जालौन जिले के कालपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनन्दन प्रसाद के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। सीएमओ बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचे, जिससे कर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई। सीएमओ ने सुबह करीब 8:45 बजे सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, महिला वार्ड सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, कूलर-पंखों की व्यवस्था और वार्डों की स्थिति का भी मूल्यांकन किया। सीएमओ ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी दौरान प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के नियमित रूप से संचालित न होने की शिकायत भी सीएमओ के संज्ञान में आई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र संचालक को नोटिस जारी करने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने अस्पताल परिसर की रंगाई-पुताई, भवन की मरम्मत और अन्य लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के आदेश भी दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश बरदिया, डॉ. शेख शहरयार, डॉ. आदर्श गौतम, डॉ. अशोक चक्र, डॉ. विशाल सचान और डॉ. गरिमा सिंह सहित समस्त चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सीएमओ की इस सख्ती के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं में कितना सुधार कर पाता है और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का कितना बेहतर लाभ मिल पाता है।
जालौन जिले के कालपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनन्दन प्रसाद के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। सीएमओ बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचे, जिससे कर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई। सीएमओ ने सुबह करीब 8:45 बजे सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, महिला वार्ड सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, कूलर-पंखों की व्यवस्था और वार्डों की स्थिति का भी मूल्यांकन किया। सीएमओ ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी
दौरान प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के नियमित रूप से संचालित न होने की शिकायत भी सीएमओ के संज्ञान में आई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र संचालक को नोटिस जारी करने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने अस्पताल परिसर की रंगाई-पुताई, भवन की मरम्मत और अन्य लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के आदेश भी दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश बरदिया, डॉ. शेख शहरयार, डॉ. आदर्श गौतम, डॉ. अशोक चक्र, डॉ. विशाल सचान और डॉ. गरिमा सिंह सहित समस्त चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सीएमओ की इस सख्ती के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं में कितना सुधार कर पाता है और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का कितना बेहतर लाभ मिल पाता है।
- जालौन विकासखंड का सालाबाद गाँव पिछले 15 से 20 दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों के घरों में रोशनी की जगह अंधेरा और चिंता व्याप्त है। गाँव में ओवरलोड ट्रांसफार्मर, जर्जर विद्युत लाइनें और टूटे हुए खंभे लोगों का जीवन मुश्किल बना रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, दिन में चार से पाँच बार बिजली लाइनें टूट जाती हैं, और फॉल्ट, तार टूटने या ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। गाँव के बीच लगे ट्रांसफार्मर के पास दुकान चलाने वाले दुकानदार ने अपनी बड़ी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर में अक्सर स्पार्किंग होती है और कई बार आग भी लग चुकी है, जिससे आसपास लोगों की आवाजाही के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। दुकानदार को अपनी दुकान तक आग की चिंगारियाँ पहुँचने का भी खतरा सताता है। इसके अलावा, 11 हजार वोल्ट की लाइन का एक खंभा कई महीनों से एक पेड़ के सहारे टिका हुआ है। ग्रामीणों का डर है कि तेज बारिश या आंधी आने पर यह खंभा गिर सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बिजली विभाग की व्यवस्था पुरानी है। उनके अनुसार, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर मौजूद होने के बावजूद उन्हें अभी तक चालू नहीं किया गया है। यदि इन ट्रांसफार्मरों को संचालित कर दिया जाए तो लोड बँट जाएगा और बार-बार होने वाले फॉल्ट से राहत मिल सकती है। कढ़ौरे कुशवाहा, महेंद्र पटेल, मनोहर कुशवाहा, संतोष कुशवाहा, वकील पटेल और गुड्डन पालीवाल सहित अन्य ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि विभाग किसी बड़े हादसे के बाद जागने की बजाय अभी से समाधान करे।3
- जालौन जिले के कालपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनन्दन प्रसाद के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। सीएमओ बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचे, जिससे कर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई। सीएमओ ने सुबह करीब 8:45 बजे सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, महिला वार्ड सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, कूलर-पंखों की व्यवस्था और वार्डों की स्थिति का भी मूल्यांकन किया। सीएमओ ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी दौरान प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के नियमित रूप से संचालित न होने की शिकायत भी सीएमओ के संज्ञान में आई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र संचालक को नोटिस जारी करने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने अस्पताल परिसर की रंगाई-पुताई, भवन की मरम्मत और अन्य लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के आदेश भी दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश बरदिया, डॉ. शेख शहरयार, डॉ. आदर्श गौतम, डॉ. अशोक चक्र, डॉ. विशाल सचान और डॉ. गरिमा सिंह सहित समस्त चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सीएमओ की इस सख्ती के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं में कितना सुधार कर पाता है और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का कितना बेहतर लाभ मिल पाता है।2
