logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

फतेहाबाद में "डायरिया रोको अभियान" के तहत जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीणों को स्वच्छता और बचाव के दिए टिप्स फतेहाबाद। गर्मी और बरसात के मौसम में फैलने वाले डायरिया रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को "डायरिया रोको अभियान" की शुरुआत कर दी। अभियान के तहत जागरूकता प्रचार वाहन को फतेहाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार वाहन तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जाएगा और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को डायरिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय बताएगा। साथ ही पम्पलेट और पोस्टर भी वितरित किए जाएंगे। डॉ. अभिषेक चौहान ने वाहन को रवाना करने से पहले कहा कि डायरिया से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है, बशर्ते लोग समय पर सावधानी बरतें। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे उबला हुआ और साफ पानी ही पिएं, खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं और बासी भोजन का सेवन न करें। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को सावधानियां बरतने की सलाह दी गई जिसमे स्वच्छ जल का सेवन ,ओआरएस और जिंक का प्रयोग , शौच के बाद और खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। यदि 3 बार से ज्यादा दस्त हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। डॉ. चौहान ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेगी। प्रत्येक गांव में ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियों का वितरण भी किया जाएगा। इस अवसर पर बीसीपीएम यासीन खान,सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी, आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से तहसील क्षेत्र में डायरिया के मामलों में कमी लाई जाए और लोगों को रोग से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए।

4 hrs ago
user_प्रदीप कुमार
प्रदीप कुमार
फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

फतेहाबाद में "डायरिया रोको अभियान" के तहत जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीणों को स्वच्छता और बचाव के दिए टिप्स फतेहाबाद। गर्मी और बरसात के मौसम में फैलने वाले डायरिया रोग से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को "डायरिया रोको अभियान" की शुरुआत कर दी। अभियान के तहत जागरूकता प्रचार वाहन को फतेहाबाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार वाहन तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जाएगा और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को डायरिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपाय बताएगा। साथ ही पम्पलेट और पोस्टर भी वितरित किए जाएंगे। डॉ. अभिषेक चौहान ने वाहन को रवाना करने से पहले कहा कि डायरिया से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है, बशर्ते लोग समय पर सावधानी बरतें। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे उबला हुआ और साफ पानी ही पिएं, खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं और बासी भोजन का सेवन न करें। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को सावधानियां बरतने की सलाह दी गई जिसमे स्वच्छ जल का सेवन ,ओआरएस और जिंक का प्रयोग , शौच के बाद और खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। यदि 3 बार से ज्यादा दस्त हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। डॉ. चौहान ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेगी। प्रत्येक गांव में ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियों का वितरण भी किया जाएगा। इस अवसर पर बीसीपीएम यासीन खान,सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी, आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से तहसील क्षेत्र में डायरिया के मामलों में कमी लाई जाए और लोगों को रोग से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by AWAZ TV UTTAR PRADESH
    1
    Post by AWAZ TV UTTAR PRADESH
    user_AWAZ TV UTTAR PRADESH
    AWAZ TV UTTAR PRADESH
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए
    1
    राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से  गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर


राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप
राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। 
इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए
राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से  गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर
राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप
राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। 
इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए
    user_Jaypal Singh
    Jaypal Singh
    Lawyer राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • फिरोजाबाद में जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर बड़ा ऐलान… उलमा की बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ नया जिला सदर! MTF NEWS जुलूस-ए-मोहम्मदी की जिला इंतजामिया के सदर बने हाफिज अरशद खान रजवी आप देख रहे हैं MTF NEWS। digital फिरोजाबाद में आगामी ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर कश्मीरी गेट स्थित कादरी मस्जिद मदरसा अशरफिया रफीउल उलूम में उलमा-ए-अहले सुन्नत की अहम बैठक हुई। मौलाना ऐनुल हुदा और मौलाना अताउल मुस्तफा सहित मौजूद उलमा ने सर्वसम्मति से हाफिज अरशद खान रजवी को जुलूस-ए-मोहम्मदी जिला इंतजामिया का सदर चुने जाने का ऐलान किया। उलमाओं ने हाफिज अरशद खान रजवी को मुबारकबाद दी। उन्होंने बताया कि कमेटी नगर के संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर पारंपरिक जुलूस मार्ग और व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराएगी। जुलूस के दौरान बिजली, पानी, सुरक्षा और गड्ढामुक्त सड़कों की बेहतर व्यवस्था की मांग भी जिला इंतजामिया से की गई है। जुलूस सुबह 8 बजे दारुल उलूम रिजविया मुस्तफिया से शुरू होकर नेशनल हाईवे, शीतल खां रोड, सर्क्यूलर रोड, सदर बाजार और हाजीपुरा होते हुए तीसफुटे पर नमाज-ए-जुहर से पहले समाप्त होगा।
    1
    फिरोजाबाद में जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर बड़ा ऐलान… उलमा की बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ नया जिला सदर! 
MTF NEWS 
जुलूस-ए-मोहम्मदी की जिला इंतजामिया के सदर बने हाफिज अरशद खान रजवी आप देख रहे हैं MTF NEWS। digital 
फिरोजाबाद में आगामी ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर कश्मीरी गेट स्थित कादरी मस्जिद मदरसा अशरफिया रफीउल उलूम में उलमा-ए-अहले सुन्नत की अहम बैठक हुई। मौलाना ऐनुल हुदा और मौलाना अताउल मुस्तफा सहित मौजूद उलमा ने सर्वसम्मति से हाफिज अरशद खान रजवी को जुलूस-ए-मोहम्मदी जिला इंतजामिया का सदर चुने जाने का ऐलान किया।
उलमाओं ने हाफिज अरशद खान रजवी को मुबारकबाद दी। उन्होंने बताया कि कमेटी नगर के संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर पारंपरिक जुलूस मार्ग और व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराएगी। जुलूस के दौरान बिजली, पानी, सुरक्षा और गड्ढामुक्त सड़कों की बेहतर व्यवस्था की मांग भी जिला इंतजामिया से की गई है। जुलूस सुबह 8 बजे दारुल उलूम रिजविया मुस्तफिया से शुरू होकर नेशनल हाईवे, शीतल खां रोड, सर्क्यूलर रोड, सदर बाजार और हाजीपुरा होते हुए तीसफुटे पर नमाज-ए-जुहर से पहले समाप्त होगा।
    user_MTF News फीरोजाबाद Taliv raza
    MTF News फीरोजाबाद Taliv raza
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • आज अपने शहर शिकोहाबाद में महाकाल महाराज जी की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई जय जय महेश
    2
    आज अपने शहर शिकोहाबाद में महाकाल महाराज जी की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई 
जय जय महेश
    user_Rjk news 📰
    Rjk news 📰
    Artist शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आगरा में हुई बुधवार को मुसराधार बारिश में नगर निगम की व्यवस्थाएं हुई फेल ड्रेनेज सिस्टम हुए धराशाई आगरा में हुई मुसराधार बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की पोल खोल दी | सड़कों पर भरा पानी ड्रेनेज व्यवस्था एक बार फिर सवालो के घेरे मे आखिरकार आगरा वासियों को कब तक झेलना पड़ेगा | सरकारे बदलती रही पर हर बरसात मे आगरा की ये सूरत नहीं बदली |विकास के दावे सिर्फ कागजो पर पटल पर विकास के ये है स्थिति कब तक होगा इसका निजी समाधान? Updated News-12/अगस्त/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट  Please subscribe My Youtube Channal- नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है | शीघ्र सम्पर्क करें - प्रधान संपादक अनुज रावत (9193250352) Subscribe Now 👆👆👆👆
    1
    आगरा में हुई बुधवार को मुसराधार बारिश में नगर निगम की व्यवस्थाएं हुई फेल ड्रेनेज सिस्टम हुए धराशाई 
आगरा में हुई मुसराधार बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की पोल खोल दी | सड़कों पर भरा पानी ड्रेनेज व्यवस्था एक बार फिर सवालो के घेरे मे आखिरकार आगरा वासियों को कब तक झेलना पड़ेगा | सरकारे बदलती रही पर हर बरसात मे आगरा की ये सूरत नहीं बदली |विकास के दावे सिर्फ कागजो पर पटल पर विकास के ये है स्थिति कब तक होगा इसका निजी समाधान? Updated News-12/अगस्त/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट 
Please subscribe My Youtube Channal- 
नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है | शीघ्र सम्पर्क करें - प्रधान संपादक अनुज रावत (9193250352) Subscribe Now 👆👆👆👆
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • आगरा के भाई गांव में गंदगी का अंबार, मौत का दलदल बनी पोखर! आगरा के गांव भाई में गंदगी का लगा अंबार, मौत का दलदल बनी पोखर! पोखर में डूबकर कई गायों की मौत का दावा, अब जहरीले सांप-बिच्छुओं का आतंक—घर में घुस रहे खतरनाक जीव, दहशत में ग्रामीण बरौली अहीर के गांव भाई में बदहाली की तस्वीर—गांव के बीच मौजूद पोखर बनी जान का खतरा, चारों ओर गंदगी और दलदल से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों का आरोप! - समस्या लेकर ग्राम प्रधान के पास पहुंचे तो कथित तौर पर मिला दो टूक जवाब, “कुछ भी कर लो, किसी अधिकारी के पास जाओ, मैं कोई काम नहीं कराऊंगा” ग्राम प्रधान पर उठे सवाल--- आखिर गांव की सफाई और पोखर की दुर्दशा पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई? जब पोखर में पशुओं की जान जा रही है और जहरीले सांप-बिच्छू घरों में घुस रहे हैं, तो जिम्मेदार कब जागेंगे? ग्रामीणों की गुहार- “आखिर हमारी फरियाद कौन सुनेगा?” अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल- क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन? गांव भाई की ‘मौत की पोखर’ से ग्रामीणों को कब मिलेगी निजात?
    1
    आगरा के भाई गांव में गंदगी का अंबार, मौत का दलदल बनी पोखर!
आगरा के गांव भाई में गंदगी का लगा अंबार, मौत का दलदल बनी पोखर!
पोखर में डूबकर कई गायों की मौत का दावा, अब जहरीले सांप-बिच्छुओं का आतंक—घर में घुस रहे खतरनाक जीव, दहशत में ग्रामीण
बरौली अहीर के गांव भाई में बदहाली की तस्वीर—गांव के बीच मौजूद पोखर बनी जान का खतरा, चारों ओर गंदगी और दलदल से ग्रामीण परेशान
ग्रामीणों का आरोप! - समस्या लेकर ग्राम प्रधान के पास पहुंचे तो कथित तौर पर मिला दो टूक जवाब, “कुछ भी कर लो, किसी अधिकारी के पास जाओ, मैं कोई काम नहीं कराऊंगा”
ग्राम प्रधान पर उठे सवाल---
आखिर गांव की सफाई और पोखर की दुर्दशा पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
जब पोखर में पशुओं की जान जा रही है और जहरीले सांप-बिच्छू घरों में घुस रहे हैं, तो जिम्मेदार कब जागेंगे?
ग्रामीणों की गुहार- “आखिर हमारी फरियाद कौन सुनेगा?”
अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल-
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन? गांव भाई की ‘मौत की पोखर’ से ग्रामीणों को कब मिलेगी निजात?
    user_BHARAT NEWS
    BHARAT NEWS
    Media company एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शिकोहाबाद नारायण महाविद्यालय को फिर लगा 16 लाख रू. का झटका, प्रबंध समिति ने डाला अड़गा शिकोहाबाद नारायण डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति के फर्जीवाड़े की जांच करने के लिए शनिवार ऑडिट टीम महाविद्यालय पहुंची। कई घंटों तक चली जांच में ऑडिट टीम ने कॉलेज से वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कई दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। टीम ने पिछले 10 वर्षों के कॉलेज तथा खातों से संबंधित अभिलेख खंगाले.. नारायण महाविद्यालय की प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश टंडन, प्रबंधक एलसी मेहरा, सचिव विनोद चतुर्वेदी और स्टेट मैनेजर निर्दाेष प्रताप सिंह के अलावा अन्य लोगों पर 1 करोड़ 32 लाख रू. की हेराफेरी का आरोप है। आरोप है कि प्रबंध समिति ने 1 करोड़ 32 लाख के अलावा पटटे पर उठाई गई भूमि के पैसों का भी बंदरबांट किया है. दरसल शिकोहाबाद नारायण महाविद्यालय के पास करीब 135 बीघा कृषि भूमि है। 135 बीघा भूमि में से 35 बीघा भूमि छात्र-छात्राओं को शोध के लिए दी गई है, जबकि बची 100 बीघा कृषि भूमि को 2 लाख रूपये प्रतिवर्ष के हिसाब से पट्टे पर उठाया जाता रहा है। जांच में सामने आया कि पिछले 10 सालों से कृषि भूमि के पट्टे की कोई भी धनराशि खातों में जमा नहीं कराई गई है। प्रबंध समिति के समाप्त होने के बाद कॉलेज की कृषि भूमि को तत्कालीन एसडीएम शिकोहाबाद डॉ. गजेंद्रपाल सिंह ने निर्दोष प्रताप सिंह से कब्जामुक्त कराया था। जमीन कब्जामुक्त होने के बाद प्राचार्य डा. विजय कुमार ने दो माह पूर्व कृषि भूमि को 17 लाख रूपये में पट्टे पर उठाया था, लेकिन प्रबंध समिति हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आई इसके बाद कॉलेज को मिले 16 लाख रू. लौटाने पड़े थे. आज हालात ये हो चुके है कि कॉलेज में गुट हो चुके हैं। नारायण महाविद्यालय शिकोहाबाद जिला फिरोजाबाद में चल रही है गुट बाजी
    1
    शिकोहाबाद नारायण महाविद्यालय को फिर लगा 16 लाख रू. का झटका, प्रबंध समिति ने डाला अड़गा

शिकोहाबाद नारायण डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति के फर्जीवाड़े की जांच करने के लिए शनिवार ऑडिट टीम महाविद्यालय पहुंची। कई घंटों तक चली जांच में ऑडिट टीम ने कॉलेज से वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित कई दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। टीम ने पिछले 10 वर्षों के कॉलेज तथा खातों से संबंधित अभिलेख खंगाले.. 
