दमोह कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि जिले में डेटा एनालिसिस के आधार पर पेट्रोल पंपों की गतिविधियों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन गड़बड़ियों के खुलासे के बाद, प्रशासन द्वारा गठित 20 टीमों ने एक साथ जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर व्यापक कार्रवाई करते हुए जांच अभियान चलाया। इस जांच के दौरान, एक पेट्रोल पंप से लगभग 4000 लीटर अतिरिक्त डीजल बरामद किया गया। यह मात्रा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई गई, जिसके चलते इसे तुरंत जब्त कर लिया गया है। मामले में बरामद किए गए डीजल की राजसात (जब्ती) की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईंधन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगाना है। साथ ही, किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था की है, जिसके तहत अब किसान प्रतिदिन 200 लीटर तक डीजल केन में प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन ने यह भी बताया है कि दमोह जिले में पेट्रोल पंपों की निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दमोह कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि जिले में डेटा एनालिसिस के आधार पर पेट्रोल पंपों की गतिविधियों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन गड़बड़ियों के खुलासे के बाद, प्रशासन द्वारा गठित 20 टीमों ने एक साथ जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर व्यापक कार्रवाई करते हुए जांच अभियान चलाया। इस जांच के दौरान, एक पेट्रोल पंप से लगभग 4000 लीटर अतिरिक्त डीजल बरामद किया गया। यह मात्रा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई गई, जिसके चलते इसे तुरंत जब्त कर लिया गया है। मामले में बरामद किए गए डीजल की राजसात (जब्ती) की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईंधन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगाना है। साथ ही, किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था की है, जिसके तहत अब किसान प्रतिदिन 200 लीटर तक डीजल केन में प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन ने यह भी बताया है कि दमोह जिले में पेट्रोल पंपों की निगरानी आगे भी लगातार जारी रहेगी और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग/ट्रेनिंग सेंटर में 22 जून 2026 को भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की दुखद मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश छात्र शामिल थे। इस हादसे में कई अन्य लोग घायल भी हुए, और अपनी जान बचाने के लिए कुछ छात्रों को इमारत से छलांग लगानी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि आग एसी डक्ट से शुरू हुई थी।1
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तेंदूखेड़ा के नेतृत्व में भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों और किसानों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ तेंदूखेड़ा में एक बड़ा धरना प्रदर्शन और रैली आयोजित की गई। इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र महँगाई, युवाओं की बेरोज़गारी और जबेरा विधानसभा के किसानों की खाद्य जैसी गंभीर समस्याएँ थीं। कांग्रेस ने जबेरा विधानसभा क्षेत्र के किसानों को खाद्य उपलब्ध कराए जाने की मांग करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।1
- विदिशा में नीट परीक्षा के दिन एक बच्ची को सालों की मेहनत के बाद परीक्षा देने से रोक दिया गया, जिससे उसके पिता और खुद बच्ची को गहरा सदमा लगा है। पिता ने अपनी सारी जमा पूंजी और जायदाद अपने बच्चे की पढ़ाई पर खर्च कर सपना संजोया था, लेकिन इस घटना ने उनके सपने को तोड़ दिया। इस घटना से उपजे दुख और पीड़ा को शब्दों में बयां कर पाना बेहद मुश्किल बताया गया है। वायरल हो रहा यह वीडियो हकीकत में दिल झकझोर देने वाला है। पूरे देश में नीट परीक्षा के दिन हुई यह घटना बहुत गलत और अनुचित करार दी गई है।1
- सागर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरईवन में 45 वर्षीय कुंजन यादव का शव एक कुएं से मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाया। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों ने इस पूरे मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनके अनुसार, कुंजन यादव मंगलवार रात खेत पर ट्रैक्टर चालक के लिए भोजन लेकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वह खेत नहीं पहुंचे। इसके बाद परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, तो खेत के आसपास पत्थरों के पड़े होने और जमीन पर घसीटने जैसे संदिग्ध निशान दिखाई दिए। इन निशानों का पीछा करते हुए परिजन लगभग एक किलोमीटर दूर एक कुएं तक पहुंचे, जहां कुंजन यादव का शव पड़ा मिला। मृतक के चचेरे भाई महेश यादव ने आरोप लगाया है कि कुंजन यादव की हत्या की गई है और इसमें चार-छह लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले गांव के मदन आदिवासी के साथ जमीन को लेकर विवाद हुआ था। इसी तरह, मृतक के पुत्र मयंक यादव ने भी हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए बताया कि जमीन विवाद को लेकर पहले से ही तनाव चल रहा था और विवाद के दौरान मदन की लड़की के पति ने उनके पिता को धमकी भी दी थी। मयंक को रात करीब 2 बजे पिता के शव कुएं में मिलने की सूचना मिली थी। परिजनों ने दावा किया है कि शव की पीठ पर चोट के निशान भी मिले हैं, जो हत्या की आशंका को और गहराते हैं। महाराजपुर पुलिस थाना प्रभारी अजय प्रताप भदौरिया ने पुष्टि की कि उन्हें सुबह कुंजन यादव का शव कुएं में पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कुएं से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ गांधी स्कूल के समीप रविवार देर रात डायल 112 वाहन में तैनात एक आरक्षक पर तीन युवकों ने हमला कर मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रविवार देर रात की है जब पूनम बर्मन नामक महिला ने कोतवाली थाने के अंतर्गत डायल 112 को पारिवारिक विवाद की सूचना दी थी, जिसमें उसके भाई को कुछ लोगों द्वारा पीटा जा रहा था। सूचना मिलते ही आरक्षक रूपेश यादव बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुँचे। जब आरक्षक रूपेश यादव ने मुख्य आरोपी गापू बर्मन और उसके दोनों साथियों को रोकने तथा मामले की पूछताछ करने का प्रयास किया, तो तीनों आरोपी भड़क गए और पुलिस की मौजूदगी का खौफ न रखते हुए ऑन-ड्यूटी आरक्षक रूपेश यादव पर ही हमला कर दिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान वहाँ मौजूद किसी चश्मदीद ने घटना का वीडियो बना लिया। घटना के तुरंत बाद पीड़ित आरक्षक ने कोतवाली थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में शामिल किया है। आरोपियों के खिलाफ शासकीय सेवक पर हमला करने, शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने और मारपीट की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिहा ने इस संबंध में बताया कि पूनम बर्मन की शिकायत और पीड़ित पुलिसकर्मी की रिपोर्ट पर तीन नामजद और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, जिससे जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।1
- आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बरेला क्षेत्र में बढ़ती जनसमस्याओं, उपतहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, अघोषित बिजली कटौती, अवैध शराब की बिक्री और स्थानीय प्रशासन की सुस्ती के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। 'हल्ला बोल, पोल खोल' आंदोलन के तहत, सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेला ग्राउंड से एक विशाल रैली निकाली, जो नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण करते हुए उपतहसील कार्यालय पहुँची और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए कार्यालय का घेराव किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बरेला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की जनता पिछले लंबे समय से सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपतहसील कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार से ग्रामीण बेहद परेशान हैं, वहीं नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही ने आमजन का जीना दूभर कर दिया है। इस विशाल विरोध प्रदर्शन में जिला ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष संजय यादव, आदिवासी ग्रामीण जिला अध्यक्ष निलेश बरकड़े, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पटेल सहित वरिष्ठ नेता सन्मति सैनी, राजेश पटेल, बच्चा यादव, विवेक पटेल, जनपद सदस्य सतेन्द्र गर्ग तथा अरविंद तिवारी, अमित शुक्ला, विजय जैन, रामानुज पटेल, योगेश पटेल पप्पू पटेल, सतीश चौकसे, शेख सलीम, गोविंद मरावी, शिवनंदन पटेल, सौरभ पटेल, रोहित पटेल, कपिल पटेल, भूपेंद्र यादव, शेख शानू जैसे कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस, जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस और नगर कांग्रेस बरेला के कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। गंभीर जनसमस्याओं के निराकरण की माँग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरेला एवं जिला कांग्रेस कमेटी जबलपुर (ग्रामीण) के संयुक्त तत्वावधान में इस उग्र आंदोलन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह को राज्यपाल और उच्चाधिकारियों के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं होता है, तो आगामी दिनों में और भी उग्र आंदोलन किए जाएंगे।1
- दमोह जिले में सीता बावली मुक्तिधाम की जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जे और उसकी बिक्री के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले में हिंदू समाज ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और मुक्तिधाम की जमीन का जीर्णोद्धार कराने की मांग की गई है।1
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिजनों पर नए हाईवे के निर्माण वाले क्षेत्रों में 168 एकड़ जमीन खरीदने का दावा किया गया है। साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार द्वारा खरीदी गई इन जमीनों के बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट देखने के लिए कहा गया है। यह उल्लेख दो बार दोहराया गया है कि मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध है।1
- गोटेगांव से लगभग 16 किलोमीटर दूर परमहंसी गंगा आश्रम, झोतेश्वर में स्थित कामेश्वर महादेव मंदिर, श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। घने जंगलों और मनोहारी प्राकृतिक वातावरण से घिरा यह मंदिर, भगवान भोलेनाथ के दिव्य शिवलिंग के दर्शन मात्र से भक्तों के मन को श्रद्धा और भक्ति से सराबोर कर देता है। यह स्थान आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत एहसास कराता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन, पूजा-अर्चना और अभिषेक करते हैं, अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हुए। मंदिर के पुजारियों द्वारा नियमित रूप से भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से विशेष श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद आयोजित होने वाली भव्य महाआरती का दिव्य दृश्य श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देता है, जहाँ घंटों और शंखनाद की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो जाता है और भक्त भाव-विभोर होकर महादेव की आराधना में लीन हो जाते हैं। प्राकृतिक रमणीयता, धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का यह अद्वितीय संगम कामेश्वर महादेव मंदिर को क्षेत्रवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बनाए हुए है।2