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जोधपुर जिले के चावंडा ग्राम में जमीनी विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जमीन के झगड़े को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। वीडियो में कुछ महिलाओं और एक युवक सहित एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मारपीट की जा रही है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो लगातार प्रसारित हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रवीण सिसोदिया
जोधपुर जिले के चावंडा ग्राम में जमीनी विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जमीन के झगड़े को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। वीडियो में कुछ महिलाओं और एक युवक सहित एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मारपीट की जा रही है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो लगातार प्रसारित हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
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- बालोतरा जिले में भील विकास समिति और भील समाज के तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी ब्लॉकों से आए जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिला भील विकास समिति के जिलाध्यक्ष फुलचंद केपी ने बताया कि आगामी 9 अगस्त को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम को लेकर सभी ब्लॉक के पदाधिकारियों के बीच विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।1
- बालोतरा जिले की समदड़ी तहसील स्थित कम्मो का बाड़ा गांव में सड़क लंबे समय से बेहद खराब स्थिति में पड़ी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो चुके हैं, सतह पूरी तरह ऊबड़-खाबड़ है और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। जल निकासी न होने से मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है, जिससे सड़क की स्थिति और अधिक बिगड़ गई है तथा ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस दयनीय हालत से परेशान होकर राजस्थान सरकार और PWD (बालोतरा समदड़ी) से रोड की जल्द से जल्द मरम्मत कराने का निवेदन किया गया है, ताकि गांव के लोगों को मार्ग संबंधी इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।1
- जालौर के स्वर्णागिरी पहाड़ों पर बादलों का जमावड़ा देखने को मिला है, जिसके बाद हुई बारिश से मौसम बेहद सुहाना हो गया है। स्वर्णागिरी पहाड़ पर छाए बादलों और बारिश के इस खुशनुमा मौसम के बीच यहाँ का वातावरण मन को सुकून देने वाला बना हुआ है।1
- राजस्थान के जालौर शहर में बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी का भराव हो गया है, जिससे पूरे शहर में स्थिति बिगड़ चुकी है। व्यवस्थित ढंग से पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण जगह-जगह पानी जमा है, जिसके चलते वाहन चालकों और पैदल चलने वाले राहगीरों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद जलभराव की इस समस्या से शहरवासी बेहाल हैं और स्थानीय लोग इस बदहाली के लिए जिला प्रशासन तथा नगर परिषद की नाकामी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।4
- जालौर जिले के कंवला गांव की आबादी से सटी खसरा नंबर 499 की पहाड़ी पर कथित अवैध खनन और भारी ब्लास्टिंग के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेड ज़ोन घोषित क्षेत्र में भी अवैध खनन और हैवी ब्लास्टिंग लगातार जारी है, जिससे मकानों में दरारें आ रही हैं और लोगों की जान-माल पर खतरा बना हुआ है। ज्ञापन के अनुसार, 23 जुलाई को बिना किसी पूर्व सूचना के की गई ब्लास्टिंग के कारण पत्थर आबादी तक आ पहुंचे और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही अवैध खनन से बरसाती प्राकृतिक नालों का प्रवाह भी बाधित हो गया है, जिससे आसपास के गांवों में जल निकासी और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव, कालिका, माताजी और गणेश मंदिरों तक पहुंचने वाला मार्ग भी इस खनन के कारण प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी है कि अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर तुरंत रोक लगाई जाए, वहां से अवैध मलबा हटाया जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और क्षेत्र में कोई नया खनन पट्टा आवंटित न किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होंगे।1
- बाड़मेर के अहिंसा सर्किल में आयोजित 'विजय मार्च' के बाद सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष और छात्रशक्ति के आक्रोश का परिणाम है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ के सामने सरकार को झुकना पड़ा है। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष और कांग्रेस पार्टी ने लगातार छात्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाया, जिसके कारण यह सफलता मिली है। सांसद ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं और युवाओं के संघर्ष की जीत है। सांसद बेनीवाल ने आगे कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल शुरुआत है और कांग्रेस की लड़ाई शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तक जारी रहेगी। उन्होंने पारदर्शी भर्ती प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी वर्गों के बच्चों को समान अवसर दिलाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से शिक्षा के बजट में वृद्धि करने, स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने तथा शिक्षकों की पर्याप्त नियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत और सभी के लिए समान रूप से सुलभ होगी।1
- भीनमाल के पास स्थित भरूडी गांव में 25 जुलाई की सुबह महज 2 घंटे हुई बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गांव में पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और लोग बाढ़ की स्थिति से जूझने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 2 साल पहले गांव से होकर गुजरने वाले रामसीन से रानीवाड़ा मार्ग पर राज्य मार्ग संख्या 31 (मुख्य मेगा हाईवे रोड) का निर्माण हुआ था। उस समय ग्रामीणों ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया था कि वार्ड संख्या 12 एवं 13 के पानी की निकासी के लिए रोड पर नाले का निर्माण कराया जाए। इसके बावजूद PW विभाग (सार्वजनिक निर्माण विभाग) ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते आज पूरे गांव में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से भी शिकायत की, लेकिन पंचायत प्रशासन के अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह काम राज्य मार्ग और PW विभाग के अधीन आता है, इसलिए वे इस नाले की सफाई भी नहीं करेंगे। प्रशासन और विभाग की इस टालमटोल के कारण ग्रामीणों के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है और वे जलभराव की गंभीर समस्या से परेशान हैं।4
- राजस्थान के बालोतरा जिले के कल्याणपुर क्षेत्र स्थित तिरसिंगड़ी सोडा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो अध्यापिकाओं के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में हुई इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिक्षा के मंदिर में अध्यापिकाओं द्वारा इस प्रकार की हरकत किया जाना बेहद शर्मनाक है। जिस स्थान पर विद्यार्थी अपना भविष्य बनाने के लिए शिक्षा ग्रहण करने आते हैं, वहां अध्यापिकाओं का इस तरह आपस में उलझना अत्यंत निंदनीय घटना है। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि शिक्षकों के ऐसे शर्मनाक आचरण से वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर क्या असर पड़ेगा।1