उन्नाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महोबा में अनुसूचित जाति की एक छात्रा के अपहरण और कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के नारे देने वाली सरकार की बेटियों की सुरक्षा में विफलता करार दिया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह ने महोबा की घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया, जिसमें नीट परीक्षा की तैयारी कर रही अनुसूचित जाति की छात्रा को कथित रूप से अगवा कर 16 दिनों तक प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता करार दिया। वहीं, उपाध्यक्ष संगठन चंद्र प्रकाश शुक्ला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महामहिम राज्यपाल को तत्काल सरकार को बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला, इस दौरान वे “बेटी के सम्मान में कांग्रेस मैदान में” जैसे नारे लगाते रहे। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त किया और उसे महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में महामंत्री अजय गौतम, अमरेंद्र प्रताप सिंह, श्याम प्रकाश मिश्रा एडवोकेट, संतोष मिश्रा एडवोकेट, आशुतोष कुमार शर्मा, रज्जन सोनी, तन्मय श्रीवास्तव, राम बाबू, फैज फारुकी, शाश्वत बाजपेई, मोहित विनय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उन्नाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महोबा में अनुसूचित जाति की एक छात्रा के अपहरण और कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के नारे देने वाली सरकार की बेटियों की सुरक्षा में विफलता करार दिया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह ने महोबा की घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया, जिसमें नीट परीक्षा की तैयारी कर रही अनुसूचित जाति की छात्रा को कथित रूप से अगवा कर 16 दिनों तक प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता करार दिया। वहीं, उपाध्यक्ष संगठन चंद्र प्रकाश शुक्ला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महामहिम राज्यपाल को तत्काल सरकार को बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला, इस दौरान वे “बेटी के सम्मान में कांग्रेस मैदान में” जैसे नारे लगाते रहे। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त किया और उसे महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में महामंत्री अजय गौतम, अमरेंद्र प्रताप सिंह, श्याम प्रकाश मिश्रा एडवोकेट, संतोष मिश्रा एडवोकेट, आशुतोष कुमार शर्मा, रज्जन सोनी, तन्मय श्रीवास्तव, राम बाबू, फैज फारुकी, शाश्वत बाजपेई, मोहित विनय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- लखनऊ में विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने के फैसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह कुलपतियों और प्रोफेसरों की नियुक्ति में पहले आरक्षण लागू करे, उसके बाद ड्रेस कोड की बात करे। मनोज सिंह काका ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों में ड्रेस कोड लागू करने से पहले दलितों, पिछड़े वर्ग के लोगों और आदिवासियों को उनके संवैधानिक हक मिलने चाहिए। इसी क्रम में, सपा ने PDA वर्ग के शैक्षणिक शोषण का मुद्दा उठाते हुए राज्यपाल के निर्देशों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सपा प्रवक्ता ने पूछा है कि क्या विश्वविद्यालयों में PDA वर्ग का शैक्षणिक शोषण जारी रहेगा।1
- सोशल मीडिया पर वायरल एक सीसीटीवी वीडियो ने वाहन चलाने में बरती जाने वाली सावधानी को लेकर फिर से गंभीर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। इस वीडियो में एक वाहन को अत्यंत लापरवाही से रिवर्स करते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका पैदा हो जाती है। इस वीडियो के माध्यम से आम जनता को सतर्क रहने और वाहन को पीछे करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की महत्वपूर्ण सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मत है कि अक्सर जल्दबाजी और असावधानी के कारण ही कई गंभीर सड़क हादसे होते हैं। इसी क्रम में लोगों से अपील की गई है कि वाहन रिवर्स करते समय वे अपने आसपास के क्षेत्र का भली-भांति निरीक्षण करें और यातायात तथा सुरक्षा से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें।1
- लखनऊ विश्वविद्यालय में ड्रेस कोड लागू होने के विरोध में,छात्र भवन चौराहे पर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी। लखनऊ लखनऊ विश्वविद्यालय में ड्रेस कोड लागू होने के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन। छात्र भवन चौराहे पर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी। “विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद” के नारों से गूंजा प्रदर्शन स्थल। ड्रेस कोड के विरोध में सड़क पर लेटे छात्र, पुलिस ने हटाया। छात्रों का आरोप- नियमों के नाम पर किया जा रहा उत्पीड़न। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल पर छात्रों ने गलत तरीके से नियम लागू करने का लगाया आरोप। ड्रेस कोड के खिलाफ छात्रों ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी।3
- लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव के छोटे भाई की तेरहवीं मनाई गई।1
- लखनऊ के काकोरी स्थित शिवरी गांव में जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोग वकीलों के भेष में मौके पर पहुंचे और जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जमीन पर अवैध कब्जा जारी रहा। पीड़ित ने बताया कि यह जमीन संबंधी मामला पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है, इसके बावजूद दबंग लोग गैरकानूनी तरीके से जमीन हथियाने की कोशिश कर रहे हैं।1
- डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर बस्ती पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। थाना नगर क्षेत्र के ग्राम सभा चौबाह में चल रहे अवैध मिट्टी खनन की सूचना मिलने पर थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने अपनी पुलिस टीम के साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने एक जेसीबी मशीन और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके से पकड़ लिया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम सभा चौबाह में बिना किसी अनुमति के जेसीबी मशीन का उपयोग करके बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना नगर की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और खनन में लगे वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पकड़े गए सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना नंबर प्लेट के ही क्षेत्र में चल रहे थे और इनका इस्तेमाल अवैध रूप से मिट्टी की ढुलाई के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर थाना परिसर पहुंचाया, जहाँ थाना नगर पुलिस ने जेसीबी मशीन सहित चारों वाहनों को सीज कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई से अवैध खनन के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे गैर-कानूनी धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस लगातार जारी कार्रवाई से अवैध मिट्टी खनन करने वालों में अब डर का माहौल बना हुआ है।4
- लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के शिवरी गांव में जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग वकीलों के भेष में मौके पर पहुंचे और विवादित जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। पीड़ित ने बताया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कब्जे की कार्रवाई जारी रही। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह जमीन का मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, इसके बावजूद दबंगों द्वारा अवैध तरीके से इस पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। ये घटनाएँ सदर कोतवाली क्षेत्र के पास हुई हैं। पहली घटना में, एक खड़े पिकअप वाहन में ट्रक ने टक्कर मार दी। दूसरी घटना में, एक अज्ञात वाहन ने बाइक पर सवार दो युवकों को रौंद दिया। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मृतक की सूचना मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस इन सभी मामलों की जाँच में जुट गई है।1
- सोमवार सुबह लखनऊ के मुंशी पुलिया से पॉलिटेक्निक और कामता तक भीषण जाम लग गया, जिसने आम लोगों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। इस लंबे जाम में ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और यहाँ तक कि एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहीं, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 500 मीटर से ज़्यादा लंबा यह जाम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया, जहाँ एक तरफ़ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग घंटों गाड़ियों में फँसकर भीषण गर्मी झेलने को मजबूर हुए। इस घटना ने लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर हर रोज यही हाल क्यों रहता है, और ट्रैफिक पुलिस तथा डीसीपी ट्रैफिक का कोई भी प्लान ज़मीन पर क्यों नहीं दिख रहा? मुंशी पुलिया, पॉलिटेक्निक और कामता जैसे व्यस्त रूट्स पर स्थायी समाधान कब मिलेगा, यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा और ऑटो की अव्यवस्था, कट और चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी, और पीक ऑवर में पर्याप्त पुलिस बल का न होना ही इन रोज़ाना के जाम की मुख्य वजहें हैं। भीषण गर्मी में गाड़ियों के अंदर परेशान होकर घंटों इंतज़ार करना लोगों की नियति बन गई है। जनता ने प्रशासन से तत्काल और ठोस कार्रवाई की मांग की है ताकि इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके।1