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एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कि क्या वे अब राजस्थान में ही राजनीति करेंगे या दिल्ली जाएँगे, अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे राजस्थान की जनता से कभी दूर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, 'मैं थांसू दूर नहीं', और स्पष्ट किया कि वे चाहे लंदन, दिल्ली, जयपुर, जोधपुर या जालौर कहीं भी हों, राजस्थान वासियों की सेवा करना ही उनका परम कर्तव्य और धर्म है। गहलोत ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान की जनता ने उन्हें पाँच बार सांसद, छह बार विधायक, केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है, जो कि कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन पर भरोसा जताकर न केवल उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, बल्कि हर बार पूरे पाँच-पाँच साल तक काम करने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। वर्तमान में अपनी भूमिका पर बात करते हुए, गहलोत ने कहा कि अब उनका यह फर्ज बनता है कि वे अपने लिए किसी पद की माँग न करें। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी — चाहे वह जोधपुर, जालौर, पूरे राजस्थान या दिल्ली में संगठन के किसी पद की हो — वे उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे, लेकिन खुद से कोई माँग नहीं करेंगे। उन्होंने खुद को देश का सबसे संतुष्ट राजनीतिज्ञ बताते हुए कहा कि जब उन्हें पार्टी से बिना माँगे सब कुछ मिला है और वे इंदिरा गांधी के समय ही केंद्रीय मंत्री बन गए थे, तो अब उन्हें किसी पद की लालसा क्यों रखनी चाहिए। अशोक गहलोत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज देश और पार्टी के सामने बहुत बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें गहराई से समझने की आवश्यकता है। उनका एकमात्र लक्ष्य पार्टी को हर स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने राहुल गांधी के उस आह्वान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा है कि दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर कहीं भी कोई अन्याय या अत्याचार हो, तो वे तुरंत उनके पास पहुँचे, उनके सुख-दुख के साथी बनें और जरूरत पड़ने पर उनके हक के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करें। गहलोत के अनुसार, राहुल गांधी की इस बात में कांग्रेस की भविष्य की पूरी राजनीति और सेवा का मर्म समाहित है।

1 hr ago
user_आदर्श भारत TV
आदर्श भारत TV
TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
1 hr ago

एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कि क्या वे अब राजस्थान में ही राजनीति करेंगे या दिल्ली जाएँगे, अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे राजस्थान की जनता से कभी दूर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, 'मैं थांसू दूर नहीं', और स्पष्ट किया कि वे चाहे लंदन, दिल्ली, जयपुर, जोधपुर या जालौर कहीं भी हों, राजस्थान वासियों की सेवा करना ही उनका परम कर्तव्य और धर्म है। गहलोत ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान की जनता ने उन्हें पाँच बार सांसद, छह बार विधायक, केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है, जो कि कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन पर भरोसा जताकर न केवल उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, बल्कि हर बार पूरे पाँच-पाँच साल तक काम करने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। वर्तमान में अपनी भूमिका पर बात करते हुए, गहलोत ने कहा कि अब उनका यह फर्ज बनता है कि वे अपने लिए किसी पद की माँग न करें। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी — चाहे वह जोधपुर, जालौर, पूरे राजस्थान या दिल्ली में संगठन के किसी पद की हो — वे उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे, लेकिन खुद से कोई माँग नहीं करेंगे। उन्होंने खुद को देश का सबसे संतुष्ट राजनीतिज्ञ बताते हुए कहा कि जब उन्हें पार्टी से बिना माँगे सब कुछ मिला है और वे इंदिरा गांधी के समय ही केंद्रीय मंत्री बन गए थे, तो अब उन्हें किसी पद की लालसा क्यों रखनी चाहिए। अशोक गहलोत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज देश और पार्टी के सामने बहुत बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें गहराई से समझने की आवश्यकता है। उनका एकमात्र लक्ष्य पार्टी को हर स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने राहुल गांधी के उस आह्वान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा है कि दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर कहीं भी कोई अन्याय या अत्याचार हो, तो वे तुरंत उनके पास पहुँचे, उनके सुख-दुख के साथी बनें और जरूरत पड़ने पर उनके हक के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करें। गहलोत के अनुसार, राहुल गांधी की इस बात में कांग्रेस की भविष्य की पूरी राजनीति और सेवा का मर्म समाहित है।

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  • लोकप्रिय अभिनेता, निर्देशक और लेखक आर. माधवन को भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान भारतीय सिनेमा, कला और मनोरंजन जगत में उनके शानदार और लंबे योगदान के लिए प्रदान किया गया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा माधवन को दिया गया। सम्मान समारोह के दौरान, जब माधवन मंच पर जा रहे थे, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भी नमन किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए।
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    लोकप्रिय अभिनेता, निर्देशक और लेखक आर. माधवन को भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान भारतीय सिनेमा, कला और मनोरंजन जगत में उनके शानदार और लंबे योगदान के लिए प्रदान किया गया है।

