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हरियाणा 🚀मैं अब नहीं🚀 होगी बिजली गुल हरियाणा न्यूज 🚀
Sachin kumar
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- किसी भी प्रकार का दर्द हो शरीर में कमर दर्द, साइटिका का दर्द घुटना ,शोल्डर प्रॉब्लम, हाथ पैर दर्द, पिंडली का दर्द ,पेट का दर्द हो तो आप विजिट करे1
- RTI से मिली जानकारी के अनुसार, नियुक्तियों में पारदर्शिता की कमी और नियमों की अनदेखी के मुख्य आरोप सामने आए हैं। यहाँ इस विवाद के प्रमुख बिंदु दिए गए हैं: 1. चयन प्रक्रिया पर संदेह RTI के जवाब में यह संकेत मिले हैं कि नियुक्तियों के दौरान निर्धारित मेरिट और पात्रता मानदंडों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। कई योग्य उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें दरकिनार कर चहेतों को प्राथमिकता दी गई। 2. दस्तावेजों का अभाव RTI से यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ नियुक्त कर्मियों के पास आवश्यक अनुभव प्रमाण पत्र या तकनीकी योग्यता की कमी है। चयन समिति द्वारा इन दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) पर भी सवाल उठे हैं।1
- फिरोजपुर झिरका शहर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले के परिजन ने लगाई इंसाफ की गुहार।1
- नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका शहर में सीवर लाइन की सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार और संबंधित जेई के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक फिरोजपुर झिरका शहर में मंगलवार की देर रात करीब 9 बजे सीवरेज की सफाई करने के लिए राजेंद्र उर्फ कलुआ (28) निवासी सेवली जिला पलवल सफाई करने के लिए सिवरेज में उतारा था। आरोप है कि ठेकेदार ने किसी तरह का कोई सेफ्टी उपकरण नहीं दिया। जैसे ही वह अंदर पहुंचा तो तुरंत जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा। देखते ही देखते वह बेहोश हो गया। इसकी सूचना ठेकेदार ने अन्य कर्मचारियों को दी। जिसके बाद पास में काम कर रहे गांव नूनाबड़ी जिला सहारनपुर के रहने वाले अब्दुल कलाम भी गटर में कूद गया। जब करीब 5 मिनट बाद अब्दुल कलाम भी अंदर बेहोश हो गया तो एक अन्य कर्मचारी अरबाज निवासी मेरठ भी सिवरेज में उतर गया। अंदर जहरीली गैस से उसका भी काम उड़ गया और वह बेहोश हो गया। लेकिन अरबाज को वहां मौजूद लोगों ने आनन फानन में निकाल लिया और गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। हादसा बीते रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा गया। लोगों का कहना है कि कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही सीवर में उतार दिया गया था । ना तो उन्हें गैस मास्क दिए गए और ना ही कोई अन्य जरूरी सुरक्षा किट। ऐसे में जहरीली गैस का असर सीधे उनके शरीर पर पड़ा, जिससे ये हादसा हुआ। लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे सीधी लापरवाही बताया है। बताया जा रहा है कि सीवर सफाई का काम एक ठेकेदार को दिया गया था। हादसे के बाद वो मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर काम सही तरीके से और नियमों के तहत कराया जाता, तो शायद ये हादसा टल सकता था। घायल अरबाज को मिली सेफ्टी बेल्ट, बच गई जान घायल अरबाज के बताया कि अब्दुल कलाम राजेंद्र को बचाने के चक्कर में अंदर कूदा था। लेकिन जल्दी में उसने सेफ्टी बेल्ट नहीं पहनी थी। अब्दुल करीब 3 मिनट बाद ही बेहोश होकर नीचे गिर गया। अरबाज ने बताया कि वह दोनों को बचाने के लिए जैसे ही अंदर कूद रहा था,इतने में ही किसी ने उसके शरीर पर सेफ्टी बेल्ट लगा दी और वह मदद के लिए अंदर कूद गया। अरबाज बताते है कि उसने अब्दुल और राजेंद्र को अपने हाथों में उठा लिया था। लेकिन ,थोड़ी देर बाद ही वह बेहोश हो गए। जिसके बाद अरबाज को ऊपर मौजूद लोगों ने रस्सी के सहारे खींच लिया और अस्पताल में भर्ती कराया। करीब 3 घंटे बाद अस्पताल में अरबाज को होश आया। अरबाज ने बताया कि अगर उन्हें भी सही समय पर सेफ्टी बेल्ट नहीं मिलती तो आज वह भी जिंदा नहीं रहते। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों को करीब 45 मिनट बाद जेसीबी से गड्ढा खोदकर निकाला गया था। डर की वजह से कोई उन्हें बचाने के लिए नहीं कूदा। मृतक अब्दुल कलाम के दो बच्चे है। जिनमें 2 साल का लड़का और 2 महीने की लड़की है। वहीं मृतक राजेंद्र के भी दो बच्चे है, जिनमें 4 साल की लड़की, वहीं 4 महीने का एक लड़का है। वहीं इस हादसे के बाद दोनों परिवार में मातम पसरा हुआ है। पोस्टमार्टम रूम में फर्जी नहीं होने से शव से आई बदबू मृतकों परिजन सोनू , अरबाज सहित अन्य लोगों ने बताया कि वह करीब 11 बजे शवों को लेकर अल आफिया अस्पताल मांडीखेड़ा पहुंचे। जहां पोस्टमार्टम रूम में फ्रीजर नहीं होने से शवों को वैसे हो रखा गया। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बर्फ की सिल्लियां लाने के लिए बोला ताकि शव खराब नहीं हो। जिसके बाद दोनों के परिजन रात भर बर्फ की सिल्लियां ढूंढते रहे। काफी देर बाद उन्हें बर्फ मिली। इसके बाद बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे फिर से उन्हें बर्फ लाने के लिए बोला गया। फिर से वह बर्फ की सिल्लियां लेने गए। उन्होंने कहा कि बिना फ्रिजर के शवों से बदबू आने लगी था। अल आफिया अस्पताल में बहुत बुरे हालत है।2
- Post by Dainik news Haryana live1
- Post by Naseem Akram Akram1
- नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका शहर में सीवर लाइन की सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई।1
- Post by Dainik news Haryana live1
- Post by Pragti News1