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इंदौर प्रदूषित पानी कांड को लेकर कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद के लगे नारे अन्याय और असंवेदनशीलता के खिलाफ युवा कांग्रेस का लोकतांत्रिक विरोध। पुतला दहन के दौरान मफलर में आग लगने के बावजूद युवा कार्यकर्ता की नारेबाजी नहीं रुकी #वायरल #पन्ना

1 day ago
user_Arun Lodhi
Arun Lodhi
Journalist Amanganj, Panna•
1 day ago

इंदौर प्रदूषित पानी कांड को लेकर कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद के लगे नारे अन्याय और असंवेदनशीलता के खिलाफ युवा कांग्रेस का लोकतांत्रिक विरोध। पुतला दहन के दौरान मफलर में आग लगने के बावजूद युवा कार्यकर्ता की नारेबाजी नहीं रुकी #वायरल #पन्ना

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Purushottam namdev
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    Post by Purushottam namdev
    user_Purushottam namdev
    Purushottam namdev
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दमोह मे सवा लाख श्री सुन्दरकांड अखण्ड पाठ का आज से हुआ प्रारंभ।
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    दमोह मे सवा लाख श्री सुन्दरकांड अखण्ड पाठ का आज से हुआ प्रारंभ।
    user_Pushpendra hatta  Press reporter
    Pushpendra hatta Press reporter
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • हटा थाना प्रभारी की मानवीयता ठंड से परेशान झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवार को बांटे कंबल
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    हटा थाना प्रभारी की मानवीयता ठंड से परेशान झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवार को बांटे कंबल
    user_Vikas Soni
    Vikas Soni
    हटा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • विकसित भारत - जी राम जी में गांव तथा ग्राम सभा, विकसित ग्राम पंचायत प्लान बनाएंगे और तय करेंगे कि गांव में कौन से काम हों। यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त, स्वावलंबी और स्वयंपूर्ण गांव के सपने को पूरा करने का संकल्प है।
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    विकसित भारत - जी राम जी में गांव तथा ग्राम सभा, विकसित ग्राम पंचायत प्लान बनाएंगे और तय करेंगे कि गांव में कौन से काम हों।
यह योजना गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त, स्वावलंबी और स्वयंपूर्ण गांव के सपने को पूरा करने का संकल्प है।
    user_सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश
    अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • *धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा* खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया *बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया* पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था। नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है *मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं* इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है "हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए *जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर* बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे *उठते सवाल* क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी
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    *धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा*
खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया
*बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया*
पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था।
नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है
*मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं*
इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है
"हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए
*जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर*
बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे
*उठते सवाल*
क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी
    user_मीडिया
    मीडिया
    Journalist मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कटनी बजरंग दल एवं भगवती मानव कल्याण संगठन ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन कार्यवाही की मांग की
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    कटनी बजरंग दल एवं भगवती मानव कल्याण संगठन ने थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन कार्यवाही की मांग की
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    Journalist कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • 70 वे अंतरराज्यीय टूर्नामेंट में कल खेला जाएगा पूल ए का पहला सेमीफाइनल मुकाबला जयपुर बनाम दिल्ली के मध्य । कल से शुरू होंगे पूल बी मैच ।
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    70 वे अंतरराज्यीय टूर्नामेंट में कल खेला जाएगा पूल ए का पहला सेमीफाइनल मुकाबला जयपुर बनाम दिल्ली के मध्य ।
कल से शुरू होंगे पूल बी मैच ।
    user_The best news
    The best news
    Reporter Chhatarpur, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
  • *धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा* खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया *बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया* पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था। नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है *मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं* इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है "हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए *जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर* बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे *उठते सवाल* क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी
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    *धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा*
खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया
*बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया*
पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था।
नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है
*मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं*
इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है
"हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए
*जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर*
बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे
*उठते सवाल*
क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी
    user_मीडिया
    मीडिया
    Journalist मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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