बिलासपुर जिले के फारच्युन एलीमेंट बोदरी में शुक्रवार को जेसीबी मशीन का टायर फट जाने से उसके हेल्पर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। चकरभाठा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फारच्युन एलीमेंट बोदरी के सिक्योरिटी इंचार्ज विनय पांडे (उम्र 42 साल) ने शुक्रवार दोपहर 13:42 बजे थाने पहुंचकर मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे उन्हें ऋषभ कुमार से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर विनय पांडे ने ओसामा (टायर पंचर मिस्त्री), भूपेंद्र राव (जेसीबी ड्राइवर) और अमृत लाल यादव को घायल अवस्था में पाया, जबकि जेसीबी मशीन का हेल्पर उमाकांत कौशिक मृत पड़ा था। घटना के संबंध में वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड दुर्गेश कुमार केंवट ने बताया कि ओसामा जेसीबी मशीन के बड़े चक्के के टायर में हवा भर रहा था। उस समय भूपेंद्र राव, अमृत लाल, उमाकांत कौशिक, रोलर ड्राइवर रमेश यादव और दुर्गेश टावर के किनारे बैठे थे। सुबह करीब 11:13 बजे अचानक टायर हवा भरते समय फट गया, जिससे टायर और डिस्क ऊपर की ओर उछल गए और इन सभी लोगों को चोटें आईं तथा वे इधर-उधर गिर गए। विनय पांडे ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर घायल ओसामा, भूपेंद्र और अमृत लाल को कंपनी की गाड़ी से तत्काल श्रीराम केयर अस्पताल बिलासपुर में इलाज के लिए भिजवाया। मृतक जेसीबी हेल्पर की पहचान उमाकांत कौशिक (पिता लखन कौशिक, उम्र 22 साल), निवासी सीपत थाना, सीपत, बिलासपुर के रूप में हुई है। टायर फटने से उमाकांत के दाहिने जबड़े और बाईं आंख में गंभीर चोटें आई थीं। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां उमाकांत कौशिक मृत अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा अस्पताल के चिरघर भिजवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है।
बिलासपुर जिले के फारच्युन एलीमेंट बोदरी में शुक्रवार को जेसीबी मशीन का टायर फट जाने से उसके हेल्पर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। चकरभाठा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फारच्युन एलीमेंट बोदरी के सिक्योरिटी इंचार्ज विनय पांडे (उम्र 42 साल) ने शुक्रवार दोपहर 13:42 बजे थाने पहुंचकर मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे उन्हें ऋषभ कुमार से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर विनय पांडे ने ओसामा (टायर पंचर मिस्त्री), भूपेंद्र राव (जेसीबी ड्राइवर) और अमृत लाल यादव को घायल अवस्था में पाया, जबकि जेसीबी मशीन का हेल्पर उमाकांत कौशिक मृत पड़ा था। घटना के संबंध में वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड दुर्गेश कुमार केंवट ने बताया कि ओसामा जेसीबी मशीन के बड़े चक्के के टायर में हवा भर रहा था। उस समय भूपेंद्र राव, अमृत लाल, उमाकांत कौशिक, रोलर ड्राइवर रमेश यादव और दुर्गेश टावर के किनारे बैठे थे। सुबह करीब 11:13 बजे अचानक टायर हवा भरते समय फट गया, जिससे टायर और डिस्क ऊपर की ओर उछल गए और इन सभी लोगों को चोटें आईं तथा वे इधर-उधर गिर गए। विनय पांडे ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर घायल ओसामा, भूपेंद्र और अमृत लाल को कंपनी की गाड़ी से तत्काल श्रीराम केयर अस्पताल बिलासपुर में इलाज के लिए भिजवाया। मृतक जेसीबी हेल्पर की पहचान उमाकांत कौशिक (पिता लखन कौशिक, उम्र 22 साल), निवासी सीपत थाना, सीपत, बिलासपुर के रूप में हुई है। टायर फटने से उमाकांत के दाहिने जबड़े और बाईं आंख में गंभीर चोटें आई थीं। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां उमाकांत कौशिक मृत अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा अस्पताल के चिरघर भिजवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है।
- रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।2
- बलौदाबाजार सिटी कोतवाली पुलिस ने जिला बदर किए गए एक शातिर अपराधी विलास चेलक उर्फ कानू को जिले की सीमा में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक वर्ष के लिए बलौदाबाजार और आसपास के कई जिलों से बाहर रहने का आदेश था, जिसका उल्लंघन करते हुए वह चोरी-छिपे जिले में घूम रहा था। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशानुसार अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, 19 जून को सिटी कोतवाली पुलिस क्षेत्र में कानून व्यवस्था और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पुरानी बस्ती निवासी विलास चेलक उर्फ कानू जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर बलौदाबाजार जिले में मौजूद है। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने मुस्तैदी से उसे धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट के आदेश का उल्लंघन करने पर की गई है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 497/2026 दर्ज किया गया है, जिसके तहत धारा 14 छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 और धारा 223 बीएनएस के तहत कार्रवाई हुई है। गिरफ्तार आरोपी को अब न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक लखेश केवट, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र देवांगन और सिटी कोतवाली पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।2
- बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खैरघटा और पंहदा के किसानों को पिछले नौ दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। अटल ज्योति योजना के तहत कृषि कार्यों के लिए मिलने वाली विद्युत आपूर्ति बंद होने के कारण खेतों में लगे बोरवेल ठप पड़ गए हैं, जिससे किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई हैं। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विद्युत वितरण कंपनी समस्या के समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रही है। किसानों के अनुसार, विद्युत वितरण कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण चार से पांच विद्युत खंभों के टूटने को बताया था और मरम्मत में समय लगने की बात कही थी। हालांकि, गुरुवार को परेशान किसानों ने खैरघटा से पंहदा तक खेतों और विद्युत लाइन का स्वयं निरीक्षण किया, लेकिन उन्हें कहीं भी कोई खंभा टूटा हुआ नहीं मिला। इसके बाद किसानों ने विभाग द्वारा बताए गए कारणों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली बंद रहने से क्षेत्र में सिंचाई कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। जिन किसानों ने अपने बोरवेल और विद्युत पंप के भरोसे खेती की थी, उनकी फसलें तेजी से सूख रही हैं। पंहदा निवासी किसान विष्णु निषाद ने बताया कि समय पर सिंचाई न होने से उनकी फसल खराब हो गई है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बिजली चालू नहीं की गई तो क्षेत्र के अनेक किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों बर्बाद हो जाएंगी। किसानों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का तत्काल समाधान करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस बिजली संकट को लेकर किसानों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांटीपाली में कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से व्यथित एक किसान ने ज़हर का सेवन कर लिया। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे किसान कमल ओगरे ने यह कदम उठाया, जिसके बाद उन्हें तत्काल कसडोल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं। पीड़ित किसान कमल ओगरे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कसडोल की नायब तहसीलदार ने गुरुवार को तीन ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की थी। किसान के अनुसार, इनमें से दो ट्रैक्टर कथित पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिए गए, जबकि एक ट्रैक्टर मालिक द्वारा पैसे नहीं देने पर उसका वाहन जब्त कर लिया गया। ओगरे ने दावा किया कि उनके ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए भी रुपयों की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे यह रकम नहीं दे पाए, जिसके चलते उनका ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेत से भरा एक ट्रैक्टर भद्रा में ही छोड़ दिया गया, जबकि ईंट से भरे एक अन्य ट्रैक्टर को थाना ले जाकर देर शाम कथित रूप से पैसों के लेनदेन के बाद छोड़ दिया गया। कमल ओगरे के पास पकड़े गए ईंट से भरे ट्रैक्टर की तस्वीरें भी मौजूद होने का दावा है, और उन्होंने क्षेत्र में ट्रैक्टर संचालकों से लगातार अवैध वसूली का आरोप लगाया, जिसमें रिश्वत देने वालों को छोड़ दिया जाता है और पैसे न देने वालों पर कार्रवाई की जाती है। किसान ने निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की उम्मीद जताई। इस घटना की सूचना मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू देर रात अस्पताल पहुंचे और पीड़ित किसान से मिलकर उनका हालचाल जाना। विधायक साहू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ट्रैक्टर संचालकों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसान और वाहन संचालक बेहद परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कार्य भी अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है। विधायक ने इस पूरे मामले की जाँच कर दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई कराने तथा इस विषय को कलेक्टर और संबंधित मंत्री के समक्ष उठाकर जाँच एवं कार्रवाई की माँग करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने दूरभाष पर सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा केवल नियमों के तहत ईंट से भरे ट्रैक्टर पर कार्रवाई की गई थी और उन्होंने किसी भी व्यक्ति से कोई राशि नहीं मांगी है, उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल की बीएमओ वंदना भेले ने किसान के जहर सेवन की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी स्थिति सामान्य है। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है, और सभी की निगाहें प्रशासनिक जाँच के परिणामों पर टिकी हैं।3
