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चंबा: साच पास के दीदार फिर शुरू: अब रानीकोट स्नो प्वाइंट तक पर्यटकों को अनुमति, प्रशासन ने जारी किए सख्त नियम। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साच पास पर लंबे इंतजार के बाद पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारी बर्फबारी के चलते पिछले कुछ समय से आवाजाही पर रोक लगी हुई थी, लेकिन अब प्रशासन ने पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद पर्यटक एक बार फिर बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे। जिला प्रशासन के निर्देशों पर चुराह उपमंडल प्रशासन ने यह अनुमति जारी की है। साथ ही बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को भी पर्यटकों की एंट्री और सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि पर्यटक केवल निर्धारित क्षेत्र यानी रानीकोट तक ही जाएं, क्योंकि इससे आगे भारी बर्फबारी के कारण रास्ते अभी सुरक्षित नहीं हैं। टैक्सी यूनियन को सख्त निर्देश उपमंडल प्रशासन ने टैक्सी यूनियन को निर्देश दिए हैं कि बैरागढ़ से रानीकोट स्नो प्वाइंट तक का किराया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। तय किराए से अधिक वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वच्छता को लेकर प्रशासन सख्त प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने साथ लाए खाने-पीने के सामान का कचरा वापस लेकर आएं और बैरागढ़ पुलिस पोस्ट के पास निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 14500 फीट की ऊंचाई पर बसा है साच पास करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास अपने बर्फीले नजारों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिसके चलते प्रशासन शुरुआती दौर में सीमित क्षेत्रों तक ही आवाजाही की अनुमति देता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को निर्देश दिए गए हैं कि हर आने-जाने वाले पर्यटक की एंट्री दर्ज की जाए और उनकी वापसी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पर्यटक रास्ता भटक न सके। वहीं एसडीएम चुराह राजेश कुमार जरियाल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटक बर्फ का आनंद लें, लेकिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाइट राजेश कुमार जरियाल एसडीएम चुराह।

21 hrs ago
user_Mohd Ashiq
Mohd Ashiq
Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
21 hrs ago

चंबा: साच पास के दीदार फिर शुरू: अब रानीकोट स्नो प्वाइंट तक पर्यटकों को अनुमति, प्रशासन ने जारी किए सख्त नियम। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साच पास पर लंबे इंतजार के बाद पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारी बर्फबारी के चलते पिछले कुछ समय से आवाजाही पर रोक लगी हुई थी, लेकिन अब प्रशासन ने पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद पर्यटक एक बार फिर बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे। जिला प्रशासन के निर्देशों पर चुराह उपमंडल प्रशासन ने यह अनुमति जारी की है। साथ ही बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को भी पर्यटकों की एंट्री और सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि पर्यटक केवल निर्धारित क्षेत्र यानी रानीकोट तक ही जाएं, क्योंकि इससे आगे भारी बर्फबारी के कारण रास्ते अभी सुरक्षित नहीं हैं। टैक्सी यूनियन को सख्त निर्देश उपमंडल प्रशासन ने टैक्सी यूनियन को निर्देश दिए हैं कि बैरागढ़ से रानीकोट स्नो प्वाइंट तक का किराया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। तय किराए से अधिक वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह

की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वच्छता को लेकर प्रशासन सख्त प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने साथ लाए खाने-पीने के सामान का कचरा वापस लेकर आएं और बैरागढ़ पुलिस पोस्ट के पास निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 14500 फीट की ऊंचाई पर बसा है साच पास करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास अपने बर्फीले नजारों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिसके चलते प्रशासन शुरुआती दौर में सीमित क्षेत्रों तक ही आवाजाही की अनुमति देता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को निर्देश दिए गए हैं कि हर आने-जाने वाले पर्यटक की एंट्री दर्ज की जाए और उनकी वापसी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पर्यटक रास्ता भटक न सके। वहीं एसडीएम चुराह राजेश कुमार जरियाल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटक बर्फ का आनंद लें, लेकिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाइट राजेश कुमार जरियाल एसडीएम चुराह।

