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इंदौर से सनसनीखेज खबर इंदौर के गीता भवन इलाके के पास गीता नगर से दो बच्चों के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। घटना पलासिया थाना क्षेत्र के लालाराम नगर की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि शाम के समय दोनों बच्चे अचानक गायब हो गए। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान CCTV फुटेज में एक महिला दोनों बच्चों को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दी है। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए। सूत्रों के मुताबिक, परिजनों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए फिरौती की मांग भी की गई है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें बच्चों की तलाश में जुटी हुई हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस और परिजनों ने अभी मीडिया से दूरी बनाए रखी है।
Deepak gehlot
इंदौर से सनसनीखेज खबर इंदौर के गीता भवन इलाके के पास गीता नगर से दो बच्चों के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। घटना पलासिया थाना क्षेत्र के लालाराम नगर की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि शाम के समय दोनों बच्चे अचानक गायब हो गए। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान CCTV फुटेज में एक महिला दोनों बच्चों को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दी है। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत एक्शन में आ गए। सूत्रों के मुताबिक, परिजनों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए फिरौती की मांग भी की गई है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें बच्चों की तलाश में जुटी हुई हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस और परिजनों ने अभी मीडिया से दूरी बनाए रखी है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- इंदौर की किसान दीदी ने जगाई पराली नहीं जलाने की अलख, 600 बीघा खेत बचाए इंदौर 23 अप्रैल 2026 उत्तर भारत में फसल कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के धुलेट गांव में एक महिला किसान ने इस प्रवृति को बदलने की दिशा में मिसाल पेश की है। गांव की रहने वाली श्रीमती पपीता रावत ने न केवल किसानों को जागरूक किया, बल्कि वैकल्पिक समाधान देकर पराली जलाने पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयं सहायता समूह से शुरू हुआ सफर श्रीमती पपीता रावत, जो एक स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष है ने अपनी यात्रा आजीविका मिशन से जुड़कर शुरू की। शुरुआती आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने सिलाई कार्य से शुरुआत की। कृषि गतिविधियों में रूचि के चलते बाद में स्व-सहायता समूह और बैंक से ऋण लेकर स्ट्रा रीपर मशीन खरीदी। इसके बाद उन्होंने गांव और आसपास के किसानों को पराली जलाने के नुकसान और उससे भूसा बनाने के फायदे समझाए। 600 बीघा खेत में पराली जलाने से बचाया जिले के धुलेट गांव के आसपास दूर-दूर तक कोई भी किसान अब अपने खेत में पराली (गेहूं कटाई के बाद बचे हुए ठूंठ,अवशेष) नहीं जलाता। इसका कारण महिला किसान श्रीमती पपीता रावत है। पपीता रावत बताती है -"शुरुआती दिनों में मैं घर ही रहती और मेरे पति महेश मजदूरी करने जाते थे। घर में तंगी बनी रहती। एक दिन गांव में आजीविका मिशन के अधिकारी आए। द्वारकाधीश सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाया। सिलाई मशीन ली और काम शुरू किया। इसके बाद मैंने लोन लेकर 'स्ट्रा रीपर मशीन' खरीद ली। गांव सहित आसपास के किसान परिवारों को पराली जलाने के नुकसान और भूसा तैयार करने के फायदे बताए। देखते ही देखते इस साल हमने 600 बीघा से ज्यादा खेत में फसल कटने के बाद पराली जलने से बचा लिया। इस बार पराली से भूसा तैयार कर किसानों को लाभ पहुंचाया। वे इसका उपयोग मवेशियों के 'केटल फीड' के रूप में कर रहे है। डे आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक गायत्री राठौड़ बताती है-"इस समूह को विलेज ऑर्गेनाइज़ेशन के साथ आस्था संकुल संगठन खुड़ैल से जोड़ा गया। किसान दीदी के रूप में पपीता रावत बेहतर काम कर रही ही है। पशु पालन से जुड़कर भी चार मवेशियों के माध्यम से दूध उत्पादन का व्यवसाय भी कर रही है।" *पराली जलाने से यह होता है नुकसान* कृषि वैज्ञानिकों का कहना है किसानों द्वारा पराली जलाने की मानसिकता बनी हुई है। प्रदेश में ही सैकड़ों एकड़ खेत में पराली जलाने से उनकी उपजाऊ क्षमता दांव पर लगी हुई है। वैज्ञानिकों के अनुसार "पराली जलाने से जहां अगले सीज़न में फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वहीं पराली (सूखी फसल अवशेष या STUBBLE) जलाने से CO2 (कॉर्बन डाय ऑक्साइड), नाइट्रोजन ऑक्साइड सहित हानिकारक गैस बनती है जिससे ग्लोबल वॉर्मिंग प्रभावित होती है। मिट्टी उर्वरता (सॉइल फर्टिलिटी) के साथ सूक्ष्मजीव और बैक्टीरिया नष्ट हो जाते है।" जिला प्रशासन और कृषि विभाग पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक कर रहा है। यहां तक कि पराली जलाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। प्रशासन भी कर रहा प्रोत्साहित जिला पंचायत इंदौर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और कृषि विभाग पराली नहीं जलाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहे है और नियमों के तहत जुर्माने का प्रावधान भी है। अधिकारियों का कहना है कि श्रीमती रावत जैसी किसान दीदियां न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही है, बल्कि समाज और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। धुलेट गांव की यह पहल दिखाती है कि जागरूकता, नवाचार और सामूहिक प्रयास से पराली जताने जैसी गंभीर समस्या का समाधान संभव है। आने वाले समय में ऐसी पहलें कृषि सुधार और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकती है।1
