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नवांगुतक पुलिस अधीक्षक का जनपद आगमन, अधिकारियों ने किया स्वागत #महोबा नवांगुतक पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सिंह के आगमन पर अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वंदना सिंह एवं जनपदीय पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। जनपद आगमन के उपरांत पुलिस अधीक्षक महोबा द्वारा अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद की पृष्ठभूमि, भौगोलिक स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों तथा महत्वपूर्ण स्थलों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।

9 hrs ago
user_Nitendra Jha
Nitendra Jha
Mahoba Insight & Ikvnews Sharafipura, Mahoba•
9 hrs ago
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नवांगुतक पुलिस अधीक्षक का जनपद आगमन, अधिकारियों ने किया स्वागत #महोबा नवांगुतक पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सिंह के आगमन पर अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वंदना सिंह एवं जनपदीय पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। जनपद आगमन के उपरांत पुलिस अधीक्षक महोबा द्वारा अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद की पृष्ठभूमि, भौगोलिक स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों तथा महत्वपूर्ण स्थलों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।

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    नैपुरा में अधूरा अन्नपूर्णा भवन, राशन वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल
    user_Hari Singh
    Hari Singh
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Star City School Mahoba
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    Post by Star City School Mahoba
    user_Star City School Mahoba
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    English language school महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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    user_Ramlakhan Namdev
    Ramlakhan Namdev
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    12 hrs ago
  • कानपुर से नई दिल्ली जा रही पूर्वा एक्सप्रेस में ट्रेन की सुरक्षा में तैनात जवान के साथ यात्रियों द्वारा मारपीट की घटना सामने आई है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. #TrainSecurity #PurvaExpress #ViralVideo #PassengerAssault
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    कानपुर से नई दिल्ली जा रही पूर्वा एक्सप्रेस में ट्रेन की सुरक्षा में तैनात जवान के साथ यात्रियों द्वारा मारपीट की घटना सामने आई है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. #TrainSecurity #PurvaExpress #ViralVideo #PassengerAssault
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Charkhari, Mahoba•
    2 hrs ago
  • Post by संतोष गंगेले कर्मयोगी
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    Post by संतोष गंगेले कर्मयोगी
    user_संतोष गंगेले कर्मयोगी
    संतोष गंगेले कर्मयोगी
    नौगांव, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • #Apkiawajdigital ​● मरौली खदानों में पोकलैंड मशीनों ने जलधारा को किया लहूलुहान, अप्रैल में ही जून जैसी तपिश और बूंद-बूंद को तरसते हलक ● 10 अप्रैल को अशोक लाट पर होगा महा-आंदोलन, STF जांच और खदानें तत्काल बंद करने की उठी मांग ​बांदा। बुंदेलखंड की जीवनदायिनी कही जाने वाली केन नदी आज अपने अस्तित्व की सबसे करुण लड़ाई लड़ रही है। एक तरफ सरकार करोड़ों रूपये खर्च कर 'हर घर नल, हर घर जल' का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर बांदा के सीने पर पल रहे बालू माफिया प्रशासन की नाक के नीचे नदी का गला घोंट रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सामाजिक संगठन 'बुंदेलखंड इंसाफ सेना' ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। ​नदी नहीं, नाला बना दी गई केन ​संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में रोंगटे खड़े कर देने वाली जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने कहा कि मरौली खदान खंड संख्या 4, 5 और 6 के संचालकों ने सारी मर्यादाएं ताक पर रख दी हैं। भारी-भरकम पोकलैंड मशीनें दिन-रात नदी की जलधारा के बीच से 'जिंदा बालू' निकाल रही हैं। आलम यह है कि कभी कल-कल बहने वाली केन नदी अब एक गंदे नाले में तब्दील होती जा रही है। जब मुख्य स्रोत ही सूख जाएगा, तो जल संस्थान शहर की प्यास कैसे बुझाएगा ? ​पाताल में जा रहा जलस्तर, अप्रैल में ही अकाल जैसे हालात ​ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि अवैध खनन की वजह से भूगर्भ जलस्तर (Ground Water Level) तेजी से धरातल की ओर जा रहा है। इसका सीधा असर शहर के हैंडपंपों और कुओं पर पड़ा है, जो अप्रैल की शुरुआत में ही जवाब देने लगे हैं। चंद बाहरी मुनाफाखोरों की अंधी कमाई की भूख ने पूरे जनपद को प्यासा मरने पर मजबूर कर दिया है। आखिर क्या वजह है कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन इन खदानों पर पाबंदी लगाने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है ? ​STF जांच और 10 अप्रैल का अल्टीमेटम ​बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने मांग की है कि जनपद में गहराते जल संकट को देखते हुए इन खदानों की निगरानी तत्काल एस.