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*श्याम के श्री चरणों मैं हरियाली अमावस्या की सपरिवार धोक, श्याम अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना* *मेरे मालिक* *जो अमीर है वो भी रोता है*, *जो गरीब है वो भी रोता है*। *बस जो आपके करीब है श्याम*, *वो ही चैन की नींद सोता है*। 🥰🥰🥰🥰 *श्याम के श्री चरणों मैं हरियाली अमावस्या की सपरिवार धोक, श्याम अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🙏🏻🌹*जय श्री श्याम*🌹🙏🏻
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*श्याम के श्री चरणों मैं हरियाली अमावस्या की सपरिवार धोक, श्याम अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना* *मेरे मालिक* *जो अमीर है वो भी रोता है*, *जो गरीब है वो भी रोता है*। *बस जो आपके करीब है श्याम*, *वो ही चैन की नींद सोता है*। 🥰🥰🥰🥰 *श्याम के श्री चरणों मैं हरियाली अमावस्या की सपरिवार धोक, श्याम अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🙏🏻🌹*जय श्री श्याम*🌹🙏🏻
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- *श्याम के श्री चरणों मैं हरियाली अमावस्या की सपरिवार धोक, श्याम अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना* *मेरे मालिक* *जो अमीर है वो भी रोता है*, *जो गरीब है वो भी रोता है*। *बस जो आपके करीब है श्याम*, *वो ही चैन की नींद सोता है*। 🥰🥰🥰🥰 *श्याम के श्री चरणों मैं हरियाली अमावस्या की सपरिवार धोक, श्याम अपनी कृपा हमेशा बनाये रखना* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🙏🏻🌹*जय श्री श्याम*🌹🙏🏻1
- घंटों चले हंगामे के बाद 5 सफाई कर्मचारियों को मिली नियुक्ति, वन मंत्री ने कहा- बाकी को भी जल्द मिलेगा पत्र अलवर। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर बुधवार को सुबह से चला आ रहा सियासी और प्रशासनिक घमासान आखिरकार शाम को थम गया। नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर वन मंत्री संजय शर्मा नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए थे। उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी प्रदर्शन कर रहे थे। मामले ने तूल पकड़ लिया था। घंटों तक चले विरोध और प्रशासनिक बैठकों के बाद आखिरकार प्रशासन ने पांच सफाई कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। नियुक्ति पत्र मिलते ही वन मंत्री संजय शर्मा ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे और उनके परिजनों में भी खुशी का माहौल दिखा। नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने बताया कि नियुक्ति का मामला न्यायालय के आदेश के कारण लंबित था। कार्यभार संभालने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसी के तहत पहले चरण में पांच कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी और न्यायालय के आदेश तथा नियमों के अनुसार सभी को नियुक्ति दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। बुधवार को वन मंत्री के धरने पर बैठने के बाद मामला और गरमा गया था। पांच नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन शेष अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार अब भी है।2
- सीकर में PGDCA परीक्षा में नकल का आरोप, फ्लाइंग टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप सीकर। जिले के विश्व भारती कॉलेज में आयोजित PGDCA परीक्षा के दौरान कथित तौर पर खुलेआम नकल का मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर फ्लाइंग टीम की कार्रवाई के दौरान सामने आए दृश्य ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को नकल करने की खुली छूट दी जा रही थी। फ्लाइंग टीम के निरीक्षण में नकल से जुड़ी सामग्री सामने आने के बाद परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना ने उन विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है, जो प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में सफलता के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि परीक्षा केंद्रों पर इस तरह नकल होती रही तो ईमानेदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों के भविष्य का क्या होगा? अब देखना होगा कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार एवं संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं।1
- *आरयूआईडीपी के पांचवें चरण के कार्यों को लेकर बस्सी में संवाद बैठक आयोजित* *जयपुर (बस्सी) 12 अगस्त।* राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पांचवें चरण के अंतर्गत बस्सी शहर में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों के साथ ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कंसल्टेशन मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी देते हुए उपस्थित प्रतिभागियों से सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए गए। परियोजना के तहत शहर में आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता, जल निकासी, अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक शहरी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर चर्चा की गई। बैठक में उपखंड अधिकारी दीपक सिंह खटाणा ने बताया कि आरयूआईडीपी के पांचवें चरण का उद्देश्य शहरों को बेहतर, व्यवस्थित, स्मार्ट एवं सतत बनाना है। प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन में स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनप्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।2
- डांगावास नरसंहार मामले में आरोपियों के बरी होने पर विरोध, जयपुर में धरना-प्रदर्शन जयपुर। डांगावास नरसंहार मामले में न्यायालय द्वारा हत्या के आरोपियों को करीब 11 साल बाद बरी किए जाने के फैसले के बाद सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। फैसले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर उन पांच लोगों की हत्या किसने की और पीड़ित परिवारों को न्याय कब मिलेगा। इसी मुद्दे को लेकर अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी के नेतृत्व में जयपुर के शहीद स्मारक पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मंच से विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि डांगावास मामले में आए फैसले के बाद पीड़ित परिवारों के न्याय और कमजोर-वंचित वर्गों के अधिकारों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते हुए न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।1
- राजस्थान में वन मंत्री जी बैठ गए धरने पर, आखिर क्या वज़ह होगी... अलवर नगर निगम में कैबिनेट मंत्री जी धरने पर बैठे हैं राजस्थान वन मंत्री जी संजय शर्मा जी1
- "राजस्थान में सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है" - नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली टीकाराम जूली ने कहा कि यह राजस्थान का दुर्भाग्य है कि जो बात हम इतने समय से कह रहे थे आज वही सच हो गई है। राजस्थान आगे जाने के बजाय पीछे जा रहा है और पूरे प्रदेश में अफसरशाही हावी हो गई है। नेताओं और मंत्रियों की भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसकी जीती जागती मिसाल आज अलवर में देखने को मिली जहां अलवर से आने वाले मंत्री को खुद सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। मंत्री का कहना है कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त से बात की, जिला कलेक्टर से बात की, डीएलबी में बात की, मंत्री जी से बात की और सीएमओ तक बात पहुंचाई लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। पिछले डेढ़ वर्षों से कोर्ट का आदेश होने के बावजूद हालात जस के तस हैं और इसी के चलते सरकार के मंत्री को धरने पर बैठना पड़ा। जूली ने कहा कि इस सरकार के खिलाफ उनके विधायक पहले भी बयान दे चुके हैं, खुद उनके मंत्री बयान दे चुके हैं और अब तो खुद मंत्री ही धरने पर बैठ गए हैं। जिस आयुक्त के खिलाफ मंत्री धरने पर बैठे हैं उसी को मुख्यमंत्री जी अपने गृह जिले लेकर गए हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि राजस्थान में किस तरह के हालात चल रहे हैं। जूली ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब मंत्रियों की बात नहीं सुनी जा रही तो आम जनता कहां जाएगी। मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह जी भी अलवर आ रहे हैं और अलवर से केंद्रीय मंत्री भी आते हैं, उन्हें भी देखना चाहिए कि अलवर की हकीकत क्या है और किस स्थिति में यहां खुद मंत्रियों को धरने पर बैठना पड़ रहा है।1
- जयपुर के कालवाड़ थाने से महज 200 मीटर दूरी पर स्थित बांडी नदी वाले बालाजी मंदिर में चांदी के छत्र, मुकुट सहित अन्य सामान चोरी के मामले का कालवाड़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया #CMO #DGPRajasthan #PoliceCommissionerJaipur #CityCablenewsjaipur1