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लखनऊ जिले की तहसील मलिहाबाद के भदवाना गाँव में खनन माफिया ने एक सरकारी तालाब से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया है। माफिया ने जेसीबी का उपयोग कर चोरी-छिपे सैकड़ों ट्रॉली सरकारी मिट्टी खोदी और उसे मुफ्त में प्राप्त कर महंगे दामों पर बेच दिया, जिससे सरकार के खजाने को भारी नुकसान हुआ है। यह अवैध खनन रात भर जारी रहा। यह घटना भदवाना गाँव में कसमंडी रोड पर एक प्लांट के बाहर और टावर के सामने कच्चे रास्ते पर स्थित सरकारी तालाब में हुई। इस गंभीर मामले में संबंधित अधिकारी खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाए, जबकि इसका एक विपरीत उदाहरण दिया गया है कि यदि कोई किसान अपनी एक ट्रॉली मिट्टी भी सरकारी तालाब से निकालता, तो उस पर कई तरह की सख्त कार्रवाई हो जाती। खनन माफिया द्वारा सरकारी मिट्टी को अवैध रूप से बेचने का यह कार्य लगातार जारी है।
Khabro Ki Paini Najar News New
लखनऊ जिले की तहसील मलिहाबाद के भदवाना गाँव में खनन माफिया ने एक सरकारी तालाब से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया है। माफिया ने जेसीबी का उपयोग कर चोरी-छिपे सैकड़ों ट्रॉली सरकारी मिट्टी खोदी और उसे मुफ्त में प्राप्त कर महंगे दामों पर बेच दिया, जिससे सरकार के खजाने को भारी नुकसान हुआ है। यह अवैध खनन रात भर जारी रहा। यह घटना भदवाना गाँव में कसमंडी रोड पर एक प्लांट के बाहर और टावर के सामने कच्चे रास्ते पर स्थित सरकारी तालाब में हुई। इस गंभीर मामले में संबंधित अधिकारी खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाए, जबकि इसका एक विपरीत उदाहरण दिया गया है कि यदि कोई किसान अपनी एक ट्रॉली मिट्टी भी सरकारी तालाब से निकालता, तो उस पर कई तरह की सख्त कार्रवाई हो जाती। खनन माफिया द्वारा सरकारी मिट्टी को अवैध रूप से बेचने का यह कार्य लगातार जारी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- लखनऊ के खरगापुर विस्तार क्षेत्र में पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से निकली 7 साल की एक मासूम बच्ची, लगभग 9 घंटे के बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से अपने परिवार से मिल पाई। बहराइच के मूल निवासी इस परिवार ने कुछ समय पहले ही किराए पर खरगापुर विस्तार में रहना शुरू किया था। अनजान शहर और गलियों में बच्ची को अपने घर का पूरा पता भी मालूम नहीं था। शाम करीब 5 बजे डांट से नाराज़ होकर वह घर से निकल गई थी। भटकते हुए बच्ची राम आसरे पुरवा इलाके तक पहुंच गई, जहाँ डिंपल सिंह और अंजली कनौजिया नामक महिलाओं ने उसे रोते और सहमे हुए देखा। महिलाओं ने बच्ची से उसका नाम और परिवार के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन मासूम सिर्फ अपनी माँ का नाम बता पा रही थी। बच्ची की हालत देख दोनों महिलाओं का दिल पसीज गया और वे उसे लेकर विस्तार थाने पहुँचीं। थाने में इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बच्ची से प्यार से बात करते हुए उसके पिता का नाम और घर का पता जानने का प्रयास किया, लेकिन वह बार-बार अपनी माँ को याद कर रो रही थी और केवल अपने दोनों भाइयों के नाम बता पा रही थी। एक तरफ बच्ची अपने परिवार से दूर डरी-सहमी बैठी थी, तो दूसरी तरफ उसका परिवार उसे खोजते-खोजते बेहाल हो चुका था। विस्तार पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस टीम और दोनों महिलाओं ने मिलकर क्षेत्र में लगातार परिवार की तलाश की। लगभग 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बच्ची के परिवार का पता चल गया। जैसे ही मासूम बच्ची अपने माता-पिता के सामने पहुँची, माँ ने उसे गले से लगा लिया, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। यह पूरी घटना पुलिस की संवेदनशीलता और आम लोगों की इंसानियत का प्रमाण है, जो आज भी बिछड़े बच्चों को उनके अपनों तक पहुँचा सकती है।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित अमरपाली बाजार में ट्रांसफार्मर के पास लगे ठेलों और सड़क जाम को लेकर एक खबर प्रसारित होने के मात्र 40 मिनट के भीतर थाना गाजीपुर पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर के आसपास से अतिक्रमण हटवाया और सड़क घेरकर यातायात बाधित कर रहे ठेला संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। यह कार्रवाई दरोगा उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई, जो थाना गाजीपुर में तैनात होने के साथ-साथ सेकंड मोबाइल पर एंटी रोमियो प्रभारी भी हैं। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में उनके साथ कॉन्स्टेबल अखिलेश कुमार, रोहिताश और भुवन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों का कहना था कि ट्रांसफार्मर के पास ठेलों के लगे होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अमरपाली बाजार के दुकानदारों में खुशी का माहौल देखा गया। व्यापारियों ने पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस के समय रहते हस्तक्षेप को एक बड़ी समस्या टालने वाला कदम बताया, जिसका श्रेय उस खबर के 'बड़े असर' को दिया जा रहा है जिसने पुलिस को तुरंत एक्शन मोड में लेकर आई।1