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  • हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साच पास पर लंबे इंतजार के बाद पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारी बर्फबारी के चलते पिछले कुछ समय से आवाजाही पर रोक लगी हुई थी, लेकिन अब प्रशासन ने पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद पर्यटक एक बार फिर बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे। जिला प्रशासन के निर्देशों पर चुराह उपमंडल प्रशासन ने यह अनुमति जारी की है। साथ ही बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को भी पर्यटकों की एंट्री और सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि पर्यटक केवल निर्धारित क्षेत्र यानी रानीकोट तक ही जाएं, क्योंकि इससे आगे भारी बर्फबारी के कारण रास्ते अभी सुरक्षित नहीं हैं। टैक्सी यूनियन को सख्त निर्देश उपमंडल प्रशासन ने टैक्सी यूनियन को निर्देश दिए हैं कि बैरागढ़ से रानीकोट स्नो प्वाइंट तक का किराया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। तय किराए से अधिक वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वच्छता को लेकर प्रशासन सख्त प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने साथ लाए खाने-पीने के सामान का कचरा वापस लेकर आएं और बैरागढ़ पुलिस पोस्ट के पास निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 14500 फीट की ऊंचाई पर बसा है साच पास करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास अपने बर्फीले नजारों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिसके चलते प्रशासन शुरुआती दौर में सीमित क्षेत्रों तक ही आवाजाही की अनुमति देता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को निर्देश दिए गए हैं कि हर आने-जाने वाले पर्यटक की एंट्री दर्ज की जाए और उनकी वापसी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पर्यटक रास्ता भटक न सके। वहीं एसडीएम चुराह राजेश कुमार जरियाल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटक बर्फ का आनंद लें, लेकिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाइट राजेश कुमार जरियाल एसडीएम चुराह।
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    हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साच पास पर लंबे इंतजार के बाद पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारी बर्फबारी के चलते पिछले कुछ समय से आवाजाही पर रोक लगी हुई थी, लेकिन अब प्रशासन ने पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद पर्यटक एक बार फिर बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे।
जिला प्रशासन के निर्देशों पर चुराह उपमंडल प्रशासन ने यह अनुमति जारी की है। साथ ही बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को भी पर्यटकों की एंट्री और सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि पर्यटक केवल निर्धारित क्षेत्र यानी रानीकोट तक ही जाएं, क्योंकि इससे आगे भारी बर्फबारी के कारण रास्ते अभी सुरक्षित नहीं हैं।
टैक्सी यूनियन को सख्त निर्देश
उपमंडल प्रशासन ने टैक्सी यूनियन को निर्देश दिए हैं कि बैरागढ़ से रानीकोट स्नो प्वाइंट तक का किराया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। तय किराए से अधिक वसूली करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, ताकि पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वच्छता को लेकर प्रशासन सख्त
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपने साथ लाए खाने-पीने के सामान का कचरा वापस लेकर आएं और बैरागढ़ पुलिस पोस्ट के पास निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
14500 फीट की ऊंचाई पर बसा है साच पास
करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित साच पास अपने बर्फीले नजारों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिसके चलते प्रशासन शुरुआती दौर में सीमित क्षेत्रों तक ही आवाजाही की अनुमति देता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बैरागढ़ पुलिस पोस्ट को निर्देश दिए गए हैं कि हर आने-जाने वाले पर्यटक की एंट्री दर्ज की जाए और उनकी वापसी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी पर्यटक रास्ता भटक न सके।
वहीं एसडीएम चुराह राजेश कुमार जरियाल ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार पर्यटकों को रानीकोट स्नो प्वाइंट तक जाने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटक बर्फ का आनंद लें, लेकिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बाइट राजेश कुमार जरियाल एसडीएम चुराह।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    21 hrs ago
  • ममता दीदी को टाटा बाय बाय किया शाह ने, ममता का जवाब मैं नहीं डरती, अखिलेश टैक्टर से निकले चुनाव मैदान में, मंत्रीजी के रूट से महिला परेशान, लखनऊ में सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन और पुलिस पर पथराव.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर...
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    ममता दीदी को टाटा बाय बाय किया शाह ने, ममता का जवाब मैं नहीं डरती, अखिलेश टैक्टर से निकले चुनाव मैदान में, मंत्रीजी के रूट से महिला परेशान, लखनऊ में सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन और पुलिस पर पथराव.... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर...
