लखनऊ के खरगापुर विस्तार क्षेत्र में पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से निकली 7 साल की एक मासूम बच्ची, लगभग 9 घंटे के बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से अपने परिवार से मिल पाई। बहराइच के मूल निवासी इस परिवार ने कुछ समय पहले ही किराए पर खरगापुर विस्तार में रहना शुरू किया था। अनजान शहर और गलियों में बच्ची को अपने घर का पूरा पता भी मालूम नहीं था। शाम करीब 5 बजे डांट से नाराज़ होकर वह घर से निकल गई थी। भटकते हुए बच्ची राम आसरे पुरवा इलाके तक पहुंच गई, जहाँ डिंपल सिंह और अंजली कनौजिया नामक महिलाओं ने उसे रोते और सहमे हुए देखा। महिलाओं ने बच्ची से उसका नाम और परिवार के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन मासूम सिर्फ अपनी माँ का नाम बता पा रही थी। बच्ची की हालत देख दोनों महिलाओं का दिल पसीज गया और वे उसे लेकर विस्तार थाने पहुँचीं। थाने में इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बच्ची से प्यार से बात करते हुए उसके पिता का नाम और घर का पता जानने का प्रयास किया, लेकिन वह बार-बार अपनी माँ को याद कर रो रही थी और केवल अपने दोनों भाइयों के नाम बता पा रही थी। एक तरफ बच्ची अपने परिवार से दूर डरी-सहमी बैठी थी, तो दूसरी तरफ उसका परिवार उसे खोजते-खोजते बेहाल हो चुका था। विस्तार पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस टीम और दोनों महिलाओं ने मिलकर क्षेत्र में लगातार परिवार की तलाश की। लगभग 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बच्ची के परिवार का पता चल गया। जैसे ही मासूम बच्ची अपने माता-पिता के सामने पहुँची, माँ ने उसे गले से लगा लिया, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। यह पूरी घटना पुलिस की संवेदनशीलता और आम लोगों की इंसानियत का प्रमाण है, जो आज भी बिछड़े बच्चों को उनके अपनों तक पहुँचा सकती है।
लखनऊ के खरगापुर विस्तार क्षेत्र में पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से निकली 7 साल की एक मासूम बच्ची, लगभग 9 घंटे के बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से अपने परिवार से मिल पाई। बहराइच के मूल निवासी इस परिवार ने कुछ समय पहले ही किराए पर खरगापुर विस्तार में रहना शुरू किया था। अनजान शहर और गलियों में बच्ची को अपने घर का पूरा पता भी मालूम नहीं था। शाम करीब 5 बजे डांट से नाराज़ होकर वह घर से निकल गई थी। भटकते हुए बच्ची राम आसरे पुरवा इलाके तक पहुंच गई, जहाँ डिंपल सिंह और अंजली कनौजिया नामक महिलाओं ने उसे रोते और सहमे हुए देखा। महिलाओं ने बच्ची से उसका नाम और परिवार के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन मासूम सिर्फ अपनी माँ का नाम बता पा रही थी। बच्ची की हालत देख दोनों महिलाओं का दिल पसीज गया और वे उसे लेकर विस्तार थाने पहुँचीं। थाने में इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बच्ची से प्यार से बात करते हुए उसके पिता का नाम और घर का पता जानने का प्रयास किया, लेकिन वह बार-बार अपनी माँ को याद कर रो रही थी और केवल अपने दोनों भाइयों के नाम बता पा रही थी। एक तरफ बच्ची अपने परिवार से दूर डरी-सहमी बैठी थी, तो दूसरी तरफ उसका परिवार उसे खोजते-खोजते बेहाल हो चुका था। विस्तार पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस टीम और दोनों महिलाओं ने मिलकर क्षेत्र में लगातार परिवार की तलाश की। लगभग 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बच्ची के परिवार का पता चल गया। जैसे ही मासूम बच्ची अपने माता-पिता के सामने पहुँची, माँ ने उसे गले से लगा लिया, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। यह पूरी घटना पुलिस की संवेदनशीलता और आम लोगों की इंसानियत का प्रमाण है, जो आज भी बिछड़े बच्चों को उनके अपनों तक पहुँचा सकती है।
