UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई 63 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में Answer Key, परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के अधिकारों से संबंधित मुद्दे उठाए गए नई दिल्ली | 9 सितंबर 2026 UPSC Civil Services Examination (CSE) 2026 की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर-कुंजी में कथित विसंगतियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति हुई। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), दिल्ली ने दामिनी राठौड़ एवं अन्य बनाम संघ लोक सेवा आयोग मामले में UPSC को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। यह मामला UPSC CSE 2026 Preliminary Examination के GS Paper-I और CSAT Paper-II की provisional answer key में अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों से संबंधित है। याचिका में विभिन्न प्रश्नों के उत्तरों की शुद्धता को चुनौती देते हुए आवश्यक सुधार, प्रश्नों के बहिष्करण/उचित उपचार तथा प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए राहत की मांग की गई है। GS के 15 और CSAT के 12 प्रश्नों पर आपत्ति याचिका के अनुसार, अभ्यर्थियों ने GS Paper-I के 15 प्रश्नों और CSAT Paper-II के 12 प्रश्नों के उत्तरों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उत्तर-कुंजी में कथित त्रुटियों का परीक्षा परिणाम पर प्रभाव पड़ा है, तो प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए उचित न्यायिक एवं प्रशासनिक उपचार आवश्यक है। उपलब्ध केस विवरण के अनुसार, मामले की CAT में फाइलिंग 24 अगस्त 2026 को हुई थी और यह Diary No. 9874/2026 के रूप में दर्ज है। दिल्ली हाई कोर्ट के बाद CAT पहुंचा मामला मामले से संबंधित कार्यवाही पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष भी हुई थी। उच्च न्यायालय ने मामले को उचित मंच के रूप में CAT के समक्ष उठाने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की थी। अब CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रभावित अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें याचिका में प्रभावित अभ्यर्थियों की ओर से मुख्य रूप से निम्न राहतों की मांग की गई है: 1. प्रभावित litigants को UPSC CSE 2027 Mains Examination में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए। 2. UPSC CSE 2026 के प्रयास को उनके निर्धारित attempts में न गिना जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को अनुचित लाभ देना नहीं, बल्कि कथित परीक्षा संबंधी विसंगतियों से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर और समानता का संरक्षण प्रदान करना है। परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग अभ्यर्थियों का पक्ष है कि विवाद केवल कुछ प्रश्नों के सही अथवा गलत उत्तर तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह मामला UPSC की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता और समान अवसर से जुड़े व्यापक प्रश्न भी उठाता है। इसी क्रम में परीक्षा प्रणाली में निम्न सुधारों की मांग भी सामने रखी गई है: - Mains Examination से पहले Final Answer Key प्रकाशित की जाए; - अभ्यर्थियों को OMR की carbon copy उपलब्ध कराई जाए; - Optional subjects में normalisation/scaling की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए; - CSAT को निर्धारित syllabus एवं उसके उद्देश्य के अनुरूप रखा जाए; - परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक आंकड़ों और जानकारी को सार्वजनिक करने की व्यवस्था विकसित की जाए। 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किया जाना मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण है। हालांकि, नोटिस जारी होना याचिका में लगाए गए आरोपों या मांगी गई राहतों की न्यायिक स्वीकृति नहीं है। मामले के सभी पक्षों पर आगे सुनवाई और न्यायिक परीक्षण होना बाकी है। अब अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होगी, जहां मामले में आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।
UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई 63 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में Answer Key, परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के अधिकारों से संबंधित मुद्दे उठाए गए नई दिल्ली | 9 सितंबर 2026 UPSC Civil Services Examination (CSE) 2026 की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर-कुंजी में कथित विसंगतियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति हुई। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), दिल्ली ने दामिनी राठौड़ एवं अन्य बनाम संघ लोक सेवा आयोग मामले में UPSC को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। यह मामला UPSC CSE 2026 Preliminary Examination के GS Paper-I और CSAT Paper-II की provisional answer key में अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों से संबंधित है। याचिका में विभिन्न प्रश्नों के उत्तरों की शुद्धता को चुनौती देते हुए आवश्यक सुधार, प्रश्नों के बहिष्करण/उचित उपचार तथा प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए राहत की मांग की गई है। GS के 15 और CSAT के 12 प्रश्नों पर आपत्ति याचिका के अनुसार, अभ्यर्थियों ने GS Paper-I के 15 प्रश्नों और CSAT Paper-II के 12 प्रश्नों के उत्तरों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उत्तर-कुंजी में कथित त्रुटियों का परीक्षा परिणाम पर प्रभाव पड़ा है, तो प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए उचित न्यायिक एवं प्रशासनिक उपचार आवश्यक है। उपलब्ध केस विवरण के अनुसार, मामले की CAT में फाइलिंग 24 अगस्त 2026 को हुई थी और यह Diary No. 9874/2026 के रूप में दर्ज है। दिल्ली हाई कोर्ट के बाद CAT पहुंचा मामला मामले से संबंधित कार्यवाही पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष भी हुई थी। उच्च न्यायालय ने मामले को उचित मंच के रूप में CAT के समक्ष उठाने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की थी। अब CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रभावित अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें याचिका में प्रभावित अभ्यर्थियों की ओर से मुख्य रूप से निम्न राहतों की मांग की गई है: 1. प्रभावित litigants को UPSC CSE 2027 Mains Examination में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए। 2. UPSC CSE 2026 के प्रयास को उनके निर्धारित attempts में न गिना जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को अनुचित लाभ देना नहीं, बल्कि कथित परीक्षा संबंधी विसंगतियों से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर और समानता का संरक्षण प्रदान करना है। परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग अभ्यर्थियों का पक्ष है कि विवाद केवल कुछ प्रश्नों के सही अथवा गलत उत्तर तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह मामला UPSC की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता और समान अवसर से जुड़े व्यापक प्रश्न भी उठाता है। इसी क्रम में परीक्षा प्रणाली में निम्न सुधारों की मांग भी सामने रखी गई है: - Mains Examination से पहले Final Answer Key प्रकाशित की जाए; - अभ्यर्थियों को OMR की carbon copy उपलब्ध कराई जाए; - Optional subjects में normalisation/scaling की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए; - CSAT को निर्धारित syllabus एवं उसके उद्देश्य के अनुरूप रखा जाए; - परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक आंकड़ों और जानकारी को सार्वजनिक करने की व्यवस्था विकसित की जाए। 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किया जाना मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण है। हालांकि, नोटिस जारी होना याचिका में लगाए गए आरोपों या मांगी गई राहतों की न्यायिक स्वीकृति नहीं है। मामले के सभी पक्षों पर आगे सुनवाई और न्यायिक परीक्षण होना बाकी है। अब अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होगी, जहां मामले में आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।
- dcp_outernorth के भलस्वा डेरी थाने की टीम ने झपटमारी की वारदात के महज़ ढाई घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर छीना गया फोन किया बरामद dcp_outernorth के भलस्वा डेरी थाने की टीम ने झपटमारी की वारदात के महज़ ढाई घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर छीना गया फोन किया बरामद। अपना फ़ोन वापस पाकर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करती महिला शिकायतकर्ता1
- लड़ाई के बाद इधर समझौता उधर जान से मारने, लड़की गायब करने की धमकियां शुरू गाजियाबाद। लोनी विधानसभा अंतर्गत नसीब विहार इलाके में बिहार से आकर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाकर अपनी जीविका चलाने वाले परिवार की परेशानियां खत्म होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है। पीड़ित अमरजीत के अनुसार गली में रहने वाले परिवार के पालतू कुत्ते द्वारा हमारे घर के आगे प्रतिदिन शौच करने को लेकर मामूली कहा सुनी से बढ़ी हाथा पाई और मार पीट के बाद पहुंची पुलिस की मध्यस्थता से हुए समझौते के बावजूद मुझे आज भी जान से मारने, मेरी लड़की गायब करने की धमकियां मिलनी बंद नहीं हो रही हैं। हम कहां जाएं? प्रश्न उठता है कि क्या संबंधित थाना पुलिस का खौफ उद्दण्ड लोगो को नहीं है? या पुलिस सिर्फ तमाशा देखती रहेगी और पीड़ित भटकता रहेगा सुरक्षा और न्याय पाने के लिए1
- अनिल शर्मा जी पहले कह रहे थे कि उनका कोई PG नहीं है और अब कह रहे हैं कि उनके PG जिस ज़मीन पर बने हैं वो उनके दादा–परदादा की ज़मीन है। अनिल शर्मा जी पहले कह रहे थे कि उनका कोई PG नहीं है और अब कह रहे हैं कि उनके PG जिस ज़मीन पर बने हैं वो उनके दादा–परदादा की ज़मीन है। हमारी मांग है कि अनिल शर्मा जी अपने रजिस्ट्री के कागज़ पब्लिक डोमेन में रखें फिर हम उस एरिया के land records सामने रखेंगे। अनिल जी, अब भागना मत। आप मानहानि का मुकदमा करना चाहते हो तो शौक से करो। लेकिन कागज़ शेयर करो।1
- जय माँ भवानी जय श्री राम, जय भारत, वंदेमातरम जुमलों, झूठों, माफियों सवर्णों को देश को लूटेरों माफियाओं से मुक्ति का संकल्प करें भारतीय जन क्रान्ति सेना नेतृत्व को चुनें देश और समाज को मजबूत बनाएं जयहिन्द जयभारत1
- क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस ने थाना सरिता विहार, दिल्ली के दहेज मृत्यु मामले में उम्रकैद की सजा प्राप्त एक कैदी को गिरफ्तार किया, , जो फरलो से फरार होने के बाद 2 वर्षों से अधिक समय से कानूनी हिरासत से बच रहा था। 🔎 फील्ड इंटेलिजेंस एवं तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपी का पता लगाया गया और उसे स्वरूप नगर, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।2
- बारिश के कारण प्रयागराज में कहीं जगह और संगम के किनारे जल भराव..1
- दिल्ली में अंतरराज्यीय अपराधी को किया गिरफतार , अपराधी के खिलाफ वॉरेंट दिल्ली में अंतरराज्यीय अपराधी को किया गिरफतार1
- क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली एवं भरतपुर, राजस्थान के 3 आपराधिक मामलों में वांछित कुख्यात अंतरराज्यीय अपराधी एवं BC को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट/NBW लंबित थे और वह एक मामले में 1996 से गिरफ्तारी से बच रहा था। 🔎 18 पूर्व आपराधिक संलिप्तताएं।2
- “मेरे युवा साथियों… एक ढोल बजा रहा है, तो दूसरा तिरंगे के साथ है।”1