सोमवार सुबह लखनऊ के मुंशी पुलिया से पॉलिटेक्निक और कामता तक भीषण जाम लग गया, जिसने आम लोगों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। इस लंबे जाम में ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और यहाँ तक कि एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहीं, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 500 मीटर से ज़्यादा लंबा यह जाम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया, जहाँ एक तरफ़ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग घंटों गाड़ियों में फँसकर भीषण गर्मी झेलने को मजबूर हुए। इस घटना ने लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर हर रोज यही हाल क्यों रहता है, और ट्रैफिक पुलिस तथा डीसीपी ट्रैफिक का कोई भी प्लान ज़मीन पर क्यों नहीं दिख रहा? मुंशी पुलिया, पॉलिटेक्निक और कामता जैसे व्यस्त रूट्स पर स्थायी समाधान कब मिलेगा, यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा और ऑटो की अव्यवस्था, कट और चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी, और पीक ऑवर में पर्याप्त पुलिस बल का न होना ही इन रोज़ाना के जाम की मुख्य वजहें हैं। भीषण गर्मी में गाड़ियों के अंदर परेशान होकर घंटों इंतज़ार करना लोगों की नियति बन गई है। जनता ने प्रशासन से तत्काल और ठोस कार्रवाई की मांग की है ताकि इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
सोमवार सुबह लखनऊ के मुंशी पुलिया से पॉलिटेक्निक और कामता तक भीषण जाम लग गया, जिसने आम लोगों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। इस लंबे जाम में ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और यहाँ तक कि एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहीं, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 500 मीटर से ज़्यादा लंबा यह जाम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया, जहाँ एक तरफ़ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम हैं, वहीं दूसरी तरफ लोग घंटों गाड़ियों में फँसकर भीषण गर्मी झेलने को मजबूर हुए। इस घटना ने लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर हर रोज यही हाल क्यों रहता है, और ट्रैफिक पुलिस तथा डीसीपी ट्रैफिक का कोई भी प्लान ज़मीन पर क्यों नहीं दिख रहा? मुंशी पुलिया, पॉलिटेक्निक और कामता जैसे व्यस्त रूट्स पर स्थायी समाधान कब मिलेगा, यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा और ऑटो की अव्यवस्था, कट और चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी, और पीक ऑवर में पर्याप्त पुलिस बल का न होना ही इन रोज़ाना के जाम की मुख्य वजहें हैं। भीषण गर्मी में गाड़ियों के अंदर परेशान होकर घंटों इंतज़ार करना लोगों की नियति बन गई है। जनता ने प्रशासन से तत्काल और ठोस कार्रवाई की मांग की है ताकि इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
- लखनऊ संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, पीलीभीत में एक व्यक्ति ने लोगों को धर्म बदलने का प्रलोभन दिया है, जिसमें 'सरकारी नौकरी और सुंदर लड़की पाओ' जैसे वादे शामिल हैं। इस व्यक्ति ने दावा किया है कि यीशु ने उसे दुष्ट आत्मा से बचाया है और वह पिछले 20 सालों से इस तरह का प्रचार कर रहा है।1
- आज, 25 मई को, सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। धरमपुर ग्रेसिंगपुर की निवासी श्रीमती शिवकुमारी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके बड़े बेटे लक्ष्मीकांत मिश्रा, जो नशे के आदी थे, ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट भी घटना स्थल पर मौजूद है। आवश्यक पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है, और इस संबंध में सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित शालीमार चौराहे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क खुदी होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जलकल विभाग द्वारा कराए जा रहे काम के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं की जा सकी है, जिससे यह खुदी हुई सड़क अब जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। इस स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को लंबा घूमकर निकलना पड़ रहा है, जिससे इलाके में रोजाना जाम जैसी स्थिति पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों में इस पर लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। यह समस्या नगर निगम जोन-7 क्षेत्र में पहले भी कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन संबंधित विभाग इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। स्थानीय जनता ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को दुरुस्त किया जाए ताकि आम लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- यह पंक्तियाँ बताती हैं कि सच्चा 'क्रांतिकारी' वह व्यक्ति होता है जिसके भीतर संतोष का असीम सागर बहता है। ऐसा व्यक्ति जीवन के बड़े से बड़े तूफानों और मुश्किलों में भी शांत और अटल बना रहता है। धन-दौलत की बजाय, मन की संपन्नता और आंतरिक शांति ही उसे वास्तविक अर्थों में समृद्ध बनाती है, और यही कारण है कि संसार उसे ही सच्चा 'क्रांतिकारी' मानता है।1
- उन्नाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महोबा में अनुसूचित जाति की एक छात्रा के अपहरण और कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के नारे देने वाली सरकार की बेटियों की सुरक्षा में विफलता करार दिया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह ने महोबा की घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया, जिसमें नीट परीक्षा की तैयारी कर रही अनुसूचित जाति की छात्रा को कथित रूप से अगवा कर 16 दिनों तक प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता करार दिया। वहीं, उपाध्यक्ष संगठन चंद्र प्रकाश शुक्ला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महामहिम राज्यपाल को तत्काल सरकार को बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला, इस दौरान वे “बेटी के सम्मान में कांग्रेस मैदान में” जैसे नारे लगाते रहे। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त किया और उसे महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में महामंत्री अजय गौतम, अमरेंद्र प्रताप सिंह, श्याम प्रकाश मिश्रा एडवोकेट, संतोष मिश्रा एडवोकेट, आशुतोष कुमार शर्मा, रज्जन सोनी, तन्मय श्रीवास्तव, राम बाबू, फैज फारुकी, शाश्वत बाजपेई, मोहित विनय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- राजधानी लखनऊ में आज से नौतपा शुरू हो गया है, जिसके चलते आसमान से आग बरस रही है और भीषण गर्मी से लोग बेहाल हैं। नौतपा में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने के कारण सड़कें भी आग उगल रही हैं, जिससे बढ़ी तपिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस भीषण गर्मी के बीच नगर निगम ने राहगीरों को राहत देने के लिए एक पहल की है और वह अलर्ट पर है। यातायात सिग्नलों पर ग्रीन शेड बनाए जा रहे हैं और इन ग्रीन शेडों पर पानी के फुहारे भी लगाए जाएंगे ताकि गर्मी से राहत मिल सके। मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नौतपा का यह चरण सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के कारण शुरू हुआ है। एक मान्यता के अनुसार, जितनी तेज नौतपा की गर्मी पड़ती है, उतना ही बेहतर मानसून आता है, जिससे किसानों को लाभ मिलता है।1
- लखनऊ में सोमवार सुबह एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। इस ताजा वृद्धि के बाद पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.72 प्रति लीटर महंगा हो गया है, जिसे जनता पर महंगाई की एक और नई मार बताया जा रहा है। यह पिछले दो हफ्तों में चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम आदमी का बजट बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार सुबह 6 बजे से लागू हुई इन नई कीमतों ने लखनऊ में तेल भरवाना और भी महंगा कर दिया है। पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा की गई इस लगातार बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग विशेष रूप से परेशान हैं, और वाहन चालकों को भी एक बड़ा झटका लगा है। प्रीमियम पेट्रोल XP95 और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल XG के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित अमरपाली बाजार में ट्रांसफार्मर के पास लगे ठेलों और सड़क जाम को लेकर एक खबर प्रसारित होने के मात्र 40 मिनट के भीतर थाना गाजीपुर पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर के आसपास से अतिक्रमण हटवाया और सड़क घेरकर यातायात बाधित कर रहे ठेला संचालकों को कड़ी चेतावनी दी। यह कार्रवाई दरोगा उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई, जो थाना गाजीपुर में तैनात होने के साथ-साथ सेकंड मोबाइल पर एंटी रोमियो प्रभारी भी हैं। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान में उनके साथ कॉन्स्टेबल अखिलेश कुमार, रोहिताश और भुवन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों का कहना था कि ट्रांसफार्मर के पास ठेलों के लगे होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अमरपाली बाजार के दुकानदारों में खुशी का माहौल देखा गया। व्यापारियों ने पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस के समय रहते हस्तक्षेप को एक बड़ी समस्या टालने वाला कदम बताया, जिसका श्रेय उस खबर के 'बड़े असर' को दिया जा रहा है जिसने पुलिस को तुरंत एक्शन मोड में लेकर आई।1