यह पुरस्कार नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा माधवन को दिया गया। सम्मान समारोह के दौरान, जब माधवन मंच पर जा रहे थे, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भी नमन किया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    1 hr ago
  • लखनऊ में हुए हादसे के बाद गाजियाबाद का फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसके चलते जिलेभर के कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस निरीक्षण में, कई संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर खामियां पाई गईं, जिनमें खराब अग्निशमन यंत्र और अधूरे आपातकालीन निकास शामिल थे। नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संचालकों को विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। गंभीर अनियमितताओं के कारण कुछ संस्थानों की बिजली आपूर्ति भी कटवा दी गई है। फायर विभाग ने छात्रों और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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    लखनऊ में हुए हादसे के बाद गाजियाबाद का फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसके चलते जिलेभर के कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस निरीक्षण में, कई संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़ी गंभीर खामियां पाई गईं, जिनमें खराब अग्निशमन यंत्र और अधूरे आपातकालीन निकास शामिल थे।

नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संचालकों को विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। गंभीर अनियमितताओं के कारण कुछ संस्थानों की बिजली आपूर्ति भी कटवा दी गई है। फायर विभाग ने छात्रों और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
    user_Pramod Singh
    Pramod Singh
    Media company गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल में सत्ता से बेदखली के बाद हर बीतता दिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है। इसी क्रम में, नदिया जिले के करीमपुर में TMC की जिला परिषद सदस्य टिना भौमिक साहा के घर से विधाननगर उत्तर थाने की पुलिस ने सोमवार रात लगभग 3 किलोग्राम (300 भर) सोने के गहने बरामद किए हैं। बरामद किए गए इस सोने का मूल्य करीब 4 करोड़ 39 लाख रुपये बताया गया है। यह कार्रवाई रंगदारी वसूली, तोलाबाजी और भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में हुई है। पुलिस ने इन आरोपों के तहत विधाननगर नगर निगम के पूर्व मेयर सव्यसाची दत्त को गिरफ्तार किया था। इसी मामले की जांच के दौरान सव्यसाची दत्त की करीबी मानी जाने वाली टिना भौमिक साहा के घर पर छापेमारी की गई, जहां से यह भारी मात्रा में सोना मिला। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 8 जून को भी विधाननगर उत्तर थाने की पुलिस ने रंगदारी के आरोप में एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया था, जो इस पूरे मामले की व्यापक जांच का हिस्सा प्रतीत होता है।
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    पश्चिम बंगाल में सत्ता से बेदखली के बाद हर बीतता दिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है। इसी क्रम में, नदिया जिले के करीमपुर में TMC की जिला परिषद सदस्य टिना भौमिक साहा के घर से विधाननगर उत्तर थाने की पुलिस ने सोमवार रात लगभग 3 किलोग्राम (300 भर) सोने के गहने बरामद किए हैं। बरामद किए गए इस सोने का मूल्य करीब 4 करोड़ 39 लाख रुपये बताया गया है।

यह कार्रवाई रंगदारी वसूली, तोलाबाजी और भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में हुई है। पुलिस ने इन आरोपों के तहत विधाननगर नगर निगम के पूर्व मेयर सव्यसाची दत्त को गिरफ्तार किया था। इसी मामले की जांच के दौरान सव्यसाची दत्त की करीबी मानी जाने वाली टिना भौमिक साहा के घर पर छापेमारी की गई, जहां से यह भारी मात्रा में सोना मिला।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 8 जून को भी विधाननगर उत्तर थाने की पुलिस ने रंगदारी के आरोप में एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया था, जो इस पूरे मामले की व्यापक जांच का हिस्सा प्रतीत होता है।
    user_अनिल कुमार गुप्ता
    अनिल कुमार गुप्ता
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आज, 23 जून 2026 को गाजियाबाद में भारतीय किसान यूनियन सुनील (BKU सुनील) ने जिला कचहरी पहुंचकर गाजियाबाद बार एसोसिएशन के चल रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। संगठन के किसान पदाधिकारियों ने BKU सुनील के बैनर तले अधिवक्ताओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित की। BKU सुनील के जिला अध्यक्ष अंकित गुर्जर के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान अंकित गुर्जर ने साफ शब्दों में कहा कि किसान और वकील दोनों ही अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा हैं, और जब तक अधिवक्ताओं की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, BKU सुनील उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे वकीलों के किसी भी उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेंगे, क्योंकि उनके अनुसार अन्नदाता और कानून के रखवाले एक-दूसरे के पूरक हैं। BKU सुनील के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनू शर्मा एडवोकेट ने भी इस मौके पर जोर देते हुए कहा कि किसानों की जमीन, मुआवजे और कानूनी मामलों में वकील ही उनकी आवाज होते हैं, इसलिए वकीलों पर हमला किसानों पर हमले के समान है। अंकित गुर्जर ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अधिवक्ताओं की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो किसान भी मजबूर होकर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे। भारतीय किसान यूनियन सुनील ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने तत्काल अधिवक्ताओं की मांगों पर विचार नहीं किया, तो किसान संगठन भी एक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा।
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    आज, 23 जून 2026 को गाजियाबाद में भारतीय किसान यूनियन सुनील (BKU सुनील) ने जिला कचहरी पहुंचकर गाजियाबाद बार एसोसिएशन के चल रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। संगठन के किसान पदाधिकारियों ने BKU सुनील के बैनर तले अधिवक्ताओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित की।

