नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम विभाग का इमरजेंसी अलर्ट लोगों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ। मोबाइल फोन पर तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के साथ एक सायरन जैसी आवाज़ वाला विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसे शुरुआत में कुछ लोगों ने तकनीकी खराबी समझा। हालाँकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सरकार की आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली का हिस्सा था। इस अलर्ट के तुरंत बाद किसानों और पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सतर्कता बरती। उन्होंने अपने खेतों में रखे कृषि उपकरण, चारा और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिए। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को पेड़ों और खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बाँध दिया, जिससे संभावित नुकसान से बचा जा सके। शाम होते-होते क्षेत्र में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी का असर दिखने लगा। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में घने बादल छा गए, मौसम का मिज़ाज बदला और फिर तेज गर्जना के साथ बादलों की आवाज़ गूंजने लगी तथा लगातार आकाशीय बिजली चमकती रही। लोगों ने एहतियात बरतते हुए घरों के भीतर रहना उचित समझा। कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस इमरजेंसी अलर्ट के कारण लोग पहले से तैयार थे, जिसकी वजह से संभावित नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस चेतावनी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि मोबाइल पर सीधे प्राप्त होने वाले ऐसे अलर्ट प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम विभाग का इमरजेंसी अलर्ट लोगों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ। मोबाइल फोन पर तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के साथ एक सायरन जैसी आवाज़ वाला विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसे शुरुआत में कुछ लोगों ने तकनीकी खराबी समझा। हालाँकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सरकार की आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली का हिस्सा था। इस अलर्ट के तुरंत बाद किसानों और पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सतर्कता बरती। उन्होंने अपने खेतों में रखे कृषि उपकरण, चारा और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिए। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को पेड़ों और खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बाँध दिया, जिससे संभावित नुकसान से बचा जा सके। शाम होते-होते क्षेत्र में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी का असर दिखने लगा। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में घने बादल छा गए, मौसम का मिज़ाज बदला और फिर तेज गर्जना के साथ बादलों की आवाज़ गूंजने लगी तथा लगातार आकाशीय बिजली चमकती रही। लोगों ने एहतियात बरतते हुए घरों के भीतर रहना उचित समझा। कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस इमरजेंसी अलर्ट के कारण लोग पहले से तैयार थे, जिसकी वजह से संभावित नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस चेतावनी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि मोबाइल पर सीधे प्राप्त होने वाले ऐसे अलर्ट प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- रियां बड़ी उपखंड के ग्राम लाडपुरा स्थित श्री देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित पंच दिवसीय भगतमाल कथा महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे कथा स्थल पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा और दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। प्रातःकालीन कथा, भजन-कीर्तन एवं संतवाणी के दौरान कथा वाचक संत श्री सुखदेवजी महाराज (दरियाव आश्रम, कुचेरा) ने भगतमाल कथा के माध्यम से संतों के त्याग, तपस्या और भक्ति की प्रेरणादायक गाथाओं का वर्णन करते हुए सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। वहीं रात्रि में संत श्री श्रवणरामजी महाराज (गुलाब सागर, जोधपुर) ने गोपीचंद भर्तहरी कथा का वाचन कर वैराग्य, त्याग और अध्यात्म का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति के अनुसार, रविवार को इस कथा महोत्सव का भव्य समापन विशेष संत समागम एवं प्रवचन कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस संपूर्ण धार्मिक आयोजन का सफल संचालन साध्वी पप्पूबाई जी एवं समस्त ग्रामवासी लाडपुरा के सहयोग से किया जा रहा है।4
- नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती की गई है, जिसके तहत उनके साथ तैनात तीन पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) हटा दिए गए हैं। सुरक्षा में इस कमी के बाद सांसद बेनीवाल का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अतिरिक्त सुरक्षा की मांग नहीं की थी। हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि जनता का प्यार और युवाओं का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, "मैंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी। मेरे साथ हजारों युवा हमेशा खड़े रहते हैं। जनता का विश्वास ही मेरी असली सुरक्षा है।" सुरक्षा में इस कटौती को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, वहीं आरएलपी कार्यकर्ताओं ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद के प्रति समर्थन जताया है। बेनीवाल ने आश्वस्त किया कि वे पहले की तरह ही जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहेंगे और सुरक्षा में कमी का उनके जनसंपर्क या जनहित के मुद्दों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।1
