सुकमा जिले के कुम्हाररास स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शनिवार को एक दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान डिजिटल युग में स्कूली बच्चों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित 'मिशन शक्ति' (महिला सशक्तिकरण हब) की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित महिला थाना प्रभारी श्रीमती पदमा जगत ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों से अवगत कराते हुए सतर्क रहने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाने, निजी जानकारियां साझा न करने और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन खतरे या ब्लैकमेलिंग की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत अपने माता-पिता या पुलिस को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। इस जागरूकता अभियान के दौरान स्वामी आत्मानंद स्कूल की प्राचार्या श्रीमती ट्रिजा दास सहित विद्यालय के शिक्षक गण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग से श्रीमती प्रमिला सिंह तथा जिला मिशन समन्वयक शांति सेठिया ने सक्रिय भूमिका निभाई। विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
सुकमा जिले के कुम्हाररास स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शनिवार को एक दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान डिजिटल युग में स्कूली बच्चों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित 'मिशन शक्ति' (महिला सशक्तिकरण हब) की टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित महिला थाना प्रभारी श्रीमती पदमा जगत ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों से अवगत कराते हुए
सतर्क रहने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दूरी बनाने, निजी जानकारियां साझा न करने और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन खतरे या ब्लैकमेलिंग की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत अपने माता-पिता या पुलिस को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। इस जागरूकता अभियान के दौरान स्वामी आत्मानंद स्कूल की प्राचार्या श्रीमती ट्रिजा दास सहित विद्यालय के शिक्षक गण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग से श्रीमती प्रमिला सिंह तथा जिला मिशन समन्वयक शांति सेठिया ने सक्रिय भूमिका निभाई। विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।
- सुकमा के कोंटा में थाना कोंटा पुलिस ने 18 मवेशियों को ट्रक से कुचलने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ग्राम डोण्ड्रा निवासी मडकम वीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 11 जुलाई 2026 की रात करीब 1 बजे ट्रक क्रमांक CG 12 AX 4808 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चलाते हुए बैल, गाय, बछड़ा एवं बछिया सहित 18 मवेशियों को कुचल दिया। इस हादसे में 14 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रार्थी की शिकायत पर थाना कोंटा में अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 तथा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 10 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी ट्रक चालक राजकुमार उरांव (पिता महेश उरांव, निवासी वार्ड क्रमांक 10, फरठिया, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा, झारखंड) को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से ट्रक तथा वाहन के दस्तावेज जब्त किए। पुलिस ने आरोपी चालक को 11 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया है। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए आगे की विवेचना जारी होने की जानकारी दी है।2
- 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर यह विचार साझा किया गया कि यदि दुनिया की आधी आबादी गायब हो जाए, तो क्या स्थिति पहले से बेहतर होगी। इस सवाल को अंतरात्मा से जोड़ने की बात कही गई है, क्योंकि इसके जवाब आंकड़ों के बजाय गहरे आत्ममंथन में निहित हैं। इस विषय पर गहन चिंतन के लिए ऑडियो के माध्यम से संदेश को पूरा सुनने का आह्वान किया गया है।1
- कोण्डागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र स्थित ग्राम चेमा में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को लगभग 54 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। मंत्री ने कहा कि माओवाद के प्रभाव में कमी आने के बाद बस्तर के अंदरूनी इलाकों में विकास कार्यों ने गति पकड़ी है और सरकार की प्राथमिकता सुदूर गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया, उनमें 9.60 लाख रुपये की लागत से जयराम खेत के पास पुलिया, 6.40 लाख रुपये की लागत से रूपधर शोरी के खेत के पास पुलिया, 9.50 लाख रुपये की लागत से करागुडरा पारा से हसलननार मुख्य मार्ग तक सीसी सड़क, 9.60 लाख रुपये की लागत से मलनार स्कूल मार्ग पर पुलिया, 9.60 लाख रुपये की लागत से मनीराम खेत के पास पुलिया और 9.60 लाख रुपये की लागत से पुजारीपारा में मनाजी के घर के पास पुलिया निर्माण शामिल है। इन कार्यों से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को साल भर बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी चर्चा की और उन्हें पशुपालन व मत्स्य पालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता कोर्राम, जनपद सदस्य रमशीला कोर्राम, सरपंच खेम सोरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति देने के लिए वन मंत्री केदार कश्यप ने करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्रवासियों को कई जनकल्याणकारी योजनाओं की सौगात दी गई है, जिसमें सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। इस दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए 'मायका सेंटर' का भी शुभारंभ किया गया। इस केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रसव पूर्व आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ इलाकों तक हर विकास योजना को पहुंचाना है ताकि स्थानीय लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। स्थानीय लोगों ने इन विकास कार्यों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि इन योजनाओं से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।1
- कोंडागांव पुलिस ने पत्रकारिता की आड़ लेकर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक बीज भंडार संचालक को बदनाम करने और जेल भेजने की धमकी देकर उनसे ₹30 हजार की वसूली की थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से ₹30 हजार नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक कार और मोबाइल फोन समेत कुल ₹6.40 लाख की संपत्ति भी जब्त की है।1
- सुकमा जिले के कोन्टा थाना क्षेत्र में एक ट्रक चालक ने तेज गति से जानबूझकर और बेरहमी से 18 मवेशियों को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही 14 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई और चार मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वाले मवेशियों में बैल, गाय, बछड़ा और बछिया शामिल हैं। यह घटना 11 जुलाई 2026 की रात करीब 1:00 बजे की है। घटना के बाद डोण्ड्रा निवासी प्रार्थी मडकम वीरा (पिता मरकाम राजा, उम्र 32 वर्ष) ने कोन्टा थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए कोन्टा पुलिस ने अपराध क्रमांक 19/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 और छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 10 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में शामिल ट्रक क्रमांक सीजी 12 AX 4808 और उसके दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। आरोपी ट्रक चालक राजकुमार उरांव (पिता महेश उरांव, उम्र 30 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 10 फरठीया, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा, झारखंड) को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद 11 जुलाई 2026 को शाम 5:00 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी का न्यायिक रिमांड तैयार कर उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।1