BKU सुनील के जिला अध्यक्ष अंकित गुर्जर के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान अंकित गुर्जर ने साफ शब्दों में कहा कि किसान और वकील दोनों ही अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले योद्धा हैं, और जब तक अधिवक्ताओं की सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, BKU सुनील उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि वे वकीलों के किसी भी उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेंगे, क्योंकि उनके अनुसार अन्नदाता और कानून के रखवाले एक-दूसरे के पूरक हैं। BKU सुनील के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनू शर्मा एडवोकेट ने भी इस मौके पर जोर देते हुए कहा कि किसानों की जमीन, मुआवजे और कानूनी मामलों में वकील ही उनकी आवाज होते हैं, इसलिए वकीलों पर हमला किसानों पर हमले के समान है।

अंकित गुर्जर ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अधिवक्ताओं की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो किसान भी मजबूर होकर सड़कों पर उतरने को विवश होंगे। भारतीय किसान यूनियन सुनील ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने तत्काल अधिवक्ताओं की मांगों पर विचार नहीं किया, तो किसान संगठन भी एक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा।
    user_पत्रकार  धीरेंद्र त्रिपाठी
    पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी
    Local News Reporter गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • इंदिरापुरम के गौर ग्रीन एवेन्यू में हुए अग्निकांड के बाद, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने जिलेभर में अग्नि सुरक्षा मानकों की जाँच के लिए एक विशेष अभियान तेज़ कर दिया है। जीडीए की प्रवर्तन टीमें समूह आवासीय सोसाइटियों, होटलों, बैंक्वेट हॉलों, अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। इस अभियान के तहत, अब तक की जाँच में कुल 206 भवनों और प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियाँ पाई गई हैं। इन मामलों में से 56 पर सीलिंग सहित अन्य प्रवर्तनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। जीडीए ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को भी निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास मार्ग पूरी तरह से कार्यशील रहें। साथ ही, अग्निशमन विभाग की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 100 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    इंदिरापुरम के गौर ग्रीन एवेन्यू में हुए अग्निकांड के बाद, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने जिलेभर में अग्नि सुरक्षा मानकों की जाँच के लिए एक विशेष अभियान तेज़ कर दिया है। जीडीए की प्रवर्तन टीमें समूह आवासीय सोसाइटियों, होटलों, बैंक्वेट हॉलों, अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं।

इस अभियान के तहत, अब तक की जाँच में कुल 206 भवनों और प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियाँ पाई गई हैं। इन मामलों में से 56 पर सीलिंग सहित अन्य प्रवर्तनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