- राजस्थान में एक तहसीलदार का रातोंरात बांसवाड़ा तबादला कर दिया गया है, जिसने राज्यभर में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। यह तबादला उन तहसीलदार का किया गया है, जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं को जमानत दी थी। इस अचानक हुए आदेश के बाद से ही इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं।1
- अजमेर के मदार क्षेत्र में चोरी की एक वारदात सामने आई है, जहाँ अज्ञात चोरों ने मौके का फायदा उठाकर इस घटना को अंजाम दिया। चोरी की यह पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके फुटेज अब सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष ने इस मामले की शिकायत अलवर गेट थाने में दर्ज करवाई है। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है।1
- अजमेर की हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने बुलेट बाइक चोरी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने लक्ष्मण राम मेघवाल उर्फ मोडिया और शारुद्धीन उर्फ शेरू नामक दो आरोपियों को पकड़ा है। इनके कब्जे से चोरी की गई दो बुलेट बाइक भी बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई, जिसमें आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। पीड़ित अक्षयराज राज सिंह ने कोटड़ा गांव से अपनी बुलेट बाइक चोरी होने की शिकायत पुलिस को दी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले पीसागन थाना क्षेत्र में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।1
- राजस्थान के निमाज कस्बे में, 30 मई को श्री आई जी हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। यह पूरी घटना कस्बे की आवासीय भंडारी कॉलोनी स्थित श्री आई जी हॉस्पिटल की है। इस घटना के बाद, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल के सामने धरने पर बैठ गई हैं, और न्याय की मांग कर रही हैं। मृतका के परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जैतारण थाना अधिकारी धोलाराम परिहार पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद हैं, और आरएसी/पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी हुई है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- रिया बड़ी उपखंड के लाडपुरा गांव स्थित श्री देवनारायण मंदिर परिसर में पंच दिवसीय भगतमाल कथा एवं गोपीचंद भरथरी कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 27 मई को शुरू हुआ था और इसका समापन कल होगा। इसके चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे, जिसमें क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी लोग शामिल थे। कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। कथा का वाचन भजन सम्राट संत श्री सुंदरदास महाराज (दरियाव आश्रम कुचेरा) द्वारा प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जा रहा है। वहीं, रात्रिकालीन सत्र में संत श्री भगवानगिरी महाराज (गुलाब सागर जोधपुर) गोपीचंद भरथरी कथा सुना रहे हैं। आज शाम को सत्संग का भी आयोजन किया जाएगा। कथा के चौथे दिन सुखदेव महाराज ने श्रद्धालुओं को राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के अंतिम समय में भी सच्चे मन से राम नाम का जाप कर ले, तो उसे भगवान की प्राप्ति अवश्य होती है। उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य की वाणी सदैव कोमल और मधुर होनी चाहिए तथा प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन भगवान का स्मरण और राम नाम का जाप अवश्य करना चाहिए। सुखदेव महाराज ने आगे बताया कि भगवान केवल पूजा-पाठ से ही नहीं, बल्कि सेवा भाव, अच्छे संस्कार और श्रेष्ठ कर्मों से भी प्राप्त होते हैं। उन्होंने माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया और इसे ही सच्ची भक्ति का मार्ग कहा। गांव के युवा देवेंद्र बढ़ियासर और दिनेश जाट ने बताया कि कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल और प्रसादी की समुचित व्यवस्था की गई है। इस धार्मिक आयोजन के निवेदक समस्त ग्रामवासी लाडपुरा एवं साध्वी पप्पू बाई (रामभजनी बाई जी) हैं, जिन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्म लाभ लेने की अपील की है।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार शाम मौसम विभाग का इमरजेंसी अलर्ट लोगों के लिए बेहद प्रभावी साबित हुआ। मोबाइल फोन पर तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के साथ एक सायरन जैसी आवाज़ वाला विशेष संदेश प्राप्त हुआ, जिसे शुरुआत में कुछ लोगों ने तकनीकी खराबी समझा। हालाँकि, जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह सरकार की आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली का हिस्सा था। इस अलर्ट के तुरंत बाद किसानों और पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सतर्कता बरती। उन्होंने अपने खेतों में रखे कृषि उपकरण, चारा और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिए। इसी प्रकार, पशुपालकों ने भी अपने मवेशियों को पेड़ों और खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर बाँध दिया, जिससे संभावित नुकसान से बचा जा सके। शाम होते-होते क्षेत्र में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी का असर दिखने लगा। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में घने बादल छा गए, मौसम का मिज़ाज बदला और फिर तेज गर्जना के साथ बादलों की आवाज़ गूंजने लगी तथा लगातार आकाशीय बिजली चमकती रही। लोगों ने एहतियात बरतते हुए घरों के भीतर रहना उचित समझा। कई हिस्सों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। इस इमरजेंसी अलर्ट के कारण लोग पहले से तैयार थे, जिसकी वजह से संभावित नुकसान को काफी हद तक टाला जा सका। स्थानीय लोगों ने सरकार की इस चेतावनी व्यवस्था की सराहना की और कहा कि मोबाइल पर सीधे प्राप्त होने वाले ऐसे अलर्ट प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम के दौरान जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1