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फिरोजपुर झिरका शहर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले के परिजन ने लगाई इंसाफ की गुहार। फिरोजपुर झिरका शहर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले के परिजन ने लगाई इंसाफ की गुहार।
Mohd Jabbar
फिरोजपुर झिरका शहर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले के परिजन ने लगाई इंसाफ की गुहार। फिरोजपुर झिरका शहर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले के परिजन ने लगाई इंसाफ की गुहार।
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- फिरोजपुर झिरका शहर में हुए हादसे में जान गंवाने वाले के परिजन ने लगाई इंसाफ की गुहार।1
- नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका शहर में सीवर लाइन की सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई। वहीं एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार और संबंधित जेई के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक फिरोजपुर झिरका शहर में मंगलवार की देर रात करीब 9 बजे सीवरेज की सफाई करने के लिए राजेंद्र उर्फ कलुआ (28) निवासी सेवली जिला पलवल सफाई करने के लिए सिवरेज में उतारा था। आरोप है कि ठेकेदार ने किसी तरह का कोई सेफ्टी उपकरण नहीं दिया। जैसे ही वह अंदर पहुंचा तो तुरंत जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा। देखते ही देखते वह बेहोश हो गया। इसकी सूचना ठेकेदार ने अन्य कर्मचारियों को दी। जिसके बाद पास में काम कर रहे गांव नूनाबड़ी जिला सहारनपुर के रहने वाले अब्दुल कलाम भी गटर में कूद गया। जब करीब 5 मिनट बाद अब्दुल कलाम भी अंदर बेहोश हो गया तो एक अन्य कर्मचारी अरबाज निवासी मेरठ भी सिवरेज में उतर गया। अंदर जहरीली गैस से उसका भी काम उड़ गया और वह बेहोश हो गया। लेकिन अरबाज को वहां मौजूद लोगों ने आनन फानन में निकाल लिया और गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। हादसा बीते रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा गया। लोगों का कहना है कि कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ही सीवर में उतार दिया गया था । ना तो उन्हें गैस मास्क दिए गए और ना ही कोई अन्य जरूरी सुरक्षा किट। ऐसे में जहरीली गैस का असर सीधे उनके शरीर पर पड़ा, जिससे ये हादसा हुआ। लोगों ने जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे सीधी लापरवाही बताया है। बताया जा रहा है कि सीवर सफाई का काम एक ठेकेदार को दिया गया था। हादसे के बाद वो मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर काम सही तरीके से और नियमों के तहत कराया जाता, तो शायद ये हादसा टल सकता था। घायल अरबाज को मिली सेफ्टी बेल्ट, बच गई जान घायल अरबाज के बताया कि अब्दुल कलाम राजेंद्र को बचाने के चक्कर में अंदर कूदा था। लेकिन जल्दी में उसने सेफ्टी बेल्ट नहीं पहनी थी। अब्दुल करीब 3 मिनट बाद ही बेहोश होकर नीचे गिर गया। अरबाज ने बताया कि वह दोनों को बचाने के लिए जैसे ही अंदर कूद रहा था,इतने में ही किसी ने उसके शरीर पर सेफ्टी बेल्ट लगा दी और वह मदद के लिए अंदर कूद गया। अरबाज बताते है कि उसने अब्दुल और राजेंद्र को अपने हाथों में उठा लिया था। लेकिन ,थोड़ी देर बाद ही वह बेहोश हो गए। जिसके बाद अरबाज को ऊपर मौजूद लोगों ने रस्सी के सहारे खींच लिया और अस्पताल में भर्ती कराया। करीब 3 घंटे बाद अस्पताल में अरबाज को होश आया। अरबाज ने बताया कि अगर उन्हें भी सही समय पर सेफ्टी बेल्ट नहीं मिलती तो आज वह भी जिंदा नहीं रहते। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों को करीब 45 मिनट बाद जेसीबी से गड्ढा खोदकर निकाला गया था। डर की वजह से कोई उन्हें बचाने के लिए नहीं कूदा। मृतक अब्दुल कलाम के दो बच्चे है। जिनमें 2 साल का लड़का और 2 महीने की लड़की है। वहीं मृतक राजेंद्र के भी दो बच्चे है, जिनमें 4 साल की लड़की, वहीं 4 महीने का एक लड़का है। वहीं इस हादसे के बाद दोनों परिवार में मातम पसरा हुआ है। पोस्टमार्टम रूम में फर्जी नहीं होने से शव से आई बदबू मृतकों परिजन सोनू , अरबाज सहित अन्य लोगों ने बताया कि वह करीब 11 बजे शवों को लेकर अल आफिया अस्पताल मांडीखेड़ा पहुंचे। जहां पोस्टमार्टम रूम में फ्रीजर नहीं होने से शवों को वैसे हो रखा गया। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बर्फ की सिल्लियां लाने के लिए बोला ताकि शव खराब नहीं हो। जिसके बाद दोनों के परिजन रात भर बर्फ की सिल्लियां ढूंढते रहे। काफी देर बाद उन्हें बर्फ मिली। इसके बाद बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे फिर से उन्हें बर्फ लाने के लिए बोला गया। फिर से वह बर्फ की सिल्लियां लेने गए। उन्होंने कहा कि बिना फ्रिजर के शवों से बदबू आने लगी था। अल आफिया अस्पताल में बहुत बुरे हालत है।2
- Post by Naseem Akram Akram1
- -जिलावासियों 16 से 30 अप्रैल के बीच स्व-गणना में सक्रिय रूप से करें भागीदारी करने का किया आह्वान, सही और पूरी जानकारी करें प्राप्त* *पलवल, 15 अप्रैल।* उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिला पलवल में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया बृहस्पतिवार 16 अप्रैल से शुरू होकर बृहस्पतिवार 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इस दौरान राज्य के नागरिक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना से जुड़ी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार स्व-गणना के बाद शुक्रवार 1 मई से शनिवार 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाएगा। *डिजिटल माध्यम से आसान होगी जनगणना प्रक्रिया :* उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि स्व-गणना के जरिए अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिक मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर की मदद से कहीं से भी अपनी जानकारी भर सकेंगे। हर परिवार को एक यूनिक एसई आईडी दी जाएगी, जिसे बाद में गणनाकर्मी द्वारा सत्यापन के समय उपयोग किया जाएगा। *आम नागरिक ऐसे करें स्व-गणना :* सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं, मोबाइल नंबर और ओटीपी से लॉगिन करें। डिजिटल मैप पर अपने घर का स्थान चिन्हित करें। परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें। आवास और सुविधाओं से जुड़े विवरण दर्ज करें, फॉर्म सबमिट कर एसई आईडी प्राप्त करें। *स्व गणना के दौरान पूछे जाएंगे ये सवाल :* स्व-गणना फॉर्म में लगभग 33 प्रश्न होंगे, जिनमें परिवार के सदस्यों का विवरण, मकान की स्थिति (ग्रामीण/शहरी), बिजली, पानी और स्वच्छता जैसी सुविधाएं, शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक जानकारी, मोबाइल नंबर (अनिवार्य), नई सुविधाओं का समावेश। इस बार जनगणना में आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किया गया है जैसे इंटरनेट और स्मार्टफोन उपयोग, टीवी, रेडियो, कंप्यूटर/लैपटॉप, वाहन (साइकिल, मोटरसाइकिल, कार), डिजिटल कनेक्टिविटी। *डेटा रहेगा पूरी तरह सुरक्षित :* उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï ने कहा कि सरकार की ओर से नागरिकों को आश्वस्त किया गया है कि उनकी सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय व विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे 16 से 30 अप्रैल के बीच स्व-गणना में सक्रिय रूप से भागीदारी करें और सही व पूरी जानकारी प्रदान करें, ताकि बेहतर योजना निर्माण और विकास कार्यों को गति मिल सके। 0001
- इस दौरान कार्यक्रम की खास बात रही भव्य झांकी, जिसे पूरे गांव में बड़े उत्साह के साथ निकाला गया। इस झांकी में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी और हर तरफ बाबासाहेब के जयकारों की गूंज सुनाई दी। लोगों ने फूलों की वर्षा कर माहौल को पूरी तरह श्रद्धामय बना दिया। पूरे गांव में एक उत्सव जैसा दृश्य देखने को मिला और इस आयोजन की चर्चा आसपास के क्षेत्रों में भी जोरों पर है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम समाज में एकता, भाईचारे और जागरूकता का संदेश देते हैं।1
- Post by NETRAPAL SINGH2
- abhi meri sister ki exam chal rhi hai aur kuch din phle bhi mere bachche ko hai wo padh nhi paa rhe they inn logo k wjh se kyo k ye log daily morning 6 bje se lekr din bhar loud music 📢📢 bajate rhte hai 😢 aur bhot saare log aise bhi hote hai k raat ko night duty kr k ghar ate but so bhi nhi paate inn logo ki wjh se 😢 mera husband bhi raat ko der se aate hai duty kr k aur subah der tak sona chahte hai but inn logo k wjh se 6 bje neend khul jaati hai 😢😢 Mai gyi thi unn logo samjhane k liye but unn logo ne meri baat nhi maani , hum log bohot pareshan hai 😢 meri aap logo se yehi request hai 🙏 ki aap log hi kuch kijiye plz 🙏🙏🙏🙏🙏🙏1
- नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका शहर में सीवर लाइन की सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई।1