कोंडागाँव जिला पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा द्वारा शुरू की गई 'सहयोग चौपाल' नामक एक नई पहल के तहत, माकड़ी पुलिस ने ग्राम मिरमिंडा के ग्रामीणों के मध्य एक विवाद का सफलतापूर्वक निराकरण किया है। इस पहल का उद्देश्य लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं और विवादों को सुलझाना है, जिनके लिए उन्हें आमतौर पर विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। 'सहयोग चौपाल' प्रशासन और जनसामान्य के बीच सहभागिता की भावना को मजबूत करने और विभिन्न मुद्दों, जैसे मनमुटाव, सीमांकन विवाद, लड़ाई-झगड़े, और मुआवजा संबंधी विषयों का त्वरित समाधान प्रदान करने के लिए ग्रामीणों के बीच सीधे पहुंच रही है, साथ ही विधिक परामर्श भी दे रही है। इसी 'सहयोग चौपाल' अवधारणा के तहत, ग्राम मिरमिंडा में दो समाजों के बीच उत्पन्न एक विवाद को सुलझाया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कोंडागाँव रूपेश कुमार के पर्यवेक्षण में यह चौपाल लगाई गई। मिरमिंडा में रहने वाले गांडा समाज के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम के अन्य लोगों द्वारा उन्हें समाज से बहिष्कृत किया जा रहा है और उनके घरों में आना-जाना बंद कर दिया गया है। इस संवेदनशील विवाद को देखते हुए, थाना प्रभारी माकड़ी ज्ञानेंद्र सिंह चौहान और तहसीलदार माकड़ी अंकुर रात्रे के नेतृत्व में चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें दोनों पक्षों को बुलाकर विवादित विषय पर चर्चा की गई, उनकी बातें सुनी गईं और उन्हें परस्पर सहभागिता तथा भाईचारे की भावना से मिलजुल कर रहने की समझाइश दी गई। दोनों पक्षों की सहमति के बाद इस समाधान का एक पंचनामा भी तैयार किया गया। कोंडागाँव पुलिस की यह 'सहयोग चौपाल' पहल अपने उद्देश्यों को लेकर जिला कोंडागाँव के समस्त क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगी। कोंडागाँव पुलिस आशा व्यक्त करती है कि इस पहल को पर्याप्त जनसहयोग मिलेगा, जिससे उनकी संकल्पना को बल मिल सके और लोगों की समस्याओं तथा विवादों का निराकरण इसी प्रकार जारी रखा जा सके।
कोंडागाँव जिला पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा द्वारा शुरू की गई 'सहयोग चौपाल' नामक एक नई पहल के तहत, माकड़ी पुलिस ने ग्राम मिरमिंडा के ग्रामीणों के मध्य एक विवाद का सफलतापूर्वक निराकरण किया है। इस पहल का उद्देश्य लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं और विवादों को सुलझाना है, जिनके लिए उन्हें आमतौर पर विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। 'सहयोग चौपाल' प्रशासन और जनसामान्य के बीच सहभागिता की भावना को मजबूत करने और विभिन्न मुद्दों, जैसे मनमुटाव, सीमांकन विवाद, लड़ाई-झगड़े, और मुआवजा संबंधी विषयों का त्वरित समाधान प्रदान करने के लिए ग्रामीणों के बीच सीधे पहुंच रही है, साथ ही विधिक परामर्श भी दे रही है। इसी 'सहयोग चौपाल' अवधारणा के तहत, ग्राम मिरमिंडा में दो समाजों के बीच उत्पन्न एक विवाद को सुलझाया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कोंडागाँव रूपेश कुमार के पर्यवेक्षण में यह चौपाल लगाई गई। मिरमिंडा में रहने वाले गांडा समाज के
लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम के अन्य लोगों द्वारा उन्हें समाज से बहिष्कृत किया जा रहा है और उनके घरों में आना-जाना बंद कर दिया गया है। इस संवेदनशील विवाद को देखते हुए, थाना प्रभारी माकड़ी ज्ञानेंद्र सिंह चौहान और तहसीलदार माकड़ी अंकुर रात्रे के नेतृत्व में चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें दोनों पक्षों को बुलाकर विवादित विषय पर चर्चा की गई, उनकी बातें सुनी गईं और उन्हें परस्पर सहभागिता तथा भाईचारे की भावना से मिलजुल कर रहने की समझाइश दी गई। दोनों पक्षों की सहमति के बाद इस समाधान का एक पंचनामा भी तैयार किया गया। कोंडागाँव पुलिस की यह 'सहयोग चौपाल' पहल अपने उद्देश्यों को लेकर जिला कोंडागाँव के समस्त क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगी। कोंडागाँव पुलिस आशा व्यक्त करती है कि इस पहल को पर्याप्त जनसहयोग मिलेगा, जिससे उनकी संकल्पना को बल मिल सके और लोगों की समस्याओं तथा विवादों का निराकरण इसी प्रकार जारी रखा जा सके।
- स्केटिंग के माध्यम से पूरे भारत का भ्रमण कर रहे उत्तर प्रदेश के युवा मुन्नर निषाद छत्तीसगढ़ के केशकाल पहुँचे। फरसगांव से अपनी अगली मंज़िल के लिए रवाना होने से पहले, उन्होंने नगरवासियों से भेंट की और यात्रा के दौरान मिले सहयोग, स्नेह तथा आतिथ्य के लिए सभी का आभार जताया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक प्यार और सम्मान प्राप्त हुआ है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना उनके लिए कठिन है। मुन्नर निषाद ने विशेष रूप से बस्तर अंचल के लोगों की सरलता, अपनापन, भाईचारे और मेहमाननवाज़ी की सराहना की, यह कहते हुए कि यहाँ के लोगों ने उनके दिल में एक विशेष स्थान बना लिया है। फरसगांव रेस्ट हाउस से केशकाल की ओर अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले, उन्होंने स्थानीय संस्कृति और लोगों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए "जय जोहार", "जय छत्तीसगढ़", "जय बस्तर" और "छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया" के नारे लगाए। इस अवसर पर नगरवासियों ने भी मुन्नर निषाद को उनकी सफल और सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं।1
- एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस घटना से जुड़ी पूरी वीडियो देखने के लिए दर्शक 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर जा सकते हैं।1
- मूल पाठ में 'मैं जैसी हूँ' का सीधा और स्पष्ट बयान प्रस्तुत किया गया है।1
- कंकर जिले के पिड़चोड़ ग्राम में कम्युनिटी पुलिसिंग के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और समझ स्थापित करना था।1
- राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- बस्तर सांसद महेश कश्यप ने झरनीगुडा स्थित अपने निवास पर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम की 134वीं कड़ी सुनी। प्रसारण के उपरांत, सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देश को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 'मन की बात' के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री द्वारा जनभागीदारी की जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया, वे समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। सांसद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का हर संबोधन उन्हें सेवा और समर्पण की नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि उनका दायित्व है कि वे 'मन की बात' के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।4
- बस्तर जिले में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में भानपुरी पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना पर बेडागुड़ा चौक पर घेराबंदी कर एक एक्टिवा (CG17-KX-1688) को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के कब्जे से कुल 30.425 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। इसमें 40 बोतल किंगफिशर बीयर, 7 अद्धा रॉयल स्टैग और 10 पौवा रॉयल चैलेंज शामिल थी। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत 12,940 रुपये आंकी गई है, जबकि एक्टिवा की कीमत 40,000 रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।3