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बिहार के सिवान जिले के दरौली प्रखंड में लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है क्योंकि उन्हें अच्छा सर नहीं मिल रहा है। इससे उनकी नाराजगी बढ़ रही है और वे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस स्थिति से राज्य सरकार के लिए चिंता बढ़ गई है।
Mukesh kumar chaubey
बिहार के सिवान जिले के दरौली प्रखंड में लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है क्योंकि उन्हें अच्छा सर नहीं मिल रहा है। इससे उनकी नाराजगी बढ़ रही है और वे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस स्थिति से राज्य सरकार के लिए चिंता बढ़ गई है।
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- बिहार के सिवान जिले के दरौली प्रखंड में स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक कोई दुर्घटना नहीं होगी, तब तक कोई भी अधिकारी या सरकार इस क्षेत्र की समस्याओं पर ध्यान नहीं देगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और विकास की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज अनसुनी की जा रही है। लोगों का आरोप है कि सड़कों की खराब हालत, बिजली की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनुपलब्धता जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होगी, तब तक उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाएगा। इस चेतावनी से स्पष्ट है कि स्थानीय समुदाय में सरकार और अधिकारियों के प्रति भारी निराशा और असंतोष है।1
- सिकंदरपुर (बलिया) नगर के हॉस्पिटल रोड स्थित सैन कंप्यूटर, फ्रेंड्स HD जोन के सामने स्टार बेकरी का मुख्य अतिथि डॉ सैयद मिन्हाजुदीन अजमली साहब ने फीता काटकर भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ सैयद मिन्हाजुदीन अजमली साहब ने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रतिष्ठानों के खुलने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्टार बेकरी के संचालक सरफराज अहमद ने बताया कि उनके नए प्रतिष्ठान पर बेकरी के सभी आइटम उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं। उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने सरफराज अहमद को बधाई दी और व्यवसाय की सफलता की कामना की। इस अवसर पर हाजी राजा मेंबर, शाहनवाज अहमद, समीम भाई, इमरान भाई, निराले मुस्तफा, मुअज्जम भाई, भोला भाष्कर, पिंटू पांडे, संजीत, राजिक, सुब्हानी भाई, शोएब सहित नगर तथा क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- आंदर में भाकपा-माले ने सोमवार को बिहार बंद के दौरान कथित पुलिस फायरिंग, माले नेताओं के घरों पर छापेमारी और गिरफ्तारियों के विरोध में प्रतिवाद मार्च निकालकर सभा का आयोजन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन के दौरान सभा आयोजित कर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताया गया। सभा को संबोधित करते हुए माले नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने हत्या की नीयत से फायरिंग की, जिसमें तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनका दावा है कि घायल छात्रों का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है। नेताओं ने इस मामले में सीवान के पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। माले नेताओं ने पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा सहित पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों पर हुई छापेमारी तथा गिरफ्तारियों को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया। उनका आरोप है कि पूर्व विधायक के आवास से विश्वकर्मा कुशवाहा, अरुण राम, पवन कुशवाहा और विशाल यादव को गिरफ्तार किया गया, जबकि पुलिस ने एफआईआर में गिरफ्तारी का स्थान टाउन थाना क्षेत्र के आसपास दर्शाया है। नेताओं ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की। सभा में सभी गिरफ्तार छात्रों और माले नेताओं को बिना शर्त रिहा करने, आगे किसी भी गिरफ्तारी पर रोक लगाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद योगेंद्र यादव, युगल किशोर ठाकुर, शिवजी, मुकेश, सुरेश राम, इंद्रजीत कुशवाहा, लाल बहादुर कुशवाहा, शिवनाथ राम, मंजू यादव, मुन्ना गुप्ता, ललन यादव, उमेश प्रसाद, दयानंद प्रसाद, व्यास यादव, हृदयानंद यादव और रामायण यादव सहित अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।1
- आंदर प्रखंड के अर्कपुर गांव स्थित महाराणा प्रताप महाविद्यालय परिसर में सोमवार की दोपहर 3:30 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रशासक डॉ रविंद्र कुमार सिंह ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं और उनके हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करना था। मुख्य अतिथि जयराम यादव ने इस अवसर पर वित्त रहित शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष तेज करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सभी को एक साथ आना होगा और संघर्ष को और तीव्र करना होगा। बैठक में आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में प्रधान लिपिक पप्पू कुमार प्रसाद, प्रो. त्रिलोकी प्रसाद, शैलेंद्र मिश्रा, रुद्र प्रताप सिंह, उपेंद्र दास, राजकुमार सिंह, अजीत कुमार सिंह, रवि कुमार सिंह, त्रिभुवन कुमार, आदित्य कुमार सिंह, सुजीत कुमार, अमित पांडे, नन्हे यादव समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटपार रानी में एक गरीब माँ की भावनाओं के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। SDM दीपराज सिंह ने इस मामले में जांच की बात कही है। पहले माँ को पात्र बताया गया, उसके बाद अचानक अपात्र घोषित कर दिया गया। यह सब उसके एकलौते पुत्र की मौत के बाद हुआ है। इस व्यवहार से माँ का दिल दुख गया है और वह प्रशासन की इस बेरुखी से आहत है। SDM ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन माँ को न्याय कब मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।1
- बिहार के बांकिपुर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गैरकानूनी तरीके से सरकारी तंत्र का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। आरोप है कि चुनाव आयोग और जीविका दीदियों का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। इस घटना ने लोकतंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि BJP ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करके चुनाव में बढ़त हासिल करने की कोशिश की है। चुनाव आयोग और जीविका दीदियों को भी इसमें शामिल किया गया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब लोकतंत्र की रक्षा के लिए सरकारी तंत्र का निष्पक्ष होना जरूरी है। यह घटना बिहार के सीवान जिले के दरौंधा प्रखंड में हुई है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि सरकारी तंत्र का इस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या यही लोकतंत्र है?1
- बिहार के छपरा में हुए एक प्रदर्शन के दौरान शामिल तत्वों के बारे में डीआईजी ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। डीआईजी ने कहा कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे। उन्होंने यह भी बताया कि इन तत्वों की पहचान की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी के अनुसार, प्रदर्शन मूलतः एक सामाजिक मुद्दे को लेकर था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इसका फायदा उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सुनिश्चित करेगी कि दोषियों को सजा मिले।1
- बिहार के सिवान जिले के दरौली प्रखंड में लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है क्योंकि उन्हें अच्छा सर नहीं मिल रहा है। इससे उनकी नाराजगी बढ़ रही है और वे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस स्थिति से राज्य सरकार के लिए चिंता बढ़ गई है।1