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कोंच तहसील के खैरी गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के कथित गबन और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम खैरी निवासी दीपेश कुमार और ग्राम कैथी निवासी प्रदीप कुमार ने बुधवार दोपहर 1:30 बजे एसडीएम कोंच को एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत खैरी में क्षेत्र पंचायत द्वारा वर्ष 2024-25 के दौरान कई विकास कार्य कराए जाने का दावा किया गया, लेकिन मौके पर वास्तविकता में कोई कार्य नहीं हुआ। इसके बावजूद, संबंधित कार्यों का भुगतान निकाल लिया गया है। प्रार्थियों ने विशेष रूप से जलरोक बांध निर्माण कार्य का जिक्र किया, जिसके तहत गोपाल के खेत से देवगांव मेडे तक जलरोक बांध बनाने का कार्य दर्शाया गया है। इसका वर्क आईडी 3138006WC/958486255824133747 है और इस पर लगभग 5.02 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। दोनों प्रार्थियों ने प्रदेश स्तरीय टीएससी अथवा चीफ टीएससी से इस कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।1
- जालौन जिले के कुठौंद ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेखपुर अहीर में भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान का प्रभाव कम होता दिख रहा है। स्थानीय गलियों में सफाई की स्थिति खराब है और अभियान की गतिविधियाँ धीमी पड़ गई हैं। स्थानीय निवासियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अभियान के तहत अपेक्षित स्वच्छता और सफाई के स्तर तक पहुँचना अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसी कारण से स्वच्छ भारत अभियान का मकसद शेखपुर अहीर में पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया है।2
- कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे जालौन जिले के उरई स्थित अजनारी फ्लाईओवर के पास एक तेज रफ्तार बलेनो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में आजमगढ़ के और हाल ही में दादरा एवं नगर हवेली (गुजरात) निवासी अखिलेश पुत्र रामचंद्र विश्वकर्मा और ब्रजराज पुत्र कन्हैया यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई। कार में सवार अभय, अनुराग और श्रीमती जीरा अखिलेश गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दुर्घटनाग्रस्त बलेनो कार का नंबर DD 01 A 7805 बताया गया है, जो झांसी की ओर से आ रही थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई भिजवाया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद उनमें कोहराम मचा हुआ है। क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।2
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जालौन-औरैया हाईवे पर एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। ग्राम हीरापुर के पास हुए इस हादसे में, कार में सवार लोगों ने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, संजय दुबे अपने गांव से उरई की ओर जा रहे थे। जब उनकी कार जगमेवा-हरिपुरा के पास पहुँची, तभी अचानक शॉर्ट सर्किट होने से वाहन में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी कार जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँच गए। कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं। आग लगने के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि समय रहते कार सवारों के बाहर निकल जाने से एक बड़ा हादसा होने से बच गया।1
- जालौन जिले से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 205 के पास एक और सड़क हादसा हो गया है। इस घटनाक्रम में, हाईवे किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से दूसरा ट्रक जा घुसा।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग NH-27 पर बुधवार सुबह अजनारी फ्लाईओवर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार बलेनो कार (नंबर DD-01-A-7805) अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। इस घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान आजमगढ़ निवासी अखिलेश पुत्र रामचंद्र विश्वकर्मा और ब्रजराज पुत्र कन्हैया यादव (वर्तमान पता दादरा एवं नगर हवेली) के रूप में हुई है। कार में सवार अभय, अनुराग और श्रीमती जीरा अखिलेश गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। सभी यात्री गुजरात क्षेत्र से अपने गृह जनपद की ओर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है, जिसके बाद परिवारों में मातम छा गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार को माना जा रहा है। क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि अजनारी फ्लाईओवर के पास हुई इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई। उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने NH-27 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों पर चिंता व्यक्त करते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।4