रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।
रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता
चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।
- बिलासपुर में 19 जून 2026 को तहफ़्फ़ुज़-ए-नामूस-ए-रिसालत एक्शन ट्रस्ट (TNRAT) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में मंत्रोच्चार और अन्य धार्मिक गतिविधियों से संबंधित निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने इस मामले के संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं की गहराई से समीक्षा की, जिसके बाद संगठन ने आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी पर गंभीरता से विचार किया। यह बैठक वरिष्ठ अधिवक्ता और लीगल एडवायज़र सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आमिर रज़वी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में जिला अध्यक्ष शफीक अहमद, जिला संगठन मंत्री इमरान अली और जिला मीडिया प्रभारी शेख सरफराज अहमद सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य किसी विशेष धर्म या धार्मिक परंपरा का विरोध करना नहीं है, बल्कि TNRAT का लक्ष्य सभी विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों, उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और सभी को समान अवसर मिलने को सुनिश्चित करना है।1
- बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से भीषण पेयजल संकट गहराया हुआ है, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में भारी मशक्कत कर रहे हैं। क्षेत्र में उपलब्ध चार से पांच बोरवेल भी पर्याप्त जलापूर्ति देने में विफल साबित हो रहे हैं, जिससे वार्डवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह समस्या दीपावली के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन समय बीतने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। कई मोहल्लों में सुबह से ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जहाँ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों तक बर्तन, बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी भरने का इंतजार करते नजर आते हैं; यहाँ तक कि कई परिवारों के निजी बोरवेल और मर्सिबल पंप भी अब पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। वार्डवासियों का आरोप है कि पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है और नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए गए होते तो आज क्षेत्र को इस गंभीर संकट का सामना नहीं करना पड़ता। इस बीच, वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार कर रहे हैं, हालांकि बढ़ती आबादी और निरंतर बने संकट के बीच यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है, जिसे नागरिक केवल अस्थायी राहत मानते हैं। क्षेत्र में एक और गंभीर चिंता का विषय पेयजल पाइपलाइनों की स्थिति है, जो कई स्थानों पर नालियों के बीच से होकर गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी के मिश्रण की आशंका बनी रहती है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोगों में स्वास्थ्य को लेकर भय का माहौल है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जल संकट को आपात स्थिति मानते हुए तत्काल विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने खराब पाइपलाइनों की मरम्मत, नए जल स्रोतों के विकास, बोरवेलों की क्षमता वृद्धि और नियमित व स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की अपील की है, यह कहते हुए कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला समाधान चाहिए।4
- Post by RAKESH THAKUR1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। यह टीम आज अयोध्या से लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस पूरे विवाद को लेकर ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है, और उन्हें पद से हटाया भी जा सकता है।1
- बिलासपुर जिले के हिर्री माईनस इंद्रपुरी से 14 वर्षीय बालक लक्ष्य उर्फ कान्हा दुबे अपने नीले रंग के रेजर साइकिल पर खेलने निकला, जिसके बाद वह घर नहीं लौटा और लापता हो गया। परिजनों ने चकरभाठा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। लापता बालक लक्ष्य, जो कि विक्की दुबे का बेटा और मोहन दुबे का पोता है, हिर्री माईनस इंद्रपुरी वार्ड नंबर 19 का निवासी है। वह 19 जून 2026 की शाम करीब 5:30 बजे अपने छोटे भाई पीयूष को यह बताकर घर से निकला था कि वह खेलने जा रहा है। परिजनों ने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और जान-पहचान के लोगों के साथ-साथ लक्ष्य के साथ खेलने वाले बच्चों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। लक्ष्य का हुलिया बताया गया है कि उसकी लंबाई करीब 4 फीट है, रंग गोरा, चेहरा गोल और बाल काले हैं। वह हाफ टी-शर्ट और फुल पैंट पहने हुए था। लक्ष्य 7वीं कक्षा में पढ़ता है और छत्तीसगढ़ी तथा हिंदी भाषा बोलता है। शनिवार को करीब 12 बजे बालक के पिता विक्की दुबे ने चकरभाठा थाने में मौखिक रूप से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चकरभाठा पुलिस को शनिवार रात 9 बजे यह जानकारी मिली। सूचक की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है। साथ ही, गुम इंसान की कायमी की सूचना RM के माध्यम से सभी थाना-चौकी प्रभारियों और DCRB को भेज दी गई है।1
- जो लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, उन्हें आनंद मानिकपुरी की फिल्म में काम करने का अवसर मिल सकता है। यह मौका खासकर 'The ADM Show Production' के तहत बन रही एक 'CG फिल्म' के लिए है।1
- रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।2
- बिलासपुर के बोदरी स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी में जेसीबी के टायर में हवा भरते समय एक जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में 18 वर्षीय हेल्पर उमाकांत कौशिक करीब 15 फीट हवा में उछल गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना में ऑपरेटर और मैकेनिक सहित तीन अन्य लोग घायल भी हुए हैं। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। चकरभाठा पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।1