- लखनऊ के खरगापुर विस्तार क्षेत्र में पिता की डांट से नाराज़ होकर घर से निकली 7 साल की एक मासूम बच्ची, लगभग 9 घंटे के बाद पुलिस और आम लोगों की मदद से अपने परिवार से मिल पाई। बहराइच के मूल निवासी इस परिवार ने कुछ समय पहले ही किराए पर खरगापुर विस्तार में रहना शुरू किया था। अनजान शहर और गलियों में बच्ची को अपने घर का पूरा पता भी मालूम नहीं था। शाम करीब 5 बजे डांट से नाराज़ होकर वह घर से निकल गई थी। भटकते हुए बच्ची राम आसरे पुरवा इलाके तक पहुंच गई, जहाँ डिंपल सिंह और अंजली कनौजिया नामक महिलाओं ने उसे रोते और सहमे हुए देखा। महिलाओं ने बच्ची से उसका नाम और परिवार के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन मासूम सिर्फ अपनी माँ का नाम बता पा रही थी। बच्ची की हालत देख दोनों महिलाओं का दिल पसीज गया और वे उसे लेकर विस्तार थाने पहुँचीं। थाने में इंस्पेक्टर सुधीर अवस्थी ने बच्ची से प्यार से बात करते हुए उसके पिता का नाम और घर का पता जानने का प्रयास किया, लेकिन वह बार-बार अपनी माँ को याद कर रो रही थी और केवल अपने दोनों भाइयों के नाम बता पा रही थी। एक तरफ बच्ची अपने परिवार से दूर डरी-सहमी बैठी थी, तो दूसरी तरफ उसका परिवार उसे खोजते-खोजते बेहाल हो चुका था। विस्तार पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस टीम और दोनों महिलाओं ने मिलकर क्षेत्र में लगातार परिवार की तलाश की। लगभग 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार बच्ची के परिवार का पता चल गया। जैसे ही मासूम बच्ची अपने माता-पिता के सामने पहुँची, माँ ने उसे गले से लगा लिया, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। यह पूरी घटना पुलिस की संवेदनशीलता और आम लोगों की इंसानियत का प्रमाण है, जो आज भी बिछड़े बच्चों को उनके अपनों तक पहुँचा सकती है।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित शालीमार चौराहे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क खुदी होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जलकल विभाग द्वारा कराए जा रहे काम के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं की जा सकी है, जिससे यह खुदी हुई सड़क अब जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। इस स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को लंबा घूमकर निकलना पड़ रहा है, जिससे इलाके में रोजाना जाम जैसी स्थिति पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों में इस पर लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। यह समस्या नगर निगम जोन-7 क्षेत्र में पहले भी कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन संबंधित विभाग इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। स्थानीय जनता ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को दुरुस्त किया जाए ताकि आम लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- यह पंक्तियाँ बताती हैं कि सच्चा 'क्रांतिकारी' वह व्यक्ति होता है जिसके भीतर संतोष का असीम सागर बहता है। ऐसा व्यक्ति जीवन के बड़े से बड़े तूफानों और मुश्किलों में भी शांत और अटल बना रहता है। धन-दौलत की बजाय, मन की संपन्नता और आंतरिक शांति ही उसे वास्तविक अर्थों में समृद्ध बनाती है, और यही कारण है कि संसार उसे ही सच्चा 'क्रांतिकारी' मानता है।1
- आज 25 मई को जनपद सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाने में धरमपुर ग्रेसिंगपुर निवासी श्रीमती शिवकुमारी ने सूचना दी कि उनके बड़े बेटे लक्ष्मीकांत मिश्रा ने, जो नशे का आदी था, स्वयं को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान फील्ड यूनिट भी मौजूद रही। पुलिस द्वारा पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है, और इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय गौतम ने भी अपनी बाइट दी।1