- आज 25 मई को जनपद सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाने में धरमपुर ग्रेसिंगपुर निवासी श्रीमती शिवकुमारी ने सूचना दी कि उनके बड़े बेटे लक्ष्मीकांत मिश्रा ने, जो नशे का आदी था, स्वयं को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान फील्ड यूनिट भी मौजूद रही। पुलिस द्वारा पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है, और इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय गौतम ने भी अपनी बाइट दी।1
- राजधानी लखनऊ में आज से नौतपा शुरू हो गया है, जिसके चलते आसमान से आग बरस रही है और भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। नौतपा में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने के कारण सड़कें भी आग उगल रही हैं, जिससे बढ़ी तपिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस भीषण गर्मी के बीच नगर निगम ने राहगीरों को राहत देने के लिए एक पहल की है और वह अलर्ट पर है। यातायात सिग्नलों पर ग्रीन शेड बनाए जा रहे हैं और इन ग्रीन शेडों पर पानी के फुहारे भी लगाए जाएंगे ताकि गर्मी से राहत मिल सके। मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नौतपा का यह चरण सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के कारण शुरू हुआ है। एक मान्यता के अनुसार, जितनी तेज नौतपा की गर्मी पड़ती है, उतना ही बेहतर मानसून आता है, जिससे किसानों को लाभ मिलता है।1
- लखनऊ में सोमवार सुबह एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। इस ताजा वृद्धि के बाद पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.72 प्रति लीटर महंगा हो गया है, जिसे जनता पर महंगाई की एक और नई मार बताया जा रहा है। यह पिछले दो हफ्तों में चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम आदमी का बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार सुबह 6 बजे से लागू हुई इन नई कीमतों ने लखनऊ में तेल भरवाना और भी महंगा कर दिया है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा की गई इस लगातार बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग विशेष रूप से परेशान हैं, और वाहन चालकों को भी एक बड़ा झटका लगा है। प्रीमियम पेट्रोल XP95 और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल XG के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।1
- तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर गरमागरम बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में 10 साल की एक बच्ची के हत्या मामले में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस अधिकारी मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने इसे एक संवेदनशील मामले में असंवेदनशील व्यवहार करार दिया है, जिस पर लगातार सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था और परिजनों ने न्याय की मांग की थी। फिलहाल, इस वायरल वीडियो को लेकर किसी भी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि मर्डर केस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों के इस रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- भारतीय किसान यूनियन ने घोषणा की है कि कल, बड़ी संख्या में किसान लखनऊ स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे।1
- सुलतानपुर जनपद में पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत, जयसिंहपुर पुलिस टीम ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 25 मई, 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक महोदय और क्षेत्राधिकारी महोदय जयसिंहपुर के कुशल निर्देशन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के देवपरापार निवासी मुनीराम पुत्र महगू और राजाराम पुत्र आशाराम के रूप में हुई है। दोनों अभियुक्त मु0अ0सं0 179/2026, धारा 103(1)/191(2)/191(3) बीएनएस थाना जयसिंहपुर जनपद सुलतानपुर से संबंधित थे। इस गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष विवेक कुमार राय, हेड कांस्टेबल रविशंकर मौर्या, कांस्टेबल रजनीश कुमार, रिजर्व कांस्टेबल आदित्य कुमार और रिजर्व कांस्टेबल अभिषेक सेन शामिल थे। पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद, दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कार्यवाही के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष भेजा गया है। उनके आपराधिक इतिहास में भी यही प्रकरण दर्ज है।1
- लखनऊ में विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने के फैसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह कुलपतियों और प्रोफेसरों की नियुक्ति में पहले आरक्षण लागू करे, उसके बाद ड्रेस कोड की बात करे। मनोज सिंह काका ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने से पहले दलितों, पिछड़े वर्ग के लोगों और आदिवासियों को उनके संवैधानिक हक मिलने चाहिए। इसी क्रम में, सपा ने PDA वर्ग के शैक्षणिक शोषण का मुद्दा उठाते हुए राज्यपाल के निर्देशों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सपा प्रवक्ता ने पूछा है कि क्या विश्वविद्यालयों में PDA वर्ग का शैक्षणिक शोषण जारी रहेगा।1