छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांटीपाली में कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से व्यथित एक किसान ने ज़हर का सेवन कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे किसान कमल ओगरे ने यह कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कसडोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। पीड़ित किसान कमल ओगरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कसडोल की नायब तहसीलदार ने गुरुवार को तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की थी। किसान के अनुसार, इनमें से दो ट्रैक्टर कथित पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि एक ट्रैक्टर मालिक द्वारा पैसे नहीं देने पर उसका वाहन जब्त कर लिया गया। ओगरे ने दावा किया कि उनके ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए भी रुपयों की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे यह रकम नहीं दे पाए, जिसके चलते उनका ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर भद्रा में ही छोड़ दिया गया, जबकि ईंट से भरे एक अन्य ट्रैक्टर को थाना ले जाकर देर शाम कथित रूप से पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिया गया। कमल ओगरे के पास पकड़े गए ईंट से भरे ट्रैक्टर की तस्वीरें भी मौजूद होने का दावा है, और उन्होंने क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसमें रिश्वत देने वालों को छोड़ दिया जाता है और पैसे न देने वालों पर कार्रवाई की जाती है। किसान ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई। इस घटना की सूचना मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू देर रात अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मिलकर उनका हालचाल जाना। विधायक साहू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रैक्टर संचालकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसान और वाहन संचालक बेहद परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य भी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। विधायक ने इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराने तथा इस विषय को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष उठाकर जाँच एवं कार्रवाई की माँग करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दूरभाष पर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा केवल नियमों के तहत ईंट से भरे ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी और उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई राशि नहीं मांगी है, उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने किसान के जहर सेवन की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति सामान्य है। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, और सभी की निगाहें प्रशासनिक जाँच के परिणामों पर टिकी हैं।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांटीपाली में कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से व्यथित एक किसान ने ज़हर का सेवन कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे किसान कमल ओगरे ने यह कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कसडोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। पीड़ित किसान कमल ओगरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कसडोल की नायब तहसीलदार ने गुरुवार को तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की थी। किसान के अनुसार, इनमें से दो ट्रैक्टर कथित पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि एक ट्रैक्टर मालिक द्वारा पैसे नहीं देने पर उसका वाहन जब्त कर लिया गया। ओगरे ने दावा किया कि उनके ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए भी रुपयों की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे यह रकम नहीं दे पाए, जिसके चलते उनका ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। उन्होंने यह
भी आरोप लगाया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर भद्रा में ही छोड़ दिया गया, जबकि ईंट से भरे एक अन्य ट्रैक्टर को थाना ले जाकर देर शाम कथित रूप से पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिया गया। कमल ओगरे के पास पकड़े गए ईंट से भरे ट्रैक्टर की तस्वीरें भी मौजूद होने का दावा है, और उन्होंने क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसमें रिश्वत देने वालों को छोड़ दिया जाता है और पैसे न देने वालों पर कार्रवाई की जाती है। किसान ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई। इस घटना की सूचना मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू देर रात अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मिलकर उनका हालचाल जाना। विधायक साहू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रैक्टर संचालकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसान और वाहन संचालक बेहद परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया
कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य भी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। विधायक ने इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराने तथा इस विषय को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष उठाकर जाँच एवं कार्रवाई की माँग करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दूरभाष पर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा केवल नियमों के तहत ईंट से भरे ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी और उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई राशि नहीं मांगी है, उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने किसान के जहर सेवन की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति सामान्य है। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, और सभी की निगाहें प्रशासनिक जाँच के परिणामों पर टिकी हैं।
- जो लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, उन्हें आनंद मानिकपुरी की फिल्म में काम करने का अवसर मिल सकता है। यह मौका खासकर 'The ADM Show Production' के तहत बन रही एक 'CG फिल्म' के लिए है।1
- बिलासपुर में 19 जून 2026 को तहफ़्फ़ुज़-ए-नामूस-ए-रिसालत एक्शन ट्रस्ट (TNRAT) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में मंत्रोच्चार और अन्य धार्मिक गतिविधियों से संबंधित निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने इस मामले के संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं की गहराई से समीक्षा की, जिसके बाद संगठन ने आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी पर गंभीरता से विचार किया। यह बैठक वरिष्ठ अधिवक्ता और लीगल एडवायज़र सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आमिर रज़वी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में जिला अध्यक्ष शफीक अहमद, जिला संगठन मंत्री इमरान अली और जिला मीडिया प्रभारी शेख सरफराज अहमद सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य किसी विशेष धर्म या धार्मिक परंपरा का विरोध करना नहीं है, बल्कि TNRAT का लक्ष्य सभी विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों, उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और सभी को समान अवसर मिलने को सुनिश्चित करना है।1
- बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से भीषण पेयजल संकट गहराया हुआ है, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में भारी मशक्कत कर रहे हैं। क्षेत्र में उपलब्ध चार से पांच बोरवेल भी पर्याप्त जलापूर्ति देने में विफल साबित हो रहे हैं, जिससे वार्डवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह समस्या दीपावली के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन समय बीतने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। कई मोहल्लों में सुबह से ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जहाँ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों तक बर्तन, बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी भरने का इंतजार करते नजर आते हैं; यहाँ तक कि कई परिवारों के निजी बोरवेल और मर्सिबल पंप भी अब पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। वार्डवासियों का आरोप है कि पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है और नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए गए होते तो आज क्षेत्र को इस गंभीर संकट का सामना नहीं करना पड़ता। इस बीच, वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार कर रहे हैं, हालांकि बढ़ती आबादी और निरंतर बने संकट के बीच यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है, जिसे नागरिक केवल अस्थायी राहत मानते हैं। क्षेत्र में एक और गंभीर चिंता का विषय पेयजल पाइपलाइनों की स्थिति है, जो कई स्थानों पर नालियों के बीच से होकर गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी के मिश्रण की आशंका बनी रहती है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोगों में स्वास्थ्य को लेकर भय का माहौल है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जल संकट को आपात स्थिति मानते हुए तत्काल विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने खराब पाइपलाइनों की मरम्मत, नए जल स्रोतों के विकास, बोरवेलों की क्षमता वृद्धि और नियमित व स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की अपील की है, यह कहते हुए कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला समाधान चाहिए।4
- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा इलाके से एक बेहद रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। सासाहोली गांव के सरस्वती स्कूल के बाहर मामूली सी बात पर दो नाबालिग छात्रों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। महज 'मोटा' कहने के विवाद में हुए इस हमले में 16 वर्षीय एक छात्र की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि दूसरा छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र अमन यदु (16 वर्ष) और 15 वर्षीय आरोपी छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते थे। कुछ दिनों पहले एक छात्र ने दूसरे को 'मोटा' कहकर चिढ़ाया था, जो बात दूसरे छात्र के दिल में गहरी चुभ गई और उसने मन में बदले की भावना पाल ली थी। किसे पता था कि बच्चों का यह आपसी मनमुटाव एक दिन खूनी अंजाम तक पहुंच जाएगा। स्कूल की छुट्टी होते ही दोनों छात्र गेट के बाहर आमने-सामने आ गए। उनके बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते वे गाली-गलौज पर उतर आए। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए एक छात्र ने घर से छिपाकर लाया सब्जी काटने वाला चाकू निकाला और दूसरे छात्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। खुद पर हमला होते देख दूसरे छात्र ने भी हिम्मत दिखाई और किसी तरह चाकू छीन लिया। इसके बाद उसने भी पलटवार करते हुए पहले छात्र पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया। दोनों तरफ से हुए इस जानलेवा हमले में 16 वर्षीय अमन यदु, जो राजकुमार यदु का पुत्र था, की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने खून से लथपथ अमन के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल 15 वर्षीय आरोपी छात्र को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस वारदात के बाद से सासाहोली गांव और स्कूल के आसपास के इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है, और स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे इस खूनी मंजर को देखकर बुरी तरह डरे व सहमे हुए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने स्कूली बच्चों के भीतर पनप रहे गुस्से और हिंसक मानसिकता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।1
- एक भयावह घटना में, एक JCB का टायर हवा भरते ही 'बम' की तरह फट गया। इस भीषण धमाके के कारण वहां मौजूद लोग करीब 15 फीट ऊपर उछल गए, और इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।1
- बिलासपुर जिले के फारच्युन एलीमेंट बोदरी में शुक्रवार को जेसीबी मशीन का टायर फट जाने से उसके हेल्पर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। चकरभाठा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फारच्युन एलीमेंट बोदरी के सिक्योरिटी इंचार्ज विनय पांडे (उम्र 42 साल) ने शुक्रवार दोपहर 13:42 बजे थाने पहुंचकर मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे उन्हें ऋषभ कुमार से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर विनय पांडे ने ओसामा (टायर पंचर मिस्त्री), भूपेंद्र राव (जेसीबी ड्राइवर) और अमृत लाल यादव को घायल अवस्था में पाया, जबकि जेसीबी मशीन का हेल्पर उमाकांत कौशिक मृत पड़ा था। घटना के संबंध में वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड दुर्गेश कुमार केंवट ने बताया कि ओसामा जेसीबी मशीन के बड़े चक्के के टायर में हवा भर रहा था। उस समय भूपेंद्र राव, अमृत लाल, उमाकांत कौशिक, रोलर ड्राइवर रमेश यादव और दुर्गेश टावर के किनारे बैठे थे। सुबह करीब 11:13 बजे अचानक टायर हवा भरते समय फट गया, जिससे टायर और डिस्क ऊपर की ओर उछल गए और इन सभी लोगों को चोटें आईं तथा वे इधर-उधर गिर गए। विनय पांडे ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर घायल ओसामा, भूपेंद्र और अमृत लाल को कंपनी की गाड़ी से तत्काल श्रीराम केयर अस्पताल बिलासपुर में इलाज के लिए भिजवाया। मृतक जेसीबी हेल्पर की पहचान उमाकांत कौशिक (पिता लखन कौशिक, उम्र 22 साल), निवासी सीपत थाना, सीपत, बिलासपुर के रूप में हुई है। टायर फटने से उमाकांत के दाहिने जबड़े और बाईं आंख में गंभीर चोटें आई थीं। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां उमाकांत कौशिक मृत अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा अस्पताल के चिरघर भिजवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है।1
- रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।2
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के रामावैली प्रिमियम कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान में 19 वर्षीय गार्ड ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में चकरभाठा पुलिस जाँच में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 12 बजे रामावैली प्रिमियम वार्ड क्रं 01 बोदरी निवासी राकेश कुमार टहलरमानी (37) ने थाने में मौखिक सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई राहुल टहलरमानी के निर्माणाधीन मकान में लगभग दो महीने पहले सागर महिपाल (19), जो ग्राम नकटीडीह, थाना बम्हनीडीह, जिला जांजगीर चांपा का निवासी था, को चौकीदार रखा गया था। सागर ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह 10:15 बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसका कमरा अंदर से बंद था। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची, जहाँ दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और मृतक के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया। मृतक के पास से एक छोटा सुसाइड नोट और मृत्यु से पहले खुद के मोबाइल में बनाए गए दो-तीन छोटे वीडियो भी बरामद हुए हैं। इन वीडियो में मृतक बार-बार कहता नजर आ रहा है कि उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है और वह अपनी मर्जी से फांसी लगा रहा है, क्योंकि उसे भगवान बुला रहे हैं। शव को बिल्हा अस्पताल के चिर घर में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक अविवाहित था और किसी प्रकार का नशा नहीं करता था। दो साल पहले एक सड़क दुर्घटना में उसका एक पैर क्षतिग्रस्त होने के कारण काट दिया गया था और उसमें नकली पैर लगा हुआ था। मृतक ने किस वजह से आत्महत्या की है, यह जाँच का विषय है।1