- शादी के मंडप में घुसे उपद्रवी, जमकर करी तोड़फोड़ और मारपीट, 4 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला जुलूस एंकर - इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की पुष्टि की और आरोपियों तक पहुंच बनाई। वीओ - दरअसल यह मामला तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के माचल गांव का है, जहां बाहर से आई एक बारात के दौरान शादी समारोह अचानक जंग का मैदान बन गया, स्थानीय युवकों और बारातियों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, आरोप है कि कुछ युवक मंडप में घुस गए और वहां जमकर तोड़फोड़ की, इतना ही नहीं, उन्होंने महिला-पुरुषों के साथ भी मारपीट की, जिसमें कई लोग घायल हो गए, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई, जांच के बाद पुलिस ने साहिल, अमान, मोनू सहित एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसमें पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों का इलाके में जुलूस भी निकाला, ताकि असामाजिक तत्वों में कानून का डर बना रहे, फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बाइट - अमरेंद्र सिंह --- एडिशनल डीसीपी1
- *कच्चे मकान की दीवार गिरी, आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल* *🔥मध्यप्रदेश तक🔥* मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र के कुम्हारी गांव में बड़ा हादसा हो गया। एक कच्चे मकान की दीवार अचानक गिरने से आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी घायल एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। हादसे के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।2
- लोग ब्रेकर पर ही अपनी गाड़ी लगा देते है जिससे आम जन परेशान होता है और लाइन में लगने को मजबूर हो जाता है वह पर खड़े लोग तो डायरेक्शन देते है नदारत रहते है आज शाम की बात है देखिए कैसे लोग रोड को अपन घर समझते है और कही भी रोड पर पार्क कर देते है2
- Post by Vishal Jadhav1
- Post by Ck_news1
- इंदौर में चड्डी, बनियान, टॉवेल में घूमने वाले व्यक्ति का महिलाओं ने किया विरोध केस दर्ज कराया पिता पुत्र ने महिला के साथ की मारपीट प्रकरण दर्ज हीरानगर थाना क्षेत्र का है पूरा मामला पुलिस द्वारा पिता राजेश कनेरिया पर की कार्रवाई आयुष नामक युवक के पुलिस कर रही तलाश आयुष के द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था वीडियो मामले में पुलिस दोनों पक्षों के बताएं अनुसार जांच कर रही है एंकर इंदौर में सोशल मीडिया मीडिया पर कई तरह के वीडियो वायरल होते हैं और इसी के साथ पिछले दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जो की हीरानगर थाना क्षेत्र का बताया गया मामले में पुलिस ने बारीकी से जांच पड़ताल करते हुए जानकर देते हुए बताया कि जिस युवक के द्वारा वीडियो वायरल किया गया उसके और उसके पिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया था। हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल के मुताबिक हीरानगर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला के द्वारा शिकायत कराई गई थी कि क्षेत्र में ही रहने वाले राजेश कनेरिया अवस्था में रोड पर घूमते हैं इसको लेकर महिलाओं में आपत्ति ली थी इसके बाद राजेश कनेरिया और उनके बेटे आयुष के द्वारा महिला के साथ जमकर मारपीट की गई थी पुलिस ने मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच पड़ता है इसके बाद विवाद से जुड़ा हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था जिसमें युवक महिला को अपशब्द कहता हुआ नजर आ रहा था अभी फिलहाल पुलिस ने राजेश सहित एक अन्य युवक पर प्रतिबंधात्मक कारवाई किया पुलिस के अनुसार आयुष नामक युवक क्षेत्र में दोस्तों के साथ शराब खोरी करने की भी शिकायत मिली है मामले की जांच की जा रही है। बाइट सुशील पटेल हीरानगर थाना प्रभारी इंदौर1
- मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना केन बेतवा लिंक परियोजना अब विवादों में घिर चुकी है है। सरकार इसे बुंदेलखंड के लिए पानी, सिंचाई और विकास का बड़ा समाधान बता रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। नदी में खड़े होकर शांतिपूर्ण तरीके से आदिवासी समुदाय, बच्चे और बुजुर्ग अपनी जमीन, जंगल और अधिकार बचाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस परियोजना से गांव डूब सकते हैं, बड़े स्तर पर विस्थापन होगा और आजीविका पर असर पड़ेगा। पर्यावरण को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह परियोजना वास्तव में विकास लाएगी या लोगों के लिए एक नई समस्या खड़ी करेगी, और विरोध के बीच सरकार की चुप्पी क्यों है।1
- मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी लक्ष्य 78 से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हु किसानों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय केन्द्र सरकार ने 22 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि को दी मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्र सरकार से किया था अनुरोध प्रधानमंत्री श्री मोदी का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माना आभार इंदौर, 23 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश के लिए विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं खरीदी के लक्ष्य में 22 लाख मीट्रिक टन की महत्वपूर्ण वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस वृद्धि के साथ अब मध्यप्रदेश का कुल गेहूं खरीदी लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। यह निर्णय राज्य में किसानों से अधिक मात्रा में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ खरीदी के लक्ष्य में वृद्धि के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में एक बड़ा कदम है, जिससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ ही राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। यह निर्णय किसानों के परिश्रम का सम्मान है और उन्हें उचित मूल्य दिलाने की दिशा में सशक्त कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमारी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। गेहूँ खरीदी चरणबद्ध तरीके से पहले छोटे किसानों से, फिर मध्यम और बाद में बड़े किसानों से की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रहलाद जोशी को प्रस्ताव भेजा था।1