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    बसोहली•
    13 hrs ago
  • जनजातीय क्षेत्र पांगी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विश्व पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच और राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए पृथ्वी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों ने पृथ्वी दिवस की शुरुआत और इसके उद्देश्य को बताते हुए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनूप कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के प्रति जागरूक किया और इसके दुष्प्रभावों से बचने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें “पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ” और “प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण” जैसे संदेश प्रमुख रहे। अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। वहीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में 56वां विश्व पृथ्वी दिवस ‘प्रकृति की पाठशाला 2026’ थीम के तहत मनाया गया। कार्यक्रम में वन मित्र अनीता कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विद्यार्थियों को पृथ्वी दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहला पृथ्वी दिवस 1970 में अमेरिका में मनाया गया था, जो 1990 से वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘हमारी ऊर्जा, हमारा ग्रह’ पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके उपरांत विद्यालय परिसर में सामुदायिक सहयोग से पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अध्यापक सुरेन्द्र शर्मा ने ‘पेड़ मेरा दोस्त’ विषय के माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़ों के महत्व, जल संरक्षण और प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया। अंतिम सत्र में जिला मीडिया समन्वयक डॉ. कविता बिजलवान आभासी माध्यम से जुड़ीं और बच्चों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और “भारत माता की जय” व “जय सरकारी स्कूल” के नारों से वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। विश्व पृथ्वी दिवस के इन आयोजनों के माध्यम से पांगी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया।
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    जनजातीय क्षेत्र पांगी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विश्व पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच और राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया गया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच में विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों के जरिए पृथ्वी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों ने पृथ्वी दिवस की शुरुआत और इसके उद्देश्य को बताते हुए जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनूप कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के प्रति जागरूक किया और इसके दुष्प्रभावों से बचने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नारा लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें “पेड़ लगाओ, पृथ्वी बचाओ” और “प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण” जैसे संदेश प्रमुख रहे। अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
वहीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुलाल में 56वां विश्व पृथ्वी दिवस ‘प्रकृति की पाठशाला 2026’ थीम के तहत मनाया गया। कार्यक्रम में वन मित्र अनीता कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विद्यार्थियों को पृथ्वी दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहला पृथ्वी दिवस 1970 में अमेरिका में मनाया गया था, जो 1990 से वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘हमारी ऊर्जा, हमारा ग्रह’ पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके उपरांत विद्यालय परिसर में सामुदायिक सहयोग से पौधरोपण किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अध्यापक सुरेन्द्र शर्मा ने ‘पेड़ मेरा दोस्त’ विषय के माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़ों के महत्व, जल संरक्षण और प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया। अंतिम सत्र में जिला मीडिया समन्वयक डॉ. कविता बिजलवान आभासी माध्यम से जुड़ीं और बच्चों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया।
दोनों विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और “भारत माता की जय” व “जय सरकारी स्कूल” के नारों से वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, अभिभावक एवं अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
विश्व पृथ्वी दिवस के इन आयोजनों के माध्यम से पांगी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया।
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    Insurance Agent पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Shivinder singh Bhadwal
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    Post by Shivinder singh Bhadwal
    user_Shivinder singh Bhadwal
    Shivinder singh Bhadwal
    Farmer कठुआ, कठुआ, जम्मू और कश्मीर•
    17 hrs ago