नारायण महाविद्यालय की प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश टंडन, प्रबंधक एलसी मेहरा, सचिव विनोद चतुर्वेदी और स्टेट मैनेजर निर्दाेष प्रताप सिंह के अलावा अन्य लोगों पर 1 करोड़ 32 लाख रू. की हेराफेरी का आरोप है। आरोप है कि प्रबंध समिति ने 1 करोड़ 32 लाख के अलावा पटटे पर उठाई गई भूमि के पैसों का भी बंदरबांट किया है. दरसल शिकोहाबाद नारायण महाविद्यालय के पास करीब 135 बीघा कृषि भूमि है। 135 बीघा भूमि में से 35 बीघा भूमि छात्र-छात्राओं को शोध के लिए दी गई है, जबकि बची 100 बीघा कृषि भूमि को 2 लाख रूपये प्रतिवर्ष के हिसाब से पट्टे पर उठाया जाता रहा है। जांच में सामने आया कि पिछले 10 सालों से कृषि भूमि के पट्टे की कोई भी धनराशि खातों में जमा नहीं कराई गई है। 
प्रबंध समिति के समाप्त होने के बाद कॉलेज की कृषि भूमि को तत्कालीन एसडीएम शिकोहाबाद डॉ. गजेंद्रपाल सिंह ने निर्दोष प्रताप सिंह से कब्जामुक्त कराया था। जमीन कब्जामुक्त होने के बाद प्राचार्य डा. विजय कुमार ने दो माह पूर्व कृषि भूमि को 17 लाख रूपये में पट्टे पर उठाया था, लेकिन प्रबंध समिति हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर ले आई इसके बाद कॉलेज को मिले 16 लाख रू. लौटाने पड़े थे. आज हालात ये हो चुके है कि कॉलेज में गुट हो चुके हैं।
नारायण महाविद्यालय शिकोहाबाद जिला फिरोजाबाद में चल रही है गुट बाजी
    user_Rjk news 📰
    Rjk news 📰
    Artist शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए
    1
    राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से  गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर


राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप
राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। 
इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए
राजाखेड़ा में जुआ-शराब-सट्टा से  गरीब की जिंदगी मुश्किल, हर वार्ड-गांव में सट्टा; पुलिस बनी बेखबर
राजाखेड़ा धौलपुर, राजाखेड़ा में दिनभर मजदूरी, रातभर सट्टा; घरों में कलह, कर्ज बढ़ा; गली-मोहल्लों में खुलेआम दांव; पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का आरोप
राजाखेड़ा कस्बे और आसपास के गांवों में जुआ, अवैध शराब और सट्टे का जाल तेजी से फैल रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ा है। हर वार्ड और हर गांव में सट्टे के अड्डे चलने के आरोप हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के नाम पर मौन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही गली-मोहल्लों में सट्टे के खाईवाल सक्रिय हो जाते हैं। 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के दांव लग रहे हैं। मोबाइल फोन और पर्ची के जरिए नंबर भेजे जा रहे हैं। 
इसी तरह अवैध शराब और जुए के अड्डे भी बेखौफ चल रहे हैं। मजदूरी करने वाला वर्ग दिनभर की कमाई रात में सट्टे में हार रहा है। इससे घरों में कलह, कर्ज और अपराध बढ़ रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है राजाखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा, "पहले महीने में 500-1000 हारते थे, अब 5-10 हजार का कर्ज हो गया। बच्चे भूखे सोते हैं। पुलिस को सब पता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
लोगों का आरोप है कि सट्टा और शराब माफिया को स्थानीय स्तर पर संरक्षण मिल रहा है। पुलिस कभी-कभार छोटी कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, लेकिन बड़े खाईवालों पर हाथ नहीं डालती सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह और पप्पू सिंह का कहना है, "सट्टा और शराब गरीब परिवारों को बर्बाद कर रही है। जब तक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी और जागरूकता नहीं फैलेगी, तब तक ये बंद नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड और गांव में सघन अभियान चलाया जाए, खाईवालों की लिस्ट बनाकर कार्रवाई हो और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। नगर वासियों का आरोप है सट्टा और शराब की आड़ में अवैध धंधे भी चलाये जा रहे हैं जिनसे युवा वर्ग भी प्रभावित हो रहा है सट्टा और शराब का व्यापार करने वाले राजनीतिक सहयोग से हावी हो चुके हैं जिन पर जिला स्तर से डीएसटी द्वारा कार्रवाई भी कराई जाए
    user_Jaypal Singh
    Jaypal Singh
    Lawyer राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.