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दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी स्थित ईसन नदी पुल पर शुक्रवार को हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। समाजवादी युवजन छात्र सभा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और छात्रों के हित में सख्त व प्रभावी कानून बनाने की मांग उठाई। इसके साथ ही ईसन नदी पुल पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी स्थित ईसन नदी पुल पर शुक्रवार को हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। समाजवादी युवजन छात्र सभा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और छात्रों के हित में सख्त व प्रभावी कानून बनाने की मांग उठाई। इसके साथ ही ईसन नदी पुल पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सोनम वांगचुक ने 21 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त कर दी है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की ओर से मिले आश्वासन के बाद अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया। सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक बातचीत और भरोसा मिलने के बाद ही उन्होंने आंदोलन के इस चरण को समाप्त किया है। इस घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजर इस बात पर बनी रहेगी कि सरकार अपने आश्वासनों को कितनी जल्दी और किस तरह से अमल में लाती है।1
- सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चला आ रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अपनी भूख हड़ताल तोड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो संदेश के बाद सोनम वांगचुक ने यह कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और सख्त कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है, जिसके पश्चात सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों से जारी अनशन खत्म किया।1
- मैनपुरी के करहल स्थित ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय के एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे एमएलसी मुकुल यादव ने केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं के साथ हुई घटना को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि देश का युवा और छात्र आज सुरक्षित नहीं है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बीजेपी से ऊब चुकी है और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना तय है। एमएलसी मुकुल यादव के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।4
- इटावा में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गरीब, वंचित, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) व अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। समिति ने संविधान प्रदत्त समान अवसर और आरक्षण की मूल भावना को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि योग्यता और मेरिट के आधार पर सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी में चयनित होने वाले SC और ST अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में ही समायोजित किया जाए, जिससे आरक्षित वर्ग के अन्य पात्र अभ्यर्थियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। समिति का कहना है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रियाओं में व्यवस्था परिवर्तन के कारण आरक्षित वर्ग के हजारों योग्य उम्मीदवार चयन से वंचित हो रहे हैं, जिससे संविधान निर्माताओं की मंशा प्रभावित हो रही है। समिति ने सामाजिक न्याय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को शीघ्र लागू करने और एक मजबूत आरक्षण अधिनियम (ACT) बनाए जाने की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो देशभर में लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।2
- उत्तर प्रदेश के एटा में राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ और डॉ रूपा जैन के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरा विवाद एक पीड़ित विधवा महिला ज्योति जैन की शिकायत से जुड़ा है, जिन्होंने डॉ शैलेंद्र जैन पर अपने किराये के मकान पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शिकायत के बावजूद कोई कदम न उठाए जाने पर पीड़िता ने राज्य महिला आयोग में गुहार लगाई थी। जनपद भ्रमण के दौरान महिला आयोग की सदस्य ने सीएमओ के साथ मिलकर पीड़िता की शिकायत के आधार पर घटनास्थल का मुआयना किया। इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अल्ट्रासाउंड एवं सीटी स्कैन सेंटर पर मौके पर कोई रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं पाया गया, जिस पर आयोग की सदस्य ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डॉ रूपा जैन द्वारा राज्य महिला आयोग की सदस्य के साथ किए गए इस तरह के दुर्व्यवहार ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब वे आयोग की सदस्य से ऐसा व्यवहार कर सकती हैं तो पीड़ित विधवा महिला के साथ कैसा बर्ताव करती होंगी।1
- एटा जिले के जलेसर क्षेत्र स्थित ग्राम अरवगढ़ में 22 जुलाई की रात हुई एक घटना को लेकर दो परस्पर विरोधी शिकायतें सामने आने से मामला गर्मा गया है। सबसे पहले ग्राम अरवगढ़ निवासी अनुसूचित जाति की महिला लक्ष्मी, पत्नी उदयप्रकाश ने क्षेत्राधिकारी जलेसर को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि रात लगभग 11 बजे जब वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ घर पर अकेली थीं, तब कन्हैया पुत्र प्रमुदयाल सहित कई नामजद लोग जबरन घर में घुस आए। उन्होंने महिला के साथ अभद्रता, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके जवाब में दूसरे पक्ष की ओर से रेशमा देवी, पत्नी स्वर्गीय प्रमुदयाल ने थाना जलेसर में प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने पुत्र कन्हैया लाल को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश का दावा किया है। उनका कहना है कि उनका पुत्र शाम को रुपये लौटाने गया था और गांव के पुराने भूमि विवाद व आपसी रंजिश के कारण इस पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। रेशमा देवी ने निष्पक्ष जांच के लिए वीडियो साक्ष्य होने की बात कही है। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतों, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह घटना सामान्य न होकर एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसकी क्रमबद्ध झलक वायरल वीडियो में भी दिख रही है। जिन लोगों के खिलाफ हरिजन एक्ट और छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने की तैयारी की गई है, वे एक विचाराधीन मुकदमे में बतौर गवाह शामिल हैं। इसके अलावा आरोप लगाने वाली महिला पर पहले भी लोगों को फर्जी शिकायतों में फंसाने के दावे किए गए हैं, वहीं कथित आरोपी युवा नेताओं और गरीब मजदूरों से संबंधित लट्ठबाजी व अन्य घटनाक्रमों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।3
- अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल देखने को मिला। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह यादव को अपनी पिस्तौल तक निकालनी पड़ गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1