Shuru
Apke Nagar Ki App…
गंज में ट्रैफिक जाम होने से देखो क्या हुआ है से ट्रैफिक आपने खाने दे कम गंज में ट्रैफिक जाम होने से देखो क्या हुआ है काम चालू होने के कारण गांधी में ट्रैफिक इतनी जोर से लग जाएगी क्या बात
Anil Kajle
गंज में ट्रैफिक जाम होने से देखो क्या हुआ है से ट्रैफिक आपने खाने दे कम गंज में ट्रैफिक जाम होने से देखो क्या हुआ है काम चालू होने के कारण गांधी में ट्रैफिक इतनी जोर से लग जाएगी क्या बात
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- गंज में ट्रैफिक जाम होने से देखो क्या हुआ है से ट्रैफिक आपने खाने दे कम गंज में ट्रैफिक जाम होने से देखो क्या हुआ है काम चालू होने के कारण गांधी में ट्रैफिक इतनी जोर से लग जाएगी क्या बात1
- बेटुल में बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में देश के बच्चों के भविष्य को संकट में बताया गया है, जिस पर लोग सोच-विचार कर रहे हैं।1
- आमला के माल गोदाम क्षेत्र में 15 साल से बंद पड़ा हैंडपंप आखिरकार फिर से चालू हो गया है। वार्ड पार्षद खुशबू अतुलकर के लगातार प्रयासों से यह संभव हुआ, जिससे सैकड़ों क्षेत्रवासियों की पानी की किल्लत दूर हुई। इस पहल से उन्हें गर्मी में बड़ी राहत मिली है।3
- बैतूल के विनोबा वार्ड में 11 दोहे रामायण और हनुमान चालीसा पाठ का भव्य आयोजन किया गया। भागवत आचार्य ने समिति के सेवानिवृत्त सदस्यों की सुरीली आवाज़ की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'ओल्ड इज गोल्ड' बताया। उन्होंने सभी भक्तों को 14 मई को होने वाले भंडारे में सपरिवार आमंत्रित किया।2
- बेतूल जिले के आमला तहसीलदार का सागर तबादला हो गया है। शासन ने उनके स्थानांतरण के आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव आएगा।1
- बैतूल जिले के आठनेर विकासखण्ड के जामठी गांव में किसान पुन्याजी धोटे के खेत में भीषण आग लग गई। इस घटना में किसान के 200 सिंचाई पाइप, कृषि उपकरण और पशुओं का भूसा जलकर राख हो गया, जिससे लाखों का नुकसान हुआ। हालांकि, फायर ब्रिगेड ने तत्परता दिखाते हुए खेत में बने मकान को जलने से बचा लिया।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे से आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर में अभिषेक किया और वडोदरा में भव्य रोड शो के बाद 'सरदार पटेल गौरव रत्न' से सम्मानित हुए। इस दौरे को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।1
- *आमला रेलवे स्टेशन पर दूषित पानी की शिकायतें बढ़ीं, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा* *बदबूदार और मटमैला पानी पीने को मजबूर यात्री, रेलवे की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल* आमला । भीषण गर्मी के इस दौर में Amla Railway Station पर यात्रियों को शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्टेशन के विभिन्न प्लेटफार्मों पर लगे नलों से गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। हालत यह है कि सैकड़ों यात्री मजबूरी में दूषित पानी पीने को विवश हैं। इससे यात्रियों में बीमारी फैलने की आशंका भी गहराने लगी है। इस गंभीर समस्या ने रेलवे प्रशासन की व्यवस्थाओं और निगरानी प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्मी के चलते ट्रेन रुकते ही यात्री अपनी प्यास बुझाने के लिए प्लेटफार्मों पर लगे नलों की ओर दौड़ते हैं, लेकिन वहां साफ पानी के बजाय गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी मिल रहा है। यात्रियों का कहना है कि पानी का रंग मटमैला है और उसमें तेज बदबू आती है, जिससे वह पीने योग्य नहीं लगता। बावजूद इसके स्टेशन पर कोई बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने से लोग इसी पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। *यात्रियों ने जताई नाराजगी* राजेश कुमार ने प्लेटफार्म से पानी भरकर उसकी खराब गुणवत्ता दिखाई और रेलवे की व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की। मौके पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी पानी की स्थिति को लेकर आक्रोश जताया। रेलवे को यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधाओं के प्रति गंभीर होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि इतनी भीषण गर्मी में भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं होगा तो यात्रियों के बीमार होने का खतरा लगातार बढ़ेगा। प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले आमला स्टेशन पर दो दर्जन से अधिक यात्री ट्रेनें रुकती हैं। ऐसे में यहां की पेयजल व्यवस्था पर बड़ी संख्या में लोग निर्भर रहते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति यात्रियों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन चुकी है। *ब्रिटिशकालीन डैम और पुराना फिल्टर सिस्टम बना समस्या की जड़* जानकारी के अनुसार Indian Railways द्वारा स्टेशन की जलापूर्ति के लिए जिस रेलवे डैम का उपयोग किया जा रहा है, वह ब्रिटिशकालीन बताया जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से डैम की समुचित सफाई नहीं हुई है। डैम में जलकुंभी, बेशरम के पौधे और अन्य गंदगी जमा होने से पानी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। इसी पानी को पुराने फिल्टर सिस्टम के माध्यम से साफ कर स्टेशन तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेलवे का जल शुद्धिकरण सिस्टम भी दशकों पुरानी तकनीक पर आधारित है। फिल्टर प्लांट की नियमित मॉनिटरिंग और समय पर मेंटेनेंस नहीं होने के कारण पानी पूरी तरह साफ नहीं हो पा रहा। निरीक्षण के दौरान भी कई तकनीकी खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। *जवाब देने से बचते रहे अधिकारी* मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब मीडिया द्वारा जानकारी लेने पहुंचने पर स्थानीय रेलवे अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। *यात्रियों ने की मांग* यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से स्टेशन की पेयजल व्यवस्था को तत्काल सुधारने, रेलवे डैम की सफाई कराने, आधुनिक फिल्टर प्लांट लगाने और नियमित पानी जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके4