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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पुत्रमोह के चलते अपनी वर्षों से बनाई छवि धूमिल करने का आरोप है। इस घटनाक्रम ने उनकी दशकों पुरानी राजनीतिक साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Kumar purnendu
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पुत्रमोह के चलते अपनी वर्षों से बनाई छवि धूमिल करने का आरोप है। इस घटनाक्रम ने उनकी दशकों पुरानी राजनीतिक साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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- बिहार के कटिहार जिले में महत्वपूर्ण कटावरोधी कार्य ₹10 लाख की 'लेवी' या 'रंगदारी' की मांग के चलते अधर में लटक गया है। इस स्थिति ने स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहाँ यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि यह वास्तव में विकास का प्रयास है या रंगदारी वसूलने का खेल।1
- भागलपुर के सनोखर थाना क्षेत्र के सीलन गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां देवर-भाभी के रिश्ते ने ऐसा मोड़ लिया कि पूरा गांव हैरान रह गया। मोनी कुमारी की शादी साल 2018 में धर्मवीर साह से हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। पति के काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने के कारण पति-पत्नी के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं। इसी दौरान मोनी कुमारी की मुलाकात घर के बगल में रहने वाले दिलखुश यादव से हुई। पहले बातचीत शुरू हुई, फिर मुलाकातों का सिलसिला बढ़ता गया और यह रिश्ता प्यार में बदल गया। महिला का कहना है कि दिलखुश अक्सर उनके घर आता-जाया करता था, जिससे उनकी नजदीकियां बढ़ती चली गईं। यह प्यार इतना गहरा हो गया कि महिला अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर दिलखुश यादव के साथ रहने चली आई। महिला ने दावा किया है कि वह इस समय दिलखुश से दो महीने की गर्भवती भी है। हालांकि, गांव में इस मामले को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महिला कभी दिलखुश यादव के घर रहती है तो कभी अपने पहले पति के घर भी चली जाती है, जिस कारण मामला अब विवाद का रूप लेता जा रहा है। मोनी कुमारी ने साफ कहा है कि वह दिलखुश यादव के साथ ही रहना चाहती हैं, लेकिन पुराने रिश्तों और बच्चों की याद आने पर वह कभी-कभी पहले पति के घर भी चली जाती हैं। फिलहाल, यह पूरा प्रकरण पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और गांव में लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।1
- कटिहार में भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बेरोजगारी दूर करने तथा मछली व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मत्स्य विभाग ने पुरुष एवं महिला मछली विक्रेताओं के बीच आजीविका उपार्जन हेतु विशेष किट वितरित किए हैं। इन किटों में तराजू, छाता, आइस बॉक्स, और सूखे व गीले कचरे को रखने के लिए ट्रे जैसी आवश्यक सामग्री शामिल थी। विभाग ने कटिहार में इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मत्स्यजीवी कार्यालय में इन किटों का वितरण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी की।1
- युवाओं को 'कॉकरोच' कहने वाले एक बयान पर अपूर्व विक्रम शाह ने 'करारा जवाब' दिया है। इस जोरदार पलटवार के बाद अब 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के साथ-साथ 'कॉकरोच वेव', 'कॉकरोच क्रांति' और 'कॉकरोच आर्मी' जैसे शब्द भी ज़ोरों पर चर्चा का विषय बन गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को एक 'वायरल भाषण', 'फनी पॉलिटिक्स' और 'पॉलिटिकल मीम' के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 'कॉकरोच शक्ति' के माध्यम से जवाब देने का प्रयास किया गया है।1
- बकरीद (ईद-उल-अज़हा) के अवसर पर गुरुवार सुबह कटिहार के ललियाही ईदगाह में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में लोग नए परिधानों में सुबह से ही ईदगाह पहुंचने लगे, जहाँ तय समय पर अमन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए विशेष नमाज़ अदा की गई। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे क्षेत्र में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। इस पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। ललियाही ईदगाह परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए थे। सदर डीएसपी और साइबर डीएसपी सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं जवान मौके पर तैनात रहे, जिन्होंने ईदगाह परिसर, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की लगातार निगरानी की। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं, स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था के प्रति प्रशासन की तत्परता की सराहना की। शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ अदा होने के बाद सभी लोग अपने-अपने घरों को लौट गए।2
- कटिहार जिले के डंडखोरा प्रखंड अंतर्गत दुवासे ग्राम में स्थानीय ग्रामीणों को सड़क पर कीचड़ की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यह दिक्कत विशेष रूप से वार्ड संख्या 10 में मस्जिद के पास की सड़क पर देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है।1
- प्रेम प्रसंग के चलते घर छोड़ने वाली एक बेटी का उसके परिवार ने जीते जी अंतिम संस्कार कर दिया है। यह चौंकाने वाली घटना गांव में सामने आई, जहां जीवित बेटी के लिए बाकायदा अर्थी निकाली गई। परिवार द्वारा उठाए गए इस कदम से रिश्ते की मर्यादा और सामाजिक प्रतिक्रिया की गंभीरता स्पष्ट होती है।1
- कटिहार शहर स्थित अग्रसेन भवन में गुरुवार से चार दिवसीय बिहार राज्य शतरंज प्रतियोगिता का शानदार शुभारंभ हुआ है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी लगातार तीसरी बार कटिहार को मिली है, जिससे खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस आयोजन की जिम्मेदारी कटिहार जिला शतरंज संघ ने ली है। प्रतियोगिता का उद्घाटन महापौर उषा देवी अग्रवाल, डॉ. शंभू नाथ, गीत अविनाश, डॉ. आलोक राज, पीयूष कुमार, संजीव सुरेखा और विकास खंडेलिया सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजकों ने इस अवसर पर कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता, धैर्य और रणनीति का एक अद्भुत संगम है। संघ के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में विजयी होने वाले खिलाड़ियों को पुडुचेरी में होने वाली राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस आयोजन को बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। प्रतियोगिता में राज्य के 19 जिलों से 13 वर्ष आयु वर्ग के कुल 109 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें पूर्णिया, पटना, किशनगंज, छपरा, बांका, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पश्चिम चंपारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, सारण, खगड़िया, मुंगेर, भोजपुर, भागलपुर, मधुबनी और वैशाली जैसे कई जिलों के खिलाड़ी शामिल हैं। संघ के संयुक्त सचिव सत्यम समदर्शी ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन हर साल ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन जारी रखेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इन आयोजनों से ऐसी प्रतिभाएं निकलेंगी जो ग्रैंडमास्टर बनकर न केवल कटिहार जिले, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन करेंगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और पूरे शहरवासियों में हर्ष और उत्साह का माहौल बना हुआ है।1
- रॉकी राय ने कुसुम से शादी करने का निर्णय लिया है, लेकिन इस फैसले पर गंभीर आपत्तियाँ उठाई गई हैं। मूल पोस्ट के अनुसार, यह शादी धूमधाम से होनी चाहिए थी, फिर भी इसे घर-परिवार की इच्छा के विरुद्ध किया गया है। इस तरह के कृत्य को अनुचित बताते हुए, इस बात पर जोर दिया गया है कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।1