उत्तर प्रदेश के चन्दौली जनपद अंतर्गत पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें प्राचीन काली माता मंदिर के पुराने ढांचे को हटाए जाने के दौरान मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह हादसा 10 जुलाई 2026 की शुक्रवार देर रात को हुआ। बैरिकेडिंग की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे मुगलसराय के ग्राम डाड़ी निवासी बलदेव यादव मंदिर के ऊपरी हिस्से का मलबा गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, मंदिर समिति द्वारा 8 जुलाई 2026 को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मंदिर का नए स्थान पर विधिवत विस्थापन पहले ही किया जा चुका था। इसके बाद, संबंधित उपजिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति की आपसी सहमति से 10 जुलाई की रात पुराने ढांचे को हटाने का निर्णय लिया गया था। यह कार्य अनुबंधित कंपनी एप्को द्वारा प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कराया जा रहा था। इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्था या ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के लिए मजिस्ट्रेट स्तर की एक समिति गठित कर दी है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, राज्य सरकार और अनुबंधित कंपनी एप्को की ओर से मृतक के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा व अन्य आवश्यक सहायता देने की घोषणा की गई है और कंपनी द्वारा मुआवजा स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखा है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
उत्तर प्रदेश के चन्दौली जनपद अंतर्गत पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें प्राचीन काली माता मंदिर के पुराने ढांचे को हटाए जाने के दौरान मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह हादसा 10 जुलाई 2026 की शुक्रवार देर रात को हुआ। बैरिकेडिंग की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे मुगलसराय के ग्राम डाड़ी निवासी बलदेव यादव मंदिर के ऊपरी हिस्से का मलबा गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, मंदिर समिति द्वारा 8 जुलाई 2026 को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मंदिर का नए स्थान पर विधिवत विस्थापन पहले ही किया जा चुका था। इसके बाद, संबंधित उपजिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति की आपसी सहमति से 10 जुलाई की रात पुराने ढांचे को हटाने का निर्णय लिया गया था। यह कार्य अनुबंधित कंपनी एप्को द्वारा प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कराया जा रहा था। इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्था या ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के लिए मजिस्ट्रेट स्तर की एक समिति गठित कर दी है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, राज्य सरकार और अनुबंधित कंपनी एप्को की ओर से मृतक के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा व अन्य आवश्यक सहायता देने की घोषणा की गई है और कंपनी द्वारा मुआवजा स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखा है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
- उत्तर प्रदेश के चन्दौली जनपद अंतर्गत पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें प्राचीन काली माता मंदिर के पुराने ढांचे को हटाए जाने के दौरान मलबे की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह हादसा 10 जुलाई 2026 की शुक्रवार देर रात को हुआ। बैरिकेडिंग की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे मुगलसराय के ग्राम डाड़ी निवासी बलदेव यादव मंदिर के ऊपरी हिस्से का मलबा गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, मंदिर समिति द्वारा 8 जुलाई 2026 को धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मंदिर का नए स्थान पर विधिवत विस्थापन पहले ही किया जा चुका था। इसके बाद, संबंधित उपजिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति की आपसी सहमति से 10 जुलाई की रात पुराने ढांचे को हटाने का निर्णय लिया गया था। यह कार्य अनुबंधित कंपनी एप्को द्वारा प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में कराया जा रहा था। इस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्था या ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के लिए मजिस्ट्रेट स्तर की एक समिति गठित कर दी है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, राज्य सरकार और अनुबंधित कंपनी एप्को की ओर से मृतक के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा व अन्य आवश्यक सहायता देने की घोषणा की गई है और कंपनी द्वारा मुआवजा स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखा है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड के ग्राम सिरसी में माननीय मंत्री जमा खान साहब के सतत प्रयास से मात्र 12 घंटे के भीतर खराब ट्रांसफॉर्मर को बदलकर नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया है। इस त्वरित कार्रवाई से गांव में फिर से बिजली बहाल हो गई है और स्थानीय लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। यह कार्य केवल ट्रांसफॉर्मर बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के विश्वास, उम्मीद और भरोसे को मजबूत करने का एक बड़ा उदाहरण है। जनसेवा केवल वादों से नहीं, बल्कि समय पर किए गए कार्यों से साबित होती है। जब जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, तब लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। जनता की हर समस्या का समाधान और हर चेहरे पर मुस्कान ही मंत्री जमा खान जी की जनसेवा की असली पहचान है, और जनता का यह विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है।1
- कैमूर जिले के चैनपुर में बच्चों का दर्द समझने वाला कोई नहीं दिख रहा है। यहाँ बच्चे गंदे पानी में जाने को विवश हैं, लेकिन क्षेत्र के मंत्री, विधायक और सांसद केवल नाम के ही बनकर रह गए हैं।1
- चंदौली के मुगलसराय अंतर्गत पड़ाव चौराहा गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नालियों का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर भर गया है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और जलभराव का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।1
- मुगलसराय में सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता मुसाफिर सिंह चौहान ने आगामी चुनावों को लेकर बिगुल फूंक दिया है, जिसके साथ ही यूपी की सत्ता को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मुसाफिर सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और जनता द्वारा बदलाव की इच्छा जताने का कारण स्पष्ट किया है। उन्होंने आगामी 2027 के चुनावों को लेकर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने का बड़ा दावा भी पेश किया है।1
- चंदौली जिले के मुगलसराय स्थित पड़ाव चौराहा गाँव में रेलवे द्वारा किए जा रहे चौड़ीकरण के काम के चलते स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। निर्माण कार्य के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा पानी की निकासी के लिए बने नालों को बंद कर दिया गया है। नालों के बंद होने के कारण गाँव में लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है और पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों की मुख्य शिकायत यह है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं।1
- फिरोजाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। इस न्यायिक निर्णय के साथ ही क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में रहे इस हत्याकांड पर अदालत ने अपनी मुहर लगा दी है।1