- एक जिला पंचायत सदस्य को पेट्रोल पंप पर डीजल न दिए जाने के कारण, उन्होंने अपनी कार को बैलों के सहारे खींचकर पेट्रोल पंप तक पहुंचाया।2
- बिलासपुर जिले के फारच्युन एलीमेंट बोदरी में शुक्रवार को जेसीबी मशीन का टायर फट जाने से उसके हेल्पर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। चकरभाठा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फारच्युन एलीमेंट बोदरी के सिक्योरिटी इंचार्ज विनय पांडे (उम्र 42 साल) ने शुक्रवार दोपहर 13:42 बजे थाने पहुंचकर मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे उन्हें ऋषभ कुमार से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर विनय पांडे ने ओसामा (टायर पंचर मिस्त्री), भूपेंद्र राव (जेसीबी ड्राइवर) और अमृत लाल यादव को घायल अवस्था में पाया, जबकि जेसीबी मशीन का हेल्पर उमाकांत कौशिक मृत पड़ा था। घटना के संबंध में वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड दुर्गेश कुमार केंवट ने बताया कि ओसामा जेसीबी मशीन के बड़े चक्के के टायर में हवा भर रहा था। उस समय भूपेंद्र राव, अमृत लाल, उमाकांत कौशिक, रोलर ड्राइवर रमेश यादव और दुर्गेश टावर के किनारे बैठे थे। सुबह करीब 11:13 बजे अचानक टायर हवा भरते समय फट गया, जिससे टायर और डिस्क ऊपर की ओर उछल गए और इन सभी लोगों को चोटें आईं तथा वे इधर-उधर गिर गए। विनय पांडे ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर घायल ओसामा, भूपेंद्र और अमृत लाल को कंपनी की गाड़ी से तत्काल श्रीराम केयर अस्पताल बिलासपुर में इलाज के लिए भिजवाया। मृतक जेसीबी हेल्पर की पहचान उमाकांत कौशिक (पिता लखन कौशिक, उम्र 22 साल), निवासी सीपत थाना, सीपत, बिलासपुर के रूप में हुई है। टायर फटने से उमाकांत के दाहिने जबड़े और बाईं आंख में गंभीर चोटें आई थीं। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां उमाकांत कौशिक मृत अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा अस्पताल के चिरघर भिजवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है।1
- बलौदाबाजार में की गई एक कार्यवाही के दौरान, दस रेत से भरे हाइवा जब्त किए गए हैं। इस दौरान, हाइवा के ड्राइवर मौके से अपनी चाबियाँ लेकर भाग निकले।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के रामावैली प्रिमियम कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान में 19 वर्षीय गार्ड ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में चकरभाठा पुलिस जाँच में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 12 बजे रामावैली प्रिमियम वार्ड क्रं 01 बोदरी निवासी राकेश कुमार टहलरमानी (37) ने थाने में मौखिक सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई राहुल टहलरमानी के निर्माणाधीन मकान में लगभग दो महीने पहले सागर महिपाल (19), जो ग्राम नकटीडीह, थाना बम्हनीडीह, जिला जांजगीर चांपा का निवासी था, को चौकीदार रखा गया था। सागर ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह 10:15 बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसका कमरा अंदर से बंद था। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची, जहाँ दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और मृतक के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया। मृतक के पास से एक छोटा सुसाइड नोट और मृत्यु से पहले खुद के मोबाइल में बनाए गए दो-तीन छोटे वीडियो भी बरामद हुए हैं। इन वीडियो में मृतक बार-बार कहता नजर आ रहा है कि उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है और वह अपनी मर्जी से फांसी लगा रहा है, क्योंकि उसे भगवान बुला रहे हैं। शव को बिल्हा अस्पताल के चिर घर में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक अविवाहित था और किसी प्रकार का नशा नहीं करता था। दो साल पहले एक सड़क दुर्घटना में उसका एक पैर क्षतिग्रस्त होने के कारण काट दिया गया था और उसमें नकली पैर लगा हुआ था। मृतक ने किस वजह से आत्महत्या की है, यह जाँच का विषय है।1