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डिंडौरी जिले में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में डिंडौरी जिले ने प्रदेश में प्रथम और पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में आम नागरिकों, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और पत्रकारों का अहम योगदान रहा है। कलेक्टर ने जोर दिया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही जिले में लाखों जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण हो सका, जिससे जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इस सफलता को पूरे जिले की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया।
NILMANI CHOUDHARY
डिंडौरी जिले में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में डिंडौरी जिले ने प्रदेश में प्रथम और पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में आम नागरिकों, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और पत्रकारों का अहम योगदान रहा है। कलेक्टर ने जोर दिया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही जिले में लाखों जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण हो सका, जिससे जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इस सफलता को पूरे जिले की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया।
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- डिंडौरी जिले में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में डिंडौरी जिले ने प्रदेश में प्रथम और पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में आम नागरिकों, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और पत्रकारों का अहम योगदान रहा है। कलेक्टर ने जोर दिया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही जिले में लाखों जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण हो सका, जिससे जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इस सफलता को पूरे जिले की सामूहिक उपलब्धि बताते हुए सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया।1
- मोहम्मद साहिब की रिपोर्ट के अनुसार, डिंडोरी के समनापुर थाना परिसर में 4 जून, 2026 को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशीष खरे के निर्देशन में 'पुलिस जनसंवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित इस महाचौपाल में जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और लगभग 100 नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने एसपी के समक्ष कई स्थानीय मांगें रखीं, जिनमें गौराकन्हारी में नई पुलिस चौकी की स्थापना, अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध, सुदृढ़ यातायात और बाजार व्यवस्था, तथा बाहरी संदिग्धों की कड़ी निगरानी शामिल थीं। एसपी आशीष खरे ने इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई के लिए मौके पर ही पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने बिजली-पानी जैसी अन्य विभागीय समस्याओं के त्वरित समन्वय का भी आश्वासन दिया। कार्यक्रम में एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ साइबर सेल के आरक्षक जगदीश प्रसाद और एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इसके अतिरिक्त, नशामुक्ति, आपसी सौहार्द और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष चर्चा हुई। एसपी ने घोषणा की कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और द्वार-पर निराकरण के लिए ऐसे जनसंवाद कार्यक्रम जिले के सभी ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे।3
- डिंडोरी में गौ सेवा के एक प्रयास के तहत, एक घायल गौ माता को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया। इस सेवा कार्य के दौरान पूरी रात गौ माता की देखभाल, भोजन और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। युवा शक्ति टीम के सदस्यों रोहित कांसकार, सिद्धार्थ चौहान, अविनाश सैनी और शुभम पांडे के विशेष सहयोग से, तथा पशु चिकित्सालय के भरपूर समर्थन से, यह पुनीत सेवा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह कार्य 'मानवता सबसे बड़ी सेवा' के सिद्धांत को दर्शाता है, जहाँ 'सेवा में चोट लगी, लेकिन कदम नहीं रुके' की भावना के साथ कार्य किया गया।1
- Post by Rakesh Singh Aarmo1
- तेज आंधी आने के कारण कमिश्नर बंगले के सामने स्थित घरौला मोहल्ला में एक बहुत पुराना और विशाल पेड़ गिर गया। इस घटना के परिणामस्वरूप क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई है, जिससे पूरे शहर में अंधेरे का माहौल छा गया है।1
- शहडोल कलेक्ट्रेट भवन की जर्जर हालत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, लाखों रुपये रंग-रोगन और मरम्मत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं, इसके बावजूद भवन का मुख्य प्रवेश क्षेत्र अभी भी बदहाल स्थिति में है। अधिकारियों की नजर प्रतिदिन इस जर्जर दृश्य पर पड़ती है, लेकिन हैरानी की बात है कि अब तक सुधार के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इस पर अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या मौजूदा कलेक्टर ही इस भवन की मरम्मत की जिम्मेदारी उठाएंगे, या इस कार्य को नए कलेक्टर के लिए छोड़ा जाएगा।2
- डिंडौरी जिले ने जल गंगा संरक्षण अभियान के तहत जल संचय और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जिसके परिणामस्वरूप यह प्रदेश में पहले और देश भर में तीसरे स्थान पर रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 8 लाख 3 हजार 979 जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं में कुआँ, नहर, तालाब, जलाशय, हैंडपंप, खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज, कंटूर ट्रेंच, गली प्लग, परकोलेशन टैंक, बोरी बंधान, ड्रिप इरिगेशन और मटका सिंचाई पद्धति जैसी विविध पद्धतियाँ शामिल हैं। इन सभी संरचनाओं का निर्माण पूरे जिले में किया गया है, जिससे जल संरक्षण और संचय को बढ़ावा मिला है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिले भर के सभी विभागों, स्वसहायता समूहों, ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों और जन सहयोग के दिन-रात के अथक प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने व्यक्तिगत रूप से कई पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को हर घर में सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रेरित किया और स्वयं भी महिलाओं के साथ मिलकर अनेक स्थानों पर श्रमदान किया। जिले का नाम प्रदेश और देश में रोशन करने के लिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्रामवासियों, ग्राम पंचायतों, समाजसेवियों और पत्रकारों का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।1
- डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पड़रिया कला में छुही मिट्टी निकालते समय हुए एक बड़े हादसे में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मिट्टी धंसने के कारण 47 वर्षीय ममता बाई झरिया मलबे में दब गईं, जिन्हें रेस्क्यू के बाद अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण अपने कच्चे मकानों की छपाई के लिए एक निजी भूमि से छुही मिट्टी निकाल रहे थे और अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। हालांकि, हादसे के समय मौजूद कई अन्य लोग सुरक्षित बाहर निकल गए थे। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार राम प्रसाद मार्को, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद महिला को मलबे से बाहर निकालकर 112 एम्बुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा भेजा गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में मिट्टी उत्खनन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। जिला प्रशासन ने मृतका के परिवार को तत्काल राहत प्रदान करते हुए संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये और रेडक्रॉस समिति से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है, कुल मिलाकर ₹4.50 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई है। साथ ही अंत्येष्टि के लिए भी आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई है और अधिकारियों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। प्रभावित परिवार को राहत पहुँचाने की प्रक्रिया जारी है, वहीं ग्रामीण ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उत्खनन स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।4