आसपास के कई जिलों से बाहर रहने का आदेश था, जिसका उल्लंघन करते हुए वह चोरी-छिपे जिले में घूम रहा था। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशानुसार अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, 19 जून को सिटी कोतवाली पुलिस क्षेत्र में कानून व्यवस्था और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पुरानी बस्ती निवासी विलास चेलक उर्फ कानू जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर बलौदाबाजार जिले में मौजूद है। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने मुस्तैदी से उसे धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन करने पर की गई है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 497/2026 दर्ज किया गया है, जिसके तहत धारा 14 छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 और धारा 223 बीएनएस के तहत कार्रवाई हुई है। गिरफ्तार आरोपी को अब न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लखेश केवट, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन और सिटी कोतवाली पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।2
- एक जिला पंचायत सदस्य को पेट्रोल पंप पर डीजल न दिए जाने के कारण, उन्होंने अपनी कार को बैलों के सहारे खींचकर पेट्रोल पंप तक पहुंचाया।2
- राज टॉकीज, रायपुर ने दर्शकों के लिए टिकट बुकिंग और संचार हेतु कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। दर्शक ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए बुक माई शो (Book My Show) का उपयोग कर सकते हैं, जिसकी सुविधा सिनेमाघर के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा, सिनेमाघर ने अपने दर्शकों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए भी आमंत्रित किया है, जिसका लिंक भी साझा किया गया है। लोगों से यह लिंक दूसरों को भी भेजने का आग्रह किया गया है, ताकि वे भी इस ग्रुप से जुड़ सकें। सिनेमाघर से संपर्क करने के लिए 0771-2229223 पर कॉल किया जा सकता है।1
- दो छात्रों के बीच हुए विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया, जिसके चलते खून बहा और अंततः एक छात्र की मौत हो गई। इस दुखद घटना के कारण सनसनी फैल गई है।1