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आज कल किस तरह से बोल बम यात्राओं में अश्लीलत परोसा जा रहा है।
Jankari Adda
आज कल किस तरह से बोल बम यात्राओं में अश्लीलत परोसा जा रहा है।
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- जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार। जोगबनी में शॉपिंग का नया धमाका! लगभग 200+ दुकानों में साड़ियों से लेकर डिजाइनर लहंगे, रेडीमेड कुर्ती-सूट, कोट-पैंट, शेरवानी, कॉस्मेटिक्स, किचन सामान, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की शानदार वैरायटी—बेहतर क्वालिटी, उचित दाम और आकर्षक ऑफर्स के साथ। 📍 मेन रोड, जोगबनी, जिला अररिया, बिहार।1
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- सौर बाजार में अखिल भारतीय दुसाध उत्थान परिषद की बैठक आयोजित सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के सहूरिया पश्चिमी पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 16 जागीर गांव में रविवार को अखिल भारतीय दुसाध उत्थान परिषद की बैठक जिला अध्यक्ष चन्दन कुमार पासवान के अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसका सफल संचालन प्रखण्ड अध्यक्ष युवराज पासवान द्वारा किया गया। बैठक में उपस्थित संघ के सभी अधिकारी एवं सदस्य ने बताया की आज हमारे समाज में अज्ञानता के कारण लोग नशा के शिकार हो रहे हैं जिससे पूरा परिवार बर्बाद हो रहा है साथ ही लोग बाल विवाह पर रोक नहीं लगा रहे हैं और शिक्षा पर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे हम समाज के पिछले पायदान पर अटके हुए हैं जिससे कई परेशानी झेलनी पड़ती है। हमारे संघ का मुख्य उद्देश्य है की इन सभी बातों पर विचार विमर्श करते हुए समाज को जागरूक करें। सबसे बड़ी समस्या ये है की लोग शिक्षा के अभाव में मृत्यु भोज पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं जो हमारे समाज के लिए अभिशाप बना हुआ है इस मृत्यु भोज पर रोक लगनी चाहिए। बैठक में मुख्य रूप से सुधीर पासवान, चंद्रकिशोर पासवान, अमरेन्द्र पासवान प्रदीप पासवान, अजय पासवान सहित दर्जनों की संख्या में स्थानीय लोग एवं गणमान्य लोग शामिल हुए।1
- ग्वालपाड़ा में जमीन सर्वे पर भाकपा का हल्लाबोल, बोले- ‘जान देंगे, जमीन नहीं’ बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड में जमीन सर्वे को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी भाकपा ने जमीन सर्वे में कथित धांधली और आदिवासियों की जमीन से जुड़े विवादों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान के पांचवें दिन बड़ी संख्या में पदयात्री सड़क पर उतरे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।भाकपा की यह पदयात्रा उत्क्रमित मध्य विद्यालय संथाली टोला, अरार के मैदान से शुरू हुई। पदयात्री हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लिए हुए थे। ढोल-नगाड़ों के साथ निकली पदयात्रा ग्वालपाड़ा प्रखंड के अलग-अलग मोहल्लों से होकर गुजरी और आखिरकार ग्वालपाड़ा पेट्रोल पंप के पास पहुंची। यहां पदयात्रियों ने प्रदर्शन करते हुए जमीन सर्वे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा, वरीय नेता कानू वास्की, दिलीप किसकु और मुंशी हेंब्रम समेत कई नेताओं ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने आदिवासियों और दलितों के अधिकारों को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालपाड़ा प्रखंड के शाहपुर संथाली टोला में जमीन सर्वे के दौरान आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है और उनकी जमीन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि सर्वे में शामिल कर्मचारियों द्वारा आदिवासियों की जमीन की कथित तौर पर बोली लगाए जाने और उन्हें जमीन से बेदखल करने की धमकी दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भाकपा नेता ने कहा कि आदिवासी समाज की लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं बल्कि जल, जंगल और जमीन के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर आदिवासी परिवार दशकों से खेती और जीवन-यापन करते आए हैं, वहां से उन्हें हटाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी आदिवासियों के अधिकारों के लिए व्यापक आंदोलन करेगी। इसी दौरान उन्होंने नारा दिया ‘जान देंगे, जमीन नहीं।’ भाकपा नेता ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आगामी 1 सितंबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और आम लोगों से जुड़े सवालों को लेकर पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी। वहीं, भाकपा के सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का मकसद सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उनके समाधान के लिए संघर्ष की रणनीति तैयार की जा रही है। रमेश कुमार शर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इस प्रदर्शन में भाकपा नेता सरोज मुर्मू, हीरालाल बास्की, भाया राम मरांडी, रंजीत मरांडी, सुरजा हांसदा, मोहन हंसदा, महादेव मरांडी, रघुनंदन मुर्मू, दुर्गानंद मुरमुर, ठाकुर मुर्मू, भगवान वेसरा, राहुल सोरेन, रमेश ऋषिदेव समेत बड़ी संख्या में पदयात्री शामिल हुए। महिला कार्यकर्ताओं में मीना मुरमुर, रानी देवी और पूनम देवी सहित कई महिलाएं भी प्रदर्शन का हिस्सा बनीं। ग्वालपाड़ा में हुए इस प्रदर्शन ने जमीन सर्वे की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाकपा ने जहां कथित धांधली की जांच और आदिवासियों के जमीन अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई है, वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, जमीन सर्वे का मुद्दा ग्वालपाड़ा में राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है बाइट -- प्रमोद प्रभाकर,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य4
- karampur ke bich mein Mori ka mej baitha hai Mirzapur Mirzapur1
- मधेपुरा में रासबिहारी हाइस्कूल का नाम बदलने बढ़ा विवाद1
- मधेपुरा में पति-पत्नी में विवाद के बाद अलग-अलग रास्ते पति घर गया, पत्नी खेत पहुंची, जहरीला पदार्थ खाने से मौत मधेपुरा में पति-पत्नी के विवाद के बाद महिला की मौत से सनसनी फैल गई है। मामला भर्राही थाना क्षेत्र के चांदनी चौक का है, जहां 35 वर्षीय बेबी देवी ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बेबी देवी, सदानंद यादव की बेटी और सहरसा जिले के पतरघट थाना क्षेत्र के कहरा वार्ड नंबर-5 निवासी रमेश यादव की पत्नी थीं। जानकारी के मुताबिक, बेबी देवी अपने पति के साथ अपने मायके चांदनी चौक आई थीं। यहां किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। विवाद के बाद पति रमेश यादव अपने घर कहरा चले गए, जबकि बेबी देवी खेत में काम करने के लिए चली गईं। इसी दौरान खेत में काम करते वक्त बेबी देवी ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। जहरीला पदार्थ खाने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। खेत में मौजूद लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो आनन-फानन में महिला को इलाज के लिए मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बेबी देवी को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद शव को उनके ससुराल पक्ष के घर कहरा ले जाया गया। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पतरघट थाना अध्यक्ष संजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधेपुरा भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आई है। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और महिला ने जहरीला पदार्थ खाने का फैसला क्यों किया, इसकी पुलिस जांच कर रही है। इस घटना में सबसे अहम कड़ी यही है कि विवाद के बाद पति अपने घर चला गया और पत्नी खेत में काम करने चली गईं। इसके कुछ ही देर बाद महिला के जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूरे घटनाक्रम की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल बेबी देवी की मौत के बाद मायके और ससुराल दोनों पक्षों में मातम का माहौल है। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुटी है।4