राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, उनियारा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मैसर्स श्री श्याम ट्रेडर्स पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 'रिवॉल्ट ब्रांड' की 7,488 कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक की बोतलें सीज की हैं। यह कार्रवाई नैनवा रोड स्थित प्रतिष्ठान पर की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इन बोतलों पर 'Stimulates Mind, Energizes Body' और 'Same Great Taste' जैसे दावे अंकित पाए गए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार भ्रामक प्रचार की श्रेणी में रखा गया है। खाद्य सुरक्षा टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों के तहत पेय पदार्थ के नमूने जांच के लिए लिए और मौके पर ही शेष 7,488 बोतलों को सीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, और इन बोतलों का निस्तारण केवल न्यायालय के आदेशों के बाद ही किया जाएगा, क्योंकि दुकानदार अब इन्हें बेच नहीं सकता। एफएसएसएआई के निर्देशों के अनुसार, कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'स्पोर्ट्स ड्रिंक', 'स्टिमुलेट्स माइंड' जैसे दावों का उपयोग उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है, जिसके संबंध में हाल ही में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को भी आवश्यक निर्देश एवं नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि अधिक कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन सावधानीपूर्वक करें, खासकर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए ऐसे पेय स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक हो सकते हैं। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर के साथ टीम में अविनाश, राजेंद्र और रविशंकर आदि कार्मिक उपस्थित थे।
राज्य सरकार के 'शुद्ध आहार, मिलावट पर वार' अभियान के तहत, उनियारा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मैसर्स श्री श्याम ट्रेडर्स पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 'रिवॉल्ट ब्रांड' की 7,488 कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक की बोतलें सीज की हैं। यह कार्रवाई नैनवा रोड स्थित प्रतिष्ठान पर की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इन बोतलों पर 'Stimulates Mind, Energizes
Body' और 'Same Great Taste' जैसे दावे अंकित पाए गए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार भ्रामक प्रचार की श्रेणी में रखा गया है। खाद्य सुरक्षा टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों के तहत पेय पदार्थ के नमूने जांच के लिए लिए और मौके पर ही शेष 7,488 बोतलों को सीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट
मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, और इन बोतलों का निस्तारण केवल न्यायालय के आदेशों के बाद ही किया जाएगा, क्योंकि दुकानदार अब इन्हें बेच नहीं सकता। एफएसएसएआई के निर्देशों के अनुसार, कैफीनयुक्त पेय पदार्थों पर 'एनर्जी ड्रिंक', 'स्पोर्ट्स ड्रिंक', 'स्टिमुलेट्स माइंड' जैसे दावों का उपयोग उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है, जिसके संबंध में हाल ही में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को भी आवश्यक
निर्देश एवं नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि अधिक कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन सावधानीपूर्वक करें, खासकर गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए ऐसे पेय स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक हो सकते हैं। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर के साथ टीम में अविनाश, राजेंद्र और रविशंकर आदि कार्मिक उपस्थित थे।
