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सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चला आ रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अपनी भूख हड़ताल तोड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो संदेश के बाद सोनम वांगचुक ने यह कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और सख्त कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है, जिसके पश्चात सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों से जारी अनशन खत्म किया।
अंकित कुमार पत्रकार
सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चला आ रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अपनी भूख हड़ताल तोड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो संदेश के बाद सोनम वांगचुक ने यह कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और सख्त कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है, जिसके पश्चात सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों से जारी अनशन खत्म किया।
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- सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चला आ रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में अपनी भूख हड़ताल तोड़ी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो संदेश के बाद सोनम वांगचुक ने यह कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कल होने वाली कैबिनेट बैठक में और सख्त कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है, जिसके पश्चात सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों से जारी अनशन खत्म किया।1
- मैनपुरी के करहल स्थित ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय के एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे एमएलसी मुकुल यादव ने केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं के साथ हुई घटना को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि देश का युवा और छात्र आज सुरक्षित नहीं है। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बीजेपी से ऊब चुकी है और 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनना तय है। एमएलसी मुकुल यादव के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।4
- मैनपुरी के औछा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दौलीखिरिया निवासी पीड़ित जितेन्द्र पुत्र हरिकिशन ने अपनी बेटी की शादी के दौरान सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया है। पीड़ित की पुत्री का विवाह आगामी 25 जुलाई 2026 को होना तय है। आरोप है कि गांव के कुछ दबंग किस्म के लोग बारात को गांव में न चढ़ने देने और बारात की खुलेआम बेइज्जती करने की लगातार धमकी दे रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, रास्ते के विवाद को लेकर गांव के दिनेश व कमलेश (पुत्रगण सत्यराम) तथा सूरज (पुत्र दिनेश) से पुरानी रंजिश चली आ रही है। आरोपी दबंगों ने पहले भी मारपीट की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें पीड़ित के पिता का हाथ टूट गया था। इस मामले में थाना औछा में मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके बाद हाल ही में 17 जुलाई 2026 को भी पीड़ित के साथ रास्ते में खींचकर मारपीट की गई थी, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दबंगों की धमकियों से चिंतित पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक महोदय से मांग की है कि 25 जुलाई को बारात के दौरान और विदाई तक गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और बेटी का विवाह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मेहनती छात्रों के सपनों को झटका देने वाले इस मामले में अब सरकार ने पेपर लीक माफिया के खिलाफ बड़ा और सख्त कदम उठाने की पूरी तैयारी कर ली है। इस संबंध में प्रधानमंत्री की ओर से बड़ा संदेश दिया गया है। मामले में माफिया पर अब तक हुई कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके अलावा, संसद में एक नया कानून लाने की भी तैयारी की जा रही है, जिसका उद्देश्य भविष्य में NEET, JEE, UPSC, SSC, CUET और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर हमेशा के लिए रोक लगाना है।1
- संसद में छात्रों का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा है। संसद परिसर के भीतर इस विषय को प्रमुखता से उठाते हुए चंद्रशेखर आजाद ने अमित शाह से सीधा जवाब मांगा है।1
- प्रधानमंत्री का प्रतिवर्ष दो करोड़ नौकरियां और रोजगार देने का वादा धोखा सिद्ध हुआ है। लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी का जीना दुश्वार कर दिया है, जबकि मध्यम और कुटीर उद्योग धंधों के बंद होने से गरीब और मजदूर भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। किसानों की आय दोगुनी करने का भाजपा का वादा भी छलावा सिद्ध हुआ है। भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा उत्पीड़न और अत्याचार लगातार पीडीए वर्ग यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हैं। प्रदेश में भाजपा संरक्षित अपराधियों और पुलिस की सांठगांठ से बेटियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं हो रही हैं, जिन्हें रोकने में पुलिस नाकाम है। प्रदेश में हुए फर्जी एनकाउंटर और पुलिस हिरासत में हुई मौतों में 60 प्रतिशत लोग पीडीए समाज के हैं, जबकि जाति देखकर की गई 24 बुलडोजर कार्रवाइयों में से 22 केवल पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज पर की गई हैं। भाजपा राज में अकेले विश्वकर्मा समाज के 40 नौजवानों की हत्याएं और बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं। सामंती वर्चस्ववादी सोच के अपराधियों को सरकार का संरक्षण मिलने के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसके अलावा, सपा सरकार में विश्वकर्मा समाज के हित में शुरू किए गए सभी कार्य, जैसे विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी, नौजवानों को आईटीआई का प्रमाण पत्र और कुटीर उद्योग हेतु पट्टे का आदेश निरस्त कर दिया गया है। वहीं प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना केवल लोहार, बढ़ई, सुनार, कुम्हार, नाई आदि वर्गों को मजदूर बनाती है तथा किसी पढ़े-लिखे नौजवान को अफसर, डॉक्टर, इंजीनियर या प्रोफेसर नहीं बनाती। सरकारी नौकरियों की भर्ती में भी पीडीए वर्ग के आरक्षण में जबरदस्त घोटाला किया गया है। पिछले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में आयोजित 22 सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पीडीए के लिए आरक्षित 11,514 पदों को सामान्य वर्ग से भर दिया गया। परीक्षाओं के पेपर लीक होना और बाद में परीक्षा निरस्त होना नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, जबकि नीट परीक्षा की विफलता के कारण कई नौजवानों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा है। भाजपा सरकार को पूरी तरह नौजवान, किसान, गरीब और मजदूर विरोधी बताते हुए इसे 2027 में सत्ता से हटाने और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर माननीय श्री अखिलेश यादव जी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के जसवंतनगर थाना क्षेत्र में धौलपुर खेड़ा ओवरब्रिज पर शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे चालक को झपकी आने के कारण एक निजी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। मौदहा (हमीरपुर) से दिल्ली जा रही बस संख्या यूपी-75 सीटी-6005 में करीब 55 यात्री सवार थे। ओवरब्रिज पर पहुंचते ही बस पहले डिवाइडर से टकराई और फिर पलट गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में करीब 20 यात्री घायल हो गए, हालांकि राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी पुलिस टीम और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को बाहर निकालकर जसवंतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। सीएचसी में डॉ. वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल चार यात्रियों—रविंद्र (40), अमन, रामवती और लवकुश—को बेहतर इलाज के लिए सैफई पीजीआई रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों में भारत सिंह (45), राममहेश (35), गौरव, अनिल, सरिता, रोहित, शिवकुमार, रामकिशोर, रोशनी, मुन्नीलाल, क्रेशर, रेनू, रीता, अमरपाल, दिव्यांशी और रामप्रकाश शामिल हैं। दुर्घटना के चलते हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, जिसे पुलिस ने हाइड्रा मशीन से बस को सड़क से हटवाकर सुचारु कराया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।1