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क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस ने थाना सरिता विहार, दिल्ली के दहेज मृत्यु मामले में उम्रकैद की सजा प्राप्त एक कैदी को गिरफ्तार किया, , जो फरलो से फरार होने के बाद 2 वर्षों से अधिक समय से कानूनी हिरासत से बच रहा था। 🔎 फील्ड इंटेलिजेंस एवं तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपी का पता लगाया गया और उसे स्वरूप नगर, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।

7 hrs ago
user_Inder Jeet
Inder Jeet
Appliance repair service मयूर विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
7 hrs ago
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क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस ने थाना सरिता विहार, दिल्ली के दहेज मृत्यु मामले में उम्रकैद की सजा प्राप्त एक कैदी को गिरफ्तार किया, , जो फरलो से फरार होने के बाद 2 वर्षों से अधिक समय से कानूनी हिरासत से बच रहा था। 🔎 फील्ड इंटेलिजेंस एवं तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपी का पता लगाया गया और उसे स्वरूप नगर, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।

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  • “मोदी जी आपका AURA ही अलग है”: वडोदरा में PM के स्वागत में दिखे पोस्टर
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    “मोदी जी आपका AURA ही अलग है”: वडोदरा में PM के स्वागत में दिखे पोस्टर
    user_Pro hindustan tv
    Pro hindustan tv
    प्रीत विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    13 hrs ago
  • पीएम मोदी एक्सीलेटर से जा रहे थे तभी हुआ कुछ ऐसा... ...
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    पीएम मोदी एक्सीलेटर से जा रहे थे तभी हुआ कुछ ऐसा...
...
    user_The shreyanshii singhania
    The shreyanshii singhania
    प्रीत विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    14 hrs ago
  • UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई 63 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में Answer Key, परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के अधिकारों से संबंधित मुद्दे उठाए गए नई दिल्ली | 9 सितंबर 2026 UPSC Civil Services Examination (CSE) 2026 की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर-कुंजी में कथित विसंगतियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति हुई। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), दिल्ली ने दामिनी राठौड़ एवं अन्य बनाम संघ लोक सेवा आयोग मामले में UPSC को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। यह मामला UPSC CSE 2026 Preliminary Examination के GS Paper-I और CSAT Paper-II की provisional answer key में अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों से संबंधित है। याचिका में विभिन्न प्रश्नों के उत्तरों की शुद्धता को चुनौती देते हुए आवश्यक सुधार, प्रश्नों के बहिष्करण/उचित उपचार तथा प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए राहत की मांग की गई है। GS के 15 और CSAT के 12 प्रश्नों पर आपत्ति याचिका के अनुसार, अभ्यर्थियों ने GS Paper-I के 15 प्रश्नों और CSAT Paper-II के 12 प्रश्नों के उत्तरों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उत्तर-कुंजी में कथित त्रुटियों का परीक्षा परिणाम पर प्रभाव पड़ा है, तो प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए उचित न्यायिक एवं प्रशासनिक उपचार आवश्यक है। उपलब्ध केस विवरण के अनुसार, मामले की CAT में फाइलिंग 24 अगस्त 2026 को हुई थी और यह Diary No. 9874/2026 के रूप में दर्ज है। दिल्ली हाई कोर्ट के बाद CAT पहुंचा मामला मामले से संबंधित कार्यवाही पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष भी हुई थी। उच्च न्यायालय ने मामले को उचित मंच के रूप में CAT के समक्ष उठाने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की थी। अब CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रभावित अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें याचिका में प्रभावित अभ्यर्थियों की ओर से मुख्य रूप से निम्न राहतों की मांग की गई है: 1. प्रभावित litigants को UPSC CSE 2027 Mains Examination में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए। 2. UPSC CSE 2026 के प्रयास को उनके निर्धारित attempts में न गिना जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को अनुचित लाभ देना नहीं, बल्कि कथित परीक्षा संबंधी विसंगतियों से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर और समानता का संरक्षण प्रदान करना है। परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग अभ्यर्थियों का पक्ष है कि विवाद केवल कुछ प्रश्नों के सही अथवा गलत उत्तर तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह मामला UPSC की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता और समान अवसर से जुड़े व्यापक प्रश्न भी उठाता है। इसी क्रम में परीक्षा प्रणाली में निम्न सुधारों की मांग भी सामने रखी गई है: - Mains Examination से पहले Final Answer Key प्रकाशित की जाए; - अभ्यर्थियों को OMR की carbon copy उपलब्ध कराई जाए; - Optional subjects में normalisation/scaling की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए; - CSAT को निर्धारित syllabus एवं उसके उद्देश्य के अनुरूप रखा जाए; - परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक आंकड़ों और जानकारी को सार्वजनिक करने की व्यवस्था विकसित की जाए। 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किया जाना मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण है। हालांकि, नोटिस जारी होना याचिका में लगाए गए आरोपों या मांगी गई राहतों की न्यायिक स्वीकृति नहीं है। मामले के सभी पक्षों पर आगे सुनवाई और न्यायिक परीक्षण होना बाकी है। अब अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होगी, जहां मामले में आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।
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    UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई
UPSC CSE 2026 विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति: CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई
63 अभ्यर्थियों से जुड़े मामले में Answer Key, परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के अधिकारों से संबंधित मुद्दे उठाए गए
नई दिल्ली | 9 सितंबर 2026
UPSC Civil Services Examination (CSE) 2026 की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर-कुंजी में कथित विसंगतियों और अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े मामले में बुधवार को महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति हुई। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), दिल्ली ने दामिनी राठौड़ एवं अन्य बनाम संघ लोक सेवा आयोग मामले में UPSC को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।
यह मामला UPSC CSE 2026 Preliminary Examination के GS Paper-I और CSAT Paper-II की provisional answer key में अभ्यर्थियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों से संबंधित है। याचिका में विभिन्न प्रश्नों के उत्तरों की शुद्धता को चुनौती देते हुए आवश्यक सुधार, प्रश्नों के बहिष्करण/उचित उपचार तथा प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए राहत की मांग की गई है।
GS के 15 और CSAT के 12 प्रश्नों पर आपत्ति
याचिका के अनुसार, अभ्यर्थियों ने GS Paper-I के 15 प्रश्नों और CSAT Paper-II के 12 प्रश्नों के उत्तरों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उत्तर-कुंजी में कथित त्रुटियों का परीक्षा परिणाम पर प्रभाव पड़ा है, तो प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए उचित न्यायिक एवं प्रशासनिक उपचार आवश्यक है।
उपलब्ध केस विवरण के अनुसार, मामले की CAT में फाइलिंग 24 अगस्त 2026 को हुई थी और यह Diary No. 9874/2026 के रूप में दर्ज है।
दिल्ली हाई कोर्ट के बाद CAT पहुंचा मामला
मामले से संबंधित कार्यवाही पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष भी हुई थी। उच्च न्यायालय ने मामले को उचित मंच के रूप में CAT के समक्ष उठाने का निर्देश दिया था। उच्च न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की थी।
अब CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रभावित अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
याचिका में प्रभावित अभ्यर्थियों की ओर से मुख्य रूप से निम्न राहतों की मांग की गई है:
1. प्रभावित litigants को UPSC CSE 2027 Mains Examination में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए।
2. UPSC CSE 2026 के प्रयास को उनके निर्धारित attempts में न गिना जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इन मांगों का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग को अनुचित लाभ देना नहीं, बल्कि कथित परीक्षा संबंधी विसंगतियों से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर और समानता का संरक्षण प्रदान करना है।
परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग
अभ्यर्थियों का पक्ष है कि विवाद केवल कुछ प्रश्नों के सही अथवा गलत उत्तर तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह मामला UPSC की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता और समान अवसर से जुड़े व्यापक प्रश्न भी उठाता है।
इसी क्रम में परीक्षा प्रणाली में निम्न सुधारों की मांग भी सामने रखी गई है:
- Mains Examination से पहले Final Answer Key प्रकाशित की जाए;
- अभ्यर्थियों को OMR की carbon copy उपलब्ध कराई जाए;
- Optional subjects में normalisation/scaling की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए;
- CSAT को निर्धारित syllabus एवं उसके उद्देश्य के अनुरूप रखा जाए;
- परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक आंकड़ों और जानकारी को सार्वजनिक करने की व्यवस्था विकसित की जाए।
8 अक्टूबर को अगली सुनवाई
CAT द्वारा UPSC को नोटिस जारी किया जाना मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण है। हालांकि, नोटिस जारी होना याचिका में लगाए गए आरोपों या मांगी गई राहतों की न्यायिक स्वीकृति नहीं है। मामले के सभी पक्षों पर आगे सुनवाई और न्यायिक परीक्षण होना बाकी है।
अब अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होगी, जहां मामले में आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष सुनवाई होगी तथा परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।
    user_Khushbu rai
    Khushbu rai
    Local Politician Kotwali, Central Delhi•
    23 hrs ago
  • उज्जैन में हनुमान प्रतिमा हटाने में असफल रहा प्रशासन बैंड-बाजे के साथ पहुंचे मनाने उज्जैन में हनुमान प्रतिमा हटाने में असफल रहा प्रशासन
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    उज्जैन में हनुमान प्रतिमा हटाने में असफल रहा प्रशासन बैंड-बाजे के साथ पहुंचे मनाने 
उज्जैन में हनुमान प्रतिमा हटाने में असफल रहा प्रशासन
    user_Pooja Devi
    Pooja Devi
    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • डिवाइडर बना, मयखाना, गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर पर जानलेवा लापरवाही, ज़िम्मेदार बेपरवाह! ​गाजियाबाद :- लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आ रही है। इंदिरापुरी चौकी क्षेत्र में मुख्य सड़क का डिवाइडर अब राहगीरों के चलने के लिए नहीं, बल्कि शराबियों का मयखाना बन चुका है। ​दिन ढलते ही यहां शराब के शौकीनों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। मुख्य सड़क के डिवाइडर पर सरेआम जाम छलकाए जाते हैं। तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच इस तरह बैठकर शराब पीना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। ​शराबियों की इस करतूत से न सिर्फ ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि वहां से गुजरने वाले राहगीरों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। थोड़ी सी भी अनहोनी एक बड़े हादसे में बदल सकती है। ​लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इंदिरापुरी चौकी क्षेत्र में खुलेआम चल रहे इस ढर्रे पर पुलिस प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ती? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी? आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है और जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों है?
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    डिवाइडर बना, मयखाना, गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर पर जानलेवा लापरवाही, ज़िम्मेदार बेपरवाह!
​गाजियाबाद :- लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली तस्वीर सामने आ रही है। इंदिरापुरी चौकी क्षेत्र में मुख्य सड़क का डिवाइडर अब राहगीरों के चलने के लिए नहीं, बल्कि शराबियों का मयखाना बन चुका है।
​दिन ढलते ही यहां शराब के शौकीनों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। मुख्य सड़क के डिवाइडर पर सरेआम जाम छलकाए जाते हैं। तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच इस तरह बैठकर शराब पीना किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
​शराबियों की इस करतूत से न सिर्फ ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि वहां से गुजरने वाले राहगीरों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। थोड़ी सी भी अनहोनी एक बड़े हादसे में बदल सकती है।
​लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इंदिरापुरी चौकी क्षेत्र में खुलेआम चल रहे इस ढर्रे पर पुलिस प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ती? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी? आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है और जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों है?
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: सोनू दरियापुर गैंग का गुर्गा गिरफ्तार, यूपी के अलीगढ़ में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़..! आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने एक अंतर-राज्यीय अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सोनू दरियापुर गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में चल रही एक अवैध हथियार निर्माण यूनिट का भी पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान कुल 8 देसी पिस्तौल और 8 mm कैलिबर के 20 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
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    दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: सोनू दरियापुर गैंग का गुर्गा गिरफ्तार, यूपी के अलीगढ़ में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़..!
आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) ने एक अंतर-राज्यीय अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सोनू दरियापुर गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में चल रही एक अवैध हथियार निर्माण यूनिट का भी पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान कुल 8 देसी पिस्तौल और 8 mm कैलिबर के 20 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
    user_Inder Jeet
    Inder Jeet
    Appliance repair service मयूर विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    11 hrs ago
  • “मेरे युवा साथियों… एक ढोल बजा रहा है, तो दूसरा तिरंगे के साथ है।”
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    “मेरे युवा साथियों… एक ढोल बजा रहा है, तो दूसरा तिरंगे के साथ है।”
    user_Pro hindustan tv
    Pro hindustan tv
    प्रीत विहार, पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    14 hrs ago
  • वुधबार को मायावती नें अपने भतीजे आकाश आंनद को अपनी पार्टी से निकाल दिया माया वती नें अपने भतीजे आकाश आंनद को अपनी पार्टी से निकाल दिया
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    वुधबार को मायावती नें अपने भतीजे आकाश आंनद को अपनी पार्टी से निकाल दिया 
माया वती नें  अपने भतीजे आकाश आंनद को अपनी पार्टी से निकाल दिया
    user_Pooja Devi
    Pooja Devi
    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • धमाका इतना भीषण कि एक मजदूर के चिथड़े उड़ गए! ओखला में 1 की मौत, 4 घायल
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    धमाका इतना भीषण कि एक मजदूर के चिथड़े उड़ गए! ओखला में 1 की मौत, 4 घायल
    user_सनसनी ऑफ़ इंडिया SANSANI
    सनसनी ऑफ़ इंडिया SANSANI
    Media house Sarita Vihar, South East Delhi•
    17 hrs ago
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