जीडीए ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को भी निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास मार्ग पूरी तरह से कार्यशील रहें। साथ ही, अग्निशमन विभाग की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 100 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जनपद लखीमपुर खीरी में स्थित, भगवान भोलेनाथ की नगरी के रूप में विख्यात गोला गोकर्णनाथ में भगवान शिव के दर्शन किए गए।
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    जनपद लखीमपुर खीरी में स्थित, भगवान भोलेनाथ की नगरी के रूप में विख्यात गोला गोकर्णनाथ में भगवान शिव के दर्शन किए गए।
    user_आशीष मिश्रा जर्नलिस्ट
    आशीष मिश्रा जर्नलिस्ट
    Local News Reporter Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    10 hrs ago
  • एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कि क्या वे अब राजस्थान में ही राजनीति करेंगे या दिल्ली जाएँगे, अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे राजस्थान की जनता से कभी दूर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, 'मैं थांसू दूर नहीं', और स्पष्ट किया कि वे चाहे लंदन, दिल्ली, जयपुर, जोधपुर या जालौर कहीं भी हों, राजस्थान वासियों की सेवा करना ही उनका परम कर्तव्य और धर्म है। गहलोत ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान की जनता ने उन्हें पाँच बार सांसद, छह बार विधायक, केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है, जो कि कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन पर भरोसा जताकर न केवल उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, बल्कि हर बार पूरे पाँच-पाँच साल तक काम करने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। वर्तमान में अपनी भूमिका पर बात करते हुए, गहलोत ने कहा कि अब उनका यह फर्ज बनता है कि वे अपने लिए किसी पद की माँग न करें। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी — चाहे वह जोधपुर, जालौर, पूरे राजस्थान या दिल्ली में संगठन के किसी पद की हो — वे उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे, लेकिन खुद से कोई माँग नहीं करेंगे। उन्होंने खुद को देश का सबसे संतुष्ट राजनीतिज्ञ बताते हुए कहा कि जब उन्हें पार्टी से बिना माँगे सब कुछ मिला है और वे इंदिरा गांधी के समय ही केंद्रीय मंत्री बन गए थे, तो अब उन्हें किसी पद की लालसा क्यों रखनी चाहिए। अशोक गहलोत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज देश और पार्टी के सामने बहुत बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें गहराई से समझने की आवश्यकता है। उनका एकमात्र लक्ष्य पार्टी को हर स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने राहुल गांधी के उस आह्वान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा है कि दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर कहीं भी कोई अन्याय या अत्याचार हो, तो वे तुरंत उनके पास पहुँचे, उनके सुख-दुख के साथी बनें और जरूरत पड़ने पर उनके हक के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करें। गहलोत के अनुसार, राहुल गांधी की इस बात में कांग्रेस की भविष्य की पूरी राजनीति और सेवा का मर्म समाहित है।
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    एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कि क्या वे अब राजस्थान में ही राजनीति करेंगे या दिल्ली जाएँगे, अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे राजस्थान की जनता से कभी दूर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा, 'मैं थांसू दूर नहीं', और स्पष्ट किया कि वे चाहे लंदन, दिल्ली, जयपुर, जोधपुर या जालौर कहीं भी हों, राजस्थान वासियों की सेवा करना ही उनका परम कर्तव्य और धर्म है।

गहलोत ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान की जनता ने उन्हें पाँच बार सांसद, छह बार विधायक, केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है, जो कि कोई छोटी बात नहीं है। उन्होंने श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन पर भरोसा जताकर न केवल उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, बल्कि हर बार पूरे पाँच-पाँच साल तक काम करने का अवसर भी दिया। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान के राजनीतिक इतिहास में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।

वर्तमान में अपनी भूमिका पर बात करते हुए, गहलोत ने कहा कि अब उनका यह फर्ज बनता है कि वे अपने लिए किसी पद की माँग न करें। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी — चाहे वह जोधपुर, जालौर, पूरे राजस्थान या दिल्ली में संगठन के किसी पद की हो — वे उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे, लेकिन खुद से कोई माँग नहीं करेंगे। उन्होंने खुद को देश का सबसे संतुष्ट राजनीतिज्ञ बताते हुए कहा कि जब उन्हें पार्टी से बिना माँगे सब कुछ मिला है और वे इंदिरा गांधी के समय ही केंद्रीय मंत्री बन गए थे, तो अब उन्हें किसी पद की लालसा क्यों रखनी चाहिए।

अशोक गहलोत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज देश और पार्टी के सामने बहुत बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें गहराई से समझने की आवश्यकता है। उनका एकमात्र लक्ष्य पार्टी को हर स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने राहुल गांधी के उस आह्वान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा है कि दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर कहीं भी कोई अन्याय या अत्याचार हो, तो वे तुरंत उनके पास पहुँचे, उनके सुख-दुख के साथी बनें और जरूरत पड़ने पर उनके हक के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करें। गहलोत के अनुसार, राहुल गांधी की इस बात में कांग्रेस की भविष्य की पूरी राजनीति और सेवा का मर्म समाहित है।
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor सदरपुर, गाजियाबाद•
    1 hr ago
  • मंगलवार शाम गुलावठी की एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर पारपा के रोहताश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के कुछ ही मिनटों के भीतर, गुलावठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी पुलिस टीम के साथ मिलकर हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से असलाह भी बरामद किए। हत्यारों को दबोचने की इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा को अपनी भुजा में चोट भी आई। उनकी इस बहादुरी और त्वरित कार्रवाई के सम्मान में, पुलिस कप्तान ने थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के लिए ₹25,000 के इनाम की घोषणा की है।
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    मंगलवार शाम गुलावठी की एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर पारपा के रोहताश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के कुछ ही मिनटों के भीतर, गुलावठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी पुलिस टीम के साथ मिलकर हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से असलाह भी बरामद किए। हत्यारों को दबोचने की इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा को अपनी भुजा में चोट भी आई। उनकी इस बहादुरी और त्वरित कार्रवाई के सम्मान में, पुलिस कप्तान ने थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के लिए ₹25,000 के इनाम की घोषणा की है।
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    30 min ago
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