- उन्नाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महोबा में अनुसूचित जाति की एक छात्रा के अपहरण और कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के नारे देने वाली सरकार की बेटियों की सुरक्षा में विफलता करार दिया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह ने महोबा की घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया, जिसमें नीट परीक्षा की तैयारी कर रही अनुसूचित जाति की छात्रा को कथित रूप से अगवा कर 16 दिनों तक प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता करार दिया। वहीं, उपाध्यक्ष संगठन चंद्र प्रकाश शुक्ला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महामहिम राज्यपाल को तत्काल सरकार को बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला, इस दौरान वे “बेटी के सम्मान में कांग्रेस मैदान में” जैसे नारे लगाते रहे। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त किया और उसे महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में महामंत्री अजय गौतम, अमरेंद्र प्रताप सिंह, श्याम प्रकाश मिश्रा एडवोकेट, संतोष मिश्रा एडवोकेट, आशुतोष कुमार शर्मा, रज्जन सोनी, तन्मय श्रीवास्तव, राम बाबू, फैज फारुकी, शाश्वत बाजपेई, मोहित विनय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- राजधानी लखनऊ में आज से नौतपा शुरू हो गया है, जिसके चलते आसमान से आग बरस रही है और भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। नौतपा में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने के कारण सड़कें भी आग उगल रही हैं, जिससे बढ़ी तपिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस भीषण गर्मी के बीच नगर निगम ने राहगीरों को राहत देने के लिए एक पहल की है और वह अलर्ट पर है। यातायात सिग्नलों पर ग्रीन शेड बनाए जा रहे हैं और इन ग्रीन शेडों पर पानी के फुहारे भी लगाए जाएंगे ताकि गर्मी से राहत मिल सके। मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नौतपा का यह चरण सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के कारण शुरू हुआ है। एक मान्यता के अनुसार, जितनी तेज नौतपा की गर्मी पड़ती है, उतना ही बेहतर मानसून आता है, जिससे किसानों को लाभ मिलता है।1
- भारतीय किसान यूनियन ने घोषणा की है कि कल, बड़ी संख्या में किसान लखनऊ स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित अमरपाली बाजार में ट्रांसफार्मर के पास लगे ठेलों और सड़क जाम को लेकर एक खबर प्रसारित होने के मात्र 40 मिनट के भीतर थाना गाजीपुर पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर के आसपास से अतिक्रमण हटवाया और सड़क घेरकर यातायात बाधित कर रहे ठेला संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। यह कार्रवाई दरोगा उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई, जो थाना गाजीपुर में तैनात होने के साथ-साथ सेकंड मोबाइल पर एंटी रोमियो प्रभारी भी हैं। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में उनके साथ कॉन्स्टेबल अखिलेश कुमार, रोहिताश और भुवन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों का कहना था कि ट्रांसफार्मर के पास ठेलों के लगे होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अमरपाली बाजार के दुकानदारों में खुशी का माहौल देखा गया। व्यापारियों ने पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस के समय रहते हस्तक्षेप को एक बड़ी समस्या टालने वाला कदम बताया, जिसका श्रेय उस खबर के 'बड़े असर' को दिया जा रहा है जिसने पुलिस को तुरंत एक्शन मोड में लेकर आई।1
- सुलतानपुर जनपद में पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत, जयसिंहपुर पुलिस टीम ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 25 मई, 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक महोदय और क्षेत्राधिकारी महोदय जयसिंहपुर के कुशल निर्देशन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के देवपरापार निवासी मुनीराम पुत्र महगू और राजाराम पुत्र आशाराम के रूप में हुई है। दोनों अभियुक्त मु0अ0सं0 179/2026, धारा 103(1)/191(2)/191(3) बीएनएस थाना जयसिंहपुर जनपद सुलतानपुर से संबंधित थे। इस गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष विवेक कुमार राय, हेड कांस्टेबल रविशंकर मौर्या, कांस्टेबल रजनीश कुमार, रिजर्व कांस्टेबल आदित्य कुमार और रिजर्व कांस्टेबल अभिषेक सेन शामिल थे। पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद, दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कार्यवाही के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष भेजा गया है। उनके आपराधिक इतिहास में भी यही प्रकरण दर्ज है।1