- कैबिनेट मंत्री और कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पांचना बांध एवं नहरी जल प्रवाह से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए सवाई माधोपुर-करौली क्षेत्र के सभी किसान भाइयों और आमजन से शांति, संयम तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की महत्वपूर्ण अपील की है। डॉ. मीणा ने आग्रह किया कि कुछ लोग वातावरण को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से किसी भी प्रकार की हिंसा, उग्र प्रदर्शन अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने को कहा। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक एवं भड़काऊ टिप्पणियों पर ध्यान न देने, अफवाहों और अनर्गल टिप्पणियों से बचने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करने का आग्रह किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे कमांड क्षेत्र एवं कैचमेंट क्षेत्र दोनों के किसानों के साथ समान रूप से खड़े हैं, और राज्य सरकार सभी किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से आंदोलनरत किसान भाइयों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का आग्रह किया, यह दोहराते हुए कि किसी भी प्रकार की हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन अथवा कानून हाथ में लेने जैसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। डॉ. मीणा ने सभी से प्रशासन का सहयोग करने और शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।1
- सवाई माधोपुर में खैरदा अंडरपास को आम जनता की सुरक्षा के मद्देनज़र बंद कर दिया गया है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह अस्थायी बंद कब तक जारी रहेगा और लोगों को यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर यह रोक कब हटेगी।1
- गुर्जर समाज ने अपनी बहन-बेटियों पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज ने अजयराज पीलोदा, मदन मोहन राजौर, अर्जुन महर, हंसराज सरपंच पदमपुरा, मनोज मीणा महुआ और विश्रा खण्डिप नामक छह व्यक्तियों पर ये टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस से इन सभी आरोपियों की तुरंत प्रभाव से गिरफ्तारी की मांग की गई है।1
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के गुणशीला गांव की एक युवती के कथित अपहरण के मामले को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस थाना चौथ का बरवाड़ा पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए युवती की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि इस घटना के कारण गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि वे मामले की गंभीरता से जांच कर त्वरित कार्रवाई करें। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। थाना अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और युवती की तलाश के लिए पुलिस की टीमें सक्रियता से काम कर रही हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि जांच के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।1
- कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सवाई माधोपुर-करौली क्षेत्र के सभी किसान भाइयों और आमजन से पांचना बांध तथा नहरी जल प्रवाह के संबंध में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर शांति, संयम और आपसी सौहार्द बनाए रखने की महत्वपूर्ण अपील की है। डॉ. मीणा ने आगाह किया कि कुछ लोग वातावरण को तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने सभी किसान भाइयों से किसी भी प्रकार की हिंसा, उग्र प्रदर्शन अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक एवं भड़काऊ टिप्पणियों पर ध्यान न देने तथा अफवाहों और अनर्गल टिप्पणियों से बचने की सलाह दी, केवल प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही विश्वास करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कमांड क्षेत्र और कैचमेंट क्षेत्र—दोनों क्षेत्रों के किसानों के साथ समान रूप से खड़े हैं, और सभी किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। डॉ. मीणा ने विशेष रूप से आंदोलनरत किसान भाइयों से आग्रह किया कि वे अपनी बात शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखें। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, हथियारों का प्रदर्शन अथवा कानून हाथ में लेने जैसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं होंगी। अंततः, उन्होंने सभी से प्रशासन का सहयोग करने तथा शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील दोहराई, जैसा कि जिला प्रशासन, सवाई माधोपुर द्वारा जानकारी दी गई है।1
- दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर मंगलवार आधी रात को मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) सवाई माधोपुर-गंगापुर रेलखंड पर रणथंभौर और मखोली स्टेशनों के बीच कपलर टूटने से दो भागों में बंट गई। तेज रफ्तार में दौड़ती देहरादून ट्रेन का कपलर उखड़ने के कारण हुए इस हादसे के चलते मलाना स्टेशन पर ट्रेन अपने आधे डिब्बे ही लेकर पहुंची। यह घटना कोच नंबर एस-6 और एस-7 के बीच हुई, जहाँ आगे वाले एस-6 कोच का कपलर उखड़कर पीछे वाले कोच पर लटक गया। कपलर जोड़ने की स्थिति में न होने के कारण ट्रेन बुधवार तड़के तक मौके पर ही खड़ी रही। सूचना मिलने पर सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के आगे वाले हिस्से को मलारना स्टेशन पहुंचाया गया और पीछे वाले हिस्से को रणथंभौर स्टेशन ले जाकर खड़ा किया गया। अधिकारियों ने तड़के तक ट्रेन को रवाना करने के प्रयास किए, जिसमें पहले कोटा से दूसरा कोच मंगाकर एस-6 की जगह लगाने की तैयारी की गई, लेकिन फिर दूसरे ट्रेन इंजन से उन्हीं कोचों को लाकर मलारना स्टेशन पर जोड़ा गया। मुंबई में बारिश के चलते यह ट्रेन पहले से ही करीब 4 घंटे 20 मिनट देरी से चल रही थी। कोटा से रात 10:15 बजे रवाना होकर यह ट्रेन 12:10 बजे माधोपुर पहुंची थी, और वहाँ से रवाना होने के कुछ देर बाद ही रणथंभौर-मखोली के बीच यह घटना हुई, जिससे ट्रेन का आगे का हिस्सा 12:40 बजे मलारना स्टेशन पहुँचा। इस घटना से कोटा रेल मंडल अधिकारियों में हलचल मच गई और वे तुरंत कंट्रोल रूम पहुंचे। मलारना स्टेशन पर पूरी ट्रेन को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया और सुबह करीब 6:30 बजे देहरादून एक्सप्रेस को दिल्ली की ओर रवाना किया गया।1
- धौलपुर में हुई झमाझम बारिश ने एक ओर जहाँ किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं।1
- राजस्थान में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर चलाए जा रहे 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत, सवाई माधोपुर में बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी के नेतृत्व में फूड सेफ्टी ऑफिसर वेद प्रकाश पूर्विया और नितेश गौतम की टीम ने बुधवार को रीको इंडस्ट्रियल एरिया खेरदा स्थित पवन पेप्सी एजेंसी पर छापा मारा। इस दौरान, बाजार में सप्लाई की जा रही स्टिंग और एड्रिनलिन रश ब्रांड की एनर्जी ड्रिंक की खेप से दो नमूने लिए गए और मौके पर ही लगभग 7700 कैन एनर्जी ड्रिंक (करीब 1500 लीटर) जब्त की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा एनर्जी ड्रिंक पर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे कुछ दिन पहले भी इसी रीको इंडस्ट्रियल एरिया खेरदा में स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग से लगभग 13000 लीटर एनर्जी ड्रिंक जब्त की गई थी। उस जब्त किए गए स्टॉक की जांच रिपोर्ट में उसे 'अमानक प्रकृति' का पाया गया, जिसका चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा और कोर्ट के आदेश मिलने पर उसे नष्ट कर दिया जाएगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार, कैफीनेटेड बेवरेजेस पर 'स्टीमूलेट्स माइंड', 'एनरर्जाइज बॉडीज', 'एनर्जी ड्रिंक' जैसे दावों का लेबल पर उल्लेख करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। भारत सरकार की संस्था FSSAI, नई दिल्ली ने इस संबंध में बेवरेज उत्पादनकर्ता कंपनियों को नोटिस भी जारी किए हैं। ऐसी एनर्जी ड्रिंक, जिनमें कैफीन की मात्रा अधिक होती है, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इनके सेवन से हृदय की धड़कन तेज होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, बेचैनी, घबराहट, हाथ कांपना, सिरदर्द, चक्कर आना और नींद में खलल जैसी मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। अत्यधिक शुगर के कारण मोटापा, दांतों की समस्या और मधुमेह का खतरा भी बढ़ता है, जबकि खाली पेट पीने पर पेट में जलन, एसिडिटी और उल्टी की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक सेवन से इनकी आदत पड़ सकती है और अचानक छोड़ने पर चिड़चिड़ापन भी महसूस हो सकता है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और किशोरों, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग के मरीजों, मधुमेह के मरीजों और कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को ऐसी ड्रिंक्स से बचना चाहिए। पवन पेप्सी एजेंसी से लिए गए सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भिजवाया गया है। लैब रिपोर्ट मिलने के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम एवं विनियम 2011 के अनुसार सख्त अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ जानवरों को बेरोकटोक परिसर में प्रवेश करते देखा जा रहा है। अस्पताल के इस हाल को देखते हुए कहा जा रहा है कि यहाँ जानवरों की एंट्री 'फ्री' है।1