“धंबोला में गूंजेगा भक्तिरस: हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष धार्मिक आयोजन” धंबोला। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान धंबोला के सान्निध्य में आगामी गुरुवार, 02 अप्रैल को श्री हनुमानजी जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, उल्लास एवं भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर दिनभर विविध धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी, जिसमें नगरवासी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन के साथ होगा, जो धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसके पश्चात संध्या 4:00 बजे मंदिर में सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भक्तगण सामूहिक रूप से हनुमानजी की स्तुति करेंगे। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली जाएगी। इस यात्रा में भक्तजन भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करेंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। यात्रा के उपरांत मंदिर प्रांगण में महाआरती की जाएगी तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण किया जाएगा। एक हनुमान भक्त द्वारा श्री हनुमानजी को 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया जाएगा, इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
“धंबोला में गूंजेगा भक्तिरस: हनुमान जन्मोत्सव पर विशेष धार्मिक आयोजन” धंबोला। श्री पंचदेव मंदिर संस्थान धंबोला के सान्निध्य में आगामी गुरुवार, 02 अप्रैल को श्री हनुमानजी जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, उल्लास एवं भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर दिनभर विविध धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी, जिसमें नगरवासी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:30 बजे मंदिर परिसर में ध्वजा परिवर्तन के साथ होगा, जो धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसके पश्चात संध्या 4:00 बजे मंदिर में सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भक्तगण सामूहिक रूप से हनुमानजी
की स्तुति करेंगे। सांय 6:00 बजे गाजे-बाजे के साथ श्री हनुमानजी की भव्य पालकी यात्रा नगर भ्रमण हेतु निकाली जाएगी। इस यात्रा में भक्तजन भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करेंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। यात्रा के उपरांत मंदिर प्रांगण में महाआरती की जाएगी तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण किया जाएगा। एक हनुमान भक्त द्वारा श्री हनुमानजी को 25 किलो शक्कर से निर्मित मोदक प्रसाद (बूंदी लड्डू) का भोग अर्पित किया जाएगा, इस आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
- धम्बोला थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14 साल से फरार चल रहे ईनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा दे रहा था। प्रकरण के अनुसार, वर्ष 2014 में दहेज प्रताड़ना के मामले में आरोपी विनोदसिंह राठौड़ के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और घर से निकाल देने के आरोप लगे थे। मामला इतना गंभीर था कि पीड़िता को कई बार ससुराल में समझौते के बाद भेजा गया, लेकिन हर बार उसे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन मुख्य आरोपी विनोदसिंह फरार हो गया था। अदालत द्वारा उसे मफरूर घोषित किया गया और उसकी गिरफ्तारी पर 1000 रुपये का इनाम घोषित किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत धम्बोला थाना पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता से आरोपी का सुराग जुटाया। सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में एक सहकारी उपभोक्ता भंडार में काम कर रहा है। पुलिस टीम ने खरीदार बनकर वहां पहुंचकर आरोपी की पहचान की और उसे दबोच लिया।पूछताछ में आरोपी ने शुरुआत में अपना नाम छिपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी असली पहचान कबूल कर ली। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच जारी है।गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ उदयपुर जिले के कानोड़ थाना में भी एक अन्य मामला दर्ज है, जिसमें वह पिछले 6 वर्षों से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई को धम्बोला थाना अधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें सोहनलाल, लोकेन्द्र सिंह (हेडकांस्टेबल), करण भट्ट (कांस्टेबल, आसूचना अधिकारी), रोशन, जीतमल (वृत कार्यालय सीमलवाड़ा) की अहम भूमिका रही।1
- सीमलवाड़ा।पुलिस थाना धम्बोला ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 14 वर्षों से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस से बचता फिर रहा था और दहेज प्रताड़ना के गंभीर मामले में वांछित था। प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 अक्टूबर 2014 को एक पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी शादी 2 दिसंबर 2009 को विनोदसिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद पति बिना बताए विदेश चला गया और ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। हालात इतने बिगड़ गए कि पीड़िता को ससुराल से निकाल दिया गया और वह अपने पिता के घर रहने को मजबूर हो गई। पीड़िता ने बताया कि बाद में पति के वापस आने के बावजूद ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला और दहेज की मांग जारी रही। कई बार समाज के लोगों की मौजूदगी में उसे ससुराल भेजा गया, लेकिन हर बार उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और अंततः उसे फिर घर से निकाल दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पीड़िता के परिवार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ना भी कठिन हो गया। इस मामले में पुलिस थाना धम्बोला में प्रकरण संख्या 344/2014 के तहत धारा 498ए और 494 आईपीसी में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ अभियोजन चलाया गया। वहीं मुख्य आरोपी विनोदसिंह राठौड़ फरार हो गया, जिसे न्यायालय द्वारा मफरूर घोषित किया गया था। आरोपी पर जिला पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर द्वारा 1000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला के मार्गदर्शन एवं वृताधिकारी मदनलाल बिश्नोई के पर्यवेक्षण में “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने पारंपरिक पुलिसिंग, मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता के माध्यम से आरोपी की तलाश तेज की। जांच के दौरान सूचना मिली कि आरोपी उदयपुर में रह रहा है। इस पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर गुप्त रूप से तलाश शुरू की। जानकारी के आधार पर पुलिस ने पंचवटी चौराहे स्थित एक सहकारी उपभोक्ता भंडार में खरीददार बनकर जांच की, जहां आरोपी काम करता हुआ मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नाम बताए, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम विनोदसिंह राठौड़ होना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को डिटेन कर धम्बोला थाने लाया, जहां उससे आगे की पूछताछ जारी है। आरोपी की पहचान 41 वर्षीय विनोदसिंह पुत्र कमलसिंह राठौड़ निवासी धरियावाद, जिला प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना कानोड़, जिला उदयपुर में भी एक प्रकरण दर्ज है, जिसमें वह पिछले छह वर्षों से वांछित चल रहा था। इस कार्रवाई में थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम के सदस्य सोहनलाल, लोकेन्द्र सिंह, करण भट्ट, रोशन तथा जीतमल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।1
- डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गोल निवासी शंकरलाल जोशी अपनी बाइक से आसपुर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कल्याणी गैस एजेंसी के पास सामने से आ रहे एक मिनी ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शंकरलाल जोशी सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तुरंत घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आसपुर पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान रविवार देर रात शंकरलाल जोशी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मृतक के शव को अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। इधर, मृतक के पुत्र ने आसपुर थाने में मिनी ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।1
- लोकसभा में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने नक्सलवाद और आदिवासियों के अधिकारों पर बेहद दमदार और तीखा भाषण दिया। गृहमंत्री अमित शाह के 'नक्सल मुक्त भारत' (31 मार्च 2026) के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने संसद में पूछा कि जो आदिवासी चप्पल नहीं खरीद सकता, उसके पास आधुनिक हथियार कहाँ से आ रहे हैं? उन्होंने जल, जंगल और जमीन के लिए लड़ने वाले आदिवासियों को नक्सली का ठप्पा लगाने का कड़ा विरोध किया। साथ ही, उन्होंने आदिवासी युवाओं से अपील की कि वे अब पारंपरिक हथियारों के बजाय 'कलम और कागज' की ताकत से अपने अधिकारों की रक्षा करें।1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ और पब्लिक एप का भगवान महावीर के जन्म उत्सव पर जयंती पर यह बुलेटिन उनके चरणों में समर्पित। है1
- डुंगरपुर । अपने मामा के घर से लौट रहा बाइक सवार युवक अज्ञात वाहन की टक्कर लगने स गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को 108 से डूंगरपु जिल अस्पताल लाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर के लिया रैफर किया गया।1
- समाज के सर्वांगीण विकास पर हुआ मंथन रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर, फिजूलखर्ची पर रोक और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। श्री विश्वकर्मा मेवाड़ा सुथार महासभा के तत्वावधान में उदयपुर संभाग के नरणिया स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में प्रथम संभाग स्तरीय चिंतन शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। कांठल बैठक की मेजबानी में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा की आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में संभाग की 16 बैठकों से आए पंचों एवं महासभा के पदाधिकारियों का पारंपरिक पगड़ी व उपरना पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए महासभा अध्यक्ष रमेश जी ने शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए समाज में फिजूलखर्ची रोकने का आह्वान किया। शिविर में विभिन्न वक्ताओं ने समाज के महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। रूपजी गुडेल ने महिला सशक्तिकरण, सुरेश जी ने राजनीतिक भागीदारी और भंवर जी मोवाई ने व्यावसायिक शिक्षा को समाज की उन्नति के लिए आवश्यक बताया। वहीं, विजयकृष्ण जी झालावाड़ ने सामाजिक रीति-रिवाजों के संरक्षण तथा भगवान जी रंदेला ने समाज की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। सामाजिक अनुशासन और युवा विकास पर चर्चा करते हुए शंकर जी माकडसीमा ने बैठकों में उपस्थिति बढ़ाने व बेटी के सम्मानजनक व्यवहार का मार्गदर्शन दिया, जबकि युवा संयोजक छोटू पुनाली ने करियर गाइडेंस, सरकारी योजनाओं और रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की। मोगजी थड़ा ने उदयपुर में निर्माणाधीन छात्रावास की प्रगति रिपोर्ट साझा की। कार्यक्रम के अंत में आगामी योजनाओं पर समीक्षा बैठक की गई और आयोजक कांठल बैठक के अध्यक्ष अमृतलाल जी व अन्य सदस्यों द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।1
- सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे के दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान महावीर का 2625वां जन्मकल्याणक बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर जैन समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे दिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पीठ जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार डैचिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल भगवान महावीर के पंचामृत अभिषेक से हुई। इसके पश्चात विधि-विधान से पूजन एवं आरती का आयोजन किया गया, जिसका लाभ चंद्रकांत शाह द्वारा प्राप्त किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गुंजायमान रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। सायंकाल भगवान महावीर की गंधकुटी से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें गाजे-बाजे के साथ भगवान की प्रतिमा का नगर भ्रमण कराया गया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे, जिससे पूरे कस्बे में धार्मिक वातावरण बन गया। रात्रिकालीन कार्यक्रमों में पालना झुलाने की परंपरा निभाई गई तथा भक्तामर स्तोत्र के साथ दीप अर्चना का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर भगवान महावीर के प्रति अपनी आस्था प्रकट की और कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। इस अवसर पर हसमुख कोठारी, मनोज कोठारी, आशीष भूता, कुलदीप कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, दीपक डेचिया सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने पीठ कस्बे में धर्म और भक्ति का अद्भुत माहौल बना दिया। इस दौरान तहसीलदार अशोक शाह,धंबोला थानाधिकारी देवेंद्र देवल सहित मौजूद रहे।3