स्थल निरीक्षण में दे रहे नियमों का हवाला ? अपील की तैयारी, उच्च स्तर पर स्पष्टता की अपेक्षा धरमजयगढ़ – धरमजयगढ़ के वनपरिक्षेत्र बाकारुमा में संचालित वृक्षारोपण योजनाओं के संबंध में पारदर्शिता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के प्रत्युत्तर में विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण को आवेदक ने आंशिक बताते हुए शेष बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी की अपेक्षा जताई है। जानकारी के अनुसार आवेदक ने बीते वर्षों में संचालित वृक्षारोपण कार्यों की स्वीकृति, वित्तीय व्यय, मदवार भुगतान तथा वर्तमान प्रगति संबंधी तथ्यात्मक जानकारी मांगी थी। विभाग की ओर से एक योजना से संबंधित संक्षिप्त विवरण उपलब्ध कराया गया है, जबकि अन्य बिंदुओं के संबंध में पृथक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई है। प्राप्त आंकड़ों में स्वीकृत राशि एवं व्यय का समेकित उल्लेख है, किंतु मदवार व्यौरा और कार्य प्रगति की विस्तृत स्थिति स्पष्ट न होने के कारण आवेदक ने अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता व्यक्त की है। स्थानीय जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक योजनाओं में विस्तृत वित्तीय विवरण और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध होने से जनविश्वास और पारदर्शिता सुदृढ़ होती है। स्थल निरीक्षण के संबंध में भी तिथि निर्धारण को लेकर स्पष्ट सूचना न मिलने से आवेदक ने प्रथम अपील दायर करने की तैयारी की है। बताया जा रहा है कि अपील प्रक्रिया के माध्यम से विषय को उच्च वन अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त हो सके। फिलहाल यह पूरा मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत विचाराधीन है। सभी पक्षों को अपने-अपने स्तर पर तथ्य प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने का अवसर प्राप्त है। आगे की कार्रवाई अपील प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगी।
स्थल निरीक्षण में दे रहे नियमों का हवाला ? अपील की तैयारी, उच्च स्तर पर स्पष्टता की अपेक्षा धरमजयगढ़ – धरमजयगढ़ के वनपरिक्षेत्र बाकारुमा में संचालित वृक्षारोपण योजनाओं के संबंध में पारदर्शिता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के प्रत्युत्तर में विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण को आवेदक ने आंशिक बताते हुए शेष बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी की अपेक्षा जताई है। जानकारी के अनुसार आवेदक ने बीते वर्षों में संचालित वृक्षारोपण कार्यों की स्वीकृति, वित्तीय व्यय, मदवार भुगतान तथा वर्तमान प्रगति संबंधी तथ्यात्मक जानकारी मांगी थी। विभाग की ओर से एक योजना से संबंधित संक्षिप्त विवरण उपलब्ध कराया गया है, जबकि अन्य बिंदुओं के संबंध में पृथक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई है। प्राप्त आंकड़ों में स्वीकृत राशि एवं व्यय का समेकित उल्लेख है, किंतु मदवार व्यौरा और कार्य प्रगति की विस्तृत स्थिति स्पष्ट न होने के कारण आवेदक ने अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता व्यक्त की है। स्थानीय जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक योजनाओं में विस्तृत वित्तीय विवरण और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध होने से जनविश्वास और पारदर्शिता सुदृढ़ होती है। स्थल निरीक्षण के संबंध में भी तिथि निर्धारण को लेकर स्पष्ट सूचना न मिलने से आवेदक ने प्रथम अपील दायर करने की तैयारी की है। बताया जा रहा है कि अपील प्रक्रिया के माध्यम से विषय को उच्च वन अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त हो सके। फिलहाल यह पूरा मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत विचाराधीन है। सभी पक्षों को अपने-अपने स्तर पर तथ्य प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने का अवसर प्राप्त है। आगे की कार्रवाई अपील प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगी।
- User9706Raigarh, Chhattisgarh💣6 hrs ago
- User9706Raigarh, Chhattisgarh😡6 hrs ago
- स्थल निरीक्षण में दे रहे नियमों का हवाला ? अपील की तैयारी, उच्च स्तर पर स्पष्टता की अपेक्षा धरमजयगढ़ – धरमजयगढ़ के वनपरिक्षेत्र बाकारुमा में संचालित वृक्षारोपण योजनाओं के संबंध में पारदर्शिता को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी के प्रत्युत्तर में विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण को आवेदक ने आंशिक बताते हुए शेष बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी की अपेक्षा जताई है। जानकारी के अनुसार आवेदक ने बीते वर्षों में संचालित वृक्षारोपण कार्यों की स्वीकृति, वित्तीय व्यय, मदवार भुगतान तथा वर्तमान प्रगति संबंधी तथ्यात्मक जानकारी मांगी थी। विभाग की ओर से एक योजना से संबंधित संक्षिप्त विवरण उपलब्ध कराया गया है, जबकि अन्य बिंदुओं के संबंध में पृथक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई है। प्राप्त आंकड़ों में स्वीकृत राशि एवं व्यय का समेकित उल्लेख है, किंतु मदवार व्यौरा और कार्य प्रगति की विस्तृत स्थिति स्पष्ट न होने के कारण आवेदक ने अतिरिक्त स्पष्टीकरण की आवश्यकता व्यक्त की है। स्थानीय जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक योजनाओं में विस्तृत वित्तीय विवरण और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध होने से जनविश्वास और पारदर्शिता सुदृढ़ होती है। स्थल निरीक्षण के संबंध में भी तिथि निर्धारण को लेकर स्पष्ट सूचना न मिलने से आवेदक ने प्रथम अपील दायर करने की तैयारी की है। बताया जा रहा है कि अपील प्रक्रिया के माध्यम से विषय को उच्च वन अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा, ताकि आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त हो सके। फिलहाल यह पूरा मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत विचाराधीन है। सभी पक्षों को अपने-अपने स्तर पर तथ्य प्रस्तुत करने और स्पष्टीकरण देने का अवसर प्राप्त है। आगे की कार्रवाई अपील प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगी।1
- सरकार चाहे लाख मंचों से यह दावा करे कि राज्य की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त है, प्रशासन सजग है और “ऑल इज़ वेल” का नारा हर तरफ़ गूंज रहा है—लेकिन ज़रा गांव, शहर, सोसाइटी, धान खरीदी केंद्र, स्कूल, आश्रम, अस्पताल या किसी भी निर्माण स्थल पर निगाह डालिए। तस्वीर बिल्कुल उलट नज़र आएगी। हर जगह ढीलापन है, हर कोने में अनियमितता है और हर व्यवस्था के भीतर भ्रष्टाचार की परतें खुली पड़ी हैं। यह बात शायद सत्ता पक्ष को चुभे, पर सच न तो बयान बदलने से छुपता है और न ही प्रचार से मिटता है। शिक्षा से राशन तक—सब कुछ सवालों के घेरे में स्कूलों में नकल का बोलबाला है। सोसाइटी में गरीबों का चावल खुलेआम बेचा जा रहा है। किसी को एक महीने राशन नहीं मिलता, किसी को दो महीने। कभी चावल गायब, कभी चना नहीं, कभी शक्कर का नामोनिशान नहीं। और जब शक्कर मिलती भी है, तो ₹20 किलो में—जबकि बाजार भाव सब जानते हैं। गरीब दो-तीन रुपये के लिए झगड़े की हिम्मत नहीं जुटा पाता, क्योंकि डर यह है कि कल को चावल भी बंद हो गया तो भीख मांगने की नौबत आ जाएगी। धान खरीदी—खरीद तो हुई, जिम्मेदारी नहीं सरकार ने जैसे-तैसे धान खरीदी का आंकड़ा तो पूरा कर लिया, लेकिन उठाव अब तक अधूरा है। धान खुले में पड़ा है—कहीं चूहे खा रहे हैं, कहीं धूप में सूख रहा है। बरसात आएगी तो वही धान भीगेगा, सड़ेगा, और फिर नुकसान का ठीकरा किसके सिर फूटेगा? तब सरकार सांय-सांय, आंय-बांय कर अपनी इज्जत बचाने में लग जाएगी। सरमना की सड़क—निर्माण नहीं, खानापूर्ति सरमना में बन रही छह किलोमीटर लंबी सड़क इसका ताज़ा उदाहरण है। रायगढ़ के बड़े ठेकेदार, मोटी पहुंच, मोटा मुनाफ़ा। सड़क तो बना दी गई, लेकिन क्योरिंग? वह ज़रूरी नहीं समझी गई। सीसी रोड धूल उगल रही है। कहीं सीसी, कहीं डामर—कोई मानक नहीं, कोई जवाबदेही नहीं। पहाड़ी इलाके में घाट कटिंग के बिना सड़क चढ़ा दी गई। सवाल उठाने पर मुंशी का जवाब— “हाईवे से भारी गाड़ियां ले जाएंगे तो सड़क टूटेगी ही। ठेका हमेशा के लिए थोड़े लिया है।” जब विधायक को आपत्ति नहीं, तो गांव वालों की आवाज़ मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी भी क्यों? लिहाजा गांव चुप है—लेकिन खतरा हर दिन बढ़ रहा है। एक फिसलन और गाड़ी सीधे नीचे। सोसाइटी की चोरी—और सवालों का पहाड़ जिले की कई सोसाइटीज से रात में एक-एक ट्रक चावल चोरी हो रहा है। रिपोर्ट लिखी जा रही है, चोर नहीं पकड़े जा रहे। जब चोर का “कलेजा” इतना बड़ा है, तो यह समझने में देर नहीं लगती कि उसके पीछे कौन खड़ा है। निष्कर्ष आज समस्या विपक्ष की आलोचना नहीं है, समस्या व्यवस्था का भीतर से सड़ जाना है। अगर सरकार अब भी आत्ममंथन नहीं करेगी, अपने सिस्टम को दुरुस्त नहीं करेगी, तो आने वाले समय में सत्ता उसके लिए सपना बन जाए—तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। — सीतापुर सुनील गुप्ता की कलम से4
- बालको नगर थाना क्षेत्र में एकतरफा प्यार में सनकी युवक ने युवती के घर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैला दी। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि साहिल मसीह पिछले छह माह से उसकी बेटी का पीछा कर रहा था और छेड़छाड़ कर परेशान कर रहा था।18 फरवरी की रात करीब 11 बजे आरोपी मोटरसाइकिल से प्रार्थी के घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए हंगामा करने लगा। दरवाजा खुलते ही आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायर कर दिया। गोली चलने की आवाज सुनते ही प्रार्थी जमीन पर बैठ गया, जिससे वह बाल-बाल बच गया। आरोपी ने दोबारा फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली और वह मौके से फरार हो गया। मामले में 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को उसके घर से पकड़ लिया।पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।1
- बच्चों के चेहरों की मुस्कान बना मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे जन्मदिन बना यादगार रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस को जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बिच जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ मनाया उसने इस दिन को बच्चों के जीवन की एक अविस्मरणीय स्मृति बना दिया जैसे ही मुख्यमंत्री आश्रम परिसर पहुंचे बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक दौड़ गई वे दौड़कर उनके पास आये और कुछ ही छणों मे पूरा वातावरण एक पारिवारिक मिलन जैसा हो गया उस पल मुख्यमंत्री किसी पद पर आसीन व्यक्ति नहीं बल्कि बच्चों को अपने स्नेही अभिभावक की तरह उनके बिच दिखाई दे रहे थे मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ बैठकर बातें की उन्होंने बच्चों के नाम पूछे और पढ़ाई के बारे में जाना उनके सपनों को सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे तब उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और अपनत्व बच्चों के मन में गहरा विश्वास जगा रहा था बच्चे भी पूरी सहजता से उनसे बातें करते हुए खुशी से चहकते रहे आश्रम परिवार में उसे समय जो दृश्य था वह एक परिवार के बीच मनाया जा रहे हैं उत्सव जैसा महसूस हो रहा था मुख्यमंत्री श्री साइन ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाया उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ रखते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करें बड़े सपने देखें और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार आशीर्वाद दिया और कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करें बड़े सपने देखे और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करें उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों की मुस्कान मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है उनके इन स्नेहपुर्द शब्दों में बच्चों के मन को छू लिया बच्चों की आंखों में चमक और चेहरे का मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह पल उनके लिए कितना खास बन गया है मुख्यमंत्री के रूप में स्नेही अभिभावक को अपने बीच पाकर बच्चों ने जिस खुशी और अपनत्व का अनुभव किया वह लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में रहेगा उल्लेखनीय है कि बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पांचवी तक के छात्र अध्ययनरत है जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से है मुख्यमंत्री का उनके बीच पहुंचकर जन्मदिन मनाना बच्चों के लिए गर्व और प्रेरणा का विशेष क्षण बन गया है इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगढ़ अधिकारीगढ़ तथा आश्रम के शिक्षक एवं स्टॉफ उपस्तिथ थे1
- Post by Gautam karsh1
- 26 जनवरी में बच्चे डांस करते हुए ग्राम अमहवा के स्कूल में1
- जशपुर के नारायणपुर थाना क्षेत्र से बड़ी खबर नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर मामले में जशपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई। सूचना के चंद घंटों में 09 आरोपी हिरासत में। डीआईजी व एसएसपी के निर्देश पर चार विशेष टीमों ने की कार्रवाई। BNS व POCSO एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज। #Jashpur #Narayanpur #CrimeNews #POCSO #BreakingNews #JashpurTimes Jashpur Times Chhattisgarh Police छत्तीसगढ़ पुलिस1
- छत्तीसगढ़ में 12 वीं के एग्जाम आज से शुरू हो गए है इस बीच कोरबा जिले में एग्जाम की तैयारी को लेकर छात्रों का तनाव के साथ आत्महत्या करने का लगातार मामला सामने आ रहा है। जहाँ महज 48 घंटों के भीतर 4 छात्र-छात्राओं ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इनमें 12वीं के दो छात्र, 10वीं की एक छात्रा और 9वीं की एक छात्रा शामिल हैं। पहली घटना में 10वीं की छात्रा ने परीक्षा के तनाव के चलते घर में फांसी लगा ली…वहीं दूसरी घटना में 9वीं की छात्रा, जो अपनी मां की मौत के बाद से तनाव में थी, उसने तालाब के पास पेड़ से लटककर जान दे दी। तीसरी घटना में 12वीं के छात्र ने परीक्षा के दिन ही घर में फांसी लगा ली… जबकि चौथी घटना में भी 12वीं के छात्र ने कथित रूप से पढ़ाई के दबाव में यह कदम उठाया। पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी है। इस बीच, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि परीक्षा के समय बच्चों पर दबाव न डालें… उनसे संवाद बनाए रखें और तुलना करने से बचें, क्योंकि इससे बच्चों में तनाव और अवसाद बढ़ सकता है। बाईट : प्रतीक चतुर्वेदी ( सीएसपी, कोरबा ) बाईट : भाई ( मृतिका अंजली )1