  • सुजानपुर सैनिक स्कूल सुजानपुर में आयोजित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल्स फुटबॉल प्रतियोगिता 2026–27 (ग्रुप ‘ए’) का बुधवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ सफल समापन हो गया। छह दिनों तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में नॉर्थ ज़ोन के सैनिक स्कूलों की टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबलों में अंडर-17 छात्रा वर्ग में मेजबान Sainik School Sujanpur Tira की टीम ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए Royal International Residential School Fatehabad को 3-0 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। अंडर-17 छात्र वर्ग के फाइनल में Dayanand Public School Patiala ने Sainik School Sujanpur Tira को रोमांचक मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। वहीं, अंडर-15 छात्र वर्ग के फाइनल में Royal International Residential School Fatehabad ने Sainik School Nagrota को 2-0 से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। तीसरे स्थान के मुकाबलों में अंडर-15 छात्र वर्ग में Sainik School Kapurthala ने Sainik School Sujanpur Tira को 4-3 से हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंडर-17 छात्रा वर्ग में Sainik School Kapurthala ने Sainik School Kunjpura को 4-2 से मात देकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसी प्रकार, अंडर-17 छात्र वर्ग में Royal International Residential School Fatehabad ने Sainik School Kapurthala को 3-2 से हराकर तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया। व्यक्तिगत पुरस्कार (Individual Awards): इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी सराहा गया— अंडर-17 छात्रा वर्ग में Cadet Sejal Guleria (Sainik School Sujanpur Tira) को बेस्ट प्लेयर घोषित किया गया, जबकि Cadet Priyanshu Chaudhary (Sainik School Sujanpur Tira) बेस्ट गोलकीपर रहे। अंडर-17 छात्र वर्ग में Cadet Shyam Kumar (Sainik School Sujanpur Tira) को बेस्ट प्लेयर चुना गया, जबकि Cadet Angad Kumar (Dayanand Public School Patiala) बेस्ट गोलकीपर घोषित किए गए। अंडर-15 छात्र वर्ग में Cadet Stanzin (Sainik School Nagrota) को बेस्ट प्लेयर चुना गया, जबकि Cadet Kumar Madhavendra (Royal International Residential School Fatehabad) बेस्ट गोलकीपर घोषित किए गए। समापन समारोह में Air Commodore Brijesh Paul (VM) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफियां एवं पुरस्कार प्रदान किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “खेल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और यह हमें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं।” उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। Air Commodore Brijesh Paul स्वयं इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने सभी विजेता टीमों को बधाई देते हुए मेजबान Sainik School Sujanpur Tira के सफल आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। विद्यालय की प्रधानाचार्या Group Captain Rachna Joshi ने इस अवसर पर समस्त स्टाफ, अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया। छह दिवसीय इस प्रतियोगिता के समापन के साथ ही सभी टीमें 23 अप्रैल को अपने-अपने विद्यालयों के लिए प्रस्थान करेंगी। यह प्रतियोगिता खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी।
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    सुजानपुर
सैनिक स्कूल सुजानपुर में आयोजित अखिल भारतीय सैनिक स्कूल्स फुटबॉल प्रतियोगिता 2026–27 (ग्रुप ‘ए’) का बुधवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ सफल समापन हो गया। छह दिनों तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में नॉर्थ ज़ोन के सैनिक स्कूलों की टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
फाइनल मुकाबलों में अंडर-17 छात्रा वर्ग में मेजबान Sainik School Sujanpur Tira की टीम ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए Royal International Residential School Fatehabad को 3-0 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की।
अंडर-17 छात्र वर्ग के फाइनल में Dayanand Public School Patiala ने Sainik School Sujanpur Tira को रोमांचक मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया।
वहीं, अंडर-15 छात्र वर्ग के फाइनल में Royal International Residential School Fatehabad ने Sainik School Nagrota को 2-0 से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
तीसरे स्थान के मुकाबलों में अंडर-15 छात्र वर्ग में Sainik School Kapurthala ने Sainik School Sujanpur Tira को 4-3 से हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
अंडर-17 छात्रा वर्ग में Sainik School Kapurthala ने Sainik School Kunjpura को 4-2 से मात देकर तीसरा स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार, अंडर-17 छात्र वर्ग में Royal International Residential School Fatehabad ने Sainik School Kapurthala को 3-2 से हराकर तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया।
व्यक्तिगत पुरस्कार (Individual Awards):
इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी सराहा गया—
अंडर-17 छात्रा वर्ग में Cadet Sejal Guleria (Sainik School Sujanpur Tira) को बेस्ट प्लेयर घोषित किया गया, जबकि Cadet Priyanshu Chaudhary (Sainik School Sujanpur Tira) बेस्ट गोलकीपर रहे।
अंडर-17 छात्र वर्ग में Cadet Shyam Kumar (Sainik School Sujanpur Tira) को बेस्ट प्लेयर चुना गया, जबकि Cadet Angad Kumar (Dayanand Public School Patiala) बेस्ट गोलकीपर घोषित किए गए।
अंडर-15 छात्र वर्ग में Cadet Stanzin (Sainik School Nagrota) को बेस्ट प्लेयर चुना गया, जबकि Cadet Kumar Madhavendra (Royal International Residential School Fatehabad) बेस्ट गोलकीपर घोषित किए गए।