टी.एफ. (STF) के माध्यम से कराई जाए। भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि स्थानीय स्तर पर जांच महज औपचारिकता बनकर रह गई है। ​"अगर प्रशासन ने समय रहते संज्ञान नहीं लिया और इन खदानों को तत्काल प्रभाव से बंद नहीं किया, तो 10 अप्रैल 2026 को बांदा की सड़कों पर जन-सैलाब उमड़ेगा। हम अशोक लाट तिराहे पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।" — ए.एस. नोमानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष (बुंदेलखंड इंसाफ सेना) ​प्रशासन से तीखे सवाल: ​सरकार के पेयजल मिशन को खनन माफिया क्यों दे रहे हैं चुनौती? ​जलधारा को रोककर मशीनों से खनन करना क्या प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम नहीं है? ​क्या बांदा की जनता की प्यास से ज्यादा कीमती माफियाओं की तिजोरियां हैं ? ​इस ज्ञापन ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह है कि क्या बांदा की जीवनदायिनी को बचाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या फिर 10 अप्रैल को बांदा एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बनेगा।
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    #Apkiawajdigital
​● मरौली खदानों में पोकलैंड मशीनों ने जलधारा को किया लहूलुहान, अप्रैल में ही जून जैसी तपिश और बूंद-बूंद को तरसते हलक
● 10 अप्रैल को अशोक लाट पर होगा महा-आंदोलन, STF जांच और खदानें तत्काल बंद करने की उठी मांग
​बांदा। बुंदेलखंड की जीवनदायिनी कही जाने वाली केन नदी आज अपने अस्तित्व की सबसे करुण लड़ाई लड़ रही है। एक तरफ सरकार करोड़ों रूपये खर्च कर 'हर घर नल, हर घर जल' का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर बांदा के सीने पर पल रहे बालू माफिया प्रशासन की नाक के नीचे नदी का गला घोंट रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सामाजिक संगठन 'बुंदेलखंड इंसाफ सेना' ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
​नदी नहीं, नाला बना दी गई केन
​संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में रोंगटे खड़े कर देने वाली जमीनी हकीकत बयां की। उन्होंने कहा कि मरौली खदान खंड संख्या 4, 5 और 6 के संचालकों ने सारी मर्यादाएं ताक पर रख दी हैं। भारी-भरकम पोकलैंड मशीनें दिन-रात नदी की जलधारा के बीच से 'जिंदा बालू' निकाल रही हैं। आलम यह है कि कभी कल-कल बहने वाली केन नदी अब एक गंदे नाले में तब्दील होती जा रही है। जब मुख्य स्रोत ही सूख जाएगा, तो जल संस्थान शहर की प्यास कैसे बुझाएगा ?
​पाताल में जा रहा जलस्तर, अप्रैल में ही अकाल जैसे हालात
​ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि अवैध खनन की वजह से भूगर्भ जलस्तर (Ground Water Level) तेजी से धरातल की ओर जा रहा है। इसका सीधा असर शहर के हैंडपंपों और कुओं पर पड़ा है, जो अप्रैल की शुरुआत में ही जवाब देने लगे हैं। चंद बाहरी मुनाफाखोरों की अंधी कमाई की भूख ने पूरे जनपद को प्यासा मरने पर मजबूर कर दिया है। आखिर क्या वजह है कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन इन खदानों पर पाबंदी लगाने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है ?
​STF जांच और 10 अप्रैल का अल्टीमेटम
​बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने मांग की है कि जनपद में गहराते जल संकट को देखते हुए इन खदानों की निगरानी तत्काल एस.टी.एफ. (STF) के माध्यम से कराई जाए। भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि स्थानीय स्तर पर जांच महज औपचारिकता बनकर रह गई है।
​"अगर प्रशासन ने समय रहते संज्ञान नहीं लिया और इन खदानों को तत्काल प्रभाव से बंद नहीं किया, तो 10 अप्रैल 2026 को बांदा की सड़कों पर जन-सैलाब उमड़ेगा। हम अशोक लाट तिराहे पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"
— ए.एस. नोमानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष (बुंदेलखंड इंसाफ सेना)
​प्रशासन से तीखे सवाल:
​सरकार के पेयजल मिशन को खनन माफिया क्यों दे रहे हैं चुनौती?
​जलधारा को रोककर मशीनों से खनन करना क्या प्रशासनिक मिलीभगत का परिणाम नहीं है?
​क्या बांदा की जनता की प्यास से ज्यादा कीमती माफियाओं की तिजोरियां हैं ?
​इस ज्ञापन ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अब देखना यह है कि क्या बांदा की जीवनदायिनी को बचाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या फिर 10 अप्रैल को बांदा एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बनेगा।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नगारा घाट पूर्व माध्यमिक विद्यालय की कक्षा में निकला सांप, छात्रों में मची भगदड़
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    नगारा घाट पूर्व माध्यमिक विद्यालय की कक्षा में निकला सांप, छात्रों में मची भगदड़
    user_Hari Singh
    Hari Singh
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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