उत्तर प्रदेश के देवबंद में समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा आयोजित 'पीडीए पंचायत' में भाजपा सरकार के खिलाफ तीखे तेवर देखने को मिले। सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार को 'जनविरोधी' करार दिया। उन्होंने लखनऊ में हुए अग्निकांड में छात्रों की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की। विश्वकर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि लखनऊ का अग्निकांड पूरे देश को झकझोर देने वाला है और इसमें सरकार की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जिसे प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि आज देश और प्रदेश में युवाओं का भविष्य अंधकार में है, और परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होना आम बात बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र अपने हक और इंसाफ के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकार उन पर लाठियां बरसाती है, जो लोकतंत्र और संविधान की हत्या है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी सपा सरकार में 'हर घर के एक युवक को नौकरी' देना सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पक्की गारंटी है। इसी कड़ी में, देवबंद विधानसभा से सपा प्रत्याशी कार्तिकेय राणा ने भी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर आम जनता के रोजमर्रा के काम बिना रिश्वत के न होने और मंत्रियों व विधायकों के बेनामी संपत्तियों के मालिक बनने का जिक्र किया गया। राणा ने कहा कि छात्र विरोधी नीतियों के कारण इस सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने सरकार की कानून-व्यवस्था की नीति पर भी गंभीर सवाल उठाए, आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बेगुनाह लोगों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ब्राह्मण, दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज को निशाना बनाए जाने की बात कही और बताया कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज के युवाओं को टारगेट कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे जनता भूलेगी नहीं। उन्होंने ऐलान किया कि ब्राह्मण समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सपा अगस्त माह में एक राज्यव्यापी बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस 'पीडीए पंचायत' की अध्यक्षता सपा जिला अध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने की, जिसमें पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी परविंदर सिंह, सपा विधानसभा अध्यक्ष रमेश पवार, सपा नेत्री रूही अंजुम, वरिष्ठ नेता जसवीर वाल्मीकि और राव करी साजिद ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में सुखपाल राणा, दीपक राणा, मनोज त्यागी और गुलफाम अंसारी सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश के देवबंद में समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा आयोजित 'पीडीए पंचायत' में भाजपा सरकार के खिलाफ तीखे तेवर देखने को मिले। सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार को 'जनविरोधी' करार दिया। उन्होंने लखनऊ में हुए अग्निकांड में छात्रों की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की। विश्वकर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि लखनऊ का अग्निकांड पूरे देश को झकझोर देने वाला है और इसमें सरकार की घोर लापरवाही उजागर हुई है, जिसे प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि आज देश और प्रदेश में युवाओं का भविष्य अंधकार में है, और परीक्षा से पहले
ही पेपर लीक होना आम बात बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र अपने हक और इंसाफ के लिए आवाज उठाते हैं, तो सरकार उन पर लाठियां बरसाती है, जो लोकतंत्र और संविधान की हत्या है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी सपा सरकार में 'हर घर के एक युवक को नौकरी' देना सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पक्की गारंटी है। इसी कड़ी में, देवबंद विधानसभा से सपा प्रत्याशी कार्तिकेय राणा ने भी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर आम जनता के रोजमर्रा के काम बिना रिश्वत के न होने और मंत्रियों व विधायकों के बेनामी संपत्तियों के मालिक बनने का जिक्र किया गया। राणा ने कहा कि छात्र विरोधी नीतियों के कारण इस सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने सरकार की कानून-व्यवस्था की नीति पर भी गंभीर
सवाल उठाए, आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बेगुनाह लोगों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से ब्राह्मण, दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज को निशाना बनाए जाने की बात कही और बताया कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज के युवाओं को टारगेट कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे जनता भूलेगी नहीं। उन्होंने ऐलान किया कि ब्राह्मण समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सपा अगस्त माह में एक राज्यव्यापी बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस 'पीडीए पंचायत' की अध्यक्षता सपा जिला अध्यक्ष अब्दुल वाहिद ने की, जिसमें पूर्व ब्लाक प्रमुख चौधरी परविंदर सिंह, सपा विधानसभा अध्यक्ष रमेश पवार, सपा नेत्री रूही अंजुम, वरिष्ठ नेता जसवीर वाल्मीकि और राव करी साजिद ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में सुखपाल राणा, दीपक राणा, मनोज त्यागी और गुलफाम अंसारी सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- मुजफ्फरनगर के कृष्णापुरी में मकान खरीद को लेकर एक विवाद गर्मा गया है। यह मामला मेरठ के कृष्णापुरी क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मकान खरीदे जाने की सूचना मिली। इस जानकारी के बाद हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार मौके पर पहुँचे और उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की। नरेंद्र पंवार ने प्रशासन से माँग की है कि 24 घंटे के भीतर इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हिंदू संघर्ष समिति मोहल्ले के निवासियों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करेगी और क्षेत्र में तालाबंदी जैसा कदम भी उठाया जा सकता है। फिलहाल, प्रशासन इस मामले की जाँच कर रहा है और स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है।1
- मुजफ्फरनगर में थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई एक मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामी और कुख्यात अपहरणकर्ता सतपाल उर्फ सत्तू घायल हो गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, सतपाल एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस चेकिंग के दौरान सतपाल ने पुलिस टीम को देखकर कार से भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में सतपाल के दोनों पैरों में गोली लगी। मृतक अभियुक्त के कब्जे से एक पिस्टल, तमंचा, कारतूस, घटना में प्रयुक्त कार, एक फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, नकदी और अपहृत किशोरी की कान की बालियां बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, सतपाल पर उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे। इसके अलावा, वह फरवरी 2026 में पुलिस कस्टडी से भी फरार हो गया था।1
- भीम आर्मी के समर्थन में 'जय भीम' और 'चंद्रशेखर भाई जिंदाबाद' के उद्घोष के साथ ज़ोरदार नारे लगाए गए। यह उद्घोष चंद्रशेखर भाई के प्रति गहरे उत्साह और दृढ़ समर्थन को व्यक्त करता है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुज़फ्फरनगर-हरिद्वार RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के लिए एएआर/डीपीआर (एनालिसिस ऑफ अल्टरनेटिव्स/डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराने को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति देने वाला बताया। उनके अनुसार, यह परियोजना मुज़फ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार के बीच आवागमन को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। इस कॉरिडोर से व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, हरिद्वार जैसे तीर्थ स्थल तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष लाभ होगा। मंत्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्र में घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा देगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।1
- मुजफ्फरनगर में अपराध और अवैध शस्त्रों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे एक अभियान के तहत, थाना कोतवाली नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार तथा अन्य सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों से 9 अवैध तमंचे और उनके साथ 9 जिंदा कारतूस (.315 बोर), 3 पिस्टल (.32 बोर), 3 मैगजीन (.32 बोर), 4 मोबाइल फोन और 4,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए हथियारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है कि उन्हें कहां से प्राप्त किया गया था और किन व्यक्तियों को इनकी आपूर्ति की जानी थी। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अवैध शस्त्रों के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जनपद में अपराध और अवैध हथियारों के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।1
- ईंट भट्ठों पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ आज कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 718 रुपये की जगह बहुत कम दिहाड़ी दी जा रही है। इस अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरोध में मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की।1
- प्रसूता की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि महिला का ऑपरेशन ट्रेनी डॉक्टरों द्वारा किया गया था और अस्पताल में भर्ती के दौरान उनके आभूषण भी गायब हो गए। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है, हालांकि, नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भी अस्पताल की कार्यप्रणाली की पड़ताल कर रही है। इन शिकायतों के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- मुज़फ्फरनगर जिले के ज्वालापुर बाज़ार से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग सामान खरीदते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में एक व्यक्ति को खरीददारी करते हुए और एक कार्यकर्ता कुलदीप कुमार बाबरा को बातचीत करते हुए देखा जा सकता है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर एबीसी न्यूज़ के रिपोर्टर खड़के ने साझा की है, जिसमें ज्वालापुर बाज़ार में सामान लेते हुए व्यक्तियों की गतिविधियों और रविदास भक्ति का भी ज़िक्र किया गया है।1