समापन समारोह में Air Commodore Brijesh Paul (VM) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफियां एवं पुरस्कार प्रदान किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “खेल हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और यह हमें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं।” उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
Air Commodore Brijesh Paul स्वयं इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने सभी विजेता टीमों को बधाई देते हुए मेजबान Sainik School Sujanpur Tira के सफल आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की।
विद्यालय की प्रधानाचार्या Group Captain Rachna Joshi ने इस अवसर पर समस्त स्टाफ, अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया।
छह दिवसीय इस प्रतियोगिता के समापन के साथ ही सभी टीमें 23 अप्रैल को अपने-अपने विद्यालयों के लिए प्रस्थान करेंगी। यह प्रतियोगिता खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    52 min ago
  • ग्राम पंचायत ब्रहमपुर में सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा टीम द्वारा ECH पॉलिक्लिनिक में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। 🏥 एम.ओ. डॉ. विजय जरियाल के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में कुल 103 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 68 के लैब टेस्ट किए गए। जांच के दौरान हड्डी, शुगर, बीपी व अन्य सामान्य रोगों के मरीज चिन्हित किए गए और सभी को बेहतर रहन-सहन व संतुलित खानपान के लिए जागरूक किया गया। इस जनसेवा के कार्य के लिए पंचायत प्रतिनिधियों व क्षेत्रवासियों ने माननीय सांसद श्री अनुराग ठाकुर जी का आभार जताते हुए उनके इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की। 🙏 #स्वास्थ्य_शिविर #जनसेवा #मोबाइल_हेल्थ_सर्विस #स्वस्थ_जीवन
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    ग्राम पंचायत ब्रहमपुर में सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा टीम द्वारा ECH पॉलिक्लिनिक में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। 🏥
एम.ओ. डॉ. विजय जरियाल के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में कुल 103 मरीजों की जांच की गई, जिनमें 68 के लैब टेस्ट किए गए। जांच के दौरान हड्डी, शुगर, बीपी व अन्य सामान्य रोगों के मरीज चिन्हित किए गए और सभी को बेहतर रहन-सहन व संतुलित खानपान के लिए जागरूक किया गया।
इस जनसेवा के कार्य के लिए पंचायत प्रतिनिधियों व क्षेत्रवासियों ने माननीय सांसद श्री अनुराग ठाकुर जी का आभार जताते हुए उनके इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की। 🙏
#स्वास्थ्य_शिविर #जनसेवा #मोबाइल_हेल्थ_सर्विस #स्वस्थ_जीवन
    user_Gagret Halchal
    Gagret Halchal
    दौलतपुर चौक, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Till The End News
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    Post by Till The End News
    user_Till The End News
    Till The End News
    Local News Reporter मजालता, उधमपुर, जम्मू और कश्मीर•
    17 hrs ago
  • चंबा “8 साल से अधूरी सड़क: सालवी–पधरोलू मार्ग की बदहाली से 2000 लोग परेशान”। चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सालवी–पधरोलू मार्ग पिछले आठ वर्षों से पक्का होने का इंतजार कर रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क का निर्माण तो किया गया, लेकिन इसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। नतीजतन, आज भी यह मार्ग कच्ची और जर्जर हालत में है, जिससे भावला पंचायत की करीब 2000 की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, लेकिन जगह-जगह पड़े गड्ढों के कारण सफर जोखिम भरा बन गया है। खराब सड़क की वजह से कई बार वाहनों के पुर्जे टूट जाते हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। स्थानीय निवासी पुंजर देव और हेमराज का कहना है कि सड़क बने 8–9 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक इसे पक्का नहीं किया गया। उनका कहना है कि अब सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इस मार्ग को पक्का किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके और आवाजाही सुरक्षित हो सके। बाइट पुंजर देव स्थानीय निवासी। बाइट हेम राज स्थानीय निवासी।
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    चंबा “8 साल से अधूरी सड़क: सालवी–पधरोलू मार्ग की बदहाली से 2000 लोग परेशान”।
चुराह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सालवी–पधरोलू मार्ग पिछले आठ वर्षों से पक्का होने का इंतजार कर रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क का निर्माण तो किया गया, लेकिन इसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई। नतीजतन, आज भी यह मार्ग कच्ची और जर्जर हालत में है, जिससे भावला पंचायत की करीब 2000 की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस सड़क पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, लेकिन जगह-जगह पड़े गड्ढों के कारण सफर जोखिम भरा बन गया है। खराब सड़क की वजह से कई बार वाहनों के पुर्जे टूट जाते हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
स्थानीय निवासी पुंजर देव और हेमराज का कहना है कि सड़क बने 8–9 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक इसे पक्का नहीं किया गया। उनका कहना है कि अब सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इस मार्ग को पक्का किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके और आवाजाही सुरक्षित हो सके।
बाइट पुंजर देव स्थानीय निवासी।
बाइट हेम राज स्थानीय निवासी।
    user_Mohd Ashiq
    Mohd Ashiq
    Journalist Chamba, Himachal Pradesh•
    21 hrs ago
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