उत्तर प्रदेश के सासनी में दी बार एसोसिएशन और कातिब संघ ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस प्रक्रिया को अव्यवहारिक बताते हुए एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम नीरज शर्मा को सौंपा। दी बार एसोसिएशन का आरोप है कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के तहत शुरू की गई यह नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कुल सात मुख्य बिंदुओं पर आपत्तिजनक है। उनका तर्क है कि आम जनता में तकनीकी साक्षरता के अभाव के कारण साइबर कैफे और बिचौलियों पर निर्भरता बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार और शोषण की प्रबल आशंका है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सर्वर फेल होने के बहाने बिचौलिए आम जनता से धन उगाही कर सकते हैं, साथ ही साइबर अपराधों और डेटा लीक होने का खतरा भी रहेगा। वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने चिंता व्यक्त की कि ऑनलाइन फॉर्म भरने में होने वाली मामूली त्रुटियां, जैसे नाम या खसरा संख्या में स्पेलिंग मिस्टेक, बड़े कानूनी विवादों को जन्म दे सकती हैं, जिससे दीवानी न्यायालयों में मुकदमों की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में वे दस्तावेजों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन नई प्रक्रिया से उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने महानिरीक्षक निबंधन के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से संवाद किए बिना यह प्रक्रिया लागू रखी गई, तो अधिवक्ता और कातिब संघ आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन की होगी। इस अवसर पर महेंद्र पाल सिंह, प्रशांत पाठक, सुभाष सिंह, भरत सिंह बघेल, मधुकर नगायच, संजीव सिंह, गिरजी सिंह, राजेश लवानियां, के.पी. सुमन, योगेश शर्मा, कृष्ण कुमार कुलश्रेष्ठ, अरविंद गुप्ता, संतोष शर्मा सहित कई अन्य अधिवक्ता, कातिब और स्टाम्प वेंडर मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के सासनी में दी बार एसोसिएशन और कातिब संघ ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस प्रक्रिया को अव्यवहारिक बताते हुए एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम नीरज शर्मा को सौंपा। दी बार एसोसिएशन का आरोप है कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के तहत शुरू की गई यह नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कुल सात मुख्य बिंदुओं पर आपत्तिजनक है। उनका तर्क है
कि आम जनता में तकनीकी साक्षरता के अभाव के कारण साइबर कैफे और बिचौलियों पर निर्भरता बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार और शोषण की प्रबल आशंका है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सर्वर फेल होने के बहाने बिचौलिए आम जनता से धन उगाही कर सकते हैं, साथ ही साइबर अपराधों और डेटा लीक होने का खतरा भी रहेगा। वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने चिंता व्यक्त की कि ऑनलाइन फॉर्म भरने में होने वाली मामूली त्रुटियां, जैसे
नाम या खसरा संख्या में स्पेलिंग मिस्टेक, बड़े कानूनी विवादों को जन्म दे सकती हैं, जिससे दीवानी न्यायालयों में मुकदमों की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में वे दस्तावेजों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन नई प्रक्रिया से उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने महानिरीक्षक निबंधन के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बार काउंसिल ऑफ उत्तर
प्रदेश और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से संवाद किए बिना यह प्रक्रिया लागू रखी गई, तो अधिवक्ता और कातिब संघ आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन की होगी। इस अवसर पर महेंद्र पाल सिंह, प्रशांत पाठक, सुभाष सिंह, भरत सिंह बघेल, मधुकर नगायच, संजीव सिंह, गिरजी सिंह, राजेश लवानियां, के.पी. सुमन, योगेश शर्मा, कृष्ण कुमार कुलश्रेष्ठ, अरविंद गुप्ता, संतोष शर्मा सहित कई अन्य अधिवक्ता, कातिब और स्टाम्प वेंडर मौजूद रहे।
- उत्तर प्रदेश के सासनी में दी बार एसोसिएशन और कातिब संघ ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा लागू की गई नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस प्रक्रिया को अव्यवहारिक बताते हुए एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम नीरज शर्मा को सौंपा। दी बार एसोसिएशन का आरोप है कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के तहत शुरू की गई यह नई ई-रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया कुल सात मुख्य बिंदुओं पर आपत्तिजनक है। उनका तर्क है कि आम जनता में तकनीकी साक्षरता के अभाव के कारण साइबर कैफे और बिचौलियों पर निर्भरता बढ़ेगी, जिससे भ्रष्टाचार और शोषण की प्रबल आशंका है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सर्वर फेल होने के बहाने बिचौलिए आम जनता से धन उगाही कर सकते हैं, साथ ही साइबर अपराधों और डेटा लीक होने का खतरा भी रहेगा। वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने चिंता व्यक्त की कि ऑनलाइन फॉर्म भरने में होने वाली मामूली त्रुटियां, जैसे नाम या खसरा संख्या में स्पेलिंग मिस्टेक, बड़े कानूनी विवादों को जन्म दे सकती हैं, जिससे दीवानी न्यायालयों में मुकदमों की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में वे दस्तावेजों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन नई प्रक्रिया से उनके रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने महानिरीक्षक निबंधन के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से संवाद किए बिना यह प्रक्रिया लागू रखी गई, तो अधिवक्ता और कातिब संघ आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन की होगी। इस अवसर पर महेंद्र पाल सिंह, प्रशांत पाठक, सुभाष सिंह, भरत सिंह बघेल, मधुकर नगायच, संजीव सिंह, गिरजी सिंह, राजेश लवानियां, के.पी. सुमन, योगेश शर्मा, कृष्ण कुमार कुलश्रेष्ठ, अरविंद गुप्ता, संतोष शर्मा सहित कई अन्य अधिवक्ता, कातिब और स्टाम्प वेंडर मौजूद रहे।4
- उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश मंत्री बनने के बाद यतेन्द्र शर्मा पहली बार अपने पैतृक आवास सासनी, हाथरस पहुंचे, जहाँ उन्होंने गाजियाबाद से सासनी तक का सफर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की सरकारी बस से किया। उनके इस कदम ने स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों को चौंका दिया, जो आमतौर पर बड़े राजनीतिक पद पर नियुक्त नेताओं के लिए भव्य स्वागत और गाड़ियों के बड़े काफिले की व्यवस्था करते हैं। इस अप्रत्याशित आगमन से जनता में उत्सुकता का माहौल बन गया और कई लोगों ने इसे सादगी तथा जनसामान्य से जुड़ाव का प्रतीक बताया। तेज गर्मी के मौसम में पारंपरिक भव्यता से हटकर सरकारी बस से यात्रा करने के उनके इस निर्णय की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई। राजनीतिक जानकारों ने इसे सार्वजनिक जीवन में सादगी और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के बढ़ते महत्व के बीच एक सकारात्मक संदेश बताया, जिससे अनावश्यक काफिले और यातायात के दबाव से बचा जा सकता है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन निर्देशों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें उन्होंने ईंधन की बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्राथमिकता देने की बात कही थी, और पीएम मोदी ने स्वयं अपने काफिले से कई गाड़ियां कम की हैं। यतेन्द्र शर्मा का यह कदम भी सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग और सादगीपूर्ण राजनीतिक संस्कृति की दिशा में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सासनी पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने यतेन्द्र शर्मा का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे, और उनके लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण संगठन, कार्यकर्ता तथा जनता का विश्वास है। उनका यह सादा अंदाज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, और उनके बचपन के मित्र अरविंद तोमर ने बताया कि यतेन्द्र मीडिया में बड़े पद पर रहते हुए भी अक्सर ट्रेन और सरकारी बस से ही सासनी, हाथरस आते-जाते थे। समर्थकों का मानना है कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सादगी, जवाबदेही और जनता से सीधा जुड़ाव की राजनीतिक कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण संदेश है।4
- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की सासनी तहसील के ग्राम सासनी देहात नगला ताल में ग्रामीणों को सड़क पर भरे पानी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। गांव के लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द इस जलभराव को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि उन्हें इस समस्या से निजात मिल सके।4
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिन मंगलवार को सिकंदराराऊ में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कासगंज रोड स्थित सपा विधानसभा कार्यालय में आयोजित इस समारोह में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केक काटा और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर ठाकुर महेंद्र प्रताप सोलंकी, बबलू यादव, गिनेश यादव, मेहराज कुरैशी और अब्दुल बासित कुरैशी सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने अखिलेश यादव के चित्र पर केक अर्पित कर उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। मीडिया से बातचीत में ठाकुर महेंद्र प्रताप सोलंकी ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता बदलाव चाहती है और वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद अखिलेश यादव का अगला जन्मदिन लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में सरकार के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कुशवाहा ने महेंद्र प्रताप सोलंकी के पार्टी को क्षेत्र में मजबूत करने के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से कुशवाहा समाज से आगामी चुनाव में सपा का समर्थन करने की अपील करते हुए कार्यक्रम में शामिल सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।1
- हाथरस के सासनी स्थित अकबरपुर ऊतरा चौराहे, नानऊ रोड पर आयोजित सात दिवसीय बुद्ध एवं भीम गाथा कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर दो जोड़ों का बौद्ध रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया, जहाँ उन्होंने एक-दूसरे का साथ निभाने की कसमें खाईं। विवाह समारोह बोधाचार्य युवराज सिंह भैया जी, बीएसआई के जिलाध्यक्ष राजेश बौद्ध और आनंद मित्र भंते ममोता वाले द्वारा संपन्न कराया गया। पहले जोड़े में वधू कल्पना गौतम, जो विनोद कुमार की पुत्री और ऊतरा, सासनी, हाथरस की निवासी हैं, और वर कुलदीप सिंह, जो गुलबीर सिंह के पुत्र और सरकोरिया गोंडा, अलीगढ़ के निवासी हैं, शामिल थे। दूसरे विवाहित जोड़े में वधू नीतू, राजकुमार की पुत्री और ऊतरा, सासनी, हाथरस की निवासी हैं, और वर राहुल कुमार, जो किशन सिंह के पुत्र और ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तराखंड के निवासी हैं, ने सात फेरे लिए। नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप विभिन्न घरेलू सामान दिए गए, जिनमें एक बेड, अलमारी, टेबल फैन, मेज, कुर्सी, मिक्सी मशीन और हाथ की घड़ी जैसे उपयोगी वस्तुएँ शामिल थीं।4
- हाथरस जनपद के हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही और गलत उपचार का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है। यह घटना क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। मृतका की पहचान हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी 52 वर्षीय पुष्पा देवी के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला को मात्र सर्दी-खांसी की शिकायत थी और उसका इलाज झोलाछाप डॉक्टर अशोक कर रहा था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर के गलत उपचार के कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर हाथरस जंक्शन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के परिजनों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ थाने में तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद आरोपी झोलाछाप डॉक्टर अशोक को हिरासत में ले लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी डॉक्टर लंबे समय से बिना वैध डिग्री और अनुमति के इलाज कर रहा था। लोगों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी उसके इलाज के दौरान एक-दो मरीजों की मौत हो चुकी है, लेकिन संबंधित विभागों और प्रशासन की लापरवाही तथा भ्रष्ट व्यवस्था के कारण उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और क्षेत्र में संचालित झोलाछाप डॉक्टरों पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।4
- हाथरस में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक खुशहाल घर को गहरे शोक में डुबो दिया है। 60 वर्षीय मदन मुरारी दीक्षित की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जब वे अपने बेटे की आगामी शादी के निमंत्रण पत्र बांटकर बाइक से घर लौट रहे थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मथुरा-बरेली हाईवे पर स्थित गांव टुकसान के पास घटी। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मदन मुरारी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें नेशनल हाईवे एंबुलेंस की सहायता से तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक नवल नगर के निवासी थे और उनके बेटे की शादी 6 जुलाई को निर्धारित थी। इस आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहाँ अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है।1