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देश हमे देता है सब कुछ हम भी कुछ देना सीखे मुक्तिधाम समाजसेवी
Pushpendra hatta Press reporter
देश हमे देता है सब कुछ हम भी कुछ देना सीखे मुक्तिधाम समाजसेवी
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- *बड़वारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लुहारवारा के सलैया में उमड़ार नदी मिली कोयले की परत, कटनी जिले को मिल सकती है नई पहचान*1
- 🚔 जिला पुलिस कटनी (म.प्र.) 📅 दिनांक : 18 जनवरी 2026 *ग्राम-ग्राम तक पहुँची पुलिस — जिलेभर में पुलिस ग्राम चौपाल / जन चौपाल का आयोजन* पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया एवं समस्त अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस ग्राम चौपाल / पुलिस जन चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सशक्त उपस्थिति सुनिश्चित करना, जनसंवाद को मजबूत करना, अपराधों की रोकथाम करना तथा नागरिकों को सुरक्षा एवं सामाजिक विषयों पर जागरूक करना है। ग्राम चौपालों में साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों का पालन, नशामुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, सीसीटीवी स्थापना (सजग दृष्टि योजना) तथा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से त्वरित सूचना आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं को कानूनी अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों एवं निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। कटनी पुलिस ने नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा पुलिस को सहयोग देने की अपील की है।4
- *फर्जी खबरों की फैक्ट्री चालू है!* लिफाफा पत्रकारिता: जहां खबर नहीं, वसूली छपती है** जिले में इन दिनों पत्रकारिता नहीं, बल्कि “खबर उद्योग” पूरी क्षमता से चल रहा है। यहां खबरें खोजी नहीं जातीं, गढ़ी जाती हैं। तथ्यों का सत्यापन नहीं होता, लिफाफों की मोटाई नापी जाती है। और चरित्रहनन इस सहजता से किया जाता है, जैसे यह कोई प्रेस विज्ञप्ति हो। उद्योग विभाग से जुड़ी हालिया खबरों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में एक ऐसा संगठित तंत्र सक्रिय है, जो न पत्रकारिता से जुड़ा है, न नैतिकता से। उद्देश्य एक ही है— डर पैदा करो, बदनाम करो और सौदेबाज़ी करो। पहले बदनामी, बाद में सच—अगर कभी जरूरत पड़ी तो सूत्रों के अनुसार उद्योग विभाग में पदस्थ महाप्रबंधक मैडम के चारों ओर बने कथित “सुरक्षा कवच” को बचाने के लिए एक सीधे-साधे कर्मचारी अजय सागर को निशाना बनाया गया। बिना दस्तावेज़, बिना जांच, बिना पक्ष जाने—खबर चला दी गई। क्योंकि यहां पत्रकारिता का नया सिद्धांत है— > “सबूत बाद में देखेंगे, पहले छाप देंगे।” संत भी नहीं बचे: आस्था पर सीधा हमला इस फर्जीवाड़े की सबसे शर्मनाक कड़ी तब सामने आई, जब देश-प्रसिद्ध संत बाबा ईश्वर शाह को स्तरहीन और अपमानजनक शीर्षक— “बाबा रे बाबा”—के ज़रिये खबरों में घसीटा गया। यह कोई साधारण या हल्की चूक नहीं थी। इस एक खबर ने— माधव नगर क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई और पूरे देश में बाबा ईश्वर शाह को मानने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत कीं आस्था को सनसनी में बदल देना, संत को मज़ाक में बदल देना— यह पत्रकारिता नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं पर किया गया खुला प्रहार है। पर अफसोस, इस गंभीर पहलू पर भी न तो कोई खेद जताया गया, न कोई सुधार। स्पा सेंटर से संत तक—सब “टारगेट” यही कथित खबर माफिया पहले एक स्पा सेंटर को भी झूठी खबरों के ज़रिये बदनाम कर चुका है। हालात इतने बिगड़े कि स्पा सेंटर संचालक को पुलिस अधीक्षक के समक्ष ब्लैकमेलिंग की लिखित शिकायत देनी पड़ी। पर कार्रवाई? वह शायद किसी लिफाफे के नीचे दब गई। मुक्तिधाम की अधूरी कहानी: चोर अमर है माधव नगर मुक्तिधाम से जुड़ी खबर में बड़े नाटकीय अंदाज़ में लिखा गया > “मुर्दों की लकड़ी चोर जल्द बेनकाब होगा” लेकिन आश्चर्य यह है कि खबर तो छपी सनसनी भी फैली पर चोर आज तक नामहीन और अदृश्य है क्योंकि यहां खबरें सच्चाई के लिए नहीं, डर का माहौल बनाने के लिए चलाई जाती हैं। *व्हाट्सएप फोटो से खबर—कानून की खुलेआम हत्या* पत्रकारिता की बची-खुची मर्यादा तब भी तार-तार हो गई, जब एक छोटे कर्मचारी की निजी व्हाट्सएप स्टेटस फोटो उठाकर उसे खबर का आधार बना दिया गया। न सहमति न जांच न प्रमाण यह न केवल पत्रकारिता की हत्या है, बल्कि ➡️ आईटी एक्ट का उल्लंघन ➡️ मानहानि का अपराध ➡️ और सामाजिक प्रतिष्ठा पर हमला भी है। अब सवाल नहीं, सीधी चुनौती है अब जिले में प्रश्न यह नहीं है कि फर्जी खबरें चल रही हैं— प्रश्न यह है कि: क्या लिफाफा पत्रकारिता और ब्लैकमेलिंग के इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच होगी? क्या उद्योग विभाग से जुड़ी खबरों के पीछे छिपे साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जाएगा? क्या धार्मिक भावनाएं आहत करने, निजी फोटो का दुरुपयोग करने और अप्रमाणित आरोपों पर आईटी एक्ट, मानहानि कानून और अन्य धाराओं में कार्रवाई होगी? यदि अब भी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक इस पूरे प्रकरण पर मौन साधे रहते हैं, तो जनता यह मानने को विवश होगी कि— > इस फर्जी खबरों की फैक्ट्री को कहीं-न-कहीं मौन संरक्षण प्राप्त है। और तब अंतर साफ होगा— 👉 सच्ची पत्रकारिता सच के साथ खड़ी रहेगी 👉 और लिफाफा पत्रकारिता आस्था, सम्मान और इंसानियत सब कुछ बेचती रहेगी।1
- देश हमे देता है सब कुछ हम भी कुछ देना सीखें मुक्तिधाम समाजसेवी1
- Post by Shubham Patel1
- *31 जनवरी से रंगनाथ मंदिर में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन* *लोकप्रिय कथा वाचक पं. इंद्रेश उपाध्याय जी करेंगे सप्त दिवसीय अमृतमयी कथा वाचन* *महापौर ने एमआईसी सदस्यों व निगम अधिकारियों के साथ किया तैयारियों का स्थल निरीक्षण* कटनी। नगर में शीघ्र ही एक अत्यंत भव्य, दिव्य एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। विवेकानंद वार्ड स्थित श्री रंगनाथ मंदिर परिसर के समीप आगामी 31 जनबरी से लोकप्रिय कथा वाचक पं. इंद्रेश उपाध्याय जी द्वारा सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमयी वाचन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का वातावरण है। रविवार को महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने एमआईसी सदस्यों, पार्षद साथियों एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ रंगनाथ मंदिर पहुँचकर कथा स्थल एवं आयोजन क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर ने आयोजन की तैयारियों का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मेयर इन काउंसिल सदस्य सर्व सुभाष साहू, डॉ. रमेश सोनी, सुरेंद्र गुप्ता, पार्षद वंदना राजकिशोर यादव, शकुंतला सोनी, सीमा श्रीवास्तव, सुनीता कमलेश चौधरी, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी, उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव, मोना करेरा, स्वच्छता निरीक्षक तेजभान सिंह, समाज सेवी संजू नाकरा, सहित श्री रंगनाथ समिति के सदस्य सर्व श्री रामाधार गौतम, गणेश दत्त मिश्रा,रमेश शुक्ला,भगवानदास माहेश्वरी, किशन शर्मा,सतेंद्र शुक्ला,मधु गट्टानी, मुन्ना तिवारी, अधिवक्ता शीश लाल चौधरी,जितेंद्र चौधरी की उपस्थिति रही। इस दौरान महापौर ने श्री रंगनाथ समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा नगर के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जीवन को नई दिशा देने वाला आयोजन है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कथा स्थल, श्रद्धालुओं के पहुँच मार्ग एवं आसपास के क्षेत्रों में समुचित साफ़-सफाई, पर्याप्त पेयजल व्यवस्था, आकर्षक एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध तथा सुगम यातायात सुनिश्चित किया जाए। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कथा स्थल एवं पहुँच मार्गों पर किसी भी प्रकार के गड्ढों को समतल कर भरवाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो। साथ ही आयोजन स्थल पर अस्थायी शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था, कचरा निस्तारण हेतु डस्टबीन की व्यवस्था, तथा नियमित साफ़-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पेयजल व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए कि कथा स्थल पर जल टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था रहे, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ रखने, विशेष रूप से सायंकालीन समय में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। महापौर ने कहा कि सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, ऐसे में नगर निगम के सभी विभाग आपसी समन्वय एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से यातायात नियंत्रण, स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। महापौर श्रीमती सूरी ने यह भी कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नगर की सांस्कृतिक पहचान एवं आध्यात्मिक चेतना को सशक्त करने वाला महोत्सव है। सभी व्यवस्थाएँ इस प्रकार की जाएँ कि यह श्रीमद्भागवत कथा भव्य, सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन सके। इस भव्य श्रीमद्भागवत कथा आयोजन को लेकर नगर में भक्ति एवं श्रद्धा का वातावरण बनने लगा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस महान आध्यात्मिक आयोजन में सहभागिता हेतु आतुर दिखाई दे रहे हैं।4