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ग्वालपाड़ा में जमीन सर्वे पर भाकपा का हल्लाबोल, बोले- ‘जान देंगे, जमीन नहीं’ बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड में जमीन सर्वे को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी भाकपा ने जमीन सर्वे में कथित धांधली और आदिवासियों की जमीन से जुड़े विवादों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान के पांचवें दिन बड़ी संख्या में पदयात्री सड़क पर उतरे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।भाकपा की यह पदयात्रा उत्क्रमित मध्य विद्यालय संथाली टोला, अरार के मैदान से शुरू हुई। पदयात्री हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लिए हुए थे। ढोल-नगाड़ों के साथ निकली पदयात्रा ग्वालपाड़ा प्रखंड के अलग-अलग मोहल्लों से होकर गुजरी और आखिरकार ग्वालपाड़ा पेट्रोल पंप के पास पहुंची। यहां पदयात्रियों ने प्रदर्शन करते हुए जमीन सर्वे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा, वरीय नेता कानू वास्की, दिलीप किसकु और मुंशी हेंब्रम समेत कई नेताओं ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने आदिवासियों और दलितों के अधिकारों को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालपाड़ा प्रखंड के शाहपुर संथाली टोला में जमीन सर्वे के दौरान आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है और उनकी जमीन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि सर्वे में शामिल कर्मचारियों द्वारा आदिवासियों की जमीन की कथित तौर पर बोली लगाए जाने और उन्हें जमीन से बेदखल करने की धमकी दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भाकपा नेता ने कहा कि आदिवासी समाज की लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं बल्कि जल, जंगल और जमीन के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर आदिवासी परिवार दशकों से खेती और जीवन-यापन करते आए हैं, वहां से उन्हें हटाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी आदिवासियों के अधिकारों के लिए व्यापक आंदोलन करेगी। इसी दौरान उन्होंने नारा दिया ‘जान देंगे, जमीन नहीं।’ भाकपा नेता ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आगामी 1 सितंबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और आम लोगों से जुड़े सवालों को लेकर पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी। वहीं, भाकपा के सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का मकसद सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उनके समाधान के लिए संघर्ष की रणनीति तैयार की जा रही है। रमेश कुमार शर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इस प्रदर्शन में भाकपा नेता सरोज मुर्मू, हीरालाल बास्की, भाया राम मरांडी, रंजीत मरांडी, सुरजा हांसदा, मोहन हंसदा, महादेव मरांडी, रघुनंदन मुर्मू, दुर्गानंद मुरमुर, ठाकुर मुर्मू, भगवान वेसरा, राहुल सोरेन, रमेश ऋषिदेव समेत बड़ी संख्या में पदयात्री शामिल हुए। महिला कार्यकर्ताओं में मीना मुरमुर, रानी देवी और पूनम देवी सहित कई महिलाएं भी प्रदर्शन का हिस्सा बनीं। ग्वालपाड़ा में हुए इस प्रदर्शन ने जमीन सर्वे की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाकपा ने जहां कथित धांधली की जांच और आदिवासियों के जमीन अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई है, वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, जमीन सर्वे का मुद्दा ग्वालपाड़ा में राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है बाइट -- प्रमोद प्रभाकर,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य

4 hrs ago
user_RAMAN KUMAR
RAMAN KUMAR
REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
4 hrs ago

ग्वालपाड़ा में जमीन सर्वे पर भाकपा का हल्लाबोल, बोले- ‘जान देंगे, जमीन नहीं’ बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड में जमीन सर्वे को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी भाकपा ने जमीन सर्वे में कथित धांधली और आदिवासियों की जमीन से जुड़े विवादों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान के पांचवें दिन बड़ी संख्या में पदयात्री सड़क पर उतरे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।भाकपा की यह पदयात्रा उत्क्रमित मध्य विद्यालय संथाली टोला, अरार के मैदान से शुरू हुई। पदयात्री हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लिए हुए थे। ढोल-नगाड़ों के साथ निकली पदयात्रा ग्वालपाड़ा प्रखंड के अलग-अलग मोहल्लों से होकर गुजरी और आखिरकार ग्वालपाड़ा पेट्रोल पंप के पास पहुंची। यहां पदयात्रियों ने प्रदर्शन करते हुए जमीन सर्वे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, सहायक जिला

