*धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा* खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया *बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया* पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था। नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है *मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं* इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है "हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए *जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर* बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे *उठते सवाल* क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी
*धतूरा नई बस्ती में प्रशासन का 'बुलडोजर प्रहार': बिना नोटिस बेघर हुए गरीब, मासूमों की सिसकियों ने सरकार को झकझोरा* खबर/धतूरा (मध्य प्रदेश): एक तरफ जहां कड़ाके की ठंड और जीवन का संघर्ष है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कथित 'गुंडाशाही' ने दर्जनों परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया है। धतूरा नई बस्ती में हाल ही में हुई प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या जांच के उनके आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया *बिना नोटिस की कार्रवाई 'सब कुछ मिट्टी में मिल गया* पीड़ित मजदूरों और ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की। जहां कुछ लोगों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किए गए थे, वहीं प्रशासन ने उन घरों को भी जमींदोज कर दिया जिनके पास कोई नोटिस नहीं पहुंचा था। नुकसान का मंजर: कार्रवाई इतनी अचानक थी कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। राशन, जमा पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया है *मासूमों की पुकार मुख्यमंत्री जी हमारी किताबें दब गईं* इस घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू वे नन्हे-मुन्ने बच्चे हैं, जिनकी पढ़ाई इस कार्रवाई की भेंट चढ़ गई हाथ जोड़कर रोते हुए बच्चों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुहार लगाई है "हमारी कॉपी-किताबें और स्कूल बैग सब मलबे में दब गए हैं। हम स्कूल कैसे जाएं हमें शिक्षा से वंचित न किया जाए, हमें रहने के लिए घर दिया जाए *जनता का आक्रोश हाइवे जाम करेंगे, आत्महत्या को मजबूर* बेघर हुए परिवारों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है जनता का कहना है कि यदि उन्हें तत्काल सिर छुपाने की जगह और मुआवजा नहीं मिला, तो वे नेशनल हाईवे जाम करेंगे आक्रोशित लोगों ने यहां तक कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे *उठते सवाल* क्या प्रशासन ने नियमानुसार बेदखली से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की सोची बिना नोटिस दिए घर गिराने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी शिक्षा के अधिकार की बात करने वाली सरकार में बच्चों की किताबें मलबे में क्यों दबी हैं ग्रामीण अब मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस 'अमानवीय' कार्रवाई की जांच होगी और बेघर हुए गरीबों को छत नसीब होगी
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- सतना बिहारी चौक के हाल बेहाल*1
- *रीवा न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी,मचा हड़कंप* रीवा जिला न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान के आधिकारिक ई-मेल पर भेजी गई।सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया और सुरक्षा के मद्देनज़र न्यायालय परिसर को खाली करा लिया गया। पूरे क्षेत्र को पुलिस सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।मौके पर पुलिस अधीक्षक सहित सभी थाना प्रभारी मौजूद हैं, वहीं बम निरोधक दस्ता परिसर में सघन जांच कर रहा है। मामला विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।3
- धार्मिक नगरी चित्रकूट में बीते एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तो वही क्या गुप्त गोदावरी में ही ठंड ज्यादा पड़ रही वहां अलाव जलाया जा रहा है क्या हमारे चित्रकूट वार्ड नंबर 7 हरिजन बस्ती ज्वाला देवी मंदिर खटकाना मोहल्ला तिराहा वनदेवी आश्रम हर्जन मस्ती चौराहा में कोई इंसान नहीं रहता है क्या सीएमओ अंकित सोनी जी से कहा जाए से वह भी कहते जितने वीआईपी लोगों को उन्हीं को मिलेगा यहां पर प्रभारी अनिल तिवारी है जो अलाव की लकड़ी बटवाते हैं वह भी फोन नहीं उठाते वह भी अपनी गुंडागर्दी में उतारू रहते ही चित्रकूट और आसपास का इलाका कोहरे की चादर से ढंक गया है, कोहरे के चलते सड़कों में वाहनों की रफ्तार घट गई है तो वहीं कड़ाके की ठंड और गलन के दर से लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं, चित्रकूट तीर्थ घूमने वाले श्रद्धालु अलाव ढूंढते नजर आ रहे हैं लेकिन धार्मिक नगरी चित्रकूट के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में नगर परिषद प्रशासन द्वारा पर्याप्त अलाव जलवाने की व्यवस्थाएं नहीं की गई है जिससे तीर ज्वाला मंदिर चित्रकूट नयागांव श्रद्धालु ठंड से बच सके अब ऐसे में जहां श्रद्धालु परेशान है तो वही राहगीरों को भी ठंड से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि चित्रकूट तीर्थ क्षेत्र में और नगर में पर्याप्त अलाव जलवाने की व्यवस्थाएं की जाए जिससे कि ठंड से तीर्थ यात्री और राहगीर बच सकें।1
- बाकल समीप खमरिया ग्राम के ग्रामीण अंधकार में रहने को विवश 15 माह से बिजली बंद। पैसे वालों को बिजली उपलब्ध । आजाद भारत में अभी तक इस तरह का पक्षपात किया जा रहा है।1
- ग्राम–ग्राम तक पुलिस की पहुँच, कटनी जिले में व्यापक स्तर पर आयोजित हुई पुलिस ग्राम चौपाल1
- सुविचार4
- प्रेसनोट दिनाक – 08.01.26 थाना-नागौद जिला सतना ( म.प्र ) नागौद पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही देशी कट्टा व 01 कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक महो0 एवं पुलिस उप महानिरीक्षक महो0 रीवा जोन रीवा के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक महो0अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महो0 सतना एवं ,अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नागौद के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी निरी. अशोक पाण्डेय के नेतृत्व में निम्नानुसार कार्यवाही की गई – दिनांक 08/01/2026 को दौरान भ्रमण सूचना मिली की हिमांशू सिह परिहार उर्फ सुज्जू सरस्वती स्कूल के आगे नागौद सतना रोड मे अवैध कट्टा लिये खड़ा सूचना पर मुखबिर के बताये स्थान पहुचने पर एक व्यक्ति खड़ा मिला जो पुलिस को आता देखकर भागने का प्रयास करने लगा, जिसे हमराही स्टाफ के घेराबंदी कर पडका गया जो संदिग्ध यक्ति की तलाश ली गई जो जिसके पास से 315 बोर का कट्टा मिला व एक 315 जिंदा कारतूस मिला, जिसका नाम पूछने पर अपना नाम हिमांशू सिह परिहार उर्फ सुज्जू पिता धीरेन्द्र सिंह परिहार उम्र 22 साल निवासी अकौना खुर्द थाना नागौद जिला सतना (म0प्र0) का होना बताया, उक्त कट्टा के संबंध में कागजात चाहने पर नहीं होना बताया आरोपी हिमांशू सिह का यह कृत्य धारा 25/27 आर्म्स एक्ट पाये जाने से मौके पर कट्टा व कारतूस जप्त कर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर वापसी पर अपराध सदर कायम किया गया तथा गिरफ्तार सुदा आरोपी को माननीय न्यायालय पेश किया गया जहा से जेल भेजा गया । गिरफ्तार आरोपी हिमांशू सिह परिहार उर्फ सुज्जू पिता धीरेन्द्र सिंह परिहार उम्र 22 साल निवासी अकौना खुर्द थाना नागौद जिला सतना (म0प्र0) जप्ती –315 बोर का देशी कट्टा एक जिन्दा कारतूस सराहनीय भूमिका- थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक पाण्डेय ,सउनिरी रविशंकर शुक्ला , प्रआर 727 संजय मिश्रा आर. 485 शैलेन्द्र यादव1