राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- राजनांदगांव की बसंतपुर थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर लगभग ₹3 लाख रुपये कीमत के 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत मिली है, जिसका उद्देश्य गुम मोबाइलों की तलाश करना था। बरामद किए गए इन मोबाइल फोनों को 31 मई 2026 को बसंतपुर थाना परिसर में उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किया गया। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरे खुशी से खिल उठे, क्योंकि कई लोगों ने बताया कि उनके फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, आवश्यक दस्तावेज, संपर्क नंबर और व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित थी, जिन्हें वापस पाने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी। मोबाइल वापस मिलने के बाद आवेदकों ने राजनांदगांव पुलिस और विशेष रूप से बसंतपुर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका उपयोग न करें, बल्कि उसे तत्काल नजदीकी थाने में जमा कराएं, ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी एमन साहू के साथ सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागूराम साहू, ललित रावटे, भुनेश्वर जायसी, चन्द्रशेखर श्रीवास, कुश बघेल और बसंतपुर थाना के अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अवैध शराब की आपूर्ति करते हुए ग्रामीणों ने कुछ कोचियों को रंगे हाथों पकड़ा है। यह घटना बालोद के गोटिया देसी कंबोजित मदीना दुकान में हुई, जहाँ से कोचिए शराब की सप्लाई करने का आरोप है। ग्रामीणों ने इन पकड़े गए कोचियों को पंचायत भवन ले गए। इस दौरान ग्रामीणों ने शराब दुकान संचालकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे सरकारी रेट से भी ज्यादा कीमत पर इन कोचियों को नियम विरुद्ध तरीके से दारू बेच रहे हैं, जिससे दारूकोचियों का वर्चस्व बढ़ रहा है।1
- हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे एक पुल का बड़ा हिस्सा 29 मई 2026 की रात करीब 2-3 बजे आए भारी तूफान और तेज हवाओं के कारण अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। यह दुर्घटना कुरारा क्षेत्र के मोरकंदर (मौराकंदर) और नैथी/कंदौर गांवों के बीच घटी, जहाँ निर्माणाधीन पुल की कंक्रीट स्लैब नीचे गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मजदूर घटनास्थल पर सो रहे थे। मृतकों की पहचान लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत, पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं।1
- केसीजी जिले के छुईखदान में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। 31 मई रविवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम उर्तुली निवासी 45 वर्षीय झलेप गोंड की निर्माणाधीन मकान में काम करते समय गिरने से मौत हो गई। उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान लाया गया था, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल की ओर से कोई शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। इस मजबूरी के चलते उन्हें मृतक के शव को मालवाहक वाहन में रखकर गांव ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जिले में शव परिवहन व्यवस्था की कमी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। दूसरी ओर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान के बीएमओ डॉक्टर मनीष बघेल ने बताया कि शव वाहन की व्यवस्था खैरागढ़ से की गई थी और परिजनों को वाहन पहुंचने में लगभग आधा घंटा लगने की सूचना भी दी गई थी। हालांकि, परिजनों ने वाहन के आने का इंतजार किए बिना ही शव लेकर प्रस्थान कर दिया। इस पूरी घटना के बाद, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए प्रत्येक विकासखंड में पर्याप्त शव वाहन उपलब्ध कराने की जोरदार मांग की है।1
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक गुमशुदा युवक से जुड़ी सनसनीखेज हत्याकांड को महज 72 घंटों के भीतर सुलझाने का दावा किया है। यह मामला 28 मई को तब शुरू हुआ, जब बैहरसारी गांव के कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए। उनकी गुमशुदगी के ठीक अगले दिन, पांडातराई के सोंढा गांव में एक बोरी के भीतर कोमल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर शक की सुई एक महिला मंदाकिनी वर्मा की ओर घूमी। हिरासत में लिए जाने पर मंदाकिनी वर्मा ने चौंकाने वाला सच उजागर किया। महिला का आरोप है कि कोमल उसे अश्लील वीडियो दिखाकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। घटना की रात जब ब्लैकमेलिंग का दबाव बहुत बढ़ गया, तो महिला ने कोमल को अपने घर बुलाया और लोहे के पाने से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद, महिला ने अपने पति के साथ मिलकर कोमल को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने महिला के भाई की मदद ली। भाई ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर शव को दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया था। हालांकि, कबीरधाम पुलिस की गहन जांच के आगे यह शातिर चाल नाकाम रही। इस मामले में अब पति, पत्नी और भाई तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक अंत सामने आया है।1
- एक मैच में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी पूरी तरह टूट गए, जिसका एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वैभव सूर्यवंशी अपनी टोपी से अपना चेहरा छिपाकर खूब रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- दुर्ग पुलिस के थाना नंदिनी नगर ने अवैध रूप से शराब का परिवहन करते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 30 मई 2026 को मुखबिर की सूचना के बाद की गई, जिसमें आरोपियों के कब्जे से देशी मदिरा शराब और एक मोटर साइकिल सहित कुल 34,000 रुपये का सामान जब्त किया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो लोग एक मोटर साइकिल पर अवैध शराब रखकर बिक्री के लिए ले जा रहे हैं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, नंदिनी नगर पुलिस टीम ने बायपास रोड खदान चौक पर घेराबंदी कर संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान ग्राम मलपुरी खुर्द निवासी 19 वर्षीय लक्की पिता सुरेंद्र गेण्ड्रे और 27 वर्षीय गौकरण पिता नंद कुमार बंजारे के रूप में बताई। आरोपियों के पास से 4,000 रुपये कीमत की 40 पौवा देशी मदिरा शराब और 30,000 रुपये कीमत की एक मोटर साइकिल बरामद हुई, जिससे कुल जब्त सामग्री का मूल्य 34,000 रुपये हो गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को 30 मई 2026 को ही न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना नंदिनी नगर पुलिस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।2