मंत्री रमेश कुमार शर्मा, वरीय नेता कानू वास्की, दिलीप किसकु और मुंशी हेंब्रम समेत कई नेताओं ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने आदिवासियों और दलितों के अधिकारों को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालपाड़ा प्रखंड के शाहपुर संथाली टोला में जमीन सर्वे के दौरान आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है और उनकी जमीन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि सर्वे में शामिल कर्मचारियों द्वारा आदिवासियों की जमीन की कथित तौर पर बोली लगाए जाने और उन्हें जमीन से बेदखल करने की धमकी दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भाकपा नेता ने कहा कि आदिवासी समाज की लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं बल्कि जल, जंगल और जमीन के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर आदिवासी परिवार दशकों से खेती

और जीवन-यापन करते आए हैं, वहां से उन्हें हटाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी आदिवासियों के अधिकारों के लिए व्यापक आंदोलन करेगी। इसी दौरान उन्होंने नारा दिया ‘जान देंगे, जमीन नहीं।’ भाकपा नेता ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आगामी 1 सितंबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और आम लोगों से जुड़े सवालों को लेकर पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी। वहीं, भाकपा के सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का मकसद सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उनके समाधान के लिए संघर्ष की रणनीति तैयार की जा रही है। रमेश कुमार शर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए

कहा कि दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इस प्रदर्शन में भाकपा नेता सरोज मुर्मू, हीरालाल बास्की, भाया राम मरांडी, रंजीत मरांडी, सुरजा हांसदा, मोहन हंसदा, महादेव मरांडी, रघुनंदन मुर्मू, दुर्गानंद मुरमुर, ठाकुर मुर्मू, भगवान वेसरा, राहुल सोरेन, रमेश ऋषिदेव समेत बड़ी संख्या में पदयात्री शामिल हुए। महिला कार्यकर्ताओं में मीना मुरमुर, रानी देवी और पूनम देवी सहित कई महिलाएं भी प्रदर्शन का हिस्सा बनीं। ग्वालपाड़ा में हुए इस प्रदर्शन ने जमीन सर्वे की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाकपा ने जहां कथित धांधली की जांच और आदिवासियों के जमीन अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई है, वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, जमीन सर्वे का मुद्दा ग्वालपाड़ा में राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है बाइट -- प्रमोद प्रभाकर,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य

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  • Nala Panchayat Katihar rasalpur gaon mein pul tutane ke Karan return jaane Laga
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    Nala Panchayat Katihar rasalpur gaon mein pul tutane ke Karan return jaane Laga
    user_Niraj kumar sah
    Niraj kumar sah
    नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    12 hrs ago
  • एक आदमी ने 220 करोड़ रुपए खर्च करके कुत्ता बना। क्योंकि इनको कुत्तों से ज्यादा प्यार था।
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    एक आदमी ने 220 करोड़ रुपए खर्च करके कुत्ता बना। क्योंकि इनको कुत्तों से ज्यादा प्यार था।
    user_Jankari Adda
    Jankari Adda
    Court reporter छातापुर, सुपौल, बिहार•
    23 hrs ago
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    महिषी विधानसभा के विधायक गौतम कृष्ण ने महिषी प्रखंड के लखनी में पेट्रोल पंप का फीता काटकर किया उद्घाटन
    user_पत्रकार हेमंत चौधरी
    पत्रकार हेमंत चौधरी
    महिषी, सहरसा, बिहार•
    23 hrs ago
  • बोरना पंचायत की समस्याओं को लेकर समाजसेवी कार्यकर्ता मोहम्मद अशरफ ने जिला परिषद अध्यक्ष व पूर्व विधायक को सौंपा आवेदन। गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार की दोपहर करीब दो बजे समाजसेवी कार्यकर्ता मोहम्मद अशरफ ने जिला परिषद खगड़िया की अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव एवं पूर्व विधायक रणवीर यादव को आवेदन सौंपकर पंचायत की समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल भी मौजूद रहे। समाजसेवी मोहम्मद अशरफ ने आवेदन के माध्यम से बाढ़ के समय पंचायतवासियों की सुविधा के लिए बोरना जीएन बांध पर यात्री शेड का निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों को बांध पर आवागमन के दौरान काफी परेशानी होती है। ऐसे में यात्री शेड बनने से लोगों को बारिश और धूप से राहत मिल सकेगी। इसके अलावा छोटी बोरना ढाला से महेशखूंट-बोरना ढाला तक सौर ऊर्जा आधारित लाइट लगाने, गांव की जर्जर एवं टूटी सड़कों की मरम्मत कराने, पंचायत भवन एवं उप स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी का निर्माण कराने तथा उप स्वास्थ्य केंद्र बोरना की रिपेयरिंग कराने की मांग की गई। उन्होंने पंचायत की अन्य कई मूलभूत समस्याओं से भी दोनों जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। आवेदन मिलने के बाद जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव एवं पूर्व विधायक रणवीर यादव ने समाजसेवी मोहम्मद अशरफ को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें जायज है। और पंचायत की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द से जल्द आवश्यक पहल करने का प्रयास किया जाएगा।
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    बोरना पंचायत की समस्याओं को लेकर समाजसेवी कार्यकर्ता मोहम्मद अशरफ ने जिला परिषद अध्यक्ष व पूर्व विधायक को सौंपा आवेदन।
गोगरी प्रखंड अंतर्गत बोरना पंचायत की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार की दोपहर करीब दो बजे समाजसेवी कार्यकर्ता मोहम्मद अशरफ ने जिला परिषद खगड़िया की अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव एवं पूर्व विधायक रणवीर यादव को आवेदन सौंपकर पंचायत की समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल भी मौजूद रहे।
समाजसेवी मोहम्मद अशरफ ने आवेदन के माध्यम से बाढ़ के समय पंचायतवासियों की सुविधा के लिए बोरना जीएन बांध पर यात्री शेड का निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान लोगों को बांध पर आवागमन के दौरान काफी परेशानी होती है। ऐसे में यात्री शेड बनने से लोगों को बारिश और धूप से राहत मिल सकेगी।
इसके अलावा छोटी बोरना ढाला से महेशखूंट-बोरना ढाला तक सौर ऊर्जा आधारित लाइट लगाने, गांव की जर्जर एवं टूटी सड़कों की मरम्मत कराने, पंचायत भवन एवं उप स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी का निर्माण कराने तथा उप स्वास्थ्य केंद्र बोरना की रिपेयरिंग कराने की मांग की गई। उन्होंने पंचायत की अन्य कई मूलभूत समस्याओं से भी दोनों जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया।
आवेदन मिलने के बाद जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव एवं पूर्व विधायक रणवीर यादव ने समाजसेवी मोहम्मद अशरफ को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें जायज है। और पंचायत की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द से जल्द आवश्यक पहल करने का प्रयास किया जाएगा।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    2 hrs ago
  • बुरा बुराई करे सभी का निज बड़ाई का करे बखान। बुरा बुरा का संगत निराला पग पग गरजे परपोषक श्वान।।
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    बुरा बुराई करे सभी का 
                    निज बड़ाई का करे बखान।
बुरा बुरा का संगत निराला 
               पग पग गरजे परपोषक श्वान।।
    user_Ram Prakash Sharma
    Ram Prakash Sharma
    Speech Therapist बिथान, समस्तीपुर, बिहार•
    6 hrs ago
  • विशेष ड्रोन से अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रही फुलकाहा एसएसबी। सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर, प्रशिक्षित जवान ड्रोन के जरिए कर रहे निगरानी। रंजीत ठाकुर, नरपतगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की फुलकाहा इकाई ने विशेष ड्रोन के माध्यम से सीमा क्षेत्र की निगरानी तेज कर दी है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन सीमा के संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सके। एसएसबी के प्रशिक्षित जवान ड्रोन का संचालन कर सीमा क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ड्रोन से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो को सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित गतिविधियों की जांच और कार्रवाई में इसका उपयोग किया जा सके। आई समवाय फुलकाहा के प्रभारी सहायक सेना नायक राणा कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सीमा क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पारंपरिक गश्ती के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष ड्रोन की मदद से ऐसे इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां सामान्य गश्ती के दौरान निगरानी अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि सीमा पर तस्करी, अवैध आवाजाही और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए जवान लगातार सतर्क हैं। ड्रोन निगरानी से सीमा क्षेत्र की गतिविधियों की वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही एसएसबी जवानों की गश्ती और निगरानी अभियान भी लगातार जारी है। एसएसबी की इस तकनीकी पहल से भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है। सीमा पर आधुनिक निगरानी तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।
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    विशेष ड्रोन से अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रही फुलकाहा एसएसबी।
सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर, प्रशिक्षित जवान ड्रोन के जरिए कर रहे निगरानी।

रंजीत ठाकुर,
नरपतगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की फुलकाहा इकाई ने विशेष ड्रोन के माध्यम से सीमा क्षेत्र की निगरानी तेज कर दी है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन सीमा के संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नजर रखी जा सके।
एसएसबी के प्रशिक्षित जवान ड्रोन का संचालन कर सीमा क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ड्रोन से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो को सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित गतिविधियों की जांच और कार्रवाई में इसका उपयोग किया जा सके।
आई समवाय फुलकाहा के प्रभारी सहायक सेना नायक राणा कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सीमा क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पारंपरिक गश्ती के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेष ड्रोन की मदद से ऐसे इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां सामान्य गश्ती के दौरान निगरानी अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण होती है।
उन्होंने बताया कि सीमा पर तस्करी, अवैध आवाजाही और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए जवान लगातार सतर्क हैं। ड्रोन निगरानी से सीमा क्षेत्र की गतिविधियों की वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही एसएसबी जवानों की गश्ती और निगरानी अभियान भी लगातार जारी है।
एसएसबी की इस तकनीकी पहल से भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है। सीमा पर आधुनिक निगरानी तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा बलों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।
    user_Ranjit thakur
    Ranjit thakur
    Local News Reporter नरपतगंज, अररिया, बिहार•
    8 hrs ago
  • ग्वालपाड़ा में जमीन सर्वे पर भाकपा का हल्लाबोल, बोले- ‘जान देंगे, जमीन नहीं’ बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड में जमीन सर्वे को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी भाकपा ने जमीन सर्वे में कथित धांधली और आदिवासियों की जमीन से जुड़े विवादों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान के पांचवें दिन बड़ी संख्या में पदयात्री सड़क पर उतरे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।भाकपा की यह पदयात्रा उत्क्रमित मध्य विद्यालय संथाली टोला, अरार के मैदान से शुरू हुई। पदयात्री हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लिए हुए थे। ढोल-नगाड़ों के साथ निकली पदयात्रा ग्वालपाड़ा प्रखंड के अलग-अलग मोहल्लों से होकर गुजरी और आखिरकार ग्वालपाड़ा पेट्रोल पंप के पास पहुंची। यहां पदयात्रियों ने प्रदर्शन करते हुए जमीन सर्वे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा, वरीय नेता कानू वास्की, दिलीप किसकु और मुंशी हेंब्रम समेत कई नेताओं ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने आदिवासियों और दलितों के अधिकारों को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालपाड़ा प्रखंड के शाहपुर संथाली टोला में जमीन सर्वे के दौरान आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है और उनकी जमीन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि सर्वे में शामिल कर्मचारियों द्वारा आदिवासियों की जमीन की कथित तौर पर बोली लगाए जाने और उन्हें जमीन से बेदखल करने की धमकी दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भाकपा नेता ने कहा कि आदिवासी समाज की लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं बल्कि जल, जंगल और जमीन के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर आदिवासी परिवार दशकों से खेती और जीवन-यापन करते आए हैं, वहां से उन्हें हटाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी आदिवासियों के अधिकारों के लिए व्यापक आंदोलन करेगी। इसी दौरान उन्होंने नारा दिया ‘जान देंगे, जमीन नहीं।’ भाकपा नेता ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आगामी 1 सितंबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और आम लोगों से जुड़े सवालों को लेकर पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी। वहीं, भाकपा के सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का मकसद सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उनके समाधान के लिए संघर्ष की रणनीति तैयार की जा रही है। रमेश कुमार शर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इस प्रदर्शन में भाकपा नेता सरोज मुर्मू, हीरालाल बास्की, भाया राम मरांडी, रंजीत मरांडी, सुरजा हांसदा, मोहन हंसदा, महादेव मरांडी, रघुनंदन मुर्मू, दुर्गानंद मुरमुर, ठाकुर मुर्मू, भगवान वेसरा, राहुल सोरेन, रमेश ऋषिदेव समेत बड़ी संख्या में पदयात्री शामिल हुए। महिला कार्यकर्ताओं में मीना मुरमुर, रानी देवी और पूनम देवी सहित कई महिलाएं भी प्रदर्शन का हिस्सा बनीं। ग्वालपाड़ा में हुए इस प्रदर्शन ने जमीन सर्वे की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाकपा ने जहां कथित धांधली की जांच और आदिवासियों के जमीन अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई है, वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, जमीन सर्वे का मुद्दा ग्वालपाड़ा में राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है बाइट -- प्रमोद प्रभाकर,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य
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    ग्वालपाड़ा में जमीन सर्वे पर भाकपा का हल्लाबोल, बोले- ‘जान देंगे, जमीन नहीं’
बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड में जमीन सर्वे को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी भाकपा ने जमीन सर्वे में कथित धांधली और आदिवासियों की जमीन से जुड़े विवादों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान के पांचवें दिन बड़ी संख्या में पदयात्री सड़क पर उतरे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।भाकपा की यह पदयात्रा उत्क्रमित मध्य विद्यालय संथाली टोला, अरार के मैदान से शुरू हुई। पदयात्री हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लिए हुए थे। ढोल-नगाड़ों के साथ निकली पदयात्रा ग्वालपाड़ा प्रखंड के अलग-अलग मोहल्लों से होकर गुजरी और आखिरकार ग्वालपाड़ा पेट्रोल पंप के पास पहुंची। यहां पदयात्रियों ने प्रदर्शन करते हुए जमीन सर्वे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा, वरीय नेता कानू वास्की, दिलीप किसकु और मुंशी हेंब्रम समेत कई नेताओं ने किया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा नेता प्रमोद प्रभाकर ने आदिवासियों और दलितों के अधिकारों को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्वालपाड़ा प्रखंड के शाहपुर संथाली टोला में जमीन सर्वे के दौरान आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है और उनकी जमीन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
प्रमोद प्रभाकर ने आरोप लगाया कि सर्वे में शामिल कर्मचारियों द्वारा आदिवासियों की जमीन की कथित तौर पर बोली लगाए जाने और उन्हें जमीन से बेदखल करने की धमकी दिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
भाकपा नेता ने कहा कि आदिवासी समाज की लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं बल्कि जल, जंगल और जमीन के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जिन जमीनों पर आदिवासी परिवार दशकों से खेती और जीवन-यापन करते आए हैं, वहां से उन्हें हटाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने साफ कहा कि पार्टी आदिवासियों के अधिकारों के लिए व्यापक आंदोलन करेगी। इसी दौरान उन्होंने नारा दिया ‘जान देंगे, जमीन नहीं।’
भाकपा नेता ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आगामी 1 सितंबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और आम लोगों से जुड़े सवालों को लेकर पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी।
वहीं, भाकपा के सहायक जिला मंत्री रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि पार्टी की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का मकसद सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझना है। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों की समस्याओं को सुना जा रहा है और उनके समाधान के लिए संघर्ष की रणनीति तैयार की जा रही है।
रमेश कुमार शर्मा ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए कहा कि दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस प्रदर्शन में भाकपा नेता सरोज मुर्मू, हीरालाल बास्की, भाया राम मरांडी, रंजीत मरांडी, सुरजा हांसदा, मोहन हंसदा, महादेव मरांडी, रघुनंदन मुर्मू, दुर्गानंद मुरमुर, ठाकुर मुर्मू, भगवान वेसरा, राहुल सोरेन, रमेश ऋषिदेव समेत बड़ी संख्या में पदयात्री शामिल हुए। महिला कार्यकर्ताओं में मीना मुरमुर, रानी देवी और पूनम देवी सहित कई महिलाएं भी प्रदर्शन का हिस्सा बनीं।
ग्वालपाड़ा में हुए इस प्रदर्शन ने जमीन सर्वे की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाकपा ने जहां कथित धांधली की जांच और आदिवासियों के जमीन अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई है, वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, जमीन सर्वे का मुद्दा ग्वालपाड़ा में राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है
बाइट -- प्रमोद प्रभाकर,भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    4 hrs ago
  • naula Panchayat mein pul tutna k karan Karan ka yah ne naula Panchayat mein Gadhiya rasalpur ke bich Baba baksar ke sthan ke pass Pol tutane ke Karan
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    naula Panchayat mein pul tutna k karan Karan ka yah ne
naula Panchayat mein Gadhiya rasalpur ke bich Baba baksar ke sthan ke pass Pol tutane ke Karan
    user_Niraj kumar sah
    Niraj kumar sah
    नौहट्टा, सहरसा, बिहार•
    22 hrs ago
  • मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में एएनसी जांच शिविर का किया गया आयोजन। गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में आज दिन सोमवार को मातृ सुरक्षा योजना के तहत एएनसी जांच शिविर का किया गया आयोजन। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से शाम 3:00 तक चला इस शिविर में कुल 160 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत जांच की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र प्रकाश के नेतृत्व में डॉक्टर विजय कुमार एवं डॉक्टर दीपक कुमार के देखरेख में आयोजित की गई। इस शिविर में महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी टेस्ट किया गया इसके अतिरिक्त उनका वजन और लंबाई भी मापी गई। यह शिविर अस्पताल के डॉक्टर विजय कुमार एवं डॉक्टर दीपक कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित महत्वपूर्ण सलाह दी। इसमें गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उन्हें फल और चुकंदर जैसे आहार के साथ हरी सब्जी पत्तेदार हरी साग ओआरएस का घोल सेवन की सलाह दी गई। जांच कार्यों में डॉक्टर विजय कुमार, डॉक्टर दीपक कुमार, टेक्नीशियन सुधीर पाठक, मोहम्मद साबिर और आशीष रंजन ने सहयोग किया। एएनएम संगीता कुमारी, रीता कुमारी, रजनी कुमारी, रंजू कुमारी, रिंकू कुमारी, सहित कई आशा कार्यकर्ता और ममता भी शिविर में उपस्थिति रही।
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    मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में एएनसी जांच शिविर का किया गया आयोजन।
गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में आज दिन सोमवार को मातृ सुरक्षा योजना के तहत एएनसी  जांच शिविर का किया गया आयोजन। यह शिविर सुबह 10:00 बजे से शाम 3:00 तक चला इस शिविर में कुल 160 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत जांच की गई। 
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र प्रकाश के नेतृत्व में डॉक्टर विजय कुमार एवं डॉक्टर दीपक कुमार के देखरेख में आयोजित की गई। इस शिविर में महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी टेस्ट किया गया इसके अतिरिक्त उनका वजन और लंबाई भी मापी गई। 
यह शिविर अस्पताल के डॉक्टर विजय कुमार एवं डॉक्टर दीपक कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित महत्वपूर्ण सलाह दी। इसमें गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उन्हें फल और चुकंदर जैसे आहार के साथ हरी सब्जी पत्तेदार हरी साग ओआरएस का घोल सेवन की सलाह दी गई।
जांच कार्यों में डॉक्टर विजय कुमार, डॉक्टर दीपक कुमार, टेक्नीशियन सुधीर पाठक, मोहम्मद साबिर और आशीष रंजन ने सहयोग किया। एएनएम संगीता कुमारी, रीता कुमारी, रजनी कुमारी, रंजू कुमारी, रिंकू कुमारी, सहित कई आशा कार्यकर्ता और ममता भी शिविर में उपस्थिति रही।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    2 hrs ago
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