ब्यावर शहर में पिछले 15 वर्षों से लगातार महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के भावनात्मक संबंधों की प्रतीक रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को पुरी धाम जैसा आनंद प्रदान करने वाली यह भव्य रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई को आयोजित की जाएगी। रथयात्रा प्रमुख विजय तंवर ने बताया कि यह यात्रा गोपाल जी मोहल्ला स्थित प्राचीन गोपाल जी मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सूरजपोल गेट के बाहर स्थित बांके बिहारी मंदिर पहुंचेगी, जहाँ महाप्रभु 10 दिनों तक विराजमान रहेंगे। बांके बिहारी मंदिर के अध्यक्ष माणक डाणी ने जानकारी दी कि रथयात्रा महोत्सव के तहत मंदिर में 10 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष प्रतिदिन महाप्रभु जगन्नाथजी और ठाकुर बांके बिहारीजी का नयनाभिराम श्रृंगार और भजन-कीर्तन के आयोजन किए जाएंगे। विजय तंवर ने बताया कि आगामी रथयात्रा के संबंध में 29 मई को बांके बिहारी मंदिर में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पिछले वर्ष का लेख-जोखा प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं के उत्साह और बढ़ती आस्था को देखते हुए, मंदिर में विशाल स्थाई पंडाल में महोत्सव का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में माणक डाणी, चेतन जोशी, वीरेंद्र यादव, अजय अजमेरा, कौशल्या फतेहपुरिया, सुमित्रा जैथलिया, रिंकू माहेश्वरी, गोपाल हेड़ा, गोपाल वर्मा, नवल मुरारका, बुधराज शर्मा, बालकिशन सोनी, सत्यनारायण अरोड़ा, अजय शर्मा, राजकुमार टांक, कालू महावर, विजय दाधिच, जितेंद्र दाधिच, अभयपाल पदावत, अजमद काठात, अभिषेक जैन और रवि दंडायत ने अपने सुझाव रखे। आगामी बैठक 21 जून रविवार को रखी गई है, जिसमें रथयात्रा महोत्सव के लिए विभिन्न समितियों के संयोजक नियुक्त किए जाएंगे।
ब्यावर शहर में पिछले 15 वर्षों से लगातार महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के भावनात्मक संबंधों की प्रतीक रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को पुरी धाम जैसा आनंद प्रदान करने वाली यह भव्य रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई को आयोजित की जाएगी। रथयात्रा प्रमुख विजय तंवर ने बताया कि यह यात्रा गोपाल जी मोहल्ला स्थित प्राचीन गोपाल जी मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सूरजपोल गेट के बाहर स्थित बांके बिहारी मंदिर पहुंचेगी, जहाँ महाप्रभु 10 दिनों तक विराजमान रहेंगे। बांके बिहारी मंदिर के अध्यक्ष माणक डाणी ने जानकारी दी कि रथयात्रा महोत्सव के तहत मंदिर में 10 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष प्रतिदिन महाप्रभु जगन्नाथजी और ठाकुर बांके बिहारीजी का नयनाभिराम श्रृंगार और भजन-कीर्तन के आयोजन किए जाएंगे। विजय तंवर ने बताया कि आगामी रथयात्रा के संबंध में 29 मई को बांके बिहारी मंदिर में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पिछले वर्ष का लेख-जोखा प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं के उत्साह और बढ़ती आस्था को देखते हुए, मंदिर में विशाल स्थाई पंडाल में महोत्सव का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में माणक डाणी, चेतन जोशी, वीरेंद्र यादव, अजय अजमेरा, कौशल्या फतेहपुरिया, सुमित्रा जैथलिया, रिंकू माहेश्वरी, गोपाल हेड़ा, गोपाल वर्मा, नवल मुरारका, बुधराज शर्मा, बालकिशन सोनी, सत्यनारायण अरोड़ा, अजय शर्मा, राजकुमार टांक, कालू महावर, विजय दाधिच, जितेंद्र दाधिच, अभयपाल पदावत, अजमद काठात, अभिषेक जैन और रवि दंडायत ने अपने सुझाव रखे। आगामी बैठक 21 जून रविवार को रखी गई है, जिसमें रथयात्रा महोत्सव के लिए विभिन्न समितियों के संयोजक नियुक्त किए जाएंगे।
- सोशल मीडिया पर एक बवंडर का वीडियो वायरल हो रहा है।1
- शनिवार शाम अजमेर शहर में आए तेज आंधी और तूफान से बिजली का तंत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। पश्चिमी विक्षोभ के साफ असर के कारण दिन भर की तेज धूप और गर्मी के बाद आए इस तूफान की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इसके चलते गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया, साथ ही वातावरण में नमी और बरसात भी हुई। हालांकि, तूफान के बाद हुई तेज बारिश से शहर में कई जगह पानी भर गया। इस दौरान कलेक्ट्रेट के पीछे बने नए भवन पर लगी लोहे की शीट भी उखड़कर सड़क पर आ गिरी।1
- अजमेर के मदार क्षेत्र में चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ अज्ञात चोरों ने मौके का फायदा उठाकर इस घटना को अंजाम दिया। चोरी की यह पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके फुटेज अब सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष ने इस मामले की शिकायत अलवर गेट थाने में दर्ज करवाई है। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है।1
- अजमेर की हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने बुलेट बाइक चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने लक्ष्मण राम मेघवाल उर्फ मोडिया और शारुद्धीन उर्फ शेरू नामक दो आरोपियों को पकड़ा है। इनके कब्जे से चोरी की गई दो बुलेट बाइक भी बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई, जिसमें आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। पीड़ित अक्षयराज राज सिंह ने कोटड़ा गांव से अपनी बुलेट बाइक चोरी होने की शिकायत पुलिस को दी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले पीसागन थाना क्षेत्र में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।1
- ब्यावर जिले में खाद्य सुरक्षा दल ने फल और सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने लगभग 2 हजार किलोग्राम सड़ी-गली और बदबूदार सब्जियों व फलों को नष्ट कराया।2
- नागौर जिले के लाडपुरा गांव में एक भगतमाल कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर सुखदेवजी महाराज कुचेरा ने मीडिया से बातचीत की।1
- अलवर गेट थाना क्षेत्र के मदारपुरा स्थित एक सूने मकान को चोरों ने अपना शिकार बनाया है। चोर घर से ₹38 हजार नगद राशि और अन्य सामान चुरा ले गए। इस संबंध में पीड़ित ने अलवर गेट थाने में मामला दर्ज करवाया है।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम विभाग का इमरजेंसी अलर्ट लोगों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ। मोबाइल फोन पर तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के साथ एक सायरन जैसी आवाज़ वाला विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसे शुरुआत में कुछ लोगों ने तकनीकी खराबी समझा। हालाँकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सरकार की आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली का हिस्सा था। इस अलर्ट के तुरंत बाद किसानों और पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सतर्कता बरती। उन्होंने अपने खेतों में रखे कृषि उपकरण, चारा और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिए। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को पेड़ों और खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बाँध दिया, जिससे संभावित नुकसान से बचा जा सके। शाम होते-होते क्षेत्र में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी का असर दिखने लगा। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में घने बादल छा गए, मौसम का मिज़ाज बदला और फिर तेज गर्जना के साथ बादलों की आवाज़ गूंजने लगी तथा लगातार आकाशीय बिजली चमकती रही। लोगों ने एहतियात बरतते हुए घरों के भीतर रहना उचित समझा। कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस इमरजेंसी अलर्ट के कारण लोग पहले से तैयार थे, जिसकी वजह से संभावित नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस चेतावनी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि मोबाइल पर सीधे प्राप्त होने वाले ऐसे अलर्ट प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1