टेढ़ागाछ में वर्षों से अधूरा पड़ा इनडोर स्टेडियम, बदहाली पर आंसू बहा रही योजना। टेढ़ागाछ में वर्षों से अधूरा पड़ा इनडोर स्टेडियम, बदहाली पर आंसू बहा रही योजना। टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल के सामने वर्षों से अर्धनिर्मित पड़ा इनडोर स्टेडियम आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना अधूरी रह जाने के कारण उपेक्षा का शिकार हो गई है। जिस स्टेडियम में कभी खेल प्रतिभाओं को निखारने का सपना देखा गया था, वह अब झाड़-झंखाड़ और जंगल में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य कई वर्ष पहले शुरू किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही काम अचानक बंद हो गया। इसके बाद से अब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका है। स्टेडियम परिसर में चारों ओर घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पूरा परिसर सुनसान और उपेक्षित नजर आता है। भवन का ढांचा कई जगहों पर अधूरा पड़ा हुआ है और मैदान भी पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि यदि इस इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो क्षेत्र के खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, बैडमिंटन और कबड्डी जैसे खेलों के अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलती। इससे स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता और कई युवा खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते थे। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने से युवाओं की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि स्टेडियम परिसर में योजना से संबंधित प्राक्कलित राशि, निर्माण एजेंसी या निर्माण अवधि से जुड़ा कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि अर्धनिर्मित स्टेडियम की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी गई है। जिला स्तर से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
टेढ़ागाछ में वर्षों से अधूरा पड़ा इनडोर स्टेडियम, बदहाली पर आंसू बहा रही योजना। टेढ़ागाछ में वर्षों से अधूरा पड़ा इनडोर स्टेडियम, बदहाली पर आंसू बहा रही योजना। टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल के सामने वर्षों से अर्धनिर्मित पड़ा इनडोर स्टेडियम आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना अधूरी रह जाने के कारण उपेक्षा का शिकार हो गई है। जिस स्टेडियम में कभी खेल प्रतिभाओं को निखारने का सपना देखा गया था, वह अब झाड़-झंखाड़ और जंगल में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य कई वर्ष पहले शुरू किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही काम अचानक बंद हो गया। इसके बाद से अब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका है। स्टेडियम परिसर में चारों ओर घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पूरा परिसर सुनसान और उपेक्षित नजर आता है। भवन का ढांचा कई जगहों पर अधूरा पड़ा हुआ है और मैदान भी पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि यदि इस इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो क्षेत्र के खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, बैडमिंटन और कबड्डी जैसे खेलों के अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलती। इससे स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता और कई युवा खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते थे। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने से युवाओं की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि स्टेडियम परिसर में योजना से संबंधित प्राक्कलित राशि, निर्माण एजेंसी या निर्माण अवधि से जुड़ा कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि अर्धनिर्मित स्टेडियम की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी गई है। जिला स्तर से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
- नेपाल चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की कड़ी निगरानी, 72 घंटे के लिए सीमा सील। टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र से सटे भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल में गुरुवार को हो रहे चुनाव को लेकर सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया गया है। इसी क्रम में सशस्त्र सीमा बल की 12वीं बटालियन फतेहपुर के जवान सीमा पर मुस्तैदी के साथ लगातार निगरानी करते नजर आ रहे हैं।सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध आवाजाही या गतिविधि को रोकने के लिए एसएसबी जवान लगातार गश्ती कर रहे हैं। जवान सीमा के विभिन्न पिलरों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी बरतते हुए नजर आए। इसके साथ ही आने-जाने वाले लोगों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि चुनाव के दौरान सीमा पार से किसी तरह की अनियमित गतिविधि न हो सके। जानकारी के अनुसार नेपाल में चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से भारत-नेपाल सीमा को अस्थायी रूप से 72 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। इस दौरान आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस संबंध में फतेहपुर बीओपी के जीडी/एसआई आर. के. विश्वास ने बताया कि नेपाल में चुनाव को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर सीमा को 72 घंटे के लिए सील किया गया है। एसएसबी के जवान सीमा क्षेत्र में पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी निभा रहे हैं और लगातार गश्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जवान पूरी तरह तैयार हैं। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि चुनाव को लेकर सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है। एसएसबी के जवान दिन-रात सीमा पर निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की इस मुस्तैदी से सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बना हुआ है।1
- किशनगंज जिला अंतर्गत बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक तौसीफ आलम मैं जनता का आवाज होती है बुलंद।1
- Post by Aftab Comedy1
- Post by Araria News1
- Post by Bharat shrma Bharat4
- अगर ये ठीक नहीं हो सकता तो इसका अंजाम बहुत बुरा और दर्दनाक हो सकता है1
- Post by SANJARUL1
- टेढ़ागाछ में वर्षों से अधूरा पड़ा इनडोर स्टेडियम, बदहाली पर आंसू बहा रही योजना। टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल के सामने वर्षों से अर्धनिर्मित पड़ा इनडोर स्टेडियम आज बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना अधूरी रह जाने के कारण उपेक्षा का शिकार हो गई है। जिस स्टेडियम में कभी खेल प्रतिभाओं को निखारने का सपना देखा गया था, वह अब झाड़-झंखाड़ और जंगल में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य कई वर्ष पहले शुरू किया गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही काम अचानक बंद हो गया। इसके बाद से अब तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका है। स्टेडियम परिसर में चारों ओर घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे पूरा परिसर सुनसान और उपेक्षित नजर आता है। भवन का ढांचा कई जगहों पर अधूरा पड़ा हुआ है और मैदान भी पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि यदि इस इनडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो क्षेत्र के खिलाड़ियों को वॉलीबॉल, बैडमिंटन और कबड्डी जैसे खेलों के अभ्यास के लिए बेहतर सुविधा मिलती। इससे स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता और कई युवा खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते थे। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने से युवाओं की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि स्टेडियम परिसर में योजना से संबंधित प्राक्कलित राशि, निर्माण एजेंसी या निर्माण अवधि से जुड़ा कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि अर्धनिर्मित स्टेडियम की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेज दी गई